बौंसी में रक्तदान शिविर का आयोजन, जनप्रतिनिधियों सहित युवाओं ने किया रक्तदान “बांका जिला के बौंसी में आज इंसानियत की एक मिसाल देखने को मिली… विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बौंसी स्थित होटल राजवीर इन में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया… इस शिविर का आयोजन संकल्प सेवा संस्था, व्यवसायिक कल्याण समिति और दुर्गा पूजा समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस खास मौके पर क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि पूरन लाल तुडू, समाजसेवी राजू सिंह, डॉ ऋषि केश और डॉ संजीव कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे… कार्यक्रम में न सिर्फ लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाई, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं ने आगे आकर रक्तदान किया… किसी ने पहली बार रक्तदान किया, तो किसी ने इसे अपना फर्ज समझकर निभाया… हर एक यूनिट ब्लड… किसी जरूरतमंद के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बन सकता है…
बौंसी में रक्तदान शिविर का आयोजन, जनप्रतिनिधियों सहित युवाओं ने किया रक्तदान “बांका जिला के बौंसी में आज इंसानियत की एक मिसाल देखने को मिली… विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बौंसी स्थित होटल राजवीर इन में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया… इस शिविर का आयोजन संकल्प सेवा संस्था, व्यवसायिक कल्याण समिति और दुर्गा पूजा समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस खास मौके पर क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि पूरन लाल तुडू, समाजसेवी राजू सिंह, डॉ ऋषि केश और डॉ संजीव कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे… कार्यक्रम में न सिर्फ लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाई, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं ने आगे आकर रक्तदान किया… किसी ने पहली बार रक्तदान किया, तो किसी ने इसे अपना फर्ज समझकर निभाया… हर एक यूनिट ब्लड… किसी जरूरतमंद के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बन सकता है…
- “बांका जिला के बौंसी में आज इंसानियत की एक मिसाल देखने को मिली… विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बौंसी स्थित होटल राजवीर इन में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया… इस शिविर का आयोजन संकल्प सेवा संस्था, व्यवसायिक कल्याण समिति और दुर्गा पूजा समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस खास मौके पर क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि पूरन लाल तुडू, समाजसेवी राजू सिंह, डॉ ऋषि केश और डॉ संजीव कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे… कार्यक्रम में न सिर्फ लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाई, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं ने आगे आकर रक्तदान किया… किसी ने पहली बार रक्तदान किया, तो किसी ने इसे अपना फर्ज समझकर निभाया… हर एक यूनिट ब्लड… किसी जरूरतमंद के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बन सकता है…1
- बिहार का गौरव कहे जाने वाले हेरिटेज स्थल 'मंदार' की पापहरनी सरोवर में सोमवार को एक बार फिर एक परिवार का चिराग बुझ गया। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी सुभाष मंडल का 21 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार स्नान करने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में समा गया। लेकिन इस हादसे से भी ज्यादा दर्दनाक रहा घटनास्थल पर मौजूद प्रशासन का रवैया, जिसने यह साबित कर दिया कि आम आदमी की जान की कीमत सरकारी फाइलों और कुर्सियों के सामने कुछ भी नहीं है। घटना का विवरण और लापरवाही की पराकाष्ठा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशीष अपने दो दोस्तों के साथ मंदार घूमने आया था। दोपहर करीब 2:20 बजे पापहरनी सरोवर में स्नान के दौरान उसका पैर फिसल गया। बगल में ही थाना होने के बावजूद, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने तत्परता नहीं दिखाई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे, तब प्रशासन 'गोताखोर आने' का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता रहा। बदहाल सिस्टम: जब रक्षक ही बन जाएं मूकदर्शक हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल के बिल्कुल समीप थाना होने के बावजूद कोई आला अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। हद तो तब हो गई जब स्थानीय लोगों ने खुद जाकर अधिकारियों को सूचना दी, फिर भी टालमटोल का सिलसिला जारी रहा। * थाना प्रभारी, BDO और CO की अनुपस्थिति: घटना के घंटों बाद तक न तो प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), न ही अंचलाधिकारी (CO) और न ही थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। * SDRF का गायब होना: बिहार सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि आपदा प्रबंधन के लिए SDRF की टीमें मुस्तैद हैं, लेकिन मंदार