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धंबोला में पुल निर्माण कार्य से प्रभावित छोटे वाहन चालकों को आंशिक राहत मिली है, जो एक खबर के प्रकाशन के बाद विभाग द्वारा बीएसएनएल टावर के पास बनाए गए अस्थायी मार्ग को पुराने बस स्टैंड तक खोले जाने से संभव हुआ है। इससे पहले जहां उन्हें गड़ापट्टा पीठ रोड पर बाईपास के लिए बनी तीन किलोमीटर लंबी और खराब कच्ची सड़क का चक्कर लगाना पड़ता था, वहीं अब कार, जीप, बाइक जैसे छोटे वाहन प्राइवेट बस स्टैंड होते हुए सिमलवाड़ा बस्ती के रास्ते मुख्य बाजार तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं। इस कदम से वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिली है और आवागमन पहले की तुलना में सुगम हो गया है। हालांकि, इस नई व्यवस्था ने कस्बे में एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। बस्ती की संकरी गलियों से वाहनों की आवाजाही बढ़ने के बावजूद, पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात नियंत्रण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालक, जिन्हें मार्ग की सही जानकारी नहीं होती, वे पूरी बस्ती में भटकते रहते हैं, जिससे गलियों में बार-बार जाम लग रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब क्रूजर जैसे बड़े छोटे व्यावसायिक वाहन संकरी गलियों में फंस जाते हैं, जिससे उनके पीछे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कस्बेवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। इसके साथ ही, बाहरी वाहन चालकों के लिए दिशा-सूचक संकेतक भी लगाए जाएं, ताकि वे बिना भटके निर्धारित मार्ग से गुजर सकें। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।

8 hrs ago
user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
मुकेश कुमार आर. पंड्या
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
8 hrs ago

धंबोला में पुल निर्माण कार्य से प्रभावित छोटे वाहन चालकों को आंशिक राहत मिली है, जो एक खबर के प्रकाशन के बाद विभाग द्वारा बीएसएनएल टावर के पास बनाए गए अस्थायी मार्ग को पुराने बस स्टैंड तक खोले जाने से संभव हुआ है। इससे पहले जहां उन्हें गड़ापट्टा पीठ रोड पर बाईपास के लिए बनी तीन किलोमीटर लंबी और खराब कच्ची सड़क का चक्कर लगाना पड़ता था, वहीं अब कार, जीप, बाइक जैसे छोटे वाहन प्राइवेट बस स्टैंड होते हुए सिमलवाड़ा बस्ती के रास्ते मुख्य बाजार तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं। इस कदम से वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिली है और आवागमन पहले की तुलना में सुगम हो गया है। हालांकि, इस नई व्यवस्था ने कस्बे में एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। बस्ती की संकरी गलियों से वाहनों की आवाजाही बढ़ने के बावजूद, पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात नियंत्रण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालक, जिन्हें मार्ग की सही जानकारी नहीं होती, वे पूरी बस्ती में भटकते रहते हैं, जिससे गलियों में बार-बार जाम लग रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब क्रूजर जैसे बड़े छोटे व्यावसायिक वाहन संकरी गलियों में फंस जाते हैं, जिससे उनके पीछे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कस्बेवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। इसके साथ ही, बाहरी वाहन चालकों के लिए दिशा-सूचक संकेतक भी लगाए जाएं, ताकि वे बिना भटके निर्धारित मार्ग से गुजर सकें। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।

