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मृत्यु भोज समाज के लिए है एक अभी शाप गरीब लोग हो रहे हैं बर्बाद सामाजिक परम्परा के आगे मृत्यु भोज पर लगाम लगना मुश्किल हो रहा है जिससे गरीब एवं निसहाय लोगों को मृत्यु भोज के चलते कर्ज में डूबना पड़ जाता है। बीते दिनों सौर बाजार प्रखंड के पूर्व प्रमुख लक्ष्मीनारायण यादव की मौत हृदय गति के रुक जाने से हो गई थी जिसके क्रिया कर्म के अंतिम दिन विशाल शांति भोज का आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसको लेकर मृत्यु भोज पर विराम लगाने को लेकर कई लोगों से जब बात चित की गई तो कई लोगों ने बताया की वैसे मृत्यु भोज हमारे समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है जिससे मृत्यु भोज के नाम पर गरीब लोग कर्ज के तले तब जाता है जिससे उबरने के लिए कई सालों तक कड़ी मेहनत मजदूरी करना पड़ता है। वैसे भी कहा जा रहा है की माता पिता का कर्ज संतान सात जन्मों तक में भी नहीं उतार सकते हैं तो फिर माता पिता के देहांत के बाद मृत्यु भोज करने से कर्ज से मुक्ति पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कई लोगों ने ये भी बताया की अब भी हमारे समाज में ऐसे लोग हैं जो मृत्यु भोज को माता पिता का कर्ज मानते हैं ऐसे में मृत्यु भोज के आयोजन से संतान अपने माता पिता के कर्ज से मुक्त हो जाता है जो अब भी अंधविश्वास बना हुआ है। अगर समाज के लोगों को मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना है तो सबसे पहले उच्च वर्ग के लोगों को आगे आना होगा तभी मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना संभव हो सकता है। गरीब और निसहाय लोग तो समाज के लोगों के कहने पर भी मृत्यु भोज का आयोजन कर देते हैं जो इस समय के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। ऐसे में साफ शब्दों में कहा का सकता है की लोग तो शिक्षा ग्रहण करते हैं मगर शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं।

22 hrs ago
user_मिथिलेश कुमार
मिथिलेश कुमार
Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
22 hrs ago

मृत्यु भोज समाज के लिए है एक अभी शाप गरीब लोग हो रहे हैं बर्बाद सामाजिक परम्परा के आगे मृत्यु भोज पर लगाम लगना मुश्किल हो रहा है जिससे गरीब एवं निसहाय लोगों को मृत्यु भोज के चलते कर्ज में डूबना पड़ जाता है। बीते दिनों सौर बाजार प्रखंड के पूर्व प्रमुख लक्ष्मीनारायण यादव की मौत हृदय गति के रुक जाने से हो गई थी जिसके क्रिया कर्म के अंतिम दिन विशाल शांति भोज का आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसको लेकर मृत्यु भोज पर विराम लगाने को लेकर कई लोगों से जब बात चित की गई तो कई लोगों ने बताया की वैसे मृत्यु भोज हमारे समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है जिससे मृत्यु भोज के नाम पर गरीब लोग कर्ज के तले तब जाता है जिससे उबरने के लिए कई सालों तक कड़ी मेहनत मजदूरी करना पड़ता है। वैसे भी कहा जा रहा है की माता पिता का कर्ज संतान सात जन्मों तक में भी नहीं उतार सकते हैं तो फिर माता पिता के देहांत के बाद मृत्यु भोज करने से कर्ज से मुक्ति पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कई लोगों ने ये भी बताया की अब भी हमारे समाज में ऐसे लोग हैं जो मृत्यु भोज को माता पिता का कर्ज मानते हैं ऐसे में मृत्यु भोज के आयोजन से संतान अपने माता पिता के कर्ज से मुक्त हो जाता है जो अब भी अंधविश्वास बना हुआ है। अगर समाज के लोगों को मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना है तो सबसे पहले उच्च वर्ग के लोगों को आगे आना होगा तभी मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना संभव हो सकता है। गरीब और निसहाय लोग तो समाज के लोगों के कहने पर भी मृत्यु भोज का आयोजन कर देते हैं जो इस समय के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। ऐसे में साफ शब्दों में कहा का सकता है की लोग तो शिक्षा ग्रहण करते हैं मगर शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं।

