logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

राजपुर बलरामपुर लोकल न्यूज़ सोशल मीडिया Instagram. YouTube. public. shuru app. Facebook.

on 12 March
user_SAHIL Bhagat
SAHIL Bhagat
Voice of people राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
on 12 March

राजपुर बलरामपुर लोकल न्यूज़ सोशल मीडिया Instagram. YouTube. public. shuru app. Facebook.

  • user_SAHIL Bhagat
    SAHIL Bhagat
    राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़
    🤝
    on 12 March
  • user_SAHIL Bhagat
    SAHIL Bhagat
    राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़
    🙏
    on 12 March
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • रायपुर ।अभनपुर निवासी सत्यवती भी अपने अन्य दोस्तों की तरह पढ़ाई और करियर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, तभी जिंदगी ने उनके सामने एक बड़ी चुनौती रख दी। कॉलेज में प्रथम वर्ष की इस छात्रा को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या ने घेर लिया और इलाज के लिए डॉक्टरों ने हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस कराने की सलाह दी। इलाज की शुरुआत अभनपुर के एक निजी अस्पताल से हुई पर वहां हर हफ्ते 2-3 बार डायलिसिस कराने में करीबन 35 हजार रुपये का खर्च आता था, जो लंबे समय तक वहन करना सत्यवती एवं उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। इसी बीच सत्या‍वती को जिला अस्पताल रायपुर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत मुफ्त इलाज की जानकारी मिली। अब वह नियमित रूप से जिला अस्पताल, पंडरी में डायलिसिस करा रहीं हैं, वो भी बिना कोई शुल्क दिए। सत्यवती बताती हैं कि पहले हर दिन चिंता बनी रहती थी कि इलाज कैसे होगा, पैसे कहां से आएंगे। अब कम से कम यह चिंता खत्म हो गई है। इलाज समय पर हो रहा है, जिससे उसकी तबीयत भी सुधर रही है। परिवार के लिए भी यह बड़ी राहत है। सत्यवती के साथ आये उनके भाई कहते हैं कि पहले हर हफ्ते पैसे की व्यवस्था करना सबसे बड़ा तनाव था। अब जिला अस्पताल में मुफ्त सुविधा मिलने से घर की स्थिति संभल पाई है। जिला अस्पताल में चल रही यह सेवा ऐसे कई मरीजों के लिए सहारा बन रही है, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। डायलिसिस केंद्र की संचालिका ने बताया कि जिला अस्पताल के दूसरे फ्लोर पर स्थित इस केंद्र में डायलिसिस के लिए 11 मशीनें उपलब्ध हैं और दिन में 30 से अधिक सेशन डायलिसिस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि औसतन हर महीने ज़िला अस्पताल में 80 से ज्यादा मरीज निशुल्क डायलिसिस करवाकर इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। सत्यवती और अन्य किडनी मरीजों के लिए यह योजना सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि बिना आर्थिक बोझ के सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद भी है।
    1
    रायपुर ।अभनपुर निवासी सत्यवती भी अपने अन्य दोस्तों की तरह पढ़ाई और करियर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, तभी जिंदगी ने उनके सामने एक बड़ी चुनौती रख दी। कॉलेज में प्रथम वर्ष की इस छात्रा को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या ने घेर लिया और इलाज के लिए डॉक्टरों ने हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस कराने की सलाह दी।
इलाज की शुरुआत अभनपुर के एक निजी अस्पताल से हुई पर वहां हर हफ्ते 2-3 बार डायलिसिस कराने में  करीबन 35 हजार रुपये का खर्च आता था, जो लंबे समय तक वहन करना सत्यवती एवं उनके परिवार के लिए संभव नहीं था।
इसी बीच सत्या‍वती को जिला अस्पताल रायपुर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत मुफ्त इलाज की जानकारी मिली। अब वह नियमित रूप से जिला अस्पताल, पंडरी में डायलिसिस करा रहीं हैं, वो भी बिना कोई शुल्क दिए।
सत्यवती बताती हैं कि पहले हर दिन चिंता बनी रहती थी कि इलाज कैसे होगा, पैसे कहां से आएंगे। अब कम से कम यह चिंता खत्म हो गई है। इलाज समय पर हो रहा है, जिससे उसकी तबीयत भी सुधर रही है।
परिवार के लिए भी यह बड़ी राहत है। सत्यवती के साथ आये उनके भाई कहते हैं कि पहले हर हफ्ते पैसे की व्यवस्था करना सबसे बड़ा तनाव था। अब जिला अस्पताल में मुफ्त सुविधा मिलने से घर की स्थिति संभल पाई है।