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  • डूंगरपुर जिले के हिराता लोलकपुर निवासी एक आदिवासी श्रमिक, कमलेश मईडा, की अहमदाबाद में काम के दौरान नारियल गिरने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में, आदिवासी विकास यूनियन संगठन (अहमदाबाद) के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिल गया है। संगठन के कड़े रुख और तीन दिवसीय त्रिपक्षीय वार्ता के दबाव के आगे झुकते हुए, प्रबंधन 4,25,000 रुपये की सम्मानजनक मुआवजा राशि देने पर सहमत हुआ है, जिससे पीड़ित परिवार को तात्कालिक आर्थिक संबल प्राप्त हुआ। प्राप्त विवरण के अनुसार, कमलेश मईडा पुत्र गटूलाल मईडा आजीविका के लिए अहमदाबाद गए थे, जहाँ वे एक बंगले पर घरेलू कामकाज (घर घाटी) कर रहे थे। पिछले दिनों जब वे मालिक के पालतू कुत्ते को टहलाने बंगले के परिसर में निकले थे, तभी पास के नारियल के पेड़ से एक भारी नारियल उनके सिर पर आ गिरा। इस भीषण चोट से कमलेश मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वे लगभग 10 दिनों तक जीवन और मृत्यु से जूझते रहे और आखिरकार 1 जुलाई को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कमलेश की असामयिक मृत्यु ने उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया था। कमलेश की मौत के बाद, शुरुआत में नियोक्ता ने परिजनों को केवल 2 लाख रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। चूंकि कमलेश अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, इसलिए परिजनों ने इस नाममात्र की राशि को अस्वीकार करते हुए उचित मुआवजे की मांग की, जिसे नियोक्ता ने खारिज कर दिया। नियोक्ता के इस अड़ियल रवैये से परेशान होकर, निराश परिजनों ने आदिवासी विकास यूनियन संगठन को इसकी सूचना दी। संगठन की टीम तुरंत अहमदाबाद पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय प्रशासन और नियोक्ता पर दबाव बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित न्याय और सम्मानजनक मुआवजा नहीं मिलेगा, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन के पदाधिकारियों और नियोक्ता के बीच लगातार तीन दिनों तक गहन दौर की वार्ता चली। आखिरकार, संगठन की एकजुटता और न्यायसंगत रुख के सामने नियोक्ता को झुकना पड़ा और कुल 4.25 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी। इस राशि में से 1,25,000 रुपये नकद तुरंत प्रदान किए गए, जबकि 3,00,000 रुपये का बैंक चेक मृतक की पत्नी और माता के नाम पर जारी किया गया। इस सराहनीय और त्वरित न्याय दिलाने के कार्य के लिए मृतक के परिजनों सहित पूरे समाज ने संगठन की टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। यह जानकारी संगठन के मीडिया प्रभारी विजयपाल मेणात ने संवाददाता संतोष व्यास को दी।
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    डूंगरपुर जिले के हिराता लोलकपुर निवासी एक आदिवासी श्रमिक, कमलेश मईडा, की अहमदाबाद में काम के दौरान नारियल गिरने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में, आदिवासी विकास यूनियन संगठन (अहमदाबाद) के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिल गया है। संगठन के कड़े रुख और तीन दिवसीय त्रिपक्षीय वार्ता के दबाव के आगे झुकते हुए, प्रबंधन 4,25,000 रुपये की सम्मानजनक मुआवजा राशि देने पर सहमत हुआ है, जिससे पीड़ित परिवार को तात्कालिक आर्थिक संबल प्राप्त हुआ।

प्राप्त विवरण के अनुसार, कमलेश मईडा पुत्र गटूलाल मईडा आजीविका के लिए अहमदाबाद गए थे, जहाँ वे एक बंगले पर घरेलू कामकाज (घर घाटी) कर रहे थे। पिछले दिनों जब वे मालिक के पालतू कुत्ते को टहलाने बंगले के परिसर में निकले थे, तभी पास के नारियल के पेड़ से एक भारी नारियल उनके सिर पर आ गिरा। इस भीषण चोट से कमलेश मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वे लगभग 10 दिनों तक जीवन और मृत्यु से जूझते रहे और आखिरकार 1 जुलाई को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कमलेश की असामयिक मृत्यु ने उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया था।

