IPL 2026 प्लेऑफ की शुरुआत हो चुकी है और आज सबसे बड़ा मुकाबला—क्वालीफायर-1—खेला जाएगा। धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह अहम मैच तय करेगा कि कौन सी टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी और कौन सी टीम को खिताबी जंग में पहुँचने के लिए एक और मौका मिलेगा। एक तरफ, RCB अपनी चोटों और टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चिंतित है, वहीं शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस पूरी फॉर्म में नजर आ रही है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सबसे बड़ा ट्विस्ट मौसम का है। धर्मशाला में बारिश की संभावना जताई जा रही है, जो पूरे मैच का खेल बदल सकती है और मुकाबले के नतीजे पर सीधा असर डाल सकती है। इसी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या RCB फाइनल में पहुँच पाएगी, या GT अपना दबदबा कायम रखेगी, और क्या बारिश इस रोमांचक भिड़ंत के पूरे खेल को बिगाड़ देगी।
IPL 2026 प्लेऑफ की शुरुआत हो चुकी है और आज सबसे बड़ा मुकाबला—क्वालीफायर-1—खेला जाएगा। धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह अहम मैच तय करेगा कि कौन सी टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी और कौन सी टीम को खिताबी जंग में पहुँचने के लिए एक और मौका मिलेगा। एक तरफ, RCB अपनी चोटों और टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चिंतित है, वहीं शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस पूरी फॉर्म में नजर आ रही है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सबसे बड़ा ट्विस्ट मौसम का है। धर्मशाला में बारिश की संभावना जताई जा रही है, जो पूरे मैच का खेल बदल सकती है और मुकाबले के नतीजे पर सीधा असर डाल सकती है। इसी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या RCB फाइनल में पहुँच पाएगी, या GT अपना दबदबा कायम रखेगी, और क्या बारिश इस रोमांचक भिड़ंत के पूरे खेल को बिगाड़ देगी।
- IPL 2026 प्लेऑफ की शुरुआत हो चुकी है और आज सबसे बड़ा मुकाबला—क्वालीफायर-1—खेला जाएगा। धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह अहम मैच तय करेगा कि कौन सी टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी और कौन सी टीम को खिताबी जंग में पहुँचने के लिए एक और मौका मिलेगा। एक तरफ, RCB अपनी चोटों और टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चिंतित है, वहीं शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस पूरी फॉर्म में नजर आ रही है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सबसे बड़ा ट्विस्ट मौसम का है। धर्मशाला में बारिश की संभावना जताई जा रही है, जो पूरे मैच का खेल बदल सकती है और मुकाबले के नतीजे पर सीधा असर डाल सकती है। इसी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या RCB फाइनल में पहुँच पाएगी, या GT अपना दबदबा कायम रखेगी, और क्या बारिश इस रोमांचक भिड़ंत के पूरे खेल को बिगाड़ देगी।1
- पटना जिले के भदौर थाना क्षेत्र के बकावां गांव में 24 मई 2026 की रात राघवेंद्र कुमार के घर में चोरी की एक बड़ी वारदात हुई थी। चोरों ने घर से सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ नकदी भी चुरा ली थी। इस घटना के बाद, पीड़ित के लिखित आवेदन पर भदौर थाना में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने महज पांच घंटे के गहन अनुसंधान के बाद चोरी गई सभी संपत्ति को बरामद कर लिया। बरामद किए गए सामानों में एक मंगलसूत्र, झुमका, सोने की चेन, चांदी के पायल, चांदी की चेन और कुल 24 हजार रुपये नकदी शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना से जुड़े दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है।1
- पटना में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय युवक अमित कुमार को स्मैक बेचते हुए गिरफ्तार किया है। नदी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कच्ची दरगाह मजार के पास एक युवक स्मैक बेच रहा है, जिसके बाद तत्काल छापेमारी कर अमित कुमार को मौके से पकड़ा गया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से 20 डिबिया स्मैक बरामद हुई। यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ; जब पुलिस ने आरोपी अमित का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें हथियार और बड़ी मात्रा में नकदी के साथ तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस उसके घर पहुंची। घर में की गई तलाशी के दौरान, पुलिस को प्याज के गोदाम में छिपाकर रखी गई एक अवैध राइफल और कारतूस मिले। इसके अतिरिक्त, एक लॉकर से 4 लाख 28 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए। अब नदी थाना पुलिस इस पूरे नेटवर्क और अमित कुमार के अन्य साथियों की तलाश में गहन जांच कर रही है।1