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  • मृत्यु भोज समाज के लिए है एक अभी शाप गरीब लोग हो रहे हैं बर्बाद सामाजिक परम्परा के आगे मृत्यु भोज पर लगाम लगना मुश्किल हो रहा है जिससे गरीब एवं निसहाय लोगों को मृत्यु भोज के चलते कर्ज में डूबना पड़ जाता है। बीते दिनों सौर बाजार प्रखंड के पूर्व प्रमुख लक्ष्मीनारायण यादव की मौत हृदय गति के रुक जाने से हो गई थी जिसके क्रिया कर्म के अंतिम दिन विशाल शांति भोज का आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसको लेकर मृत्यु भोज पर विराम लगाने को लेकर कई लोगों से जब बात चित की गई तो कई लोगों ने बताया की वैसे मृत्यु भोज हमारे समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है जिससे मृत्यु भोज के नाम पर गरीब लोग कर्ज के तले तब जाता है जिससे उबरने के लिए कई सालों तक कड़ी मेहनत मजदूरी करना पड़ता है। वैसे भी कहा जा रहा है की माता पिता का कर्ज संतान सात जन्मों तक में भी नहीं उतार सकते हैं तो फिर माता पिता के देहांत के बाद मृत्यु भोज करने से कर्ज से मुक्ति पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कई लोगों ने ये भी बताया की अब भी हमारे समाज में ऐसे लोग हैं जो मृत्यु भोज को माता पिता का कर्ज मानते हैं ऐसे में मृत्यु भोज के आयोजन से संतान अपने माता पिता के कर्ज से मुक्त हो जाता है जो अब भी अंधविश्वास बना हुआ है। अगर समाज के लोगों को मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना है तो सबसे पहले उच्च वर्ग के लोगों को आगे आना होगा तभी मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना संभव हो सकता है। गरीब और निसहाय लोग तो समाज के लोगों के कहने पर भी मृत्यु भोज का आयोजन कर देते हैं जो इस समय के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। ऐसे में साफ शब्दों में कहा का सकता है की लोग तो शिक्षा ग्रहण करते हैं मगर शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं।
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    मृत्यु भोज समाज के लिए है एक अभी शाप गरीब लोग हो रहे हैं बर्बाद 
सामाजिक परम्परा के आगे मृत्यु भोज पर लगाम लगना मुश्किल हो रहा है जिससे गरीब एवं निसहाय लोगों को मृत्यु भोज के चलते कर्ज में डूबना पड़ जाता है। बीते दिनों सौर बाजार प्रखंड के पूर्व प्रमुख लक्ष्मीनारायण यादव की मौत हृदय गति के रुक जाने से हो गई थी जिसके क्रिया कर्म के अंतिम दिन विशाल शांति भोज का आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसको लेकर मृत्यु भोज पर विराम लगाने को लेकर कई लोगों से जब बात चित की गई तो कई लोगों ने बताया की वैसे मृत्यु भोज हमारे समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है जिससे मृत्यु भोज के नाम पर गरीब लोग कर्ज के तले तब जाता है जिससे उबरने के लिए कई सालों तक कड़ी मेहनत मजदूरी करना पड़ता है। वैसे भी कहा जा रहा है की माता पिता का कर्ज संतान सात जन्मों तक में भी नहीं उतार सकते हैं तो फिर माता पिता के देहांत के बाद मृत्यु भोज करने से कर्ज से मुक्ति पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कई लोगों ने ये भी बताया की अब भी हमारे समाज में ऐसे लोग हैं जो मृत्यु भोज को माता पिता का कर्ज मानते हैं ऐसे में मृत्यु भोज के आयोजन से संतान अपने माता पिता के कर्ज से मुक्त हो जाता है जो अब भी अंधविश्वास बना हुआ है। अगर समाज के लोगों को मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना है तो सबसे पहले उच्च वर्ग के लोगों को आगे आना होगा तभी मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाना संभव हो सकता है। गरीब और निसहाय लोग तो समाज के लोगों के कहने पर भी मृत्यु भोज का आयोजन कर देते हैं जो इस समय के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। ऐसे में साफ शब्दों में कहा का सकता है की लोग तो शिक्षा ग्रहण करते हैं मगर शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    22 hrs ago
