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कांग्रेस नेता और नोहर से विधायक अमित चाचान ने किशनगढ़ बास में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी पर जमकर बरसते हुए अपनी बात रखी। विधायक चाचान ने यह संबोधन किशनगढ़ बास में आयोजित 'छात्र गूंज' कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया।
सुनील कान्त गोल्डी
कांग्रेस नेता और नोहर से विधायक अमित चाचान ने किशनगढ़ बास में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी पर जमकर बरसते हुए अपनी बात रखी। विधायक चाचान ने यह संबोधन किशनगढ़ बास में आयोजित 'छात्र गूंज' कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया।
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- राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय प्रयासों के कारण यह पूरा कार्यक्रम सकुशल और बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।1
- पकड़ीदयाल नेहरू चौक पर मुहर्रम के अवसर पर ताजिया निकाला गया।1
- अलवर में गायत्री परिवार ट्रस्ट करौली कुण्ड के तत्वावधान में शुक्रवार को स्कीम नंबर-8 स्थित श्याम बाबा मंदिर परिसर में एक भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सजे इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया और विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति तथा परिवारों की सुख-समृद्धि के लिए दीप प्रज्ज्वलित किए। दीपदान के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि दीपदान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में सद्भावना का संदेश देने का माध्यम है। दीपदान कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद श्रद्धालुओं में आगामी 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है, और उन्होंने समाज में शांति, सद्भावना, नैतिक जागरण तथा मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 से प्रारंभ हुए इस आध्यात्मिक आयोजन के अंतर्गत, शनिवार 27 जून 2026 को प्रातः 8 बजे से श्याम बाबा मंदिर परिसर में 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएँगी, जिसका उद्देश्य मानव जीवन में नैतिकता, संस्कार, आत्मिक उन्नति तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ में पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, परिवार निर्माण, युवा जागरण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष संदेश दिए जाएँगे। यज्ञ के माध्यम से लोगों को वैदिक संस्कृति से जोड़ने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गायत्री परिवार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है, क्योंकि उनका मानना है कि सामूहिक यज्ञ और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।4
- भरत तिवारी जी के साथ हुए वाकये को 'निंदनीय' बताते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि उनके साथ 'गलत' किया गया है। जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस ने कथित तौर पर उनका एनकाउंटर किया और उन्हें गलत तरीके से फंसाया। कहा गया है कि भरत तिवारी सभी जातियों, वर्गों और भाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की गई है, और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की बात कही गई है। इस बीच, अलवर में भरत तिवारी के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है।4
- बहरोड़ शहर में स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में 1 जुलाई 2019 से लगातार निशुल्क भोजन की व्यवस्था संचालित की जा रही है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सीताराम ने बताया कि इस सेवा के तहत श्रद्धालुओं को दाल, चावल, सब्जी, पूरी और एक मिठाई निःशुल्क प्रदान की जाती है। गर्मियों के मौसम में मंदिर परिसर में मीठा पानी भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। यह निशुल्क भोजन व्यवस्था पूरे 365 दिन निर्बाध रूप से जारी रहती है।1
- नोहर विधायक अमित चाचान ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर खैरथल में 'जिला बचाओ संघर्ष समिति' द्वारा दिए जा रहे धरने को अपना समर्थन दिया। वे इस दौरान खैरथल में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा करने पहुंचे थे। चाचान ने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि खैरथल में एक बड़ा आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार इस पर मौन साधे बैठी है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा नए स्थापित किए गए जिलों में अलग से बजट भेजने के बावजूद, राजनीतिक द्वेषता के चलते नए जिला सचिवालय का कार्य रोक दिया गया है। सरकार के इस कदम से लोगों की जनभावना आहत हो रही है, और खैरथल में सभी वर्गों के लोग पिछले 323 दिनों से धरने पर बैठकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं। नोहर विधायक, जो जिले के प्रभारी भी हैं, ने घोषणा की कि जल्द ही खैरथल में एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश के कई बड़े नेता शिरकत करेंगे। चाचान के धरना स्थल पर पहुंचने पर समिति के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक दीपचंद खैरिया, शहर अध्यक्ष शिवचरण गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य गिरीश डाटा, मुंडावर ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश कौशिक, वीरसिंह ढिल्लों, प्रकाश दादाणी, दीपक चौधरी और जमालुद्दीन समेत अनेक सदस्य मौजूद थे।1
- दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार रात यहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को लंबे समय तक जाम में फंसा रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि भारी टोल शुल्क वसूलने के बावजूद टोल की कई लेन अक्सर बंद रहती हैं, जिसके कारण रोजाना हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि पीक ऑवर के दौरान भी पर्याप्त संख्या में टोल लेन चालू नहीं रहतीं, जिसके परिणामस्वरूप निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन एक ही कतार में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। कई यात्रियों ने टोल पार करने के लिए 20 से 40 मिनट तक इंतजार करने की बात कही। इस लगातार लगने वाले जाम से यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, ऐसे में शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर यह बार-बार लगने वाला जाम टोल प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि लगभग रोज की कहानी है। जनता यह सवाल कर रही है कि जब पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है तो सभी लेन चालू क्यों नहीं रखी जातीं और रोजाना लगने वाले इस जाम की जिम्मेदारी कौन लेगा। खैरथल तिजारा लाइव ने मांग की है कि सभी टोल लेन 24 घंटे संचालित की जाएं, पीक ऑवर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, और जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि इस टोल प्लाजा को राजस्थान के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में गिना जाता है, फिर भी यहां सुविधाएं पूरी तरह से फेल हैं। उन्होंने टोल संचालन की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आम यात्रियों को निर्बाध, सुरक्षित और समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित करने की भी मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह और गंभीर रूप ले सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासन, NHAI और टोल प्रबंधन यात्रियों की इस गंभीर परेशानी पर कब संज्ञान लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।1
- मुहर्रम पर्व शांति और सौहार्द के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।1
- दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। शुक्रवार रात को टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे कई किलोमीटर तक वाहन रेंगते रहे और सैकड़ों यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि भारी टोल शुल्क वसूलने के बावजूद टोल की कई लेन बंद रहती हैं, जिसके कारण उन्हें रोज़ाना भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। मौके पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि पीक ऑवर में भी पर्याप्त लेन चालू नहीं रहतीं, जिसके चलते निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन एक ही कतार में खड़े रहने को मजबूर होते हैं। कई यात्रियों को टोल पार करने के लिए 20 से 40 मिनट तक का इंतजार करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि जब पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है तो सुविधाएं भी उसी स्तर की मिलनी चाहिए, लेकिन लगातार लगने वाले जाम से उनका समय बर्बाद हो रहा है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दिल्ली-जयपुर हाईवे देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है, और शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर बार-बार लगने वाला जाम टोल प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कोई एक दिन की समस्या नहीं बल्कि लगभग रोज़ का हाल बन चुका है। जनता सवाल उठा रही है कि जब पूरा टोल लिया जा रहा है तो सभी लेन चालू क्यों नहीं रखी जातीं और रोज़ाना लगने वाले जाम की जिम्मेदारी कौन लेगा? यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए प्रशासन और टोल प्रबंधन कब कार्रवाई करेंगे? 'खैरथल तिजारा लाइव' ने माँग की है कि सभी टोल लेन 24 घंटे संचालित की जाएँ, पीक ऑवर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, टोल संचालन की उच्च स्तरीय जाँच कर जिम्मेदारी तय की जाए और आम यात्रियों को निर्बाध, सुरक्षित तथा समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो यह समस्या आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकती है। अब देखना यह होगा कि संबंधित प्रशासन, NHAI और टोल प्रबंधन यात्रियों की इस परेशानी पर कब संज्ञान लेते हैं, क्योंकि राजस्थान के सबसे महंगे टोल प्लाजाओं में शामिल शाहजहांपुर टोल पर सुविधाएँ पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं।1