शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान, विभाग बेखबर शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित डाकघर में पिछले कई महीनों से ताला लटका हुआ है। डाकघर के लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शाहपुर डाकघर स्थानीय लोगों के लिए डाक और बैंकिंग सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। डाकघर बंद रहने के कारण खातों में आने वाली पेंशन और सरकारी योजनाओं की राशि निकालने के लिए लोगों को दूसरे केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और महिलाओं को दूर जाने में काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डाकघर के लंबे समय से बंद रहने की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने डाक विभाग के वरीय अधिकारियों से शाहपुर डाकघर को जल्द खुलवाने और नियमित कर्मचारी की व्यवस्था करने की मांग की है। इस मामले को लेकर मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता, अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। वहीं, मामले को लेकर प्रधान पोस्टमास्टर दयानन्द कुमार दिनकर ने बताया कि शाहपुर डाकघर में ताला लगे होने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि नवहट्टा क्षेत्र के सभी पोस्ट ऑफिस उनके अधीन आते हैं, लेकिन हर डाकघर की स्थिति की जानकारी लगातार रखना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत या आवेदन मिलने के बाद ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि महीनों से बंद पड़े शाहपुर डाकघर का संचालन आखिर कब शुरू होगा और ग्रामीणों को डाक एवं बैंकिंग सेवाओं की सुविधा कब तक मिल पाएगी।
शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान, विभाग बेखबर शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित डाकघर में पिछले कई महीनों से ताला लटका हुआ है। डाकघर के लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शाहपुर डाकघर स्थानीय लोगों के लिए डाक और बैंकिंग सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। डाकघर बंद रहने के कारण खातों में आने वाली पेंशन और सरकारी योजनाओं की राशि निकालने के लिए लोगों को दूसरे केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और महिलाओं को दूर जाने में काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डाकघर के लंबे समय से बंद रहने की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने डाक विभाग के वरीय अधिकारियों से शाहपुर डाकघर को जल्द खुलवाने और नियमित कर्मचारी की व्यवस्था करने की मांग की है। इस मामले को लेकर मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता, अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। वहीं, मामले को लेकर प्रधान पोस्टमास्टर दयानन्द कुमार दिनकर ने बताया कि शाहपुर डाकघर में ताला लगे होने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि नवहट्टा क्षेत्र के सभी पोस्ट ऑफिस उनके अधीन आते हैं, लेकिन हर डाकघर की स्थिति की जानकारी लगातार रखना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत या आवेदन मिलने के बाद ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि महीनों से बंद पड़े शाहपुर डाकघर का संचालन आखिर कब शुरू होगा और ग्रामीणों को डाक एवं बैंकिंग सेवाओं की सुविधा कब तक मिल पाएगी।
- नवहट्टा के शाहपुर डाकघर पर महीनों से लटका ताला, पेंशनधारी परेशान1
- शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान, विभाग बेखबर शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित डाकघर में पिछले कई महीनों से ताला लटका हुआ है। डाकघर के लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शाहपुर डाकघर स्थानीय लोगों के लिए डाक और बैंकिंग सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। डाकघर बंद रहने के कारण खातों में आने वाली पेंशन और सरकारी योजनाओं की राशि निकालने के लिए लोगों को दूसरे केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और महिलाओं को दूर जाने में काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डाकघर के लंबे समय से बंद रहने की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने डाक विभाग के वरीय अधिकारियों से शाहपुर डाकघर को जल्द खुलवाने और नियमित कर्मचारी की व्यवस्था करने की मांग की है। इस मामले को लेकर मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता, अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। वहीं, मामले को लेकर प्रधान पोस्टमास्टर दयानन्द कुमार दिनकर ने बताया कि शाहपुर डाकघर में ताला लगे होने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि नवहट्टा क्षेत्र के सभी पोस्ट ऑफिस उनके अधीन आते हैं, लेकिन हर डाकघर की स्थिति की जानकारी लगातार रखना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत या आवेदन मिलने के बाद ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि महीनों से बंद पड़े शाहपुर डाकघर का संचालन आखिर कब शुरू होगा और ग्रामीणों को डाक एवं बैंकिंग सेवाओं की सुविधा कब तक मिल पाएगी।1
