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कानपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ विवादित होर्डिंग लगाए गए हैं। इन होर्डिंगों के सामने आने के बाद, सपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे शहर का माहौल खराब करने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।
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कानपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ विवादित होर्डिंग लगाए गए हैं। इन होर्डिंगों के सामने आने के बाद, सपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे शहर का माहौल खराब करने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।
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- उत्तर प्रदेश के बाह में बिजली की किल्लत और खराब ट्रांसफार्मरों से जूझ रहे किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है, जहाँ उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सोमवार को बाह के बिजली घर पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। तहसील अध्यक्ष अनुज भदौरिया के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर फर्श बिछाकर बैठ गए हैं। किसानों की प्रमुख माँगें हैं कि भदौरौनी फीडर के अंतर्गत इंद्रायनी और विजयगढ़ी के खराब ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदला जाए, पिछले एक साल से लंबित शिकायतों का तुरंत निपटारा हो, और भ्रष्ट व लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों का आरोप है कि वे पिछले एक साल से बिजली की समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन विभाग उनकी सुनवाई नहीं कर रहा। जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र भदौरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक बाह के अधिशासी अभियंता और जेई भदौली को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा। अधिकारियों की मनमानी से नाराज़ अन्नदाता बिजली घर का घेराव कर हटने को तैयार नहीं हैं।4
- आगरा के छिपी टोला क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रही महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। यह घटना योगी सरकार द्वारा 'हर घर गंगाजल', 'क्लीन आगरा ग्रीन आगरा' और 'ग्रेटर नोएडा' जैसे आगरा शहर के लिए किए गए बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती दिखाई दे रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे लंबे समय से पानी की समस्या झेल रही हैं। भीषण गर्मी में, जब सरकार खुद आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह देती है, तब भी उन्हें अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए दूर-दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि कभी पानी मिलता है तो कभी नहीं, और ऐसी गर्मी में पानी न मिलना उनके लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन गया है। महिलाओं के इस आक्रोश को सरकार की साफ नाकामी बताया जा रहा है। आगरा शहर के अन्य क्षेत्र, जैसे श्याम नगर और जगदीशपुर, में भी सालों से नाले, गंदगी और सड़कों की खराब स्थिति जैसी शिकायतें बनी हुई हैं, और यह भी बताया गया कि कोई अधिकारी या नेता इन समस्याओं पर संज्ञान नहीं लेता, और न ही कभी ले पाएगा। छिपी टोला की इन महिलाओं ने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क को ब्लॉक कर दिया। काफी मुश्किलों के बाद समझाने-बुझाने पर ही वे सड़क से हटीं। महिलाओं का यह गुस्सा पानी की कमी और बच्चों की व्याकुलता को देखते हुए सरकार की विफलताओं को उजागर करता है।3
- नागला बंजारा पोस्ट दावर के ग्रामीणों को गांव की खराब सड़क के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने अपनी इस समस्या के समाधान के लिए योगी हेल्पलाइन 1076 पर भी संपर्क किया था, लेकिन उन्हें वहाँ से भी कोई सहायता नहीं मिली और उनकी समस्या अनसुलझी रही।1