- हाथीदह स्थित राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा नदी में डूब रहे एक व्यक्ति को स्थानीय नाविकों की तत्परता से बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाविकों ने समय रहते व्यक्ति को नदी से बाहर निकाला, जिसके बाद एक बस चालक ने मानवता दिखाते हुए उसे तत्काल इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरांची पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि भर्ती कराने के बावजूद करीब एक घंटे तक मरीज का समुचित इलाज शुरू नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही। चिकित्सा कर्मियों की ओर से आवश्यक तत्परता नहीं दिखाई गई। News Mirror को जानकारी मिलने और मीडिया प्रतिनिधियों के अस्पताल पहुंचने के बाद ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और मरीज की औपचारिक जांच व इलाज की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन तब तक उसकी स्थिति पहले से अधिक गंभीर हो चुकी थी। बाद में खानापूर्ति करते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इस मामले में जब अस्पताल के चिकित्सकों से देरी और लापरवाही को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय बात को टालने की कोशिश की, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाविकों और बस चालक ने समय पर मदद न की होती, तो व्यक्ति की जान जा सकती थी, जबकि अस्पताल में इलाज न मिलने से मरीज की स्थिति और खराब होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। यह घटना बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा करती है, जहाँ सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने और आधुनिक उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराने के बावजूद जमीनी स्तर पर चिकित्सकों व कर्मियों की लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। लोगों ने ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- बकरीद पर्व के मद्देनजर समस्तीपुर जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता रोशन कुशवाहा और अरविंद प्रताप सिंह ने की, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना था। बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा आपसी सौहार्द और भाईचारे के वातावरण में पर्व मनाने हेतु शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकरीद की नमाज शुरू होने से पहले सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी अपने निर्धारित स्थलों पर समय पर पहुंच कर विधि-व्यवस्था का जिम्मा संभालें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सूचना, अफवाह या अप्रिय स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और पुलिस गश्ती बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी समाहरणालय सभागार में मौजूद रहे, जबकि विभिन्न अनुमंडलों और अंचलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।2
- Post by Anil shriwastav1
- डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान हैं।1
- सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल लेना छोड़कर अमेरिका से महंगा तेल खरीद रहा है, और यदि ऐसा है तो इसके पीछे असली वजह क्या है। यह वीडियो भारत की तेल राजनीति और वैश्विक कूटनीति का पूरा सच सामने लाने का दावा करता है। वीडियो में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी प्रतिबंध, रुपये-रूबल व्यापार और शिपिंग-बीमा के खर्चों का भारत की तेल नीति पर क्या असर पड़ता है। इसमें गहराई से बताया जाएगा कि कैसे ये कारक देश की क्रूड ऑयल खरीदने की रणनीति को प्रभावित करते हैं। यह भी बताया जाएगा कि भारत अपने "नेशनल इंटरेस्ट" को ध्यान में रखते हुए किस तरह हर देश से संतुलन बनाकर तेल खरीदता है। इसका अर्थ यह है कि भारत न तो रूस का अंध समर्थन करता है और न ही अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहता है। यह पूरी कहानी आसान भाषा में, गहराई के साथ और सच्चाई के करीब बताई जाएगी, और दर्शकों से अपनी राय कमेंट में देने का आग्रह किया गया है।1