कमलेश की मौत के बाद, शुरुआत में नियोक्ता ने परिजनों को केवल 2 लाख रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। चूंकि कमलेश अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, इसलिए परिजनों ने इस नाममात्र की राशि को अस्वीकार करते हुए उचित मुआवजे की मांग की, जिसे नियोक्ता ने खारिज कर दिया। नियोक्ता के इस अड़ियल रवैये से परेशान होकर, निराश परिजनों ने आदिवासी विकास यूनियन संगठन को इसकी सूचना दी। संगठन की टीम तुरंत अहमदाबाद पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय प्रशासन और नियोक्ता पर दबाव बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित न्याय और सम्मानजनक मुआवजा नहीं मिलेगा, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

संगठन के पदाधिकारियों और नियोक्ता के बीच लगातार तीन दिनों तक गहन दौर की वार्ता चली। आखिरकार, संगठन की एकजुटता और न्यायसंगत रुख के सामने नियोक्ता को झुकना पड़ा और कुल 4.25 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी। इस राशि में से 1,25,000 रुपये नकद तुरंत प्रदान किए गए, जबकि 3,00,000 रुपये का बैंक चेक मृतक की पत्नी और माता के नाम पर जारी किया गया। इस सराहनीय और त्वरित न्याय दिलाने के कार्य के लिए मृतक के परिजनों सहित पूरे समाज ने संगठन की टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। यह जानकारी संगठन के मीडिया प्रभारी विजयपाल मेणात ने संवाददाता संतोष व्यास को दी।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी के देव सोमनाथ मंडल की एक आवश्यक मासिक बैठक डूंगरपुर के देव सोमनाथ मंदिर परिसर में संपन्न हुई। मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जिला उपाध्यक्ष धनेश्वर अहारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करना था। इसके अतिरिक्त, संगठन के विस्तार, बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को सुना गया, तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनके समाधान को लेकर भी आवश्यक चर्चा की गई। वक्ताओं ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती, जनसेवा और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मंडल महामंत्री महेंद्र पाटीदार और विरमल परमार, कांतिलाल पाटीदार, मंडल उपाध्यक्ष छतरसिंह चारण, हीराभगत और वल्लभ पाटीदार, मंडल मंत्री हीरालाल खराड़ी, मंडल सह प्रभारी बाहुदर पाटीदार, वरिष्ठ नेता प्रेमनाथ पाटीदार, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनसुख पाटीदार, कन्यालाल अहारी, शंकरलाल कलाल, धुलेश्वर पाटीदार, वीरेन्द्र अहारी सहित मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी के देव सोमनाथ मंडल की एक आवश्यक मासिक बैठक डूंगरपुर के देव सोमनाथ मंदिर परिसर में संपन्न हुई। मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जिला उपाध्यक्ष धनेश्वर अहारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करना था। इसके अतिरिक्त, संगठन के विस्तार, बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने और विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को सुना गया, तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनके समाधान को लेकर भी आवश्यक चर्चा की गई। वक्ताओं ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती, जनसेवा और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मंडल महामंत्री महेंद्र पाटीदार और विरमल परमार, कांतिलाल पाटीदार, मंडल उपाध्यक्ष छतरसिंह चारण, हीराभगत और वल्लभ पाटीदार, मंडल मंत्री हीरालाल खराड़ी, मंडल सह प्रभारी बाहुदर पाटीदार, वरिष्ठ नेता प्रेमनाथ पाटीदार, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनसुख पाटीदार, कन्यालाल अहारी, शंकरलाल कलाल, धुलेश्वर पाटीदार, वीरेन्द्र अहारी सहित मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर बांसवाड़ा जिले में चलाए जा रहे विशेष 'एरिया डॉमिनेशन' अभियान के तहत कुशलगढ़ थाना पुलिस ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर बड़ी कार्रवाई की है। रविवार सुबह 10 बजे कुशलगढ़ पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित कर क्षेत्र के 38 स्थानों पर एक साथ ताबड़तोड़ दबिश दी, जिसमें कुल 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई। इस अभियान के दौरान, प्राणघातक हमले के मामले में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू की गई। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में करीब 500 लीटर महुआ वॉश और 10 शराब बनाने की भट्टियों को नष्ट किया गया। पुलिस ने 11 एनडीपीएस एक्ट मामलों और 3 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की भी सघन जांच की। इसके अतिरिक्त, जमीन संबंधी विवादों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 89 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान गिरफ्तार सभी 92 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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    पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर बांसवाड़ा जिले में चलाए जा रहे विशेष 'एरिया डॉमिनेशन' अभियान के तहत कुशलगढ़ थाना पुलिस ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर बड़ी कार्रवाई की है। रविवार सुबह 10 बजे कुशलगढ़ पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित कर क्षेत्र के 38 स्थानों पर एक साथ ताबड़तोड़ दबिश दी, जिसमें कुल 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई।