- आगरा के विश्व प्रसिद्ध ताजमहल पर तैनात ताज सुरक्षा पुलिस न केवल सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि सेवा, संवेदना और भारतीय संस्कृति की एक अनूठी मिसाल भी पेश कर रही है। पश्चिमी गेट पर चलाए गए "ऑपरेशन टूरिस्ट डिलाइट" के तहत जापान और ब्रिटेन से आए विदेशी पर्यटकों का "अतिथि देवो भव:" की भावना के साथ स्वागत किया गया। पुलिसकर्मियों ने उनकी हर संभव मदद कर उनकी ताज यात्रा को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी कड़ी में, बिहार के भागलपुर से आए 70 वर्षीय बुजुर्ग पर्यटक अवध किशोर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ गए थे। ताज सुरक्षा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 30 मिनट में उन्हें खोज निकाला और परिजनों से सकुशल मिला दिया। इस सराहनीय कार्य में उप निरीक्षक पंकज सिंह पटेल, उप निरीक्षक शिवराज सिंह, आरक्षी आशु, महिला आरक्षी सुलेखा, मुख्य आरक्षी विजय प्रताप यादव, संजय सिंह पाल और महिला मुख्य आरक्षी सविता की अहम भूमिका रही।1
- वाराणसी के बेनिया बाग स्थित बकरी मंडी को पुलिस प्रशासन ने बकरा बेचने पर पाबंद कर दिया है। आज पुलिस ने मंडी के गेट पर ताला लगवा दिया और दूर-दराज से आए व्यापारियों को आधे घंटे के अंदर मंडी खाली कर अपने-अपने बकरे लेकर अपने जिलों में लौटने का आदेश दिया, जिससे व्यापारी अत्यधिक परेशान और नाराज़ हैं। व्यापारियों ने बताया कि वाराणसी नगर निगम स्मार्ट सिटी द्वारा मंडी लगाने के लिए 10 दिनों की अनुमति दी गई थी, लेकिन मंडी लगे हुए मात्र 5 दिन ही हुए थे जब इसे अचानक बंद कर दिया गया। लगभग 250 व्यापारी बकरे लेकर मंडी में आए थे। उनकी शिकायत है कि जब मंडी को बंद ही करना था, तो पहले अनुमति क्यों दी गई। कई व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने बकरे खरीदने के लिए या तो लोन लिया था या कर्ज लिया था, और कुछ के लिए तो यह साल भर की पूंजी थी, सबकी अपनी-अपनी मजबूरियाँ थीं। इस अप्रत्याशित पाबंदी के बाद बकरी मंडी के व्यापारियों ने जिलाधिकारी (DM) और कमिश्नर से गुहार लगाई है कि उन्हें कम से कम दो दिनों के लिए मंडी लगाने की अनुमति दी जाए।1
- आगरा की एक गली में लगातार पानी भर जाने के कारण स्थानीय निवासियों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव की समस्या से लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि उन्होंने इस गंभीर जल समस्या को लेकर अपने परसाद जो स्वामी से कई बार शिकायत की है। हालांकि, बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी इस समस्या पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिससे निवासियों में निराशा है।4
- कानपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ विवादित होर्डिंग लगाए गए हैं। इन होर्डिंगों के सामने आने के बाद, सपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे शहर का माहौल खराब करने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।1
- रामपुर के मिलक में एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सत्ता की हनक में एक किसान की जमीन हड़पने के लिए उसकी खड़ी फसल में जहर डालने का आरोप लगा है। किसान हर प्रसाद की निजी जमीन गाटा संख्या 143 पर कब्जा करने के मकसद से ग्राम प्रधान मोरसिंह पर यह जहरीला कदम उठाने का आरोप है। मंशा स्पष्ट है कि जानवर चारा खाकर मर जाएं, फसल सूख जाए, और प्रधान उस जगह कूड़े का ढेर लगाकर जमीन पर अवैध कब्जा कर ले। मामला तब और गंभीर हो जाता है जब आरोप है कि किसान हर प्रसाद द्वारा अपने हक की आवाज उठाने पर उसे 'SC/ST एक्ट' में फंसाने की धमकी दी जाती है। इस 'जहरीली दबंगई' का गवाह पूरा गाँव है, लेकिन डर के मारे सभी चुप हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या ग्राम प्रधान कानून से ऊपर है, और क्या गरीबों की जमीन अब दबंगों की जागीर बन जाएगी? प्रशासन की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, पूछा जा रहा है कि इस 'जहरीली दबंगई' पर प्रशासन मौन क्यों है। न्याय की उम्मीद अब केवल कागजों में सिमटती दिख रही है। इस घटना की आवाज को लखनऊ तक पहुँचाने की अपील की गई है, ताकि किसी और अन्नदाता की जमीन पर 'सत्ता का जहर' न छिड़का जा सके।2
- अमेरिकी विदेश मंत्री आगरा पहुँच गए हैं। वे यहाँ ताजमहल का दीदार करने के बाद जयपुर के लिए रवाना होंगे।1