अयोध्या में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ड्रीम परियोजनाओं, जैसे राम पथ, लक्ष्मण पथ, भारत पथ और धर्मपथ, की बदहाली सामने आई है। मुख्यमंत्री द्वारा अयोध्या को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए इन परियोजनाओं की निरंतर निगरानी के बावजूद, आरोप है कि अधिकारियों ने करोड़ों रुपये के इन प्रोजेक्ट्स में 'बंदरबांट' कर ली है। इसका जीता-जागता उदाहरण यह है कि सड़कें बने अभी तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं, और उनमें जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जबकि बरसात का मौसम आने वाला है। मीडिया के माध्यम से यह उजागर होने के बावजूद, उच्च अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। विशेष रूप से, राम पथ पर एक गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जहाँ नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर, पेट्रोल टंकी के सामने सड़क पर एक गहरा गड्ढा हो गया है। इस गड्ढे से गाड़ियाँ लगातार गुजर रही हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। रिपोर्ट में प्रशासन से इस गंभीर मामले का शीघ्र संज्ञान लेने की अपील की गई है।
अयोध्या में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ड्रीम परियोजनाओं, जैसे राम पथ, लक्ष्मण पथ, भारत पथ और धर्मपथ, की बदहाली सामने आई है। मुख्यमंत्री द्वारा अयोध्या को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए इन परियोजनाओं की निरंतर निगरानी के बावजूद, आरोप है कि अधिकारियों ने करोड़ों रुपये के इन प्रोजेक्ट्स में 'बंदरबांट' कर ली है। इसका जीता-जागता उदाहरण यह है कि सड़कें बने अभी तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं, और उनमें जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जबकि बरसात का मौसम आने वाला है। मीडिया के माध्यम से यह उजागर होने के बावजूद, उच्च अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। विशेष रूप से, राम पथ पर एक गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जहाँ नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर, पेट्रोल टंकी के सामने सड़क पर एक गहरा गड्ढा हो गया है। इस गड्ढे से गाड़ियाँ लगातार गुजर रही हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। रिपोर्ट में प्रशासन से इस गंभीर मामले का शीघ्र संज्ञान लेने की अपील की गई है।
- अयोध्या के राम पथ पर एक गंभीर खतरा सामने आया है, जहाँ नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर पेट्रोल टंकी के ठीक सामने सड़क पर एक गहरा गड्ढा हो गया है। इस गड्ढे से गाड़ियाँ लगातार गुज़र रही हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन से इस गंभीर मामले का शीघ्र संज्ञान लेने और तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई है ताकि संभावित हादसे को टाला जा सके।1
- परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन आज अयोध्या पहुँचे और उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, आयुक्त ने कार्यालय की कई व्यवस्थाओं पर अपना असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चिह्नित कमियों को तीन दिन के भीतर दूर किया जाए और इसकी एक लिखित रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। परिवहन आयुक्त ने विभिन्न पटल (डेस्क) और नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से सारथी पोर्टल और वाहन पोर्टल पर लंबित सभी आवेदनों को तुरंत शून्य करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, रिकॉर्ड रूम में दस्तावेजों के बेहतर रखरखाव और उनके व्यवस्थित संधारण के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की गई, वहीं परमिट और प्रवर्तन से संबंधित व्यवस्थाओं को भी तीन दिन के अंदर दुरुस्त करने के आदेश जारी किए गए। आशुतोष निरंजन ने इस अवसर पर कहा कि सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है और परिवहन विभाग अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सदैव सजग रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि ड्राइविंग टेस्टिंग की मशीनें मारुति सुजुकी द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि उनका संचालन और अन्य भौतिक व्यवस्थाएं विभाग द्वारा ही संभाली जा रही हैं। आयुक्त ने आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण सुविधा की उपयोगिता को कम बताया और जोर देकर कहा कि मात्र ₹1000 शुल्क वाली इस सुविधा के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है।2
- एक मामले में, पीड़िता के भाई विकास ने गंभीर आरोप लगाया है कि एफआईआर को रुपया वसूलने का एक जरिया बनाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।1