जिला अस्पताल में चल रही यह सेवा ऐसे कई मरीजों के लिए सहारा बन रही है, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। डायलिसिस केंद्र की संचालिका ने बताया कि जिला अस्पताल के दूसरे फ्लोर पर स्थित इस केंद्र में डायलिसिस के लिए 11 मशीनें उपलब्ध हैं और दिन में 30 से अधिक सेशन डायलिसिस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि औसतन हर महीने ज़िला अस्पताल में 80 से ज्यादा मरीज निशुल्क डायलिसिस करवाकर इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
सत्यवती और अन्य किडनी मरीजों के लिए यह योजना सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि बिना आर्थिक बोझ के सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद भी है।
    user_Praveen Sahu
    Praveen Sahu
    अभनपुर, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • “ नाबालिग लड़की का गैंगरेप… घुमाने के बहाने 5 दोस्तों ने दी मौत से बदतर सजा! एक आरोपी नाबालिग, जिसे पीड़िता पहले से जानती थी… पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया, अब सख्त कार्रवाई की तैयारी” नमस्कार जय जोहार जय छत्तीसगढ़ मैं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे हैं द छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक ऐसी घटना घटी है जो दिल को चीर देती है, रोंगटे खड़े कर देती है। 11 अप्रैल 2026 की रात… जब पूरा इलाका शांतिपूर्ण नींद सो रहा था, उसी रात भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की चीखें सुनसान जंगल में गूंजीं… लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। पांच दरिंदों ने मिलकर उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया। पीड़िता एक साधारण नाबालिग लड़की थी। घर में मां-बाप की लाड़ली। 11 अप्रैल की रात उसके परिचित नाबालिग लड़के ने उसे घुमाने का लालच दिया। बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया। फिर उसे सुनसान जगह पर ले गया। वहां पहले खुद ने उसके साथ दुष्कर्म किया… और फिर अपने चार दोस्तों को बुलाकर गैंगरेप का तांडव रचा। पांचों ने बारी-बारी से उस निष्पाप बच्ची का शोषण किया। ये कोई फिल्मी सीन नहीं… ये बीजापुर की हकीकत है। वारदात के बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची। उसकी हालत देखकर परिवार वाले स्तब्ध रह गए। उसने रोते-रोते अपनी मां को पूरी आपबीती बता दी। 12 अप्रैल रविवार की सुबह पीड़िता खुद भैरमगढ़ थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपी ये हैं: • अंकित परबुलिया • लक्ष्मीनाथ लेकाम • सुनील परबुलिया • जातवेद मोड़ियाम और एक आरोपी नाबालिग… जिसे पीड़िता पहले से जानती थी। चारों बड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाबालिग आरोपी को कस्टडी में ले लिया गया है। सभी से पूछताछ जारी है। पीड़िता को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी भी उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने कहा: “इस मामले में हमने बहुत गंभीरता से कार्रवाई की है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। उन्हें जल्द ही न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। हम सभी जरूरी सबूत जुटा रहे हैं ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।” ये घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं… पूरे छत्तीसगढ़ की बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है। द छत्तीसगढ़ की तरफ से हम पूरे समाज से, खासकर माता-पिता से, युवाओं से और प्रशासन से अपील करते हैं: अपनी बेटियों को सिर्फ प्यार ही नहीं… सुरक्षा भी दीजिए। हर परिचित को दोस्त न समझिए… कभी-कभी वो सबसे बड़ा दुश्मन साबित होता है। अगर आपकी बेटी बाहर जाना चाहे तो उसकी बात जरूर सुनिए… लेकिन उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लीजिए। और उन पांच दरिंदों को… जिन्होंने एक नाबालिग बच्ची की मासूमियत को कुचल दिया… हमारी मांग है - कड़ी से कड़ी सजा दो! कोई भी रियायत नहीं… कोई भी बचाव नहीं। द छत्तीसगढ़ इस मामले की हर अपडेट आपको लगातार देता रहेगा। जय जोहार… जय छत्तीसगढ़।
    1
    “ नाबालिग लड़की का गैंगरेप… घुमाने के बहाने 5 दोस्तों ने दी मौत से बदतर सजा! 