  • Saharsa city news srijan reporter babban Sharma Saharsa आप अगर वायरल होना चाहते हैं मिनियन से बिलियन में जाना चाहते हैं तो आइए आपको सुपरस्टार दीदी सहरसा प्लेटफॉर्म पर रोजमारा की तरह घुमते फिरते आपकी मुलाकात हो जाएगी शुक्रिया सहरसा जंक्शन,सहरसा सिटी न्यूज़ बब्बन शर्मा सिरजन संवाददाता,सहरसा नमस्कार करता है आपका वायरल दीदी से मुलाक़ात कराता है जो हर साल सैलून से सहरसा स्टेशन पर मशहूर हो रखा है और मशहूर होने की कोशिश में लगी हुई है और यह सिलसिला जब तक हम डैम है तब तक चलता रहेगा
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    Saharsa city news 
srijan reporter babban Sharma Saharsa 
आप अगर वायरल होना चाहते हैं मिनियन से बिलियन में जाना चाहते हैं तो आइए आपको सुपरस्टार दीदी सहरसा प्लेटफॉर्म पर रोजमारा की तरह घुमते फिरते आपकी मुलाकात हो जाएगी शुक्रिया
सहरसा जंक्शन,सहरसा सिटी न्यूज़ बब्बन शर्मा सिरजन संवाददाता,सहरसा नमस्कार करता है आपका वायरल दीदी से मुलाक़ात कराता है जो हर साल सैलून से सहरसा स्टेशन पर मशहूर हो रखा है और मशहूर होने की कोशिश में लगी हुई है और यह सिलसिला जब तक हम डैम है तब तक चलता रहेगा
    user_BD SHARMA IT'S ME
    BD SHARMA IT'S ME
    Police Officer कहरा, सहरसा, बिहार•
    1 hr ago
  • नवहट्टा के शाहपुर डाकघर पर महीनों से लटका ताला, पेंशनधारी परेशान
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    नवहट्टा के शाहपुर डाकघर पर महीनों से लटका ताला, पेंशनधारी परेशान
    user_Mankhush kumar
    Mankhush kumar
    Local News Reporter नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    6 hrs ago
  • शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान, विभाग बेखबर शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित डाकघर में पिछले कई महीनों से ताला लटका हुआ है। डाकघर के लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शाहपुर डाकघर स्थानीय लोगों के लिए डाक और बैंकिंग सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। डाकघर बंद रहने के कारण खातों में आने वाली पेंशन और सरकारी योजनाओं की राशि निकालने के लिए लोगों को दूसरे केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और महिलाओं को दूर जाने में काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डाकघर के लंबे समय से बंद रहने की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने डाक विभाग के वरीय अधिकारियों से शाहपुर डाकघर को जल्द खुलवाने और नियमित कर्मचारी की व्यवस्था करने की मांग की है। इस मामले को लेकर मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता, अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। वहीं, मामले को लेकर प्रधान पोस्टमास्टर दयानन्द कुमार दिनकर ने बताया कि शाहपुर डाकघर में ताला लगे होने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि नवहट्टा क्षेत्र के सभी पोस्ट ऑफिस उनके अधीन आते हैं, लेकिन हर डाकघर की स्थिति की जानकारी लगातार रखना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत या आवेदन मिलने के बाद ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि महीनों से बंद पड़े शाहपुर डाकघर का संचालन आखिर कब शुरू होगा और ग्रामीणों को डाक एवं बैंकिंग सेवाओं की सुविधा कब तक मिल पाएगी।
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    शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान, विभाग बेखबर
शाहपुर डाकघर में महीनों से लटका ताला, उपभोक्ता परेशान
सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित डाकघर में पिछले कई महीनों से ताला लटका हुआ है। डाकघर के लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाहपुर डाकघर स्थानीय लोगों के लिए डाक और बैंकिंग सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। डाकघर बंद रहने के कारण खातों में आने वाली पेंशन और सरकारी योजनाओं की राशि निकालने के लिए लोगों को दूसरे केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और महिलाओं को दूर जाने में काफी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डाकघर के लंबे समय से बंद रहने की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने डाक विभाग के वरीय अधिकारियों से शाहपुर डाकघर को जल्द खुलवाने और नियमित कर्मचारी की व्यवस्था करने की मांग की है।