इस अभियान के दौरान, प्राणघातक हमले के मामले में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू की गई। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में करीब 500 लीटर महुआ वॉश और 10 शराब बनाने की भट्टियों को नष्ट किया गया। पुलिस ने 11 एनडीपीएस एक्ट मामलों और 3 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की भी सघन जांच की। इसके अतिरिक्त, जमीन संबंधी विवादों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 89 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान गिरफ्तार सभी 92 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में उज्जैन रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, चार जिलों के कुल 117 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त लगभग 22 क्विंटल 45 किलो 915 ग्राम मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। इन जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ 80 लाख आंकी गई है। उज्जैन पुलिस ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 39 प्रकरणों में जब्त 3 क्विंटल 66 किलो 988 ग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक नष्ट कराया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य प्रकरण में जब्त 902 ग्राम अफीम को नियमानुसार अधिकृत भंडारण केंद्र में जमा करवाया गया। ड्रग विनष्टीकरण समिति ने शुक्रवार को 112 प्रकरणों से जुड़े 2245.915 किलोग्राम मादक पदार्थों को नीमच जिले के खोर-नयागांव स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री की उच्च तापमान वाली भट्टी में पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरी तरह से नष्ट किया। वहीं, पांच गंभीर प्रकरणों में जब्त 3.967 किलोग्राम अफीम को सुरक्षित भंडारण के लिए नीमच स्थित अल्कालाइड फैक्ट्री में जमा कराया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक और ड्रग विनष्टीकरण समिति के अध्यक्ष नवनीत भसीन के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी एस.के. गुप्ता की उपस्थिति में विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई। उज्जैन पुलिस ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही, जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित कर समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय, परिवहन या भंडारण से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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    मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में उज्जैन रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, चार जिलों के कुल 117 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त लगभग 22 क्विंटल 45 किलो 915 ग्राम मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। इन जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ 80 लाख आंकी गई है।

उज्जैन पुलिस ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 39 प्रकरणों में जब्त 3 क्विंटल 66 किलो 988 ग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक नष्ट कराया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य प्रकरण में जब्त 902 ग्राम अफीम को नियमानुसार अधिकृत भंडारण केंद्र में जमा करवाया गया। ड्रग विनष्टीकरण समिति ने शुक्रवार को 112 प्रकरणों से जुड़े 2245.915 किलोग्राम मादक पदार्थों को नीमच जिले के खोर-नयागांव स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री की उच्च तापमान वाली भट्टी में पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरी तरह से नष्ट किया। वहीं, पांच गंभीर प्रकरणों में जब्त 3.967 किलोग्राम अफीम को सुरक्षित भंडारण के लिए नीमच स्थित अल्कालाइड फैक्ट्री में जमा कराया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक और ड्रग विनष्टीकरण समिति के अध्यक्ष नवनीत भसीन के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक अधिकारी एस.के. गुप्ता की उपस्थिति में विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई।