एक आरोपी नाबालिग, जिसे पीड़िता पहले से जानती थी… 
पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया, अब सख्त कार्रवाई की तैयारी”
नमस्कार जय जोहार जय छत्तीसगढ़ मैं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे हैं द छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक ऐसी घटना घटी है जो दिल को चीर देती है, रोंगटे खड़े कर देती है। 11 अप्रैल 2026 की रात… जब पूरा इलाका शांतिपूर्ण नींद सो रहा था, उसी रात भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की चीखें सुनसान जंगल में गूंजीं… लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था।
पांच दरिंदों ने मिलकर उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया।
पीड़िता एक साधारण नाबालिग लड़की थी। घर में मां-बाप की लाड़ली। 11 अप्रैल की रात उसके परिचित नाबालिग लड़के ने उसे घुमाने का लालच दिया। बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया। फिर उसे सुनसान जगह पर ले गया। वहां पहले खुद ने उसके साथ दुष्कर्म किया… और फिर अपने चार दोस्तों को बुलाकर गैंगरेप का तांडव रचा। पांचों ने बारी-बारी से उस निष्पाप बच्ची का शोषण किया।
ये कोई फिल्मी सीन नहीं… ये बीजापुर की हकीकत है।
वारदात के बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची। उसकी हालत देखकर परिवार वाले स्तब्ध रह गए। उसने रोते-रोते अपनी मां को पूरी आपबीती बता दी। 12 अप्रैल रविवार की सुबह पीड़िता खुद भैरमगढ़ थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
गिरफ्तार आरोपी ये हैं:
•  अंकित परबुलिया
•  लक्ष्मीनाथ लेकाम
•  सुनील परबुलिया
•  जातवेद मोड़ियाम
और एक आरोपी नाबालिग… जिसे पीड़िता पहले से जानती थी।
चारों बड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाबालिग आरोपी को कस्टडी में ले लिया गया है। सभी से पूछताछ जारी है।
पीड़िता को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी भी उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने कहा:
“इस मामले में हमने बहुत गंभीरता से कार्रवाई की है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। उन्हें जल्द ही न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। हम सभी जरूरी सबूत जुटा रहे हैं ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।”
ये घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं… पूरे छत्तीसगढ़ की बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है।
द छत्तीसगढ़ की तरफ से हम पूरे समाज से, खासकर माता-पिता से, युवाओं से और प्रशासन से अपील करते हैं:
अपनी बेटियों को सिर्फ प्यार ही नहीं… सुरक्षा भी दीजिए।
हर परिचित को दोस्त न समझिए… कभी-कभी वो सबसे बड़ा दुश्मन साबित होता है।
अगर आपकी बेटी बाहर जाना चाहे तो उसकी बात जरूर सुनिए… लेकिन उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लीजिए।
और उन पांच दरिंदों को…
जिन्होंने एक नाबालिग बच्ची की मासूमियत को कुचल दिया…
हमारी मांग है - कड़ी से कड़ी सजा दो!
कोई भी रियायत नहीं… कोई भी बचाव नहीं।
द छत्तीसगढ़ इस मामले की हर अपडेट आपको लगातार देता रहेगा।
जय जोहार… जय छत्तीसगढ़।
    user_YOGESH KUAMR SAHU
    YOGESH KUAMR SAHU
    News Anchor बालोद, बालोद, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • Kondagaon : पुलिस को बड़ी सफलता, हत्या का आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार एंकर :- कोंडागांव कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हत्या के आरोपी को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल को प्रार्थी महेश चौहान निवासी विकासनगर कोंडागांव ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका भाई सुरेश चौहान 11 अप्रैल की रात से लापता है। उसकी स्कूटी विकासनगर क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी रूपेश कुमार एवं उप पुलिस अधीक्षक नरेंद्र पुजारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान संदेही सुरेश कुमार देवांगन से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने सुरेश चौहान को अपने घर मरार पारा बुलाया। सोने की अंगूठी और नकदी के लालच में उसने लोहे के खलबट्टे के मूसल से हमला कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि घटना के बाद शव को स्कूटी में ले जाकर मरार पारा में मिट्टी के ढेर के पास दफना दिया। शव बरामद, आरोपी गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर शव का उत्खनन किया। मृतक की पहचान उसके बड़े भाई महेश चौहान ने की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो सोने की अंगूठी, 1000 रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया। आरोपी सुरेश देवांगन (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका :- इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उप निरीक्षक राजीव गोटा, सहायक उप निरीक्षक राजकुमार कोमरा, प्रधान आरक्षक अशोक मरकाम, आरक्षक बेदराम चंदेल तथा साइबर सेल के सुरेंद्र बघेल, हरेंद्र कश्यप, संतोष कोड़ोपी और बलदेव शोरी का विशेष योगदान रहा।