जैसे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल पर रेस्क्यू के नाम पर शून्य व्यवस्था दिखी। "बिना पैसे के नहीं हिलता सिस्टम" – पीड़ितों का आरोप मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "सिस्टम पूरी तरह से करप्ट हो चुका है, जब तक जेब गरम न की जाए, प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।" आशीष, जो तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था, उस घर की उम्मीद था। आज उस उम्मीद को प्रशासन की सुस्ती और संवेदनहीनता ने गहरे पानी में दफन कर दिया। स्थानीय गोताखोर बने सहारा, प्रशासन रहा नाकाम जिस शव को निकालने के लिए प्रशासन SDRF और सरकारी अमले का इंतजार कर रहा था, उसे अंततः क्षेत्रीय और स्थानीय गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला। यह जिला प्रशासन और बांसी अंचल के अधिकारियों के मुंह पर करारा तमाचा है कि जिस काम के लिए उन्हें वेतन मिलता है, उसे आम जनता को खुद के संसाधनों से करना पड़ा। मंदार 24 न्यूज़ के तीखे सवाल: * बांका जिला प्रशासन और बिहार सरकार से सवाल है कि क्या मंदार जैसे पवित्र और भीड़भाड़ वाले स्थल पर परमानेंट गोताखोरों या रेस्क्यू टीम की व्यवस्था क्यों नहीं है? * BDO और CO की जिम्मेदारी क्या केवल कागजों तक सीमित है? क्या किसी की जान जाने पर घटनास्थल पर पहुंचना उनकी प्राथमिकता में नहीं आता? * क्या प्रशासन केवल वीआईपी दौरों के लिए सुरक्षित रहता है? आम जनता की पुकार पर "गोताखोर आएगा तब निकालेंगे" जैसे गैर-जिम्मेदाराना जवाब देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? निष्कर्ष: अब जागने का वक्त है यह घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि 'प्रशासनिक हत्या' है। अगर समय रहते स्थानीय पुलिस और प्रशासन सक्रिय होता, तो शायद आशीष की जान बचाई जा सकती थी। मंदार 24 न्यूज़ मांग करता है कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी, BDO और CO पर तत्काल उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाए और उन्हें निलंबित किया जाए। यदि आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल फिर कोई मां अपना बेटा खोएगी और प्रशासन फिर से 'गोताखोर' का इंतजार करेगा। माननीय मुख्यमंत्री और जिला पदाधिकारी महोदय, क्या आप इस सोए हुए तंत्र को जगाएंगे? रिपोर्ट: मंदार 24 न्यूज़ टीम1
- Post by N.k.choudhary1
- बिहार बांका- जिले के झिरवा गांव में आज भक्ति और आस्था की अद्भुत तस्वीर देखने को मिली, जहां भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। पंचायत की मुखिया रेखा देवी ने फीता काटकर इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत की। तारा मंदिर से जल भरकर निकली यह भव्य कलश यात्रा आजाद चौक, गांधी चौक और विजयनगर चौक होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी रही, जिनके जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर शोभा यात्रा की भव्यता बढ़ा दी। आयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।1
- प्यार का जिसको बीमारी लगती है उसे शादीशुदा महिला भी कुमारी लगती है आज यह केवल एक कहावत नहीं सच होता हुआ नजर आएगा पहले यह पूरा खबर सुनिएआप1
- चांदन (बांका): चांदन प्रखंड के जदयू नेता सह पूर्व प्रखंड प्रमुख पलटन प्रसाद यादव के निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। इसी क्रम में बेलहर विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक मनोज यादव अपने समर्थकों के साथ कोरिया गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की।इस दौरान विधायक ने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करते समय माहौल भावुक हो गया और उपस्थित लोग नम आंखों से उन्हें याद करते नजर आए।विधायक ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा क्षेत्र उनके साथ खड़ा है। उन्होंने पलटन प्रसाद यादव को एक कर्मठ, मिलनसार एवं जनप्रिय नेता बताते हुए कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।मौके पर प्रखंड अध्यक्ष दीपक भारती, प्रखंड उपाध्यक्ष तरणी यादव, सतन यादव, भैरो मरिक, सुजीत रामानी, अरविंद पांडेय, रितेश रंजन उर्फ रिंकू, संजय यादव सहित कई कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। रिपोर्ट:उमाकांत पोद्दार1
- Post by User7197 मेराज सिलवर1
- बांका जिला के बौंसी स्थित मंदार पापहारणी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अमरपुर से आए तीन दोस्तों में से एक युवक, आशीष राय, नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गया। साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे उसे बचा नहीं सके। सबसे दुखद बात यह रही कि करीब 4 घंटे तक मौके पर ना कोई गोताखोर पहुंचा और ना ही कोई उचित व्यवस्था दिखाई दी। इस दौरान एक बाप… अपने बेटे के लिए चीख-चीख कर मदद मांगता रहा, लेकिन उसकी पुकार अधूरी रह गई… आखिरकार स्थानीय लोगों और युवकों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि आशीष राय अपने परिवार का बड़ा बेटा था। इस हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है और पिता का रो-रो कर बुरा हाल है।1