इस मामले को लेकर मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता, अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
वहीं, मामले को लेकर प्रधान पोस्टमास्टर दयानन्द कुमार दिनकर ने बताया कि शाहपुर डाकघर में ताला लगे होने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि नवहट्टा क्षेत्र के सभी पोस्ट ऑफिस उनके अधीन आते हैं, लेकिन हर डाकघर की स्थिति की जानकारी लगातार रखना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत या आवेदन मिलने के बाद ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि महीनों से बंद पड़े शाहपुर डाकघर का संचालन आखिर कब शुरू होगा और ग्रामीणों को डाक एवं बैंकिंग सेवाओं की सुविधा कब तक मिल पाएगी।
    user_Mukesh kr mandal
    Mukesh kr mandal
    Voice of people Nauhatta, Saharsa•
    15 hrs ago
  • नवहट्टा: शाहपुर पंचायत के डाकघर में महीनों से लटका है ताला, पेंशनधारी और ग्रामीण परेशान ​ सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित ग्रामीण डाकघर पिछले कई महीनों से लगातार बंद पड़ा है। डाकघर में ताला जड़े रहने के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ​ग्रामीणों के अनुसार, यह डाकघर स्थानीय स्तर पर बैंकिंग और डाक सेवाओं का एक मुख्य केंद्र है। इसके बंद रहने से सरकारी योजनाओं की राशि, वृद्धा पेंशन और अन्य जरूरी भुगतानों के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और महिलाएं लंबी दूरी तय कर दूसरे केंद्रों पर जाने को विवश हैं।स्थानीय लोगों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि शाहपुर डाकघर को अविलंब खुलवाया जाए और यहां नियमित कर्मचारियों की तैनाती की जाए ताकि सुचारू रूप से बैंकिंग सेवाएं बहाल हो सकें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डाकघर का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो वे विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन व शिकायत दर्ज कराने को मजबूर होंगे। ​इस दौरान मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता और अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने विभाग के प्रति अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
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    नवहट्टा: शाहपुर पंचायत के डाकघर में महीनों से लटका है ताला, पेंशनधारी और ग्रामीण परेशान
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सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत शाहपुर पंचायत स्थित ग्रामीण डाकघर पिछले कई महीनों से लगातार बंद पड़ा है। डाकघर में ताला जड़े रहने के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनधारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
​ग्रामीणों के अनुसार, यह डाकघर स्थानीय स्तर पर बैंकिंग और डाक सेवाओं का एक मुख्य केंद्र है। इसके बंद रहने से सरकारी योजनाओं की राशि, वृद्धा पेंशन और अन्य जरूरी भुगतानों के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और महिलाएं लंबी दूरी तय कर दूसरे केंद्रों पर जाने को विवश हैं।स्थानीय लोगों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि शाहपुर डाकघर को अविलंब खुलवाया जाए और यहां नियमित कर्मचारियों की तैनाती की जाए ताकि सुचारू रूप से बैंकिंग सेवाएं बहाल हो सकें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डाकघर का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो वे विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन व शिकायत दर्ज कराने को मजबूर होंगे। ​इस दौरान मनोज दास, शम्भू दास, अभिषेक भगत, रामधनी देवी, मोहन यादव, आशीष गुप्ता, रामबहादुर रमन, कुन्दन, प्रकाश कुमार, बिट्टू गुप्ता और अंगद कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने विभाग के प्रति अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Teacher नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    15 hrs ago
