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रामगढ़ महोत्सव 2026 के सफल आयोजन की तैयारियों को लेकर 24 जून 2026 को अम्बिकापुर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अपराह्न 4 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों और अन्य पक्षों को निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि 'आषाढ़स्य प्रथम दिवस' के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव 29 और 30 जून 2026 को विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ स्थल और विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ में होना है। बैठक में महोत्सव की तैयारियों, विभागीय दायित्वों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मूलभूत व्यवस्थाओं, आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा आयोजन के सफल संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
Himanshu raj
रामगढ़ महोत्सव 2026 के सफल आयोजन की तैयारियों को लेकर 24 जून 2026 को अम्बिकापुर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अपराह्न 4 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों और अन्य पक्षों को निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि 'आषाढ़स्य प्रथम दिवस' के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव 29 और 30 जून 2026 को विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ स्थल और विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ में होना है। बैठक में महोत्सव की तैयारियों, विभागीय दायित्वों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मूलभूत व्यवस्थाओं, आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा आयोजन के सफल संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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- कबीरधाम जिले के ग्राम दामापुर बाजार निवासी 108 वर्षीय गजानंद सिंह परिहार आज के दौर में प्रेरणा के बड़े स्तंभ बनकर उभरे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिसका श्रेय वे पिछले 70 वर्षों से कर रहे नियमित योगाभ्यास को देते हैं। गजानंद सिंह आज भी योग के कठिन आसन और प्राणायाम बेहद सहजता के साथ कर लेते हैं, जो लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है। उनकी जीवनशैली इतनी अनुशासित है कि 108 वर्ष की आयु में भी वे प्रतिदिन सुबह-शाम 8 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। उनका दावा है कि योग और सात्विक दिनचर्या के बल पर ही उन्होंने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को हराकर जीवन की जंग जीती है। गजानंद सिंह का मानना है कि दीर्घायु और निरोग रहने के लिए संतुलित खान-पान और सकारात्मक सोच का होना अनिवार्य है। गजानंद सिंह ने आज की युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि यदि युवा आज से ही योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लें, तो वे भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। एक लंबी उम्र जीने के बाद भी उनकी सक्रियता समाज के लिए स्वस्थ जीवन जीने का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।1
- आज 22 जून को अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने मीडिया के सामने आकर अपने 'ऑडियो ट्रेडिंग' को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ एक षड्यंत्र किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए महापौर मंजूषा भगत के आंसू छलक पड़े, और उन्होंने खुद को एक मजबूर महिला बताया। भगत ने कहा कि उनके साथ गलत हो रहा है, और यह 'ऑडियो ट्रेडिंग' इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।1
- सरगुजा जिले की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट के बहाने चेन्नई ले जाया गया, जहाँ अब उन्हें घर लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो बनाकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरगुजा संभाग के सीतापुर, मैनपाट और जशपुर क्षेत्र से मानव तस्करी की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच हुई है, जहाँ अक्सर नाबालिगों को महानगरों में अच्छे काम और पैसों का लालच देकर ले जाया जाता है, और फिर उन्हें घर नहीं आने दिया जाता या बेच दिया जाता है। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरतपुर के बेलजोरा बिनई की इन तीनों युवतियों ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद दो युवतियों और एक युवक द्वारा उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। वे अब वहाँ फँस गई हैं और घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना है कि जो लोग उन्हें वहाँ लाए थे, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले हुई बातचीत में उनसे कहा गया था कि अगर वे घर जाना चाहती हैं, तो प्रत्येक लड़की को 10-10 हजार रुपए देने होंगे। युवतियों ने अपनी तबीयत खराब होने की भी बात कही है। विधायक रामकुमार टोप्पो के संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने प्रशासन व पुलिस को चेन्नई में फंसी तीनों युवतियों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह भी बताया गया है कि सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र के कई नाबालिग लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से कई की घर वापसी हो चुकी है, जबकि कई का अभी तक पता नहीं चल सका है।1
- भारत एनकाउंटर मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके तहत इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आ गई है। दर्शकों से अपनी राय साझा करने और इस जानकारी को आगे शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष और महापौर से संबंधित कथित वायरल ऑडियो विवाद को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- बलरामपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाडे शामिल होने पहुँचीं।1
- अंबिकापुर में महापौर मंजूषा भगत और भाजपा जिला अध्यक्ष भरत सिंह सिसोदिया के नाम से सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। 21 जून को सामने आए इस ऑडियो में 'मीना बाजार' लगाने के बदले पैसों के लेन-देन की चर्चा सुनाई दे रही है, जिसे महापौर ने सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक बताया है। इस मामले में महापौर ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी अनुराग मिश्रा और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मीडिया से बातचीत के दौरान महापौर मंजूषा भगत भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू भर आए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह उनके और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की एक गहरी साजिश है, जिससे उनका पूरा परिवार मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। महापौर ने प्रशासन से आग्रह किया है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित व्यक्ति ही जिम्मेदार होगा।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड मुख्यालय में 22 जून 2026 को सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग और संयुक्त सामाजिक संगठनों के तत्वावधान में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के तहत प्रतापपुर थाना परिसर के समीप से एक रैली निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए कदमपारा चौक पहुँची। वहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और सांकेतिक पुतला दहन भी किया। कार्यक्रम के दौरान सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार बंछोर ने समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील की, अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन और एकता को अत्यंत आवश्यक बताया। सोशल एक्टिविस्ट एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष बीपीएस पोया ने अपने संबोधन में बताया कि रायपुर में 6 जून 2026 को हुई आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक में पारित प्रस्तावों के आधार पर तैयार एक संयुक्त ज्ञापन 22 जून को महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को सौंपा गया। इसी क्रम में प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में भी ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 'वनवासी' शब्द के उपयोग पर कड़ी आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि इससे आदिवासी समाज की पहचान और अस्मिता आहत होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम वनवासी नहीं, बल्कि आदिवासी हैं और प्रकृति के रक्षक हैं। अपनी पहचान, परंपरा और संस्कृति से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।” इसके अतिरिक्त, बीपीएस पोया ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी मंत्रोच्चारण संबंधी निर्देशों पर भी सवाल उठाया, शिक्षा व्यवस्था को धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और समावेशी बनाने की वकालत करते हुए विज्ञान एवं पर्यावरण आधारित दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगों में स्थानीय भर्ती में प्राथमिकता एवं 32 प्रतिशत आरक्षण लागू करना, निजीकरण का विरोध, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, भू-माफियाओं पर नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाना, आदिवासी धर्म कोड की मान्यता, परिसीमन से जुड़े मुद्दों का समाधान, ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति, उद्योग-व्यापार एवं खनन में आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करना, नक्सल प्रभावित निर्दोष बंदियों की रिहाई, डीलिस्टिंग का विरोध, आस्था केंद्रों एवं देवगुड़ियों का संरक्षण, पेसा एवं वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, तथा आदिवासी शिक्षा, मातृभाषा और पाँचवीं अनुसूची के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे। आयोजकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार एवं प्रशासन द्वारा इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर बिमला अगरिया, गौरीशंकर नेताम, विनय पावले, लक्ष्मण आर्मो, सफलाल, अमर बहादुर सिंह आयाम, बनवारी खलखो, राजू सिंह आयाम, जीतन सोनहा, रामचंद्र मांझी, अंजली आयाम, लक्ष्मी बैगा, इंद्रपाल सिंह चेरवा, प्रदीप सिंह, राजेश सिंह पोया, राम सिंह पोया (GSU जिलाध्यक्ष), त्रिभुवन सिंह टेकाम, मंजू मिंज (पूर्व जिला पंचायत सदस्य) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1