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एनालाग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया

9 hrs ago
user_Neeraj Singh Raghuvanshi
Neeraj Singh Raghuvanshi
बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago
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एनालाग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया

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  • एनालाग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया
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    एनालाग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अनूपपुर में 22 हजार करोड़ का पावर प्रोजेक्ट, उमरिया की नजर रोजगार और कारोबार के अवसरों पर अनूपपुर में 22 हजार करोड़ का पावर प्रोजेक्ट, उमरिया की नजर रोजगार और कारोबार के अवसरों पर 1600 मेगावाट की परियोजना से 7 हजार रोजगार के अवसर, विंध्य क्षेत्र में बड़े निवेश से उमरिया को भी अप्रत्यक्ष लाभ की उम्मीद उमरिया। पड़ोसी जिले अनूपपुर में 22 हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश से प्रस्तावित 1600 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना ने पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बढ़ाई है। परियोजना से करीब 7 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। बड़े निवेश का असर अनूपपुर के साथ आसपास के जिलों के परिवहन, निर्माण सामग्री, छोटे कारोबार और सेवा क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को गुजरात के अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप एवं टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में चल रही और प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि टोरेंट ग्रुप द्वारा प्रदेश में संचालित एवं विकासाधीन विभिन्न परियोजनाओं में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से 15 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की बात कही गई है। अनूपपुर परियोजना पर काम आगे बढ़ा अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना के लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना को राज्य की दीर्घकालिक विद्युत आपूर्ति और बेसलोड क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) निष्पादित किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण होने के साथ एलएंडटी और टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों को कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना स्थल पर प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां जारी हैं। उमरिया के लिए क्या मायने? अनूपपुर में होने वाला यह बड़ा निवेश उमरिया में सीधे तौर पर किसी परियोजना या रोजगार की घोषणा नहीं है। हालांकि, क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों का असर आसपास के जिलों के कारोबार और सेवा क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। परिवहन, निर्माण सामग्री की आपूर्ति, मशीनरी से जुड़े कार्य, होटल-ढाबे, किराये के आवास और अन्य स्थानीय सेवाओं में अप्रत्यक्ष अवसर पैदा हो सकते हैं। उमरिया की भौगोलिक निकटता को देखते हुए स्थानीय व्यापार और रोजगार क्षेत्र की नजर भी इस बड़े निवेश पर रहेगी। हालांकि उमरिया में प्रत्यक्ष निवेश या रोजगार को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। प्रदेश में अन्य ऊर्जा परियोजनाएं भी विकासाधीन टोरेंट ग्रुप द्वारा छिंदवाड़ा में 1500 मेगावाट की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर भी काम किया जा रहा है। इसमें 7500 करोड़ रुपये के निवेश और करीब 4 हजार रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। रतलाम एवं उज्जैन में 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं विकासाधीन हैं, जबकि मंदसौर में 36 मेगावाट की पवन ऊर्जा इकाई संचालित है। इसके अलावा 800 मेगावाट क्षमता की एक अन्य अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना पर भी काम किया जा रहा है। इसमें करीब 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 3500 रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भविष्य की विद्युत जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार की प्रस्तावित 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता की DBFOO निविदा प्रक्रिया में टोरेंट पावर को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
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    अनूपपुर में 22 हजार करोड़ का पावर प्रोजेक्ट, उमरिया की नजर रोजगार और कारोबार के अवसरों पर
अनूपपुर में 22 हजार करोड़ का पावर प्रोजेक्ट, उमरिया की नजर रोजगार और कारोबार के अवसरों पर
1600 मेगावाट की परियोजना से 7 हजार रोजगार के अवसर, विंध्य क्षेत्र में बड़े निवेश से उमरिया को भी अप्रत्यक्ष लाभ की उम्मीद
उमरिया। पड़ोसी जिले अनूपपुर में 22 हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश से प्रस्तावित 1600 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना ने पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बढ़ाई है। परियोजना से करीब 7 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। बड़े निवेश का असर अनूपपुर के साथ आसपास के जिलों के परिवहन, निर्माण सामग्री, छोटे कारोबार और सेवा क्षेत्र पर भी पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को गुजरात के अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप एवं टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में चल रही और प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि टोरेंट ग्रुप द्वारा प्रदेश में संचालित एवं विकासाधीन विभिन्न परियोजनाओं में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से 15 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की बात कही गई है।
अनूपपुर परियोजना पर काम आगे बढ़ा
अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना के लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना को राज्य की दीर्घकालिक विद्युत आपूर्ति और बेसलोड क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) निष्पादित किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण होने के साथ एलएंडटी और टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों को कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना स्थल पर प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां जारी हैं।
उमरिया के लिए क्या मायने?
