पटना में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय युवक अमित कुमार को स्मैक बेचते हुए गिरफ्तार किया है। नदी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कच्ची दरगाह मजार के पास एक युवक स्मैक बेच रहा है, जिसके बाद तत्काल छापेमारी कर अमित कुमार को मौके से पकड़ा गया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से 20 डिबिया स्मैक बरामद हुई। यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ; जब पुलिस ने आरोपी अमित का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें हथियार और बड़ी मात्रा में नकदी के साथ तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस उसके घर पहुंची। घर में की गई तलाशी के दौरान, पुलिस को प्याज के गोदाम में छिपाकर रखी गई एक अवैध राइफल और कारतूस मिले। इसके अतिरिक्त, एक लॉकर से 4 लाख 28 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए। अब नदी थाना पुलिस इस पूरे नेटवर्क और अमित कुमार के अन्य साथियों की तलाश में गहन जांच कर रही है।
पटना में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय युवक अमित कुमार को स्मैक बेचते हुए गिरफ्तार किया है। नदी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कच्ची दरगाह मजार के पास एक युवक स्मैक बेच रहा है, जिसके बाद तत्काल छापेमारी कर अमित कुमार को मौके से पकड़ा गया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से 20 डिबिया स्मैक बरामद हुई। यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ; जब पुलिस ने आरोपी अमित का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें हथियार और बड़ी मात्रा में नकदी के साथ तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस उसके घर पहुंची। घर में की गई तलाशी के दौरान, पुलिस को प्याज के गोदाम में छिपाकर रखी गई एक अवैध राइफल और कारतूस मिले। इसके अतिरिक्त, एक लॉकर से 4 लाख 28 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए। अब नदी थाना पुलिस इस पूरे नेटवर्क और अमित कुमार के अन्य साथियों की तलाश में गहन जांच कर रही है।
- वैशाली जिले के पानापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी दवाइयों को एक पोखर में फेंके जाने की सूचना मिली है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पोखर में बड़ी मात्रा में सरकारी मेडिसिन पड़ी देखी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। इस मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- IPL 2026 प्लेऑफ की शुरुआत हो चुकी है और आज सबसे बड़ा मुकाबला—क्वालीफायर-1—खेला जाएगा। धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह अहम मैच तय करेगा कि कौन सी टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी और कौन सी टीम को खिताबी जंग में पहुँचने के लिए एक और मौका मिलेगा। एक तरफ, RCB अपनी चोटों और टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चिंतित है, वहीं शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस पूरी फॉर्म में नजर आ रही है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सबसे बड़ा ट्विस्ट मौसम का है। धर्मशाला में बारिश की संभावना जताई जा रही है, जो पूरे मैच का खेल बदल सकती है और मुकाबले के नतीजे पर सीधा असर डाल सकती है। इसी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या RCB फाइनल में पहुँच पाएगी, या GT अपना दबदबा कायम रखेगी, और क्या बारिश इस रोमांचक भिड़ंत के पूरे खेल को बिगाड़ देगी।1
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत हाथीदह थाना क्षेत्र में राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा नदी में डूब रहे एक व्यक्ति को स्थानीय नाविकों की मुस्तैदी से बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाविकों ने साहस दिखाते हुए उसे नदी से बाहर निकाला, जिसके बाद एक बस चालक ने घायल व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि लगभग एक घंटे तक व्यक्ति का उचित इलाज शुरू नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत और अधिक बिगड़ गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने चिकित्सकों पर उदासीनता बरतने का गंभीर आरोप लगाया। बाद में, औपचारिकता पूरी करने के बाद मरीज को बेहतर उपचार के लिए पटना पीएमसीएच भेज दिया गया। जब इस मामले में चिकित्सकों से सवाल किए गए, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से कतराते हुए बात टालने की कोशिश की। इस पूरी घटना ने एक बार फिर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के बावजूद, चिकित्सकीय लापरवाही के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।1