- नवहट्टा: शाहपुर पंचायत के डाकघर में महीनों से लटका है ताला, पेंशनधारी और ग्रामीण परेशान सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित ग्रामीण डाकघर पिछले कई महीनों से लगातार बंद पड़ा है। डाकघर में ताला जड़े रहने के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह डाकघर स्थानीय स्तर पर बैंकिंग और डाक सेवाओं का एक मुख्य केंद्र है। इसके बंद रहने से सरकारी योजनाओं की राशि, वृद्धा पेंशन और अन्य जरूरी भुगतानों के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और महिलाएं लंबी दूरी तय कर दूसरे केंद्रों पर जाने को विवश हैं।स्थानीय लोगों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि शाहपुर डाकघर को अविलंब खुलवाया जाए और यहां नियमित कर्मचारियों की तैनाती की जाए ताकि सुचारू रूप से बैंकिंग सेवाएं बहाल हो सकें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डाकघर का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो वे विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन व शिकायत दर्ज कराने को मजबूर होंगे। इस दौरान मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता और अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने विभाग के प्रति अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।1
- Saharsa city news srijan reporter babban Sharma Saharsa आप अगर वायरल होना चाहते हैं मिनियन से बिलियन में जाना चाहते हैं तो आइए आपको सुपरस्टार दीदी सहरसा प्लेटफॉर्म पर रोजमारा की तरह घुमते फिरते आपकी मुलाकात हो जाएगी शुक्रिया सहरसा जंक्शन,सहरसा सिटी न्यूज़ बब्बन शर्मा सिरजन संवाददाता,सहरसा नमस्कार करता है आपका वायरल दीदी से मुलाक़ात कराता है जो हर साल सैलून से सहरसा स्टेशन पर मशहूर हो रखा है और मशहूर होने की कोशिश में लगी हुई है और यह सिलसिला जब तक हम डैम है तब तक चलता रहेगा1
- महथौर पंचायत का RTPS सेंटर बंद होने की शिकायत! मुखिया के घर से काम और ₹100-₹1000 लेने का आरोप | Ground Report1
- मृत्यु भोज समाज के लिए है एक अभी शाप गरीब लोग हो रहे हैं बर्बाद सामाजिक परम्परा के आगे मृत्यु भोज पर लगाम लगना मुश्किल हो रहा है जिससे गरीब एवं निसहाय लोगों को मृत्यु भोज के चलते कर्ज में डूबना पड़ जाता है। बीते दिनों सौर बाजार प्रखंड के पूर्व प्रमुख लक्ष्मीनारायण यादव की मौत हृदय गति के रुक जाने से हो गई थी जिसके क्रिया कर्म के अंतिम दिन विशाल शांति भोज का आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसको लेकर मृत्यु भोज पर विराम लगाने को लेकर कई लोगों से जब बात चित की गई तो कई लोगों ने बताया की वैसे मृत्यु भोज हमारे समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है जिससे मृत्यु भोज के नाम पर गरीब लोग कर्ज के तले तब जाता है जिससे उबरने के लिए कई सालों तक कड़ी मेहनत मजदूरी करना पड़ता है। वैसे भी कहा जा रहा है की माता पिता का कर्ज संतान सात जन्मों तक में भी नहीं उतार सकते हैं तो फिर माता पिता के देहांत के बाद मृत्यु भोज करने से कर्ज से मुक्ति पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कई लोगों ने ये भी बताया की अब भी हमारे समाज में ऐसे लोग हैं जो मृत्यु भोज को माता पिता का कर्ज मानते हैं ऐसे में मृत्यु भोज के आयोजन से संतान अपने माता पिता के कर्ज से मुक्त हो जाता है जो अब भी अंधविश्वास बना हुआ है। अगर समाज के लोगों को मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना है तो सबसे पहले उच्च वर्ग के लोगों को आगे आना होगा तभी मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना संभव हो सकता है। गरीब और निसहाय लोग तो समाज के लोगों के कहने पर भी मृत्यु भोज का आयोजन कर देते हैं जो इस समय के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। ऐसे में साफ शब्दों में कहा का सकता है की लोग तो शिक्षा ग्रहण करते हैं मगर शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं।1
- #वैशाली के #पातेपुर क्षेत्र में हुआ अनोखा #प्रेम_विवाह लड़का जात के #कुर्मी और लड़की जात के #पासवान #वैशाली के #पातेपुर क्षेत्र में हुआ अनोखा #प्रेम_विवाह लड़का जात के #कुर्मी और लड़की जात के #पासवान1
- समस्तीपुर: मछली बाजार के पास लगी भीषण आग, आग लगने से मची अफरातफरी, देखें विडियो! समस्तीपुर जिले के ताजपुर गुदरी बाजार स्थित मछली बाजार के पास लगी भीषण आग, आग लगने से मचा अफरातफरी, लोग अपने घरों एवं दुकानों से सामान निकालने में लगे रहे, अग्निशमन आने में देर होने पर स्थानीय लोगों ने समर्सिबल से आग पर पाया काबू।1