अनूपपुर में होने वाला यह बड़ा निवेश उमरिया में सीधे तौर पर किसी परियोजना या रोजगार की घोषणा नहीं है। हालांकि, क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों का असर आसपास के जिलों के कारोबार और सेवा क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। परिवहन, निर्माण सामग्री की आपूर्ति, मशीनरी से जुड़े कार्य, होटल-ढाबे, किराये के आवास और अन्य स्थानीय सेवाओं में अप्रत्यक्ष अवसर पैदा हो सकते हैं।
उमरिया की भौगोलिक निकटता को देखते हुए स्थानीय व्यापार और रोजगार क्षेत्र की नजर भी इस बड़े निवेश पर रहेगी। हालांकि उमरिया में प्रत्यक्ष निवेश या रोजगार को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रदेश में अन्य ऊर्जा परियोजनाएं भी विकासाधीन
टोरेंट ग्रुप द्वारा छिंदवाड़ा में 1500 मेगावाट की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर भी काम किया जा रहा है। इसमें 7500 करोड़ रुपये के निवेश और करीब 4 हजार रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। रतलाम एवं उज्जैन में 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं विकासाधीन हैं, जबकि मंदसौर में 36 मेगावाट की पवन ऊर्जा इकाई संचालित है।
इसके अलावा 800 मेगावाट क्षमता की एक अन्य अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना पर भी काम किया जा रहा है। इसमें करीब 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 3500 रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भविष्य की विद्युत जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार की प्रस्तावित 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता की DBFOO निविदा प्रक्रिया में टोरेंट पावर को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • _विश्व हाथी दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन,प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित_ विश्व हाथी दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन,प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित उमरिया । विश्व हाथी दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों को हाथियों से जोड़ने और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए यह खास संवाद हुआ।क्षेत्र संचालक डॉ अनुपम सहाय ने बच्चों के साथ ‘हाथी भैया,थैंक यू’ कहानी साझा करते हुए बताया कि हाथी जंगल के केवल विशालकाय जीव ही नहीं,बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण कड़ी हैं।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश भोपाल डॉ.समीता राजोरा के मार्गदर्शन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर तीन दिनों तक लगातार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।बुधवार 12 अगस्त को इको सेंटर ताला में मुख्य कार्यक्रम उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में ‘फीड द जायंट्स’ गतिविधि के दौरान कैंप हाथी सूर्या और रामा बच्चों और अतिथियों के आकर्षण का केंद्र रहे।महावतों की देखरेख में विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने दोनों हाथियों को फल और गन्ना खिलाया।हाथियों को करीब से देखने और उनके साथ मित्रवत जुड़ने का यह अनुभव बच्चों के लिए खास रहा।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।स्वागत उद्बोधन में विश्व हाथी दिवस के महत्व,हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा पर प्रकाश डाला गया।बच्चों को बताया गया कि हाथी जंगल के पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उनकी आवाजाही से बीजों का प्रसार होता है और जंगल में कई दूसरे वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।यही वजह है कि हाथियों को जंगल का ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ भी कहा जाता है।इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए हाथी संरक्षण विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई और हाथी संरक्षण पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया।वहीं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी 9 परिक्षेत्रों में आयोजित चित्रकला,निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान कर सम्मानित किया गया।बच्चों को हाथियों के संरक्षण से जोड़ने के लिए आयोजित संवाद में क्षेत्र संचालक श्री सहाय ने बताया कि जंगल में हाथियों का झुंड दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों के लिए किस तरह मददगार होता है।बच्चों ने भी इस गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया और हाथियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की।शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल ताला के प्राचार्य श्री नागेन्द्र तिवारी ने अपने संबोधन में हाथियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा तथा मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए स्थानीय समुदाय एवं सभी हितधारकों की सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया।कार्यक्रम का संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी महावीर पांडे ने किया,जबकि आयोजन की योजना एवं व्यवस्थाओं में वन परिक्षेत्र अधिकारी ताला श्री राहुल किरार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम में बांधवगढ़ के सहायक संचालक,परिक्षेत्र अधिकारी,ईडीसी एवं स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि,वनकर्मी,गाइड,महावत,एनजीओ प्रतिनिधि, विद्यार्थी,शिक्षक और स्थानीय समुदाय के सदस्य मौजूद रहे।समापन अवसर पर सभी अतिथियों, अधिकारियों,विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया।विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में आयोजित यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा,बल्कि बच्चों के मन में हाथियों के प्रति प्रेम और जंगल के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाने का माध्यम बना।सूर्या और रामा की मौजूदगी और ‘हाथी भैया, थैंक यू’ की कहानी ने बच्चों को यह संदेश दिया कि जंगल की इस विशाल विरासत को बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।_
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    _विश्व हाथी दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन,प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित_
विश्व हाथी दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन,प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित
उमरिया । विश्व हाथी दिवस  के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों को हाथियों से जोड़ने और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए यह खास संवाद हुआ।क्षेत्र संचालक डॉ अनुपम सहाय ने बच्चों के साथ ‘हाथी भैया,थैंक यू’ कहानी साझा करते हुए बताया कि हाथी जंगल के केवल विशालकाय जीव ही नहीं,बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण कड़ी हैं।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश भोपाल डॉ.समीता राजोरा के मार्गदर्शन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर तीन दिनों तक लगातार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।बुधवार 12 अगस्त को इको सेंटर ताला में मुख्य कार्यक्रम उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में ‘फीड द जायंट्स’ गतिविधि के दौरान कैंप हाथी सूर्या और रामा बच्चों और अतिथियों के आकर्षण का केंद्र रहे।महावतों की देखरेख में विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने दोनों हाथियों को फल और गन्ना खिलाया।हाथियों को करीब से देखने और उनके साथ मित्रवत जुड़ने का यह अनुभव बच्चों के लिए खास रहा।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।स्वागत उद्बोधन में विश्व हाथी दिवस के महत्व,हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा पर प्रकाश डाला गया।बच्चों को बताया गया कि हाथी जंगल के पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उनकी आवाजाही से बीजों का प्रसार होता है और जंगल में कई दूसरे वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।यही वजह है कि हाथियों को जंगल का ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ भी कहा जाता है।इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए हाथी संरक्षण विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई और हाथी संरक्षण पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया।वहीं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी 9 परिक्षेत्रों में आयोजित चित्रकला,निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान कर सम्मानित किया गया।बच्चों को हाथियों के संरक्षण से जोड़ने के लिए आयोजित संवाद में क्षेत्र संचालक श्री सहाय ने बताया कि जंगल में हाथियों का झुंड दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों के लिए किस तरह मददगार होता है।बच्चों ने भी इस गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया और हाथियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की।शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल ताला के प्राचार्य श्री नागेन्द्र तिवारी ने अपने संबोधन में हाथियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा तथा मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए स्थानीय समुदाय एवं सभी हितधारकों की सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया।कार्यक्रम का संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी महावीर पांडे ने किया,जबकि आयोजन की योजना एवं व्यवस्थाओं में वन परिक्षेत्र अधिकारी ताला श्री राहुल किरार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम में बांधवगढ़ के सहायक संचालक,परिक्षेत्र अधिकारी,ईडीसी एवं स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि,वनकर्मी,गाइड,महावत,एनजीओ प्रतिनिधि, विद्यार्थी,शिक्षक और स्थानीय समुदाय के सदस्य मौजूद रहे।समापन अवसर पर सभी अतिथियों, अधिकारियों,विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया।विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में आयोजित यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा,बल्कि बच्चों के मन में हाथियों के प्रति प्रेम और जंगल के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाने का माध्यम बना।सूर्या और रामा की मौजूदगी और ‘हाथी भैया, थैंक यू’ की कहानी ने बच्चों को यह संदेश दिया कि जंगल की इस विशाल विरासत को बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।_