    4
    Kondagaon : पुलिस को बड़ी सफलता, हत्या का आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार
एंकर :- कोंडागांव कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हत्या के आरोपी को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल को प्रार्थी महेश चौहान निवासी विकासनगर कोंडागांव ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका भाई सुरेश चौहान 11 अप्रैल की रात से लापता है। उसकी स्कूटी विकासनगर क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी रूपेश कुमार एवं उप पुलिस अधीक्षक नरेंद्र पुजारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।  जांच के दौरान संदेही सुरेश कुमार देवांगन से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने सुरेश चौहान को अपने घर मरार पारा बुलाया। सोने की अंगूठी और नकदी के लालच में उसने लोहे के खलबट्टे के मूसल से हमला कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि घटना के बाद शव को स्कूटी में ले जाकर मरार पारा में मिट्टी के ढेर के पास दफना दिया।
शव बरामद, आरोपी गिरफ्तार 
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर शव का उत्खनन किया। मृतक की पहचान उसके बड़े भाई महेश चौहान ने की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो सोने की अंगूठी, 1000 रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया। आरोपी सुरेश देवांगन (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका :-
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उप निरीक्षक राजीव गोटा, सहायक उप निरीक्षक राजकुमार कोमरा, प्रधान आरक्षक अशोक मरकाम, आरक्षक बेदराम चंदेल तथा साइबर सेल के सुरेंद्र बघेल, हरेंद्र कश्यप, संतोष कोड़ोपी और बलदेव शोरी का विशेष योगदान रहा।
    user_रामकुमार भारद्वाज
    रामकुमार भारद्वाज
    कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ | गोबरा नवापारा गोबरा नवापारा क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा नेशनल हाईवे 130C पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास करीब रात 12 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरी तेज रफ्तार हाईवा ने सामने से आ रहे खाली ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज लगभग 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो व्यक्ति पारागांव और एक कुरूद क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। मृतकों के शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोबरा नवापारा भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं, और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
    2
    ब्रेकिंग न्यूज़ | गोबरा नवापारा
गोबरा नवापारा क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा नेशनल हाईवे 130C पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास करीब रात 12 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरी तेज रफ्तार हाईवा ने सामने से आ रहे खाली ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज लगभग 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो व्यक्ति पारागांव और एक कुरूद क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
मृतकों के शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोबरा नवापारा भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं, और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • traffic police ke samne wrong side hote hue bhi traffic wala dekh raha hai fir bhi chalan nahin katega yah neta mantri ka Raj hai
    1
    traffic police ke samne wrong side hote hue bhi traffic wala dekh raha hai fir bhi chalan nahin katega yah neta mantri ka Raj hai
    user_Nikhil jain
    Nikhil jain
    औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • मानवीय सद्गुणों में अभिवृद्धि व बेहतर वातावरण निर्माण में योगदान हेतु आपको यह संदेश प्रेषित कर रहा हूं कि मैं दुर्ग में अच्छे सच्चे लोगों को समाजसेवी कार्यों में सहभागी बनने प्रेरित करने के उद्देश्य से यह सब जानकारी व निवेदन करता हूं इन सब बातों को व्यर्थ समझकर अनदेखा ना करें यदि हों सकें तो सहयोग कर समाजसेवी कार्यों व विचारों को प्रोत्साहित करते हुए मजबूती प्रदान करने की कृपा करें।
    1
    मानवीय सद्गुणों में अभिवृद्धि व बेहतर वातावरण निर्माण में योगदान हेतु आपको यह संदेश प्रेषित कर रहा हूं कि मैं दुर्ग में अच्छे सच्चे लोगों को समाजसेवी कार्यों में सहभागी बनने प्रेरित करने के उद्देश्य से यह सब जानकारी व निवेदन करता हूं इन सब बातों को व्यर्थ समझकर अनदेखा ना करें यदि हों सकें तो सहयोग कर समाजसेवी कार्यों व विचारों को प्रोत्साहित करते हुए मजबूती प्रदान करने की कृपा करें।
