मिलवां–ठाकुरद्वारा सड़क पर बन रहे डंगों में घटिया निर्माण, लोगों में रोष वाइब्रेटर का प्रयोग नहीं, डंडों से बराबर की जा रही कंक्रीट; विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल इंदौरा--- मंड क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिलवां–बरोटा–ठाकुरद्वारा लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 30 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के निर्माण के लिए लोग लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे। आखिरकार वर्ष 2025 में इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसे उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन कार्य शुरू होने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कंपनी घटिया निर्माण कार्य कर रही है और मानकों की अनदेखी की जा रही है। कुछ दिन पहले उलेहड़िया और मिलवां क्षेत्र में डंगों के निर्माण के दौरान वाइब्रेटर का प्रयोग न करने की शिकायतें सामने आई थीं। मामला मीडिया में आने के बाद कुछ दिन तक कार्य में सुधार देखने को मिला, लेकिन इसके बाद फिर से लापरवाही शुरू हो गई। ताजा मामला तेयोडा स्थित राधा स्वामी सत्संग घर के पास का है, जहां डंगे के निर्माण के दौरान पूरी कंक्रीट मिक्स गाड़ी एक साथ डाल दी गई। नियमानुसार कंक्रीट को मजबूत बनाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग जरूरी होता है, लेकिन मौके पर वाइब्रेटर मौजूद नहीं था। मजदूर डंडों की सहायता से कंक्रीट को बराबर करते नजर आए, जो कि तकनीकी दृष्टि से बेहद गंभीर लापरवाही मानी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से बनाए गए डंगे कभी भी गिर सकते हैं,। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार वाइब्रेटर मशीन केवल दिखावे के लिए टेम्पो में रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जाता। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले विभागीय कर्मचारी अक्सर मौके से गायब रहते हैं। वहीं, उच्च अधिकारी भी निरीक्षण के लिए मौके पर नहीं पहुंचते और केवल औपचारिकता निभाते हुए फोन के माध्यम से ही कार्यों की समीक्षा कर लेते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
मिलवां–ठाकुरद्वारा सड़क पर बन रहे डंगों में घटिया निर्माण, लोगों में रोष वाइब्रेटर का प्रयोग नहीं, डंडों से बराबर की जा रही कंक्रीट; विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल इंदौरा--- मंड क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिलवां–बरोटा–ठाकुरद्वारा लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 30 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के निर्माण के लिए लोग लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे। आखिरकार वर्ष 2025 में इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसे उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन कार्य शुरू होने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कंपनी
घटिया निर्माण कार्य कर रही है और मानकों की अनदेखी की जा रही है। कुछ दिन पहले उलेहड़िया और मिलवां क्षेत्र में डंगों के निर्माण के दौरान वाइब्रेटर का प्रयोग न करने की शिकायतें सामने आई थीं। मामला मीडिया में आने के बाद कुछ दिन तक कार्य में सुधार देखने को मिला, लेकिन इसके बाद फिर से लापरवाही शुरू हो गई। ताजा मामला तेयोडा स्थित राधा स्वामी सत्संग घर के पास का है, जहां डंगे के निर्माण के दौरान पूरी कंक्रीट मिक्स गाड़ी एक साथ डाल दी गई। नियमानुसार कंक्रीट को मजबूत बनाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग जरूरी होता है, लेकिन मौके पर वाइब्रेटर मौजूद नहीं था। मजदूर डंडों की सहायता से कंक्रीट को बराबर करते नजर आए, जो कि तकनीकी दृष्टि से बेहद गंभीर लापरवाही मानी जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से बनाए गए डंगे कभी भी गिर सकते हैं,। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार वाइब्रेटर मशीन केवल दिखावे के लिए टेम्पो में रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जाता। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले विभागीय कर्मचारी अक्सर मौके से गायब रहते हैं। वहीं, उच्च अधिकारी भी निरीक्षण के लिए मौके पर नहीं पहुंचते और केवल औपचारिकता निभाते हुए फोन के माध्यम से ही कार्यों की समीक्षा कर लेते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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- वाइब्रेटर का प्रयोग नहीं, डंडों से बराबर की जा रही कंक्रीट; विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल इंदौरा--- मंड क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिलवां–बरोटा–ठाकुरद्वारा लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 30 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के निर्माण के लिए लोग लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे। आखिरकार वर्ष 2025 में इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसे उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन कार्य शुरू होने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कंपनी घटिया निर्माण कार्य कर रही है और मानकों की अनदेखी की जा रही है। कुछ दिन पहले उलेहड़िया और मिलवां क्षेत्र में डंगों के निर्माण के दौरान वाइब्रेटर का प्रयोग न करने की शिकायतें सामने आई थीं। मामला मीडिया में आने के बाद कुछ दिन तक कार्य में सुधार देखने को मिला, लेकिन इसके बाद फिर से लापरवाही शुरू हो गई। ताजा मामला तेयोडा स्थित राधा स्वामी सत्संग घर के पास का है, जहां डंगे के निर्माण के दौरान पूरी कंक्रीट मिक्स गाड़ी एक साथ डाल दी गई। नियमानुसार कंक्रीट को मजबूत बनाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग जरूरी होता है, लेकिन मौके पर वाइब्रेटर मौजूद नहीं था। मजदूर डंडों की सहायता से कंक्रीट को बराबर करते नजर आए, जो कि तकनीकी दृष्टि से बेहद गंभीर लापरवाही मानी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से बनाए गए डंगे कभी भी गिर सकते हैं,। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार वाइब्रेटर मशीन केवल दिखावे के लिए टेम्पो में रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जाता। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले विभागीय कर्मचारी अक्सर मौके से गायब रहते हैं। वहीं, उच्च अधिकारी भी निरीक्षण के लिए मौके पर नहीं पहुंचते और केवल औपचारिकता निभाते हुए फोन के माध्यम से ही कार्यों की समीक्षा कर लेते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।3
- भदरोया वन रेंज के जंगल में एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिलने से वन विभाग में हड कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और वेटनरी डॉक्टर मौके पर पहुंचे और शव का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार तेंदुए की मौत तीन-चार दिन पहले होने की आशंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे। आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।1
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- सुजानपुर राजकीय महाविद्यालय सुजानपुर में शुक्रवार को कैरियर काउंसलिंग और गाइडेंस सेल के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी के ऊपर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ विभा ठाकुर के संबोधन से हुई। जिसमें जी एन ए यूनिवर्सिटी फगवाड़ा से सह आचार्य डॉ राजेश शर्मा ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित किया जिसमें उन्होंने साइबर क्राइम के प्रकार और उनके रोकने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की। उनके सहयोगी श्री आर्यन और कुमार मोनू ने भी प्रैक्टिकल कुछ उदाहरण भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उप प्राचार्य डॉ जितेंद्र कुमार बनवाल, डॉ आचार्य डॉ सुमन शर्मा, प्रो प्रमोज शर्मा, प्रो दिव्या शर्मा, प्रो राजेश खरवाल, प्रो वंदना प्रो राजीव ठाकुर, प्रो अरविंद कुमार, प्रो शशि शर्मा,प्रो अरविंद पुरी, प्रो संदीप शर्मा, प्रो साहिल शर्मा, सहित बीबीए और बीसीए के सभी स्टाफ सहित लगभग 400 विद्यार्थी उपस्थित रहे। आज ही एक्सीलेंस टेक्नोलॉजी कंपनी मोहाली के माध्यम से महाविद्यालय के बीसीए और बीबीए विभाग के 90 विद्यार्थियों ने 45 दिनों का डाटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग कोर्स पूरा किया ।प्रबंधक श्री दीपक कश्यप और उनकी टीम ने भी महाविद्यालय में शिरकत की और विद्यार्थियों को आईटी सेक्टर में करियर की संभावनाओं के बारे में अवगत करवाया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ विभा ठाकुर, श्री दीपक कश्यप बीबीए समन्वयक डॉ जितेंद्र ठाकुर, बीसीए समन्वयक प्रो प्रमोज शर्मा ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र बांटे और शुभकामनाएं प्रदान की।2
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