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    12 hrs ago
  • विकास की रफ्तार निवेश का भरोसा मुख्यमंत्री डॉ मनमोहन यादव जी माननीय मुख्यमंत्री द्वारा एक वीडियो के माध्यम से यह संदेश प्रेषित किया गया कि विकास की रफ्तार निवेश का भरोसा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा l
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    विकास की रफ्तार निवेश का भरोसा मुख्यमंत्री डॉ मनमोहन यादव जी
माननीय मुख्यमंत्री द्वारा एक वीडियो के माध्यम से यह संदेश प्रेषित किया गया कि विकास की रफ्तार निवेश का भरोसा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा l
    user_मुकेश कुमार दुबे
    मुकेश कुमार दुबे
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में तीन दिवसीय आयोजन, प्रश्नोत्तरी व विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित 💥 फल और गन्ना खिलाकर बच्चों ने कहा—‘हाथी भैया, थैंक यू’ 💥 विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में तीन दिवसीय आयोजन, प्रश्नोत्तरी व विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया बांधवगढ़। “हाथी भैया, थैंक यू...” बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के इको सेंटर ताला में बुधवार को यह भावपूर्ण संवाद बच्चों के बीच गूंजा तो उनके चेहरों पर हाथियों के प्रति उत्सुकता और अपनापन साफ दिखाई दिया। विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों को हाथियों के संरक्षण से जोड़ने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश भोपाल डॉ. समिता राजोरा के मार्गदर्शन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिनों तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बुधवार 12 अगस्त को इको सेंटर ताला में मुख्य कार्यक्रम उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ‘फीड द जायंट्स’ गतिविधि के दौरान कैंप हाथी सूर्या और रामा बच्चों और अतिथियों के आकर्षण का केंद्र रहे। महावतों की देखरेख में विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने दोनों हाथियों को फल और गन्ना खिलाया। हाथियों को इतने करीब से देखने और उनके साथ मित्रवत जुड़ने का अनुभव बच्चों के लिए बेहद खास रहा। 🐘 ‘हाथी भैया, थैंक यू’ ने जीता बच्चों का दिल क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बच्चों के साथ ‘हाथी भैया, थैंक यू’ कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि हाथी केवल जंगल का विशालकाय वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है। हाथियों की आवाजाही से बीजों का प्रसार होता है और जंगल में अन्य वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। इसी कारण हाथियों को ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ भी कहा जाता है। उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि जंगल में हाथियों का झुंड दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों के लिए किस तरह सहायक होता है। बच्चों ने संवाद और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हाथियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। 🏆 प्रश्नोत्तरी और प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यार्थियों के लिए हाथी संरक्षण विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ ही हाथी संरक्षण पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी 9 परिक्षेत्रों में आयोजित चित्रकला, निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल ताला के प्राचार्य श्री नागेन्द्र तिवारी ने कहा कि हाथियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए स्थानीय समुदाय सहित सभी हितधारकों की सामूहिक सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी महावीर पांडे ने किया। आयोजन की योजना एवं व्यवस्थाओं में वन परिक्षेत्र अधिकारी ताला श्री राहुल किरार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बांधवगढ़ के सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी, ईडीसी एवं स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि, वनकर्मी, गाइड, महावत, एनजीओ प्रतिनिधि, विद्यार्थी, शिक्षक तथा स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी अतिथियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया। 🌳 बच्चों के मन में बोया संरक्षण का बीज विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में आयोजित यह आयोजन महज एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि बच्चों के मन में हाथियों के प्रति प्रेम और जंगल के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाने का माध्यम बना। सूर्या और रामा की मौजूदगी तथा ‘हाथी भैया, थैंक यू’ की कहानी ने बच्चों को यह संदेश दिया कि जंगल की इस विशाल प्राकृतिक विरासत को बचाना केवल वन विभाग ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