    user_जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    Social club Durg, Chhattisgarh•
    12 hrs ago
  • स्कूल की क्लासरूम में क्रूरता! टीचर के थप्पड़ों से 13 वर्षीय छात्र की सुनने की क्षमता 70-80% तक क्षतिग्रस्त, अब जिंदगी भर की सुनवाई का सवाल नमस्कार, द छत्तीसगढ़ चैनल पर आपका स्वागत है। मैं हूँ आपका एंकर योगेश कुमार साहू। आज हम आपके लिए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर लेकर आए हैं, जिसे सुनकर हर अभिभावक का खून खौल जाएगा। एक निजी स्कूल की क्लासरूम में एक महिला शिक्षिका के गुस्से ने एक मासूम बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। किताब निकालने में बस कुछ सेकंड की देरी हुई, और उसके बाद जो हुआ, वो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगा। घटना है 2 जुलाई 2025 की। डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध खालसा पब्लिक स्कूल में कक्षा 7वीं पढ़ने वाला 13 वर्षीय छात्र सार्थक सहारे हमेशा की तरह स्कूल पहुंचा। सोशल साइंस की क्लास लेने आईं शिक्षिका प्रियंका सिंह (45 वर्ष) ने छात्रों से किताब निकालने को कहा। सार्थक को किताब निकालने में थोड़ी देरी हो गई। उसने टीचर से दोबारा पूछा, “मैम, आपने क्या कहा? मैं सुन नहीं पाया।” इस साधारण सी बात पर टीचर प्रियंका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एक के बाद एक 4 जोरदार थप्पड़ छात्र के गाल पर और कान के पास जड़ दिए। थप्पड़ इतने तीव्र थे कि सार्थक के दोनों कानों की नसों और पर्दे को गंभीर चोट पहुंची। क्लास खत्म होने के बाद जब सार्थक घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां संतोषी सहारे से कहा, “मम्मी, अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है।” परिवार तुरंत घबरा गया। उन्होंने सबसे पहले डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल में ले जाया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि कान में अंदरूनी चोट है। फिर सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल और उसके बाद रायपुर के निजी अस्पताल रेफर किया गया। विशेषज्ञों ने साफ बताया कि सुनने की क्षमता 70 से 80 प्रतिशत तक डैमेज हो चुकी है। इलाज लंबा चलेगा, ऑक्सीजन थेरेपी और अन्य उपचार चल रहे हैं। बच्चे को अभी भी सुनने में काफी तकलीफ है। सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया, “हमारा बेटा स्कूल से लौटा तो रोते हुए बोला कि अब सुनाई नहीं दे रहा। हम उसे कई अस्पतालों में घुमाते रहे। डॉक्टरों ने कहा कि चोट गहरी है। यह कोई मामूली चोट नहीं, हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।” परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। पीड़ित के पिता सुधाकर सहारे ने कहा, “हम पिछले 9 महीनों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे। स्कूल की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। उल्टा हमें गलत ठहराने की कोशिश हुई। मीडिया के दबाव के बाद अब कार्रवाई हुई है।” एक अन्य छात्रा श्वेता गजभिए ने भी खुलासा किया कि टीचर प्रियंका सिंह पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट और चीखने-चिल्लाने का व्यवहार कर चुकी हैं। बच्चे डर की वजह से चुप रहते थे। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने लंबित मामलों की समीक्षा के बाद कार्रवाई की। डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी टीचर प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने कहा, “हम हर मीटिंग में टीचर्स को हिदायत देते हैं कि बच्चों पर हाथ नहीं उठाना है। अगर टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी।” पीड़ित परिवार अब मांग कर रहा है कि टीचर को स्कूल से सस्पेंड किया जाए और बच्चे के पूरे इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन उठाए। सार्थक की मां ने अपील की, “हम बस न्याय चाहते हैं। यह कोई छोटी सजा नहीं है, हमारे बच्चे की जिंदगी बर्बाद हो रही है।” दोस्तों, यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। स्कूल वो जगह है जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करें, न कि डर के माहौल में रहें। शिक्षक बच्चे का भविष्य गढ़ने वाले होते हैं, मारने वाले नहीं। अभिभावकों, अगर आपके बच्चे के साथ स्कूल में कोई अनुचित व्यवहार हो रहा है तो चुप न रहें। आवाज उठाएं, लिखित शिकायत करें और मीडिया तक पहुंचाएं। शिक्षा का मंदिर बच्चे को तोड़ने नहीं, संवारने का स्थान होना चाहिए। द छत्तीसगढ़ इस लड़ाई में आपके साथ है। अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सके। धन्यवाद। योगेश कुमार साहू के साथ द छत्तीसगढ़। जय छत्तीसगढ़!
