पिता ने 6 साल की बेटी को उठाकर पटका, मौत; पत्नी से विवाद के बाद वारदात शिवपुरी जिले के छर्च थाना क्षेत्र के श्यामपुरा गांव में शनिवार रात घरेलू विवाद के बाद एक पिता ने अपनी 6 साल की मासूम बेटी को कथित तौर पर उठाकर पटक दिया। सिर और शरीर में गंभीर चोट लगने से बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। रविवार शाम पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार घटना शनिवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। श्यामपुरा निवासी रामबरन आदिवासी शराब के नशे में घर पहुंचा था। इस दौरान उसका पत्नी से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई। इसके बाद रामबरन की पत्नी अपने एक साल के बेटे को लेकर पड़ोसी गांव जिगनी स्थित रिश्तेदार के घर चली गई। इसी दौरान रामबरन की 6 वर्षीय बेटी शिवानी आदिवासी पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा अखेराज आदिवासी के घर खेल रही थी। पत्नी के घर से चले जाने के बाद रामबरन गुस्से में अपने भाई के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां उसने अपनी बेटी शिवानी को उठाकर जमीन पर पटक दिया। बच्ची को गंभीर चोटें आईं। इस दौरान रामबरन ने अपने भाई अखेराज और उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। परिजन श्रवण आदिवासी के मुताबिक घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग अखेराज के घर पहुंचे तो शिवानी की सांसें चल रही थीं। उसके सिर और शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। परिजन रात में बच्ची को उपचार के लिए श्योपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना रविवार सुबह पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए पोहरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था, लेकिन वहां पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद रविवार शाम शव को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लाया गया। अब सोमवार सुबह मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस मामले में घटना के कारणों और विवाद से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पिता ने 6 साल की बेटी को उठाकर पटका, मौत; पत्नी से विवाद के बाद वारदात शिवपुरी जिले के छर्च थाना क्षेत्र के श्यामपुरा गांव में शनिवार रात घरेलू विवाद के बाद एक पिता ने अपनी 6 साल की मासूम बेटी को कथित तौर पर उठाकर पटक दिया। सिर और शरीर में गंभीर चोट लगने से बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। रविवार शाम पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार घटना शनिवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। श्यामपुरा निवासी रामबरन आदिवासी शराब के नशे में घर पहुंचा था। इस दौरान उसका पत्नी से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई। इसके बाद रामबरन की पत्नी अपने एक साल के बेटे को लेकर पड़ोसी गांव जिगनी स्थित रिश्तेदार के घर चली गई। इसी दौरान रामबरन की 6 वर्षीय बेटी शिवानी आदिवासी पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा अखेराज आदिवासी के घर खेल रही थी। पत्नी के घर से चले जाने के बाद रामबरन गुस्से
में अपने भाई के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां उसने अपनी बेटी शिवानी को उठाकर जमीन पर पटक दिया। बच्ची को गंभीर चोटें आईं। इस दौरान रामबरन ने अपने भाई अखेराज और उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। परिजन श्रवण आदिवासी के मुताबिक घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग अखेराज के घर पहुंचे तो शिवानी की सांसें चल रही थीं। उसके सिर और शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। परिजन रात में बच्ची को उपचार के लिए श्योपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना रविवार सुबह पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए पोहरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था, लेकिन वहां पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद रविवार शाम शव को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लाया गया। अब सोमवार सुबह मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस मामले में घटना के कारणों और विवाद से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
- शिवपुरी। बैराड़ में कुत्ते का आतंक, 8 से 10 स्कूली बच्चों समेत कई लोगों को काटा, तीन गंभीर घायलों को किया रेफर। शिवपुरी। बैराड़ में कुत्ते का आतंक, 8 से 10 स्कूली बच्चों समेत कई लोगों को काटा, तीन गंभीर घायलों को किया रेफर।1
- शिवपुरी रेलवे स्टेशन का नया अचतार: अमूत भारत योजनाके तहत आाधनिक सुविधारओं से लैस स्टेशन का लोकार्पण1
- बैराड़ में धूमधाम से निकली बाबा भोलेनाथ की सवारी, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे बैराड़ (शिवपुरी): शिवपुरी जिले के बैराड़ नगर में आज श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सावन मास के पावन अवसर पर बैराड़ नगर परिषद क्षेत्र में बाबा भोलेनाथ की भव्य सवारी निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। भव्य डीजे और बैंड: सवारी के दौरान गूंजते धार्मिक भजनों और डीजे-बैंड की धुनों पर भक्त झूमते नजर आए। शिवमय माहौल: पूरे बैराड़ नगर में "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। जगह-जगह स्वागत: मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा बाबा भोलेनाथ की सवारी का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न हुए इस आयोजन ने पूरे नगर को शिव की भक्ति में सराबोर कर दिया। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन मुस्तैद नजर आए।2