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    विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में तीन दिवसीय आयोजन, प्रश्नोत्तरी व विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित

💥 फल और गन्ना खिलाकर बच्चों ने कहा—‘हाथी भैया, थैंक यू’
💥 विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में तीन दिवसीय आयोजन, प्रश्नोत्तरी व विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित
आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया
बांधवगढ़। “हाथी भैया, थैंक यू...” बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के इको सेंटर ताला में बुधवार को यह भावपूर्ण संवाद बच्चों के बीच गूंजा तो उनके चेहरों पर हाथियों के प्रति उत्सुकता और अपनापन साफ दिखाई दिया। विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों को हाथियों के संरक्षण से जोड़ने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश भोपाल डॉ. समिता राजोरा के मार्गदर्शन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिनों तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बुधवार 12 अगस्त को इको सेंटर ताला में मुख्य कार्यक्रम उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में ‘फीड द जायंट्स’ गतिविधि के दौरान कैंप हाथी सूर्या और रामा बच्चों और अतिथियों के आकर्षण का केंद्र रहे। महावतों की देखरेख में विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने दोनों हाथियों को फल और गन्ना खिलाया। हाथियों को इतने करीब से देखने और उनके साथ मित्रवत जुड़ने का अनुभव बच्चों के लिए बेहद खास रहा।
🐘 ‘हाथी भैया, थैंक यू’ ने जीता बच्चों का दिल
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बच्चों के साथ ‘हाथी भैया, थैंक यू’ कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि हाथी केवल जंगल का विशालकाय वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है। हाथियों की आवाजाही से बीजों का प्रसार होता है और जंगल में अन्य वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। इसी कारण हाथियों को ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ भी कहा जाता है।
उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि जंगल में हाथियों का झुंड दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों के लिए किस तरह सहायक होता है। बच्चों ने संवाद और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हाथियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की।
🏆 प्रश्नोत्तरी और प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यार्थियों के लिए हाथी संरक्षण विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ ही हाथी संरक्षण पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी 9 परिक्षेत्रों में आयोजित चित्रकला, निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल ताला के प्राचार्य श्री नागेन्द्र तिवारी ने कहा कि हाथियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए स्थानीय समुदाय सहित सभी हितधारकों की सामूहिक सहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी महावीर पांडे ने किया। आयोजन की योजना एवं व्यवस्थाओं में वन परिक्षेत्र अधिकारी ताला श्री राहुल किरार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में बांधवगढ़ के सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी, ईडीसी एवं स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि, वनकर्मी, गाइड, महावत, एनजीओ प्रतिनिधि, विद्यार्थी, शिक्षक तथा स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी अतिथियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया।
🌳 बच्चों के मन में बोया संरक्षण का बीज
विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में आयोजित यह आयोजन महज एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि बच्चों के मन में हाथियों के प्रति प्रेम और जंगल के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाने का माध्यम बना। सूर्या और रामा की मौजूदगी तथा ‘हाथी भैया, थैंक यू’ की कहानी ने बच्चों को यह संदेश दिया कि जंगल की इस विशाल प्राकृतिक विरासत को बचाना केवल वन विभाग ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं सुधारे, साफ सफाई का रखें ध्यान:- कलेक्टर ... कलेक्टर ने ब्लड टेस्ट कक्ष पहुंचकर, मरीजो से दूरभाष पर ली जानकारी ... कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का किया निरीक्षण .... शहडोल 12 अगस्त 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं सुधारे एवं अस्पताल को स्वच्छ एवं सुंदर रखने हेतु नियमित रूप से साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, मेल एवं फीमेल मेडिकल तथा सर्जिकल वार्ड, स्टोर रूम आर्थोपेडिक वार्ड, व्यसन उपचार कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, एसएनसीयू, कंगारू केयर वार्ड, वर्ल्ड बैंक एवं पैथालॉजी सेंटर, डायलिसिस कक्ष, प्रायवेट वार्ड तथा नेत्र वार्ड का भी निरीक्षण कर मरीजो को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से मिलकर उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं एवं उपचार के संबंध में जानकारी ली। डायलिसिस कक्ष के निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में 70 मरीजों का पंजीयन है तथा सभी मरीजों के लिए टर्न निर्धारित हैं। प्रतिदिन 3 से 4 मरीजों की डायलिसिस की जाती है। आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जाती है, जबकि शेष मरीजों से 500 रुपये शुल्क लिया जाता है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन मरीजों की आभा आईडी नहीं बनी है, उनके लिए जिला चिकित्सालय में ही आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करते हैं, उनके आयुष्मान कार्ड भी जिला चिकित्सालय में ही बनाए जाएं, ताकि उन्हें चिकित्सा उपचार में आर्थिक भार न उठाना पड़े और वे शासन की आयुष्मान योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने ब्लड बैंक का निरीक्षण करते हुए ब्लड टेस्ट के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा अपने समक्ष ऑनलाइन दर्ज डाटा को खुलवाया एवं दूरभाष के माध्यम से मरीजों से ब्लड टेस्ट के संबंध में जानकारी प्राप्त की । कलेक्टर ने कहा कि मरीजो के जांच रिपोर्ट समय पर प्रदाय करें किसी की जांच रिपोर्ट को लंबित न रखें। कलेक्टर ने कहा कि जिला चिकित्सालय में और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रस्ताव तैयार कर मध्य प्रदेश शासन को भेजें एवं रोगी कल्याण समिति में उपलब्ध पैसे का स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में उपयोग करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, प्रबंधक पूजा सोनी, डीपीएम मनोज द्विवेदी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
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    जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं सुधारे, साफ सफाई का रखें ध्यान:- कलेक्टर 
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कलेक्टर ने ब्लड टेस्ट कक्ष पहुंचकर, मरीजो से दूरभाष पर ली जानकारी
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कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का किया निरीक्षण
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शहडोल 12 अगस्त 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं सुधारे एवं अस्पताल को स्वच्छ एवं सुंदर रखने हेतु नियमित रूप से साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। 
कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, मेल एवं फीमेल मेडिकल तथा सर्जिकल वार्ड, स्टोर रूम आर्थोपेडिक वार्ड, व्यसन उपचार कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, एसएनसीयू, कंगारू केयर वार्ड, वर्ल्ड बैंक एवं पैथालॉजी सेंटर, डायलिसिस कक्ष, प्रायवेट वार्ड तथा नेत्र वार्ड का भी निरीक्षण कर मरीजो को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। 
उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से मिलकर उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं एवं उपचार के संबंध में जानकारी ली। डायलिसिस कक्ष के निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में 70 मरीजों का पंजीयन है तथा सभी मरीजों के लिए टर्न निर्धारित हैं। प्रतिदिन 3 से 4 मरीजों की डायलिसिस की जाती है। आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जाती है, जबकि शेष मरीजों से 500 रुपये शुल्क लिया जाता है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन मरीजों की आभा आईडी नहीं बनी है, उनके लिए जिला चिकित्सालय में ही आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करते हैं, उनके आयुष्मान कार्ड भी जिला चिकित्सालय में ही बनाए जाएं, ताकि उन्हें चिकित्सा उपचार में आर्थिक भार न उठाना पड़े और वे शासन की आयुष्मान योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
कलेक्टर ने  ब्लड बैंक का निरीक्षण करते हुए ब्लड टेस्ट के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा अपने समक्ष ऑनलाइन दर्ज डाटा को खुलवाया एवं दूरभाष के माध्यम से मरीजों से ब्लड टेस्ट के संबंध में जानकारी प्राप्त की । कलेक्टर ने कहा कि मरीजो के जांच रिपोर्ट समय पर प्रदाय करें किसी की जांच रिपोर्ट को लंबित न रखें। कलेक्टर ने कहा कि जिला चिकित्सालय में और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रस्ताव तैयार कर मध्य प्रदेश शासन को भेजें एवं रोगी कल्याण समिति में उपलब्ध पैसे का स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में उपयोग करें। 
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, प्रबंधक पूजा सोनी, डीपीएम मनोज द्विवेदी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • दुकान की छत तोड़कर 17 नग मुर्गी-मुर्गा चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर! 10 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, कलेक्टर से शिकायत उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम दुब्बार से चोरी का एक मामला सामने आया है। यहां एक दुकान की छत में लगी एल्बेस्टर शीट को तोड़कर चोर 17 नग मुर्गी-मुर्गा चोरी कर फरार हो गया। पीड़ित के मुताबिक, चोरी की यह वारदात करीब 10 दिन पहले हुई थी। मामले की शिकायत चंदिया थाने में की गई, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा और मामले में कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि चोरी की पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोर दुकान की छत तोड़कर अंदर प्रवेश करता दिखाई दे रहा है।