उज्जैन पुलिस ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही, जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित कर समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय, परिवहन या भंडारण से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
    user_Padmavat Media
    Padmavat Media
    Newspaper publisher सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जामनगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में आज मौसम बदलने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग ने यह भी बताया है कि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएं चलने की भी उम्मीद है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और मौसम विभाग द्वारा जारी नवीनतम जानकारियों पर लगातार नज़र रखें।
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    भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जामनगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में आज मौसम बदलने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग ने यह भी बताया है कि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएं चलने की भी उम्मीद है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और मौसम विभाग द्वारा जारी नवीनतम जानकारियों पर लगातार नज़र रखें।
    user_Mahendra Patel
    Mahendra Patel
    Aboriginal and Torres Strait Islander organisation गंगाड़तलाई, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • धंबोला ग्राम पंचायत में तहसील कार्यालय के पास स्थित पुराने सरकारी क्वार्टर्स आज सरकारी उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में बदल चुके हैं। वर्ष 1979-80 में तहसील कर्मचारियों के आवास के लिए बने ये भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे न केवल सरकारी जमीन बेकार पड़ी है बल्कि आमजन के लिए खतरा भी पैदा हो गया है। दशकों से खाली पड़े इन भवनों की टूटी दीवारें, बिखरा मलबा और उगी झाड़ियाँ इनकी बदहाली की गवाही दे रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1993 तक अधिकांश क्वार्टर्स रहने लायक नहीं बचे थे, और कुछ वर्ष पहले इन्हीं खंडहरों में से एक भवन से मानव कंकाल मिलने की घटना भी सामने आई थी। इस घटना के बाद से यह परिसर लोगों में भय का कारण बन गया है और सुनसान पड़े इन भवनों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। इन खंडहर हो चुके क्वार्टर्स के पास अक्षर एकेडमी सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, वागड़ सेंट्रल पब्लिक स्कूल और ब्राइट डे स्कूल जैसे कई विद्यालय संचालित हैं, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ प्रतिदिन आते-जाते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है क्योंकि जर्जर दीवारें कभी भी ढह सकती हैं। वे प्रशासन से अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय इन खंडहरों को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन खंडहरों को हटाकर यहाँ डीएसपी कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थापित किए जाएँ। उनका तर्क है कि इसी परिसर में पहले से ही तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, न्यायालय कार्यालय और जलदाय विभाग कार्यालय के साथ विद्युत विभाग का एक्सईएन कार्यालय संचालित है। यदि अन्य विभाग भी इसी स्थान पर स्थापित हो जाएँ, तो आमजन को विभिन्न स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा और सभी प्रशासनिक सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी यह सरकारी भूमि जनहित में उपयोग की प्रतीक्षा कर रही है, और यहाँ आधुनिक प्रशासनिक संकुल विकसित होने से धंबोला-सिमलवाड़ा क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिल सकती है, साथ ही बेकार पड़ी भूमि का भी सार्थक उपयोग होगा।
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    धंबोला ग्राम पंचायत में तहसील कार्यालय के पास स्थित पुराने सरकारी क्वार्टर्स आज सरकारी उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में बदल चुके हैं। वर्ष 1979-80 में तहसील कर्मचारियों के आवास के लिए बने ये भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे न केवल सरकारी जमीन बेकार पड़ी है बल्कि आमजन के लिए खतरा भी पैदा हो गया है।

दशकों से खाली पड़े इन भवनों की टूटी दीवारें, बिखरा मलबा और उगी झाड़ियाँ इनकी बदहाली की गवाही दे रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1993 तक अधिकांश क्वार्टर्स रहने लायक नहीं बचे थे, और कुछ वर्ष पहले इन्हीं खंडहरों में से एक भवन से मानव कंकाल मिलने की घटना भी सामने आई थी। इस घटना के बाद से यह परिसर लोगों में भय का कारण बन गया है और सुनसान पड़े इन भवनों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। इन खंडहर हो चुके क्वार्टर्स के पास अक्षर एकेडमी सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, वागड़ सेंट्रल पब्लिक स्कूल और ब्राइट डे स्कूल जैसे कई विद्यालय संचालित हैं, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ प्रतिदिन आते-जाते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है क्योंकि जर्जर दीवारें कभी भी ढह सकती हैं। वे प्रशासन से अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय इन खंडहरों को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन खंडहरों को हटाकर यहाँ डीएसपी कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थापित किए जाएँ। उनका तर्क है कि इसी परिसर में पहले से ही तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, न्यायालय कार्यालय और जलदाय विभाग कार्यालय के साथ विद्युत विभाग का एक्सईएन कार्यालय संचालित है।