    1
    स्कूल की क्लासरूम में क्रूरता! टीचर के थप्पड़ों से 13 वर्षीय छात्र की सुनने की क्षमता 70-80% तक क्षतिग्रस्त, अब जिंदगी भर की सुनवाई का सवाल
नमस्कार, द छत्तीसगढ़ चैनल पर आपका स्वागत है। मैं हूँ आपका एंकर योगेश कुमार साहू।
आज हम आपके लिए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर लेकर आए हैं, जिसे सुनकर हर अभिभावक का खून खौल जाएगा। एक निजी स्कूल की क्लासरूम में एक महिला शिक्षिका के गुस्से ने एक मासूम बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। किताब निकालने में बस कुछ सेकंड की देरी हुई, और उसके बाद जो हुआ, वो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगा।
घटना है 2 जुलाई 2025 की। डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध खालसा पब्लिक स्कूल में कक्षा 7वीं पढ़ने वाला 13 वर्षीय छात्र सार्थक सहारे हमेशा की तरह स्कूल पहुंचा। सोशल साइंस की क्लास लेने आईं शिक्षिका प्रियंका सिंह (45 वर्ष) ने छात्रों से किताब निकालने को कहा। सार्थक को किताब निकालने में थोड़ी देरी हो गई। उसने टीचर से दोबारा पूछा, “मैम, आपने क्या कहा? मैं सुन नहीं पाया।”
इस साधारण सी बात पर टीचर प्रियंका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एक के बाद एक 4 जोरदार थप्पड़ छात्र के गाल पर और कान के पास जड़ दिए। थप्पड़ इतने तीव्र थे कि सार्थक के दोनों कानों की नसों और पर्दे को गंभीर चोट पहुंची। क्लास खत्म होने के बाद जब सार्थक घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां संतोषी सहारे से कहा, “मम्मी, अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है।”
परिवार तुरंत घबरा गया। उन्होंने सबसे पहले डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल में ले जाया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि कान में अंदरूनी चोट है। फिर सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल और उसके बाद रायपुर के निजी अस्पताल रेफर किया गया। विशेषज्ञों ने साफ बताया कि सुनने की क्षमता 70 से 80 प्रतिशत तक डैमेज हो चुकी है। इलाज लंबा चलेगा, ऑक्सीजन थेरेपी और अन्य उपचार चल रहे हैं। बच्चे को अभी भी सुनने में काफी तकलीफ है।
सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया, “हमारा बेटा स्कूल से लौटा तो रोते हुए बोला कि अब सुनाई नहीं दे रहा। हम उसे कई अस्पतालों में घुमाते रहे। डॉक्टरों ने कहा कि चोट गहरी है। यह कोई मामूली चोट नहीं, हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।”
परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। पीड़ित के पिता सुधाकर सहारे ने कहा, “हम पिछले 9 महीनों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे। स्कूल की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। उल्टा हमें गलत ठहराने की कोशिश हुई। मीडिया के दबाव के बाद अब कार्रवाई हुई है।”
एक अन्य छात्रा श्वेता गजभिए ने भी खुलासा किया कि टीचर प्रियंका सिंह पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट और चीखने-चिल्लाने का व्यवहार कर चुकी हैं। बच्चे डर की वजह से चुप रहते थे।
डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने लंबित मामलों की समीक्षा के बाद कार्रवाई की। डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी टीचर प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने कहा, “हम हर मीटिंग में टीचर्स को हिदायत देते हैं कि बच्चों पर हाथ नहीं उठाना है। अगर टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी।”
पीड़ित परिवार अब मांग कर रहा है कि टीचर को स्कूल से सस्पेंड किया जाए और बच्चे के पूरे इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन उठाए। सार्थक की मां ने अपील की, “हम बस न्याय चाहते हैं। यह कोई छोटी सजा नहीं है, हमारे बच्चे की जिंदगी बर्बाद हो रही है।”
दोस्तों, यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। स्कूल वो जगह है जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करें, न कि डर के माहौल में रहें। शिक्षक बच्चे का भविष्य गढ़ने वाले होते हैं, मारने वाले नहीं।
अभिभावकों, अगर आपके बच्चे के साथ स्कूल में कोई अनुचित व्यवहार हो रहा है तो चुप न रहें। आवाज उठाएं, लिखित शिकायत करें और मीडिया तक पहुंचाएं। शिक्षा का मंदिर बच्चे को तोड़ने नहीं, संवारने का स्थान होना चाहिए। द छत्तीसगढ़ इस लड़ाई में आपके साथ है।
अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सके।
धन्यवाद।
योगेश कुमार साहू के साथ द छत्तीसगढ़।
जय छत्तीसगढ़!