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    दुकान की छत तोड़कर 17 नग मुर्गी-मुर्गा चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर! 10 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, कलेक्टर से शिकायत


उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम दुब्बार से चोरी का एक मामला सामने आया है। यहां एक दुकान की छत में लगी एल्बेस्टर शीट को तोड़कर चोर 17 नग मुर्गी-मुर्गा चोरी कर फरार हो गया।
पीड़ित के मुताबिक, चोरी की यह वारदात करीब 10 दिन पहले हुई थी। मामले की शिकायत चंदिया थाने में की गई, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा और मामले में कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि चोरी की पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोर दुकान की छत तोड़कर अंदर प्रवेश करता दिखाई दे रहा है।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Chandia, Umaria•
    17 hrs ago
  • *_फल और गन्ना खिलाकर बच्चों ने कहा ‘हाथी भैया,थैंक यू’........_* _विश्व हाथी दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन,प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित_* उमरिया/” बांधवगढ़ के इको सेंटर ताला में बुधवार को जब बच्चों ने यह कहानी सुनी तो उनके चेहरों पर हाथियों के प्रति उत्सुकता और अपनापन साफ नजर आया।विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों को हाथियों से जोड़ने और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए यह खास संवाद हुआ।क्षेत्र संचालक डॉ अनुपम सहाय ने बच्चों के साथ ‘हाथी भैया,थैंक यू’ कहानी साझा करते हुए बताया कि हाथी जंगल के केवल विशालकाय जीव ही नहीं,बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण कड़ी हैं।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश भोपाल डॉ.समीता राजोरा के मार्गदर्शन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर तीन दिनों तक लगातार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।बुधवार 12 अगस्त को इको सेंटर ताला में मुख्य कार्यक्रम उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में ‘फीड द जायंट्स’ गतिविधि के दौरान कैंप हाथी सूर्या और रामा बच्चों और अतिथियों के आकर्षण का केंद्र रहे।महावतों की देखरेख में विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने दोनों हाथियों को फल और गन्ना खिलाया।हाथियों को करीब से देखने और उनके साथ मित्रवत जुड़ने का यह अनुभव बच्चों के लिए खास रहा।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।स्वागत उद्बोधन में विश्व हाथी दिवस के महत्व,हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा पर प्रकाश डाला गया।बच्चों को बताया गया कि हाथी जंगल के पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उनकी आवाजाही से बीजों का प्रसार होता है और जंगल में कई दूसरे वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।यही वजह है कि हाथियों को जंगल का ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ भी कहा जाता है।इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए हाथी संरक्षण विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई और हाथी संरक्षण पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया।वहीं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी 9 परिक्षेत्रों में आयोजित चित्रकला,निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान कर सम्मानित किया गया।बच्चों को हाथियों के संरक्षण से जोड़ने के लिए आयोजित संवाद में क्षेत्र संचालक श्री सहाय ने बताया कि जंगल में हाथियों का झुंड दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों के लिए किस तरह मददगार होता है।बच्चों ने भी इस गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया और हाथियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की।शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल ताला के प्राचार्य श्री नागेन्द्र तिवारी ने अपने संबोधन में हाथियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा तथा मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए स्थानीय समुदाय एवं सभी हितधारकों की सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया।कार्यक्रम का संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी महावीर पांडे ने किया,जबकि आयोजन की योजना एवं व्यवस्थाओं में वन परिक्षेत्र अधिकारी ताला श्री राहुल किरार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम में बांधवगढ़ के सहायक संचालक,परिक्षेत्र अधिकारी,ईडीसी एवं स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि,वनकर्मी,गाइड,महावत,एनजीओ प्रतिनिधि, विद्यार्थी,शिक्षक और स्थानीय समुदाय के सदस्य मौजूद रहे।समापन अवसर पर सभी अतिथियों, अधिकारियों,विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया।विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में आयोजित यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा,बल्कि बच्चों के मन में हाथियों के प्रति प्रेम और जंगल के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाने का माध्यम बना।सूर्या और रामा की मौजूदगी और ‘हाथी भैया, थैंक यू’ की कहानी ने बच्चों को यह संदेश दिया कि जंगल की इस विशाल विरासत को बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।_
