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पांगी घाटी में जुकारू उत्सव की गूंज: 'मांगल' पर्व पर आस्था, कृषि परंपरा और लोक-संस्कृति का भव्य समागम हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम और नैसर्गिक सौंदर्य से लबालब जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में इन दिनों 'जुकारू' उत्सव की लहर चल रही है। उत्सव के तीसरे दिन मनाया जाने वाला 'मांगल' (जिसे स्थानीय भाषा में चियालू मेला भी कहा जाता है) पर्व साच गांव सहित पूरी घाटी में पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों के बीच, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे ग्रामीणों ने अपनी सदियों पुरानी संस्कृति को जीवंत कर दिया। 1. ब्रह्म मुहूर्त का आध्यात्मिक आरम्भ: पूजा पाठ और शुद्धि। मांगल पर्व का दिन पांगी वासियों के लिए किसी आध्यात्मिक यात्रा से कम नहीं होता। इसकी शुरुआत सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में होती है। कड़ाके की ठंड और शून्य से नीचे के तापमान के बावजूद, ग्रामीण सुबह जल्दी उठकर पारंपरिक स्नान (शुद्धि) करते हैं। * ध्वनि और वातावरण: गांवों की गलियां शंखनाद और लोक वाद्ययंत्रों की पवित्र ध्वनियों से गूंज उठती हैं। * वेशभूषा: महिलाएं अपने विशेष पंगवाली परिधानों और पुश्तैनी चांदी के आभूषणों में सजती हैं, जबकि पुरुष पारंपरिक ऊनी टोपी और चोला पहनकर इस उत्सव की गरिमा बढ़ाते हैं। 2. कुल देव और धरती माता का पूजन: सामूहिक एकता की मिसाल। घरों में पूजा-अर्चना के बाद, ग्रामीण टोलियों के रूप में अपने-अपने 'धरती माता' पूजन स्थलों की ओर प्रस्थान करते हैं। * वंशानुगत आस्था: कई परिवार अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित 'कुल स्थलों' पर जाते हैं, जहाँ पीढ़ियों से पूजा होती आ रही है। * सामुदायिक भावना: साच जैसे गांवों में प्रजामंडल (पूरे गांव का समूह) एक ही स्थान पर एकत्रित होकर सामूहिक पूजा करता है। यह दृश्य आधुनिक युग में भी आपसी भाईचारे और सामुदायिक एकता की एक सशक्त मिसाल पेश करता है। 3. विशेष अनुष्ठान: आटे के बकरे और प्रतीकात्मक समर्पण। पूजा स्थल पर पहुँचते ही सबसे पहले धरती माता का फूलों, अक्षत और धूप-दीप से शृंगार किया जाता है। * पारंपरिक भोग: माता को घर में बने ताजे पूरी, मंडे और सत्तू का भोग लगाया जाता है। * अद्वितीय परंपरा: इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण और रोचक पहलू आटे से बने बकरों की प्रतिमा का अर्पण है। बुजुर्गों के अनुसार, यह 'प्रतीकात्मक बलि' प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और जीवों के प्रति दया भाव का संदेश देती है। यह इस विश्वास का प्रतीक है कि मनुष्य अपनी फसल और पशुधन की रक्षा के लिए ईश्वर को अपना सर्वस्व समर्पित करता है। 4. कृषि चक्र की औपचारिक शुरुआत: बर्फ के बीच उम्मीदों की बुआई। पांगी घाटी में सर्दियाँ लंबी और कठिन होती हैं, जहाँ खेती के लिए वर्ष में केवल एक ही अवसर (सीजन) मिलता है। 'मांगल' पर्व इसी कृषि चक्र के आगमन का शंखनाद है। * प्रतीकात्मक हल: पूजा के पश्चात किसान अपने पारंपरिक लकड़ी के हल और औजारों के साथ खेतों में उतरते हैं। * बीज वपन: प्रतीकात्मक रूप से खेत जोतकर बीज बोए जाते हैं। यह रस्म केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन की निरंतरता और कठिन परिस्थितियों में भी श्रम करने के जज्बे को दर्शाती है। 5. लोकनृत्य 'पंगवाली नाटी' और संगीत का उल्लास। दोपहर के समय पूरी घाटी उत्सव के रंग में रंग जाती है। ढोल, नगाड़े और स्थानीय वाद्ययंत्रों की थाप पर पुरुष और महिलाएं पंगवाली नाटी (लोकनृत्य) करते हैं। * नृत्य की शैली: महिलाएं एक-दूसरे का हाथ थामकर गोल घेरा बनाती हैं और धीमी लय से शुरू होकर तीव्र गति तक नृत्य करती हैं। * युवा पीढ़ी की भागीदारी: इस वर्ष के उत्सव में युवाओं और बच्चों का भारी उत्साह देखा गया, जो यह दर्शाता है कि आधुनिकता की दौड़ में भी पांगी की सांस्कृतिक जड़ें बेहद गहरी और सुरक्षित हैं। अंत में कह सकते है: संस्कृति और प्रकृति का अटूट बंधन। जुकारू का यह मांगल पर्व सिद्ध करता है कि पांगी के लोग अपनी जमीन को केवल 'मिट्टी' नहीं, बल्कि 'माता' मानते हैं। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण, जीव दया और सामुदायिक सहयोग का एक ऐसा उत्कृष्ट उदाहरण है जिसे पूरी दुनिया को देखना चाहिए। कठिन भूगोल और आधुनिक सुविधाओं के अभाव के बावजूद, पांगी की यह जीवंत संस्कृति आज भी हिमाचल के गौरव को बढ़ा रही है।

2 hrs ago
user_PANGI NEWS 24
PANGI NEWS 24
Social Media Manager Pangi, Chamba•
2 hrs ago

पांगी घाटी में जुकारू उत्सव की गूंज: 'मांगल' पर्व पर आस्था, कृषि परंपरा और लोक-संस्कृति का भव्य समागम हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम और नैसर्गिक सौंदर्य से लबालब जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में इन दिनों 'जुकारू' उत्सव की लहर चल रही है। उत्सव के तीसरे दिन मनाया जाने वाला 'मांगल' (जिसे स्थानीय भाषा में चियालू मेला भी कहा जाता है) पर्व साच गांव सहित पूरी घाटी में पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों के बीच, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे ग्रामीणों ने अपनी सदियों पुरानी संस्कृति को जीवंत कर दिया। 1. ब्रह्म मुहूर्त का आध्यात्मिक आरम्भ: पूजा पाठ और शुद्धि। मांगल पर्व का दिन पांगी वासियों के लिए किसी आध्यात्मिक यात्रा से कम नहीं होता। इसकी शुरुआत सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में होती है। कड़ाके की ठंड और शून्य से नीचे के तापमान के बावजूद, ग्रामीण सुबह जल्दी उठकर पारंपरिक स्नान (शुद्धि) करते हैं। * ध्वनि और वातावरण: गांवों की गलियां शंखनाद और लोक वाद्ययंत्रों की पवित्र ध्वनियों से गूंज उठती हैं। * वेशभूषा: महिलाएं अपने विशेष पंगवाली परिधानों और पुश्तैनी चांदी के आभूषणों में सजती हैं, जबकि पुरुष पारंपरिक ऊनी टोपी और चोला पहनकर इस उत्सव की गरिमा बढ़ाते हैं। 2. कुल देव और धरती माता का पूजन: सामूहिक एकता की मिसाल। घरों में पूजा-अर्चना के बाद, ग्रामीण टोलियों के रूप में अपने-अपने 'धरती माता' पूजन स्थलों की ओर प्रस्थान करते हैं। * वंशानुगत आस्था: कई परिवार अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित 'कुल स्थलों' पर जाते हैं, जहाँ पीढ़ियों से पूजा होती आ रही है। * सामुदायिक भावना: साच जैसे गांवों में प्रजामंडल (पूरे गांव का समूह) एक ही स्थान पर एकत्रित होकर सामूहिक पूजा करता है। यह दृश्य आधुनिक युग में भी आपसी भाईचारे और सामुदायिक एकता की एक सशक्त मिसाल पेश करता है। 3. विशेष अनुष्ठान: आटे के बकरे और प्रतीकात्मक समर्पण। पूजा स्थल पर पहुँचते ही सबसे पहले धरती माता का फूलों, अक्षत और धूप-दीप से शृंगार किया जाता है। * पारंपरिक भोग: माता को घर में बने ताजे पूरी, मंडे और सत्तू का भोग लगाया जाता है। * अद्वितीय परंपरा: इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण और रोचक पहलू आटे से बने बकरों की प्रतिमा का अर्पण है। बुजुर्गों के अनुसार, यह 'प्रतीकात्मक बलि' प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और जीवों के प्रति दया भाव का संदेश देती है। यह इस विश्वास का प्रतीक है कि मनुष्य अपनी फसल और पशुधन की रक्षा के लिए ईश्वर को अपना सर्वस्व समर्पित करता है। 4. कृषि चक्र की औपचारिक शुरुआत: बर्फ के बीच उम्मीदों की बुआई। पांगी घाटी में सर्दियाँ लंबी और कठिन होती हैं, जहाँ खेती के लिए वर्ष में केवल एक ही अवसर (सीजन) मिलता है। 