  • सहयोग शिविर में लोगों की समस्यायों की हुई सुनवाई इसराइन खुर्द व कुमारखंड पंचायत में लगे सहयोग शिविर कुमारखंड। प्रखंड में दो अलग-अलग पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया गया। जन शिकायतों को सुलभ तरीके से प्राप्त कराने और उसके प्रभावी निवारण के उद्देश्य से लगाए गए। डीडीसी अनिल बसाक व डिप्टी कलेक्टर फैजान सरवर के नेतृत्व में आयोजित सहयोग शिविर कुमारखंड पंचायत भवन परिसर व इसराइन खुर्द पंचायत भवन परिसर में आयोजित किया गया। शिविर में कुल 72 लोगों ने विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन दिए। जिसमें दोनों पंचायत में लगे शिविर में विभिन्न विभागों से आए कई मामले का निष्पादन किया गया और शेष बचे मामले लंबित रह गया। जिनका 30 दिन के अंदर समाधान किया जाएगा। इस दौरान लोगों ने आवास योजना, राजस्व व भूमि सुधार, कृषि, स्वास्थ्य, बिजली आपूर्ति, आईसीडीएस, लौहिया स्वच्छता अभियान, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र व जन्म प्रमाणिकीकरण, जीविका , सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा (बीवीजी रामजी) सहित अन्य विभागों के लगे स्टाल पर पहुंच कर लोगों ने पहुंच कर आवेदन दिया। इसराइन खुर्द में मुखिया विभा सिंह व कुमारखंड में मुखिया राजीव कुमार ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग किया। इस दौरान दोनों शिविर में कई लोगों को जाब कार्ड का वितरण जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी द्वारा किया गया। मौके पर बीडीओ शशिभूषण सुमन, सीओ विशाल अग्रवाल, आरओ वीरेंद्र विपुरोहित, बीपीएम राजकिशोर कुमार, बीडब्लूओ सह प्रभारी बीईओ किशोर भास्कर, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रशांत कुमार, मुखिया विभा सिंह, मुखिया प्रतिनिधि तेज नारायण यादव, मुखिया राजीव कुमार सहित अन्य पंचायत जनप्रतिनिधि, कर्मी व आम ग्रामीण मौजूद थे।
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    सहयोग शिविर में लोगों की समस्यायों की हुई सुनवाई 

इसराइन खुर्द व कुमारखंड पंचायत में लगे सहयोग शिविर 
कुमारखंड। 
प्रखंड में दो अलग-अलग पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया गया। जन शिकायतों को सुलभ तरीके से प्राप्त कराने और उसके प्रभावी निवारण के उद्देश्य से लगाए गए। डीडीसी अनिल बसाक व डिप्टी कलेक्टर फैजान सरवर के नेतृत्व में आयोजित सहयोग शिविर कुमारखंड पंचायत भवन परिसर व इसराइन खुर्द पंचायत भवन परिसर में आयोजित किया गया। शिविर में कुल 72 लोगों ने विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन दिए। जिसमें दोनों पंचायत में लगे शिविर में विभिन्न विभागों से आए कई मामले का निष्पादन किया गया और शेष बचे मामले लंबित रह गया। जिनका 30 दिन के अंदर समाधान किया जाएगा। 
इस दौरान लोगों ने आवास योजना, राजस्व व भूमि सुधार, कृषि, स्वास्थ्य, बिजली आपूर्ति, आईसीडीएस, लौहिया स्वच्छता अभियान, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र व जन्म प्रमाणिकीकरण, जीविका , सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा (बीवीजी रामजी) सहित अन्य विभागों के लगे स्टाल पर पहुंच कर लोगों ने पहुंच कर आवेदन दिया। इसराइन खुर्द में मुखिया विभा सिंह व कुमारखंड में मुखिया राजीव कुमार ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग किया। इस दौरान दोनों शिविर में कई लोगों को जाब कार्ड का वितरण जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी द्वारा किया गया। 
मौके पर बीडीओ शशिभूषण सुमन, सीओ विशाल अग्रवाल, आरओ वीरेंद्र विपुरोहित, बीपीएम राजकिशोर कुमार, बीडब्लूओ सह प्रभारी बीईओ किशोर भास्कर, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रशांत कुमार, मुखिया विभा सिंह, मुखिया प्रतिनिधि तेज नारायण यादव, मुखिया राजीव कुमार सहित अन्य पंचायत जनप्रतिनिधि, कर्मी व आम ग्रामीण मौजूद थे।
    user_Ashish Thakur
    Ashish Thakur
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    19 hrs ago