    user_YOGESH KUAMR SAHU
    YOGESH KUAMR SAHU
    News Anchor बालोद, बालोद, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • complex ka night guard Hai yah aap iska halat dekh sakte hain
    1
    complex ka night guard Hai yah aap iska halat dekh sakte hain
    user_Nikhil jain
    Nikhil jain
    औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • मॉर्निंग मस्ती ग्रुप की रेल यात्रा रही मनोरंजक,अन्य यात्रियों ने भी उठाया आनन्द: अशोक गंगवाल नवापारा राजिम.नगर के स्थानीय नेहरू बाल उद्यान वरिष्ठ नागरिकों की सुबह शाम की सैर एवं आपस में रोज मिलने जुलने का एक अच्छा ठौर ठिकाना है, प्रतिदिन आने वाले लोगों का एक ग्रुप सहज ही बन गया है, जिसे इन लोगों ने नाम दिया है, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप, इस ग्रुप में नगर के वरिष्ठ बुद्धिजीवी एवं अन्य प्रबुद्ध लोग जुड़े हुए हैं, जो प्रतिदिन मिलते हैं उनके बीच देश दुनिया की सामयिक चर्चा तो होती ही है, साथ ही हँसी ठिठोली के पल भी भी वे खोज ही लेते हैं, स्वस्थ समय बिताने का यह अच्छा तरीका भी है, सप्ताह में एक बार संगीत की महफिल भी जमती है और गाना बजाना भी होता है, ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने बताया कि इस बार हमारे सदस्य प्रेम साधवानी, जो कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी हैं, की पहल पर रेल से रायपुर जाने और वापस आने का कार्यक्रम बना, रविवार की सुबह की रेल से जाना और सुबह ही वापस आना था, यह यात्रा हम सभी के लिए यादगार रही, प्रेम साधवानी ने बताया कि वस्तुतः यह संगीतमय रेल यात्रा बन गई, 3घंटे के सफर में सभी सदस्यों ने सदाबहार पुराने फिल्मी गानों को सुनाकर सभी का मन जीत लिया, रेल में यात्रा कर रहे अन्य यात्री गण भी अपने आपको रोक न सके और आकर जुट गए, किसी के पैर थिरक रहे थे, तो कोई खुलकर नाच रहा था, कोई तालियां बजाकर उत्साह वर्धन कर रहा था, तो कई लोग तो इन मधुर क्षणों को अपने मोबाइल में वीडियो बना कर सहेज रहे थे, अशोक गंगवाल, प्रेम साधवानी और ब्रह्मदत्त शर्मा के सुरीले गीतों ने वो समां बांधा कि लोग अपने पुराने दिनों में खो गए, इस ग्रुप में डॉक्टर के आर सिन्हा, शिव भगवान शर्मा, इशहाक ढेबर, कमलेश साहू,तुकाराम कंसारी, अजय अग्रवाल, दिलीप रावलानी सहित अन्य भी शामिल थे, सुबह 8.30 को रायपुर पहुंचकर स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई 9 बजे की रेल से वापस सभी लोग गाते बजाते हुए सभी नवापारा वापस आ गए, सभी ने समवेत स्वरों से कहा कि यह एक खुशनुमा यादगार अनुभव रहा, इसे हम दोहराते रहेंगे, सेवा निवृत्त शिक्षक शिव भगवान शर्मा ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में आकर जब सीनियर सिटीजन अकेलापन महसूस करते है, अवसाद में पड़ जाते हैं तब हम जैसे लोगों का यह ग्रुप संजीवनी बूटी का काम करता है, पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि यही तो जीवन जीने की श्रेष्ठ कला है,खुद खुश रहो और लोगों को भी खुशियां देने की वजह बनो, यही तो एक अच्छे इन्सान होने की पहचान है,डाक्टर सिन्हा ने कहा कि साथ साथ समूह में रहकर हंसना, बोलना समय बिताना, यात्राएं करना, ठहाके लगाना बेस्ट मेडिसिन है, यह एक अच्छा ट्रीटमेंट है, तुकाराम कंसारी ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के तनाव ग्रस्त युग में अपना और अपनों का खयाल रखने का यह बेहतर तरीका है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विजय गोयल जी के कार्यकाल में नेहरू बाल उद्यान का रखरखाव अच्छा था, इन दिनों यह ठीक से नहीं हो रहा है, अवांछित लोग यहां आकर अभद्र व्यवहार करते हैं, उनके द्वारा आपस में अपशब्दों का प्रयोग और नशीले पदार्थों का खुले आम प्रयोग हम नागरिकों को असहज कर देता है, स्थानीय प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए जो लोग संयोग से इस ट्रिप में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने ग्रुप एडमिन से जल्द ही अगला प्रोग्राम बनाने के लिए कहा है, नवापारा राजिम के स्टेशन मास्टर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रेल यात्रियों की यह एक अच्छी पहल है, इससे रेल से यात्रा करने वालों का उत्साह बढ़ेगा