'मांगल' पर्व इसी कृषि चक्र के आगमन का शंखनाद है। * प्रतीकात्मक हल: पूजा के पश्चात किसान अपने पारंपरिक लकड़ी के हल और औजारों के साथ खेतों में उतरते हैं। * बीज वपन: प्रतीकात्मक रूप से खेत जोतकर बीज बोए जाते हैं। यह रस्म केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन की निरंतरता और कठिन परिस्थितियों में भी श्रम करने के जज्बे को दर्शाती है। 5. लोकनृत्य 'पंगवाली नाटी' और संगीत का उल्लास। दोपहर के समय पूरी घाटी उत्सव के रंग में रंग जाती है। ढोल, नगाड़े और स्थानीय वाद्ययंत्रों की थाप पर पुरुष और महिलाएं पंगवाली नाटी (लोकनृत्य) करते हैं। * नृत्य की शैली: महिलाएं एक-दूसरे का हाथ थामकर गोल घेरा बनाती हैं और धीमी लय से शुरू होकर तीव्र गति तक नृत्य करती हैं। * युवा पीढ़ी की भागीदारी: इस वर्ष के उत्सव में युवाओं और बच्चों का भारी उत्साह देखा गया, जो यह दर्शाता है कि आधुनिकता की दौड़ में भी पांगी की सांस्कृतिक जड़ें बेहद गहरी और सुरक्षित हैं। अंत में कह सकते है: संस्कृति और प्रकृति का अटूट बंधन। जुकारू का यह मांगल पर्व सिद्ध करता है कि पांगी के लोग अपनी जमीन को केवल 'मिट्टी' नहीं, बल्कि 'माता' मानते हैं। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण, जीव दया और सामुदायिक सहयोग का एक ऐसा उत्कृष्ट उदाहरण है जिसे पूरी दुनिया को देखना चाहिए। कठिन भूगोल और आधुनिक सुविधाओं के अभाव के बावजूद, पांगी की यह जीवंत संस्कृति आज भी हिमाचल के गौरव को बढ़ा रही है।

More news from Kullu and nearby areas
  • Meri Bhanji Aur Bhanja Jamai Lohdi Party Khana City
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    Meri Bhanji Aur Bhanja Jamai Lohdi Party Khana City
    user_PC ThakurSaab And Krishna Babu ji Manali
    PC ThakurSaab And Krishna Babu ji Manali
    Tour Guide Manali, Kullu•
    12 hrs ago
  • Post by इन्दौरा रिपोर्टर
    3
    Post by इन्दौरा रिपोर्टर
    user_इन्दौरा रिपोर्टर
    इन्दौरा रिपोर्टर
    Stationery Shop इंदोरा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by VERINDER SINGH
    1
    Post by VERINDER SINGH
    user_VERINDER SINGH
    VERINDER SINGH
    मोंगड़ी, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    4 hrs ago
  • Post by Till The End News
    1
    Post by Till The End News
    user_Till The End News
    Till The End News
    Local News Reporter मजालता, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    4 hrs ago
  • सुजानपुर राजकीय महाविद्यालय सुजानपुर में शुक्रवार को कैरियर काउंसलिंग और गाइडेंस सेल के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी के ऊपर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ विभा ठाकुर के संबोधन से हुई। जिसमें जी एन ए यूनिवर्सिटी फगवाड़ा से सह आचार्य डॉ राजेश शर्मा ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित किया जिसमें उन्होंने साइबर क्राइम के प्रकार और उनके रोकने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की। उनके सहयोगी श्री आर्यन और कुमार मोनू ने भी प्रैक्टिकल कुछ उदाहरण भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उप प्राचार्य डॉ जितेंद्र कुमार बनवाल, डॉ आचार्य डॉ सुमन शर्मा, प्रो प्रमोज शर्मा, प्रो दिव्या शर्मा, प्रो राजेश खरवाल, प्रो वंदना प्रो राजीव ठाकुर, प्रो अरविंद कुमार, प्रो शशि शर्मा,प्रो अरविंद पुरी, प्रो संदीप शर्मा, प्रो साहिल शर्मा, सहित बीबीए और बीसीए के सभी स्टाफ सहित लगभग 400 विद्यार्थी उपस्थित रहे। आज ही एक्सीलेंस टेक्नोलॉजी कंपनी मोहाली के माध्यम से महाविद्यालय के बीसीए और बीबीए विभाग के 90 विद्यार्थियों ने 45 दिनों का डाटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग कोर्स पूरा किया ।प्रबंधक श्री दीपक कश्यप और उनकी टीम ने भी महाविद्यालय में शिरकत की और विद्यार्थियों को आईटी सेक्टर में करियर की संभावनाओं के बारे में अवगत करवाया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ विभा ठाकुर, श्री दीपक कश्यप बीबीए समन्वयक डॉ जितेंद्र ठाकुर, बीसीए समन्वयक प्रो प्रमोज शर्मा ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र बांटे और शुभकामनाएं प्रदान की।