  • बाबा बैजनाथ सुल्तानगंज से चलकर बाबा बैजनाथ के पैदल यात्रा कावड़िया ने पूरी करती है 100किलोमीटर सुल्तानगंज से बोल बम के यात्रा पैदल चलकर बाबा बैजनाथ के सहारे पूरे कांवरिया पैदल यात्रा करते हुए 100 किलोमीटर चलते हैं आप लोग इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखें और बाबा भजन धाम देखें वायरल वीडियो करें आप लोग जल्दी से जल्दी स्मोक लाइक पर देखें
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    बाबा बैजनाथ सुल्तानगंज से चलकर बाबा बैजनाथ के पैदल यात्रा कावड़िया ने पूरी करती है 100किलोमीटर
सुल्तानगंज से बोल बम के यात्रा पैदल चलकर बाबा बैजनाथ के सहारे पूरे कांवरिया पैदल यात्रा करते हुए 100 किलोमीटर चलते हैं आप लोग इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखें और बाबा भजन धाम देखें वायरल वीडियो करें आप लोग जल्दी से जल्दी स्मोक लाइक पर देखें
    user_Ashish Kingofbihar सोशल मीडिया
    Ashish Kingofbihar सोशल मीडिया
    त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार•
    19 hrs ago
  • टीबी स्क्रीनिंग टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की हुई समीक्षा एएनएम की समीक्षा बैठक में दिए गए कई दिशा-निर्देश कुमारखंड। प्रखंड के सीएचसी स्थित सभा भवन में मंगलवार को सभी एएनएम की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सीएचसी प्रभारी डॉ वरुण कुमार ने किया। उन्होंने सभी एएनएम को स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य केंद्र पर सरकार द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक सही ढंग से पहुंचाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बीएचएम कुमार धनंजय ने सभी एएनएम को एक से 17 अगस्त तक सभी केंद्रों पर ओपीडी की भव्या पोर्टल पर दर्ज की गई रिपोर्ट, एनसीडी रिपोर्ट, टीकाकरण कार्यक्रम का रिपोर्ट की जानकारी देने के साथ ही केंद्र पर एएनएम द्वारा की जा रही टीबी स्क्रीनिंग जांच से संबंधित रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अपने सेंटर पर प्रतिदिन टेलीमेडिसिन के माध्यम से मरीजों का इलाज पर जोर दें। बैठक में बीसीएम उपेंद्र कुमार अमर, फार्मासिस्ट सुब्रत दास, कार्यपालक सहायक सैमसन कुमार, डीईओ मुजाहिद आलम‌, एएनएम रजनी कुमारी, पल्लवी कुमारी, पूजा कुमारी, सीमा प्रवीण, शिवानी कुमारी, निरुपमा कुमारी, नीतू कुमारी, नेहा कुमारी, मिली कुमारी, रंजू कुमारी, पूजा कुमारी, प्रियंका कुमारी सहित सभी एएनएम व जीएनएम मौजूद थी।
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    टीबी स्क्रीनिंग टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की हुई समीक्षा 
एएनएम की समीक्षा बैठक में दिए गए कई दिशा-निर्देश 
कुमारखंड। प्रखंड के सीएचसी स्थित सभा भवन में मंगलवार को सभी एएनएम की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सीएचसी प्रभारी डॉ वरुण कुमार ने किया। उन्होंने सभी एएनएम को स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य केंद्र पर सरकार द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक सही ढंग से पहुंचाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बीएचएम कुमार धनंजय ने सभी एएनएम को एक से 17 अगस्त तक सभी केंद्रों पर ओपीडी की भव्या पोर्टल पर दर्ज की गई रिपोर्ट, एनसीडी रिपोर्ट, टीकाकरण कार्यक्रम का रिपोर्ट की जानकारी देने के साथ ही केंद्र पर एएनएम द्वारा की जा रही टीबी स्क्रीनिंग जांच से संबंधित रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अपने सेंटर पर प्रतिदिन टेलीमेडिसिन के माध्यम से मरीजों का इलाज पर जोर दें। बैठक में बीसीएम उपेंद्र कुमार अमर, फार्मासिस्ट सुब्रत दास, कार्यपालक सहायक सैमसन कुमार, डीईओ मुजाहिद आलम‌, एएनएम रजनी कुमारी, पल्लवी कुमारी, पूजा कुमारी, सीमा प्रवीण, शिवानी कुमारी, निरुपमा कुमारी, नीतू कुमारी, नेहा कुमारी, मिली कुमारी, रंजू कुमारी, पूजा कुमारी, प्रियंका कुमारी सहित सभी एएनएम व जीएनएम मौजूद थी।
    user_Ashish Thakur
    Ashish Thakur
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    19 hrs ago
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