यदि अन्य विभाग भी इसी स्थान पर स्थापित हो जाएँ, तो आमजन को विभिन्न स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा और सभी प्रशासनिक सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी यह सरकारी भूमि जनहित में उपयोग की प्रतीक्षा कर रही है, और यहाँ आधुनिक प्रशासनिक संकुल विकसित होने से धंबोला-सिमलवाड़ा क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिल सकती है, साथ ही बेकार पड़ी भूमि का भी सार्थक उपयोग होगा।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • शनिवार को आस्था, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में कुशलगढ़ से 61 श्रद्धालुओं का एक दल पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा पर निकलने से पहले सभी तीर्थयात्री नगर के प्रसिद्ध गणपति मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख, समृद्धि, खुशहाली तथा अमन-चैन के लिए मंगल कामना की। इस अवसर पर पंडित हेमेंद्र पांडिया और कमलेश टेलर ने श्रद्धालुओं से सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करवाया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूँज उठा। तीर्थयात्रियों की विदाई के समय गणपति मंदिर परिसर में सैकड़ों परिजन, मित्र और नगरवासी उपस्थित रहे। ढोल-नगाड़ों और "बम-बम भोले" व "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं को पुष्पमालाएँ पहनाकर और तिलक लगाकर भावभीनी विदाई दी गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर शिवमय और भक्तिमय हो गया। शिवाजी मंच के संरक्षक कैलाश राव ने यात्रियों का स्वागत करते हुए तीर्थ यात्राओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने बाबा अमरनाथ की यात्रा को श्रद्धा, विश्वास और आत्मिक ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा के सुखमय, आनंदमय और मंगलमय होने की कामना की, साथ ही बाबा बर्फानी का आशीर्वाद पूरे क्षेत्र और देश पर बना रहने की प्रार्थना की। यात्रा संयोजक एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी ने इस 18 दिवसीय पवित्र अमरनाथ यात्रा को केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का महापर्व कहा। उन्होंने नगरवासियों के प्रेम और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए बाबा बर्फानी से पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। यात्रा के अनुमानित कार्यक्रम के अनुसार, श्रद्धालुओं का यह जत्था कुशलगढ़ से रवाना होकर विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों से होते हुए पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन करेगा। इस दौरान यात्रा दल जम्मू, कटरा, श्रीनगर, पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी और पवित्र अमरनाथ गुफा पहुँचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा, तथा वापसी में भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए अपने नगर लौटेगा। विदाई के क्षणों में अपार जनसमूह उमड़ पड़ा, जहाँ परिजनों ने नम आँखों और श्रद्धा से भरे मन से अपने प्रियजनों को विदा किया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जयघोष और ढोल-धमाकों के बीच सभी 61 श्रद्धालुओं को बस में बैठाकर अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों ने पत्रकार सुनील शर्मा और ममता शर्मा का माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें यात्रा की बधाई दी। नगरवासियों ने सभी यात्रियों की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा तथा उनके सकुशल लौटने के लिए बाबा बर्फानी से प्रार्थना की।
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    शनिवार को आस्था, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में कुशलगढ़ से 61 श्रद्धालुओं का एक दल पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा पर निकलने से पहले सभी तीर्थयात्री नगर के प्रसिद्ध गणपति मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख, समृद्धि, खुशहाली तथा अमन-चैन के लिए मंगल कामना की। इस अवसर पर पंडित हेमेंद्र पांडिया और कमलेश टेलर ने श्रद्धालुओं से सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करवाया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूँज उठा।