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    सुजानपुर
राजकीय महाविद्यालय सुजानपुर में शुक्रवार को कैरियर काउंसलिंग और गाइडेंस सेल के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी के ऊपर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ विभा ठाकुर के संबोधन से हुई। जिसमें जी एन ए यूनिवर्सिटी फगवाड़ा से सह आचार्य डॉ राजेश शर्मा ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित किया जिसमें उन्होंने साइबर क्राइम के प्रकार और उनके रोकने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की। उनके सहयोगी श्री आर्यन और  कुमार मोनू ने भी प्रैक्टिकल कुछ उदाहरण भी प्रस्तुत किए। 
कार्यक्रम में उप प्राचार्य  डॉ  जितेंद्र कुमार बनवाल, डॉ आचार्य डॉ सुमन शर्मा, प्रो  प्रमोज शर्मा, प्रो दिव्या शर्मा, प्रो राजेश खरवाल, प्रो वंदना प्रो राजीव ठाकुर, प्रो अरविंद कुमार, प्रो  शशि शर्मा,प्रो अरविंद पुरी, प्रो संदीप शर्मा, प्रो साहिल शर्मा, सहित बीबीए और बीसीए के सभी स्टाफ सहित लगभग 400 विद्यार्थी उपस्थित रहे। आज ही एक्सीलेंस टेक्नोलॉजी कंपनी मोहाली के माध्यम से महाविद्यालय के बीसीए और बीबीए विभाग के 90  विद्यार्थियों ने 45 दिनों का डाटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग कोर्स  पूरा किया ।प्रबंधक श्री दीपक कश्यप और उनकी टीम ने भी महाविद्यालय में शिरकत की और विद्यार्थियों को आईटी सेक्टर में करियर की संभावनाओं के बारे में अवगत करवाया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ विभा ठाकुर, श्री दीपक कश्यप बीबीए समन्वयक डॉ जितेंद्र ठाकुर,  बीसीए समन्वयक प्रो  प्रमोज शर्मा ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र बांटे और शुभकामनाएं प्रदान की।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • वाइब्रेटर का प्रयोग नहीं, डंडों से बराबर की जा रही कंक्रीट; विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल इंदौरा--- मंड क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिलवां–बरोटा–ठाकुरद्वारा लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 30 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के निर्माण के लिए लोग लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे। आखिरकार वर्ष 2025 में इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसे उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन कार्य शुरू होने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कंपनी घटिया निर्माण कार्य कर रही है और मानकों की अनदेखी की जा रही है। कुछ दिन पहले उलेहड़िया और मिलवां क्षेत्र में डंगों के निर्माण के दौरान वाइब्रेटर का प्रयोग न करने की शिकायतें सामने आई थीं। मामला मीडिया में आने के बाद कुछ दिन तक कार्य में सुधार देखने को मिला, लेकिन इसके बाद फिर से लापरवाही शुरू हो गई। ताजा मामला तेयोडा स्थित राधा स्वामी सत्संग घर के पास का है, जहां डंगे के निर्माण के दौरान पूरी कंक्रीट मिक्स गाड़ी एक साथ डाल दी गई। नियमानुसार कंक्रीट को मजबूत बनाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग जरूरी होता है, लेकिन मौके पर वाइब्रेटर मौजूद नहीं था। मजदूर डंडों की सहायता से कंक्रीट को बराबर करते नजर आए, जो कि तकनीकी दृष्टि से बेहद गंभीर लापरवाही मानी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से बनाए गए डंगे कभी भी गिर सकते हैं,। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार वाइब्रेटर मशीन केवल दिखावे के लिए टेम्पो में रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जाता। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले विभागीय कर्मचारी अक्सर मौके से गायब रहते हैं। वहीं, उच्च अधिकारी भी निरीक्षण के लिए मौके पर नहीं पहुंचते और केवल औपचारिकता निभाते हुए फोन के माध्यम से ही कार्यों की समीक्षा कर लेते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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    वाइब्रेटर का प्रयोग नहीं, डंडों से बराबर की जा रही कंक्रीट; विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल 
इंदौरा--- मंड क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिलवां–बरोटा–ठाकुरद्वारा लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 30 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के निर्माण के लिए लोग लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे। आखिरकार वर्ष 2025 में इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसे उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन कार्य शुरू होने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कंपनी घटिया निर्माण कार्य कर रही है और मानकों की अनदेखी की जा रही है। कुछ दिन पहले उलेहड़िया और मिलवां क्षेत्र में डंगों के निर्माण के दौरान वाइब्रेटर का प्रयोग न करने की शिकायतें सामने आई थीं। मामला मीडिया में आने के बाद कुछ दिन तक कार्य में सुधार देखने को मिला, लेकिन इसके बाद फिर से लापरवाही शुरू हो गई। ताजा मामला तेयोडा स्थित राधा स्वामी सत्संग घर के पास का है, जहां डंगे के निर्माण के दौरान पूरी कंक्रीट मिक्स गाड़ी एक साथ डाल दी गई। नियमानुसार कंक्रीट को मजबूत बनाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग जरूरी होता है, लेकिन मौके पर वाइब्रेटर मौजूद नहीं था। मजदूर डंडों की सहायता से कंक्रीट को बराबर करते नजर आए, जो कि तकनीकी दृष्टि से बेहद गंभीर लापरवाही मानी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से बनाए गए डंगे कभी भी गिर सकते हैं,। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार वाइब्रेटर मशीन केवल दिखावे के लिए टेम्पो में रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जाता। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले विभागीय कर्मचारी अक्सर मौके से गायब रहते हैं। वहीं, उच्च अधिकारी भी निरीक्षण के लिए मौके पर नहीं पहुंचते और केवल औपचारिकता निभाते हुए फोन के माध्यम से ही कार्यों की समीक्षा कर लेते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
    user_इंदौरा अपडेट
    इंदौरा अपडेट
    Stationery Shop इंदोरा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by PC ThakurSaab And Krishna Babu ji Manali
    1
    Post by PC ThakurSaab And Krishna Babu ji Manali
    user_PC ThakurSaab And Krishna Babu ji Manali
    PC ThakurSaab And Krishna Babu ji Manali
    Tour Guide Manali, Kullu•
    12 hrs ago
  • Post by इन्दौरा रिपोर्टर
    1
    Post by इन्दौरा रिपोर्टर
    user_इन्दौरा रिपोर्टर
    इन्दौरा रिपोर्टर