- महंगाई से नाराज देश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी से स्पष्ट रूप से 'गद्दी छोड़ने' का आह्वान किया है। जनता का आरोप है कि देश चलाना उनके 'बस की बात नहीं' है, और उनका एकमात्र लक्ष्य जनता से 'पैसे लूटना' तथा गरीबों को 'मारना' है।1
- देश की जनता ने बढ़ती महंगाई के कारण 'मोदी जी' से सीधे तौर पर गद्दी छोड़ने की मांग की है। जनता का स्पष्ट कहना है कि देश चलाना उनके बस की बात नहीं है। इसके साथ ही, 'मोदी जी' पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उनका एकमात्र लक्ष्य 'जनता से पैसे लूटना' और 'गरीबों को मारना' है, जिससे देश में व्यापक नाराजगी है।1
- बकरीद पर्व के मद्देनजर समस्तीपुर जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता रोशन कुशवाहा और अरविंद प्रताप सिंह ने की, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना था। बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा आपसी सौहार्द और भाईचारे के वातावरण में पर्व मनाने हेतु शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकरीद की नमाज शुरू होने से पहले सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी अपने निर्धारित स्थलों पर समय पर पहुंच कर विधि-व्यवस्था का जिम्मा संभालें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सूचना, अफवाह या अप्रिय स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और पुलिस गश्ती बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी समाहरणालय सभागार में मौजूद रहे, जबकि विभिन्न अनुमंडलों और अंचलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।2
- पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सीढ़ी घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की शाम एक भव्य महा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशन्त कुमार ने भाग लिया और माँ गंगा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए, जिससे घाट परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। मंत्री निशन्त कुमार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें जजमान बनने के बाद उन्होंने विधि-विधान से माँ गंगा की आराधना की। इसके उपरांत भव्य गंगा आरती शुरू हुई, जिसे उन्होंने पूरे समय ध्यानपूर्वक बैठकर देखा और सुना। सीढ़ी घाट को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। पर्यटन विभाग द्वारा यहाँ प्रत्येक बुधवार को भी भव्य गंगा आरती आयोजित की जाती है, लेकिन गंगा दशहरा को लेकर इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से भव्य रहा। इस अवसर पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, और उनके लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी। घाट पर रोशनी, गूंजते शंख, मंत्रोच्चार और गंगा आरती का दृश्य लोगों को वाराणसी के घाटों की याद दिला रहा था। इस मौके पर अच्युतानंद याजी, बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार साह, नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने व्यक्त किया कि अब बख्तियारपुर का सीढ़ी घाट भी धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, और विधायक अरुण कुमार साह ने इस आयोजन को क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला तथा लोगों के आस्था के प्रति जुड़ाव को बढ़ाने वाला बताया।1
- सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल लेना छोड़कर अमेरिका से महंगा तेल खरीद रहा है, और यदि ऐसा है तो इसके पीछे असली वजह क्या है। यह वीडियो भारत की तेल राजनीति और वैश्विक कूटनीति का पूरा सच सामने लाने का दावा करता है। वीडियो में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी प्रतिबंध, रुपये-रूबल व्यापार और शिपिंग-बीमा के खर्चों का भारत की तेल नीति पर क्या असर पड़ता है। इसमें गहराई से बताया जाएगा कि कैसे ये कारक देश की क्रूड ऑयल खरीदने की रणनीति को प्रभावित करते हैं। यह भी बताया जाएगा कि भारत अपने "नेशनल इंटरेस्ट" को ध्यान में रखते हुए किस तरह हर देश से संतुलन बनाकर तेल खरीदता है। इसका अर्थ यह है कि भारत न तो रूस का अंध समर्थन करता है और न ही अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहता है। यह पूरी कहानी आसान भाषा में, गहराई के साथ और सच्चाई के करीब बताई जाएगी, और दर्शकों से अपनी राय कमेंट में देने का आग्रह किया गया है।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत घोसवरी थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। खेलते-खेलते नदी में डूबने से अमरजीत महतो के 4 वर्षीय मासूम बेटे की मौत हो गई। बताया गया कि बच्चा अपने घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, तभी वह नदी किनारे पहुंच गया और गहरे पानी में चला गया। काफी देर तक बच्चे के नजर न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान बच्चे को नदी से बाहर निकाला गया और तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1