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    *_फल और गन्ना खिलाकर बच्चों ने कहा ‘हाथी भैया,थैंक यू’........_*
_विश्व हाथी दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन,प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित_*
उमरिया/” बांधवगढ़ के इको सेंटर ताला में बुधवार को जब बच्चों ने यह कहानी सुनी तो उनके चेहरों पर हाथियों के प्रति उत्सुकता और अपनापन साफ नजर आया।विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों को हाथियों से जोड़ने और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए यह खास संवाद हुआ।क्षेत्र संचालक डॉ अनुपम सहाय ने बच्चों के साथ ‘हाथी भैया,थैंक यू’ कहानी साझा करते हुए बताया कि हाथी जंगल के केवल विशालकाय जीव ही नहीं,बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण कड़ी हैं।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश भोपाल डॉ.समीता राजोरा के मार्गदर्शन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर तीन दिनों तक लगातार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।बुधवार 12 अगस्त को इको सेंटर ताला में मुख्य कार्यक्रम उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में ‘फीड द जायंट्स’ गतिविधि के दौरान कैंप हाथी सूर्या और रामा बच्चों और अतिथियों के आकर्षण का केंद्र रहे।महावतों की देखरेख में विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने दोनों हाथियों को फल और गन्ना खिलाया।हाथियों को करीब से देखने और उनके साथ मित्रवत जुड़ने का यह अनुभव बच्चों के लिए खास रहा।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।स्वागत उद्बोधन में विश्व हाथी दिवस के महत्व,हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा पर प्रकाश डाला गया।बच्चों को बताया गया कि हाथी जंगल के पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उनकी आवाजाही से बीजों का प्रसार होता है और जंगल में कई दूसरे वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।यही वजह है कि हाथियों को जंगल का ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ भी कहा जाता है।इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए हाथी संरक्षण विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई और हाथी संरक्षण पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया।वहीं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी 9 परिक्षेत्रों में आयोजित चित्रकला,निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान कर सम्मानित किया गया।बच्चों को हाथियों के संरक्षण से जोड़ने के लिए आयोजित संवाद में क्षेत्र संचालक श्री सहाय ने बताया कि जंगल में हाथियों का झुंड दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों के लिए किस तरह मददगार होता है।बच्चों ने भी इस गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया और हाथियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की।शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल ताला के प्राचार्य श्री नागेन्द्र तिवारी ने अपने संबोधन में हाथियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा तथा मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए स्थानीय समुदाय एवं सभी हितधारकों की सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया।कार्यक्रम का संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी महावीर पांडे ने किया,जबकि आयोजन की योजना एवं व्यवस्थाओं में वन परिक्षेत्र अधिकारी ताला श्री राहुल किरार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम में बांधवगढ़ के सहायक संचालक,परिक्षेत्र अधिकारी,ईडीसी एवं स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि,वनकर्मी,गाइड,महावत,एनजीओ प्रतिनिधि, विद्यार्थी,शिक्षक और स्थानीय समुदाय के सदस्य मौजूद रहे।समापन अवसर पर सभी अतिथियों, अधिकारियों,विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया।विश्व हाथी दिवस पर बांधवगढ़ में आयोजित यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा,बल्कि बच्चों के मन में हाथियों के प्रति प्रेम और जंगल के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाने का माध्यम बना।सूर्या और रामा की मौजूदगी और ‘हाथी भैया, थैंक यू’ की कहानी ने बच्चों को यह संदेश दिया कि जंगल की इस विशाल विरासत को बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।_
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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