    Stationery Shop इंदोरा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुजानपुर संधोल मुख्य मार्ग पर रिहानी खडड के ऊपर डबल लेन स्पेन पुल बनेगा जिसकी लंबाई करीब 25 मीटर होगी यह जानकारी विधायक सुजानपुर कैप्टन रंजीत ने इस डबल लेन स्पेन पुल के निर्माण कार्य शुरू होने से पहले रखे गए भूमि पूजन कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से मुखतिब होते हुए कही विधायक ने कहा कि अक्सर इस पुल के ऊपर जाम लगता था लोगों को भारी परेशानी होती थी उस समस्या को ध्यान में रखते हुए इस पुल को डबल करने का कार्य शुरू किया जाएगा संबंधित विभाग जल्द निर्माण कार्य पूरा करेगा ऐसे उन्होंने निर्देश दिए हैं इससे पहले यहां कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि विधायक सुजानपुर का विभागीय उच्च अधिकारियों सहित अन्य लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया विधायक ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है जहां जरूरत है वहां पर निर्माण कार्य शुरू करवाए जा रहे हैं बात विधायक निधि की हो या फिर अन्य बजट की हर कार्य को करवाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहे हैं उन्होंने कहा कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में जो कार्य किये जा रहे हैं उसे लोग याद रखेंगे उन्हें विधायक यहां की जनता ने बनाया है और जब तक वह विधायक हैं विधानसभा क्षेत्र की किसी भी पंचायत में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं रहेगी । एक अन्य कार्यक्रम में विधायक सुजानपुर ने विधानसभा क्षेत्र की पंचायत चलोह में पहुंचकर सामुदायिक सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया यहां पंचायत के निर्वातमन प्रधान राजेश गथानिया सहित विभागीय अधिकारियों ने विधायक का स्वागत किया विधायक ने कहा कि इस पंचायत के लिए लगातार बजट जारी किया है आगे भी विकास कार्य के लिए बजट की कोई कमी नहीं आएगी यहां पहुंचे विधायक का पंचायत निवर्तमान प्रधान सहित अन्य लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
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    सुजानपुर
सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुजानपुर संधोल मुख्य मार्ग पर रिहानी खडड के ऊपर डबल लेन स्पेन पुल बनेगा जिसकी लंबाई करीब 25 मीटर होगी यह जानकारी विधायक सुजानपुर कैप्टन रंजीत ने इस डबल लेन स्पेन पुल के निर्माण कार्य शुरू होने से पहले रखे गए भूमि पूजन कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से मुखतिब होते हुए कही विधायक ने कहा कि अक्सर इस पुल के ऊपर जाम लगता था लोगों को भारी परेशानी होती थी उस समस्या को ध्यान में रखते हुए इस पुल को डबल करने का कार्य शुरू किया जाएगा संबंधित विभाग जल्द निर्माण कार्य पूरा करेगा ऐसे उन्होंने निर्देश दिए हैं इससे पहले यहां कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि विधायक सुजानपुर का विभागीय उच्च अधिकारियों सहित अन्य लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया विधायक ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है जहां जरूरत है वहां पर निर्माण कार्य शुरू करवाए जा रहे हैं बात विधायक निधि की हो या फिर अन्य बजट की हर कार्य को करवाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहे हैं उन्होंने कहा कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में जो कार्य किये जा रहे हैं उसे लोग याद रखेंगे उन्हें विधायक यहां की जनता ने बनाया है और जब तक वह विधायक हैं विधानसभा क्षेत्र की किसी भी पंचायत में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं रहेगी ।
एक अन्य कार्यक्रम में विधायक सुजानपुर ने विधानसभा क्षेत्र की पंचायत चलोह में पहुंचकर सामुदायिक सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया यहां पंचायत के निर्वातमन प्रधान राजेश गथानिया सहित विभागीय अधिकारियों ने विधायक का स्वागत किया विधायक ने कहा कि इस पंचायत के लिए लगातार बजट जारी किया है आगे भी विकास कार्य के लिए बजट की कोई कमी नहीं आएगी यहां पहुंचे विधायक का पंचायत निवर्तमान प्रधान सहित अन्य लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
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