- अयोध्या के कथावाचक पवन देव महाराज पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला से जुड़े मामले में एक नया मोड़ आया है। आरोप लगाने वाली महिला के भाई और भाभी अब कैमरे के सामने आए हैं, जिन्होंने अपनी ही बहन को ब्लैकमेलर और फ्रॉड बताया है। उन्होंने अयोध्या एसएसपी को पत्र लिखकर अपनी बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कथावाचक पवन देव महाराज को पूरी तरह निर्दोष बताया है। इस संबंध में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ये गंभीर आरोप लगाते हुए और पवन देव महाराज का बचाव करते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 के तहत सुल्तानपुर जिले में परीक्षा अत्यंत शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो रही है। सूबे में नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। शासन की नीति के अनुसार, इस बार अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के बजाय गैर-जनपदों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। सुल्तानपुर में यह परीक्षा प्रक्रिया 7, 8 और 9 जून तक विभिन्न पालियों में संचालित की जा रही है। इसी क्रम में, कटका खानपुर स्थित राम रति कॉलेज परीक्षा केंद्र का जायजा लिया गया, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच अभ्यर्थियों ने बड़े ही शांत वातावरण में अपनी परीक्षा दी, और परीक्षा केंद्र के बाहर व भीतर सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क नजर आए। बाराबंकी, अमेठी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अंबेडकर नगर और अयोध्या आदि जिलों के अभ्यर्थियों ने अनौपचारिक बातचीत में प्रशासन की व्यवस्थाओं को बेहतर बताया। कड़ी सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल को देखते हुए, अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार परीक्षा का परिणाम बेहद सकारात्मक और अच्छा रहेगा।1
- गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र में जैतपुर माझा ग्राम पंचायत के केवटहिया मजरे में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए झाड़ियों में छिपे एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। पिछले कई दिनों से गांव में तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल था, जिसके चलते वे अपनी सुरक्षा के लिए रातभर जागते रहते थे। तेंदुआ गांव के आसपास की झाड़ियों में छिपा हुआ था, जिसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने मिलकर जाल बिछाया और तेंदुए को घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद, उन्होंने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। जाल में फंसने के बावजूद तेंदुआ बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन ग्रामीणों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए उसे काबू में रखा। घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद, वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तेंदुए को अपने कब्जे में लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए तेंदुए को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। इस बहादुरी और एकजुटता के लिए पूरे इलाके में ग्रामीणों की खूब चर्चा हो रही है, और तेंदुए के पकड़े जाने से गांव के लोगों ने आखिरकार राहत की सांस ली है।2
- अयोध्या के कोतवाली नगर स्थित नया घाट चौकी क्षेत्र में पंच तेरह आश्रम अखाड़ा जानकी ट्रस्ट महल के सामने स्थित आश्रम के महाराज रामचरण दास और उनके करीबी परीक्षार्थी विवेक मिश्रा पर जानलेवा हमला किया गया है। इस हमले में हमलावरों ने विवेक मिश्रा से मोबाइल फोन और नकदी छीन ली, साथ ही दोनों को जान से मार देने की धमकी भी दी है। ग्राम चांदपुर, पोस्ट बेलसर, गोंडा निवासी विवेक मिश्रा एक परीक्षा देने प्रयागराज जाने की तैयारी में थे और रात्रि विश्राम के लिए आश्रम आए थे। सूत्रों के अनुसार, आधी रात को शौच के लिए नीचे आने पर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, हमलावरों ने विवेक मिश्रा से ₹4000 और उनका मोबाइल छीन लिया। महाराज रामचरण दास ने मीडिया को बताया कि कुछ लोग उन्हें जान से मारना चाहते हैं ताकि वे आश्रम छोड़कर चले जाएँ। इस घटना के संबंध में अयोध्या कोतवाली में तहरीर दी गई है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। जब मीडिया ने दूसरे पक्ष से उनका पक्ष जानना चाहा तो वह नहीं मिले।3
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि चंपत राय द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण अपने आप में ही स्पष्ट नहीं है। उन्होंने चंपत राय के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए हैं।1
- अयोध्या के तहसील मिल्कीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम रुकुनपुर शाह की एक ग्रामीण महिला ने अपने पड़ोसी पर अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। महिला ने तहसील प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि गाटा संख्या 244 में विपक्षी द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिससे रास्ते में अवरोध और आवागमन में परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस निर्माण से स्थानीय लोगों को असुविधा होगी और भविष्य में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। महिला ने अपने शिकायती पत्र में प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और निर्माण कार्य की वैधता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इस शिकायत पर तहसील स्तर से संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए जाने की चर्चा है। ग्रामीणों का मानना है कि भूमि और रास्ते से जुड़े ऐसे मामलों का समय पर समाधान आवश्यक है, ताकि गांव में शांति और सौहार्द बना रहे। एक प्रशासनिक सूत्र ने बताया है कि यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी सार्वजनिक हित या विवादित भूमि पर मनमानी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण निष्पक्ष जांच तथा प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1