तीर्थयात्रियों की विदाई के समय गणपति मंदिर परिसर में सैकड़ों परिजन, मित्र और नगरवासी उपस्थित रहे। ढोल-नगाड़ों और "बम-बम भोले" व "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं को पुष्पमालाएँ पहनाकर और तिलक लगाकर भावभीनी विदाई दी गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर शिवमय और भक्तिमय हो गया। शिवाजी मंच के संरक्षक कैलाश राव ने यात्रियों का स्वागत करते हुए तीर्थ यात्राओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने बाबा अमरनाथ की यात्रा को श्रद्धा, विश्वास और आत्मिक ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा के सुखमय, आनंदमय और मंगलमय होने की कामना की, साथ ही बाबा बर्फानी का आशीर्वाद पूरे क्षेत्र और देश पर बना रहने की प्रार्थना की। यात्रा संयोजक एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी ने इस 18 दिवसीय पवित्र अमरनाथ यात्रा को केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का महापर्व कहा। उन्होंने नगरवासियों के प्रेम और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए बाबा बर्फानी से पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

यात्रा के अनुमानित कार्यक्रम के अनुसार, श्रद्धालुओं का यह जत्था कुशलगढ़ से रवाना होकर विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों से होते हुए पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन करेगा। इस दौरान यात्रा दल जम्मू, कटरा, श्रीनगर, पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी और पवित्र अमरनाथ गुफा पहुँचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा, तथा वापसी में भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए अपने नगर लौटेगा। विदाई के क्षणों में अपार जनसमूह उमड़ पड़ा, जहाँ परिजनों ने नम आँखों और श्रद्धा से भरे मन से अपने प्रियजनों को विदा किया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जयघोष और ढोल-धमाकों के बीच सभी 61 श्रद्धालुओं को बस में बैठाकर अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों ने पत्रकार सुनील शर्मा और ममता शर्मा का माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें यात्रा की बधाई दी। नगरवासियों ने सभी यात्रियों की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा तथा उनके सकुशल लौटने के लिए बाबा बर्फानी से प्रार्थना की।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • सलूम्बर में आयोजित रोजगार उत्सव के तहत 342 नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र और वेलकम किट प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बालोतरा जिले के पचपदरा से ₹1 लाख 5 हजार करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिससे प्रदेश के सभी जिले वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इसी अवसर पर सलूम्बर में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया, और मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के अंतर्गत विभिन्न विभागों में चयनित 342 नव नियुक्त युवाओं को मुख्यमंत्री का बधाई संदेश, वेलकम किट एवं नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस मौके पर जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. ने सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए सरकारी सेवा को समाज और राष्ट्र की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने सभी कार्मिकों से ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया, और विश्वास जताया कि ये युवा विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में योगदान देंगे। इन 342 अभ्यर्थियों में प्रशासनिक सुधार विभाग के 306, माध्यमिक शिक्षा विभाग के 21, अजमेर विद्युत वितरण निगम के 6, कृषि विभाग के 3, गृह विभाग (कांस्टेबल) के 2, तथा कॉलेज शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के 1-1 अभ्यर्थी शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में सलूम्बर विधायक ने सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई दी, जबकि अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सपेला ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी जगदीश चंद्र बामनिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश चंद्र पाटीदार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के उप निदेशक दीपक धाकड़, जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नीरज भास्कर सहित भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू भाई मईड़ा, विधायक शांता देवी मीणा, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी, जिला मंत्री करण सिंह, भूरा भाई पटेल, मंडल अध्यक्ष नाहर सिंह राठौड़, विजेश भलवाड़ा, अमरा भाई पटेल, उप प्रधान देवेंद्र सिंह, नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष प्रभु लाल जैन, पंचायत समिति नेता प्रतिपक्ष सोहनलाल चौधरी, पूर्व चेयरमैन भगवतीलाल सेवक, पूर्व पार्षद संजय चाष्टा, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, नव नियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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    सलूम्बर में आयोजित रोजगार उत्सव के तहत 342 नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र और वेलकम किट प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बालोतरा जिले के पचपदरा से ₹1 लाख 5 हजार करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिससे प्रदेश के सभी जिले वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