    2
    मॉर्निंग मस्ती ग्रुप की रेल यात्रा रही मनोरंजक,अन्य यात्रियों ने भी उठाया आनन्द: अशोक गंगवाल
नवापारा राजिम.नगर के स्थानीय   नेहरू बाल उद्यान  वरिष्ठ नागरिकों की सुबह शाम की सैर एवं आपस में रोज मिलने जुलने का एक अच्छा ठौर ठिकाना है, प्रतिदिन आने वाले लोगों का एक ग्रुप सहज ही बन गया है, जिसे इन लोगों ने नाम दिया है, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप, इस ग्रुप में नगर के वरिष्ठ बुद्धिजीवी एवं अन्य प्रबुद्ध लोग जुड़े हुए हैं, जो प्रतिदिन मिलते हैं उनके बीच देश दुनिया की सामयिक चर्चा तो होती ही है, साथ ही हँसी ठिठोली के पल भी भी वे खोज ही लेते हैं, स्वस्थ समय बिताने का यह अच्छा तरीका भी है, सप्ताह में एक बार संगीत की महफिल भी जमती है और गाना बजाना भी होता है, ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने बताया कि इस बार हमारे सदस्य प्रेम साधवानी, जो कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी हैं, की पहल पर रेल से रायपुर जाने और वापस आने का कार्यक्रम बना, रविवार की सुबह  की रेल से जाना और सुबह ही वापस आना था, यह यात्रा हम सभी के लिए यादगार रही, प्रेम साधवानी ने बताया कि वस्तुतः यह संगीतमय रेल यात्रा बन गई, 3घंटे के सफर में सभी सदस्यों ने सदाबहार पुराने फिल्मी गानों को सुनाकर सभी का मन जीत लिया, रेल में यात्रा कर रहे अन्य यात्री गण भी अपने आपको रोक न सके और आकर जुट गए, किसी के पैर थिरक रहे थे, तो कोई खुलकर नाच रहा था, कोई तालियां बजाकर उत्साह वर्धन कर रहा था, तो कई लोग तो  इन मधुर क्षणों को अपने मोबाइल में वीडियो बना कर सहेज रहे थे, अशोक गंगवाल, प्रेम साधवानी और ब्रह्मदत्त शर्मा के सुरीले गीतों ने वो समां बांधा कि लोग अपने पुराने दिनों में खो गए,  इस ग्रुप में डॉक्टर के आर सिन्हा, शिव भगवान शर्मा, इशहाक ढेबर, कमलेश साहू,तुकाराम कंसारी, अजय अग्रवाल, दिलीप रावलानी सहित अन्य भी शामिल थे, सुबह 8.30 को रायपुर पहुंचकर स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई 9 बजे की रेल से वापस सभी लोग गाते बजाते हुए सभी नवापारा वापस आ गए, सभी ने समवेत  स्वरों से कहा कि यह एक खुशनुमा यादगार अनुभव रहा, इसे हम दोहराते रहेंगे, सेवा निवृत्त शिक्षक शिव भगवान शर्मा ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में आकर जब  सीनियर सिटीजन अकेलापन महसूस करते है, अवसाद में पड़ जाते हैं तब हम जैसे लोगों का यह ग्रुप संजीवनी बूटी का काम करता है, पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि यही तो जीवन जीने की श्रेष्ठ कला है,खुद खुश रहो और लोगों को भी खुशियां देने की वजह बनो, यही तो एक अच्छे इन्सान होने की पहचान है,डाक्टर सिन्हा ने कहा कि साथ साथ समूह में रहकर हंसना, बोलना समय बिताना, यात्राएं करना, ठहाके लगाना बेस्ट मेडिसिन है, यह एक अच्छा ट्रीटमेंट है, तुकाराम कंसारी ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के तनाव ग्रस्त युग में अपना और अपनों का खयाल रखने का यह बेहतर तरीका है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विजय गोयल जी के कार्यकाल में नेहरू बाल उद्यान का रखरखाव अच्छा था, इन दिनों यह ठीक से नहीं हो रहा है, अवांछित लोग यहां आकर अभद्र व्यवहार करते हैं, उनके द्वारा आपस में अपशब्दों का प्रयोग और नशीले पदार्थों का खुले आम प्रयोग हम नागरिकों को असहज कर देता है, स्थानीय प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए जो लोग संयोग से इस ट्रिप में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने ग्रुप एडमिन से जल्द ही अगला प्रोग्राम बनाने के लिए कहा है, नवापारा राजिम के स्टेशन मास्टर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रेल यात्रियों की यह एक अच्छी पहल है, इससे रेल से यात्रा करने वालों का उत्साह बढ़ेगा
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.