इसी अवसर पर सलूम्बर में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया, और मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के अंतर्गत विभिन्न विभागों में चयनित 342 नव नियुक्त युवाओं को मुख्यमंत्री का बधाई संदेश, वेलकम किट एवं नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

इस मौके पर जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. ने सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए सरकारी सेवा को समाज और राष्ट्र की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने सभी कार्मिकों से ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया, और विश्वास जताया कि ये युवा विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में योगदान देंगे। इन 342 अभ्यर्थियों में प्रशासनिक सुधार विभाग के 306, माध्यमिक शिक्षा विभाग के 21, अजमेर विद्युत वितरण निगम के 6, कृषि विभाग के 3, गृह विभाग (कांस्टेबल) के 2, तथा कॉलेज शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के 1-1 अभ्यर्थी शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में सलूम्बर विधायक ने सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई दी, जबकि अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सपेला ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी जगदीश चंद्र बामनिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश चंद्र पाटीदार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के उप निदेशक दीपक धाकड़, जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नीरज भास्कर सहित भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू भाई मईड़ा, विधायक शांता देवी मीणा, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी, जिला मंत्री करण सिंह, भूरा भाई पटेल, मंडल अध्यक्ष नाहर सिंह राठौड़, विजेश भलवाड़ा, अमरा भाई पटेल, उप प्रधान देवेंद्र सिंह, नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष प्रभु लाल जैन, पंचायत समिति नेता प्रतिपक्ष सोहनलाल चौधरी, पूर्व चेयरमैन भगवतीलाल सेवक, पूर्व पार्षद संजय चाष्टा, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, नव नियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
    user_Padmavat Media
    Padmavat Media
    Newspaper publisher सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के पूंजपुर मार्ग पर एक ऑटो के अनियंत्रित होकर पलट जाने से उसमें सवार दो बच्चों सहित कुल सात लोग घायल हो गए। हादसे के बाद सभी घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना दोवड़ा थाना क्षेत्र के लापिया के पास पूंजपुर रोड पर उस समय हुई, जब चुंडीयावाड़ा गांव निवासी हितेंद्र सिंह राठौड़ अपने परिवार के साथ चुंडीयावाड़ा से गडा सियालिया स्थित अपने रिश्तेदारों से मिलकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। इस दौरान ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी बाड़ से टकराकर पलट गया। घायलों में हितेंद्र सिंह राठौड़, उनकी माता देवू कुंवर, बेटियां झलक और सेजल सहित कुल सात लोग शामिल हैं, जिनमें से तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों का इलाज डूंगरपुर जिला अस्पताल में चल रहा है।
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    डूंगरपुर जिले के पूंजपुर मार्ग पर एक ऑटो के अनियंत्रित होकर पलट जाने से उसमें सवार दो बच्चों सहित कुल सात लोग घायल हो गए। हादसे के बाद सभी घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह घटना दोवड़ा थाना क्षेत्र के लापिया के पास पूंजपुर रोड पर उस समय हुई, जब चुंडीयावाड़ा गांव निवासी हितेंद्र सिंह राठौड़ अपने परिवार के साथ चुंडीयावाड़ा से गडा सियालिया स्थित अपने रिश्तेदारों से मिलकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। इस दौरान ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी बाड़ से टकराकर पलट गया। घायलों में हितेंद्र सिंह राठौड़, उनकी माता देवू कुंवर, बेटियां झलक और सेजल सहित कुल सात लोग शामिल हैं, जिनमें से तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों का इलाज डूंगरपुर जिला अस्पताल में चल रहा है।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    20 min ago
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