- महिला एवं बाल विकास कार्यालय में साहब की कुर्सी खाली, दोपहर 1 बजे तक अधिकारी नदारद कर्मचारियों के भरोसे चल रहा कार्यालय, ग्रामीण अंचल से आने वाली जनता को मिल रहे गोल-मोल जवाब करेरा। महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे तक कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण विभागीय कामकाज कर्मचारियों के भरोसे चलता दिखाई दिया। ग्रामीण क्षेत्रों से अपने काम के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे लोगों को अधिकारी के संबंध में जानकारी लेने पर कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बाबुओं की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोल-मोल जवाब मिलने की बात सामने आई। इससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपने काम के लिए इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा जब कार्यालय में मौजूद बाबू से पूछा गया कि “साहब कब आते हैं?” तो जवाब मिला कि “जब काम होता है, तभी आते हैं, अन्यथा नहीं।” बाबू द्वारा यह भी बताया गया कि अधिकारी के पास तीन स्थानों का अतिरिक्त कार्यभार है, जिसके चलते समय मिलने पर ही वे कार्यालय में आ पाते हैं। अधिकारी के पास अतिरिक्त प्रभार होना अपनी जगह प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है, लेकिन सवाल यह है कि जिस कार्यालय में प्रतिदिन ग्रामीण एवं आमजन अपने आवश्यक कार्यों को लेकर पहुंचते हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारी की नियमित उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी? ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति किराया, समय और मेहनत खर्च कर कार्यालय पहुंचता है, ऐसे में अधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर उसे निराश होकर लौटना पड़ सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे तौर पर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित है। ऐसे में कार्यालय में अधिकारी की समय पर उपलब्धता और आमजन के कार्यों का सुचारु संचालन आवश्यक माना जाता है। अब देखना यह है कि अतिरिक्त प्रभार के दबाव में चल रही व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाती है या फिर आम जनता इसी तरह कर्मचारियों के जवाबों और खाली कुर्सी के बीच अपने काम का इंतजार करती रहेगी। महिला एवं बाल विकास कार्यालय में साहब की कुर्सी खाली, दोपहर 1 बजे तक अधिकारी नदारद कर्मचारियों के भरोसे चल रहा कार्यालय, ग्रामीण अंचल से आने वाली जनता को मिल रहे गोल-मोल जवाब करेरा। महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे तक कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण विभागीय कामकाज कर्मचारियों के भरोसे चलता दिखाई दिया। ग्रामीण क्षेत्रों से अपने काम के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे लोगों को अधिकारी के संबंध में जानकारी लेने पर कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बाबुओं की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोल-मोल जवाब मिलने की बात सामने आई। इससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपने काम के लिए इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा जब कार्यालय में मौजूद बाबू से पूछा गया कि “साहब कब आते हैं?” तो जवाब मिला कि “जब काम होता है, तभी आते हैं, अन्यथा नहीं।” बाबू द्वारा यह भी बताया गया कि अधिकारी के पास तीन स्थानों का अतिरिक्त कार्यभार है, जिसके चलते समय मिलने पर ही वे कार्यालय में आ पाते हैं। अधिकारी के पास अतिरिक्त प्रभार होना अपनी जगह प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है, लेकिन सवाल यह है कि जिस कार्यालय में प्रतिदिन ग्रामीण एवं आमजन अपने आवश्यक कार्यों को लेकर पहुंचते हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारी की नियमित उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी? ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति किराया, समय और मेहनत खर्च कर कार्यालय पहुंचता है, ऐसे में अधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर उसे निराश होकर लौटना पड़ सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे तौर पर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित है। ऐसे में कार्यालय में अधिकारी की समय पर उपलब्धता और आमजन के कार्यों का सुचारु संचालन आवश्यक माना जाता है। अब देखना यह है कि अतिरिक्त प्रभार के दबाव में चल रही व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाती है या फिर आम जनता इसी तरह कर्मचारियों के जवाबों और खाली कुर्सी के बीच अपने काम का इंतजार करती रहेगी।1
- ग्रामीण ने खुद संभाला मोर्चा, मुख्य रास्ते से निकाला जलभराव आदर्श ग्राम ढिकवानी के मुख्य रास्ते ग्रामीण गौरव पथ पर बारिश के बाद जलभराव हो गया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। समस्या बढ़ने पर एक ग्रामीण ने खुद मोर्चा संभाला और नाली में भरी रेत-मिट्टी हटाकर पानी की निकासी का रास्ता साफ किया। इसके बाद सड़क पर जमा पानी निकल गया और आवागमन सुचारु हो सका। ग्रामीण की पहल से तत्काल राहत जरूर मिली, लेकिन बारिश के दौरान बार-बार जलभराव की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने मुख्य रास्ते पर स्थायी एवं व्यवस्थित जल निकासी व्यवस्था की मांग की है।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे कृषि उपज मंडी प्रांगण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कृषि उपज मंडी परिसर पहुंचे उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे हेलीपैड पर सांसद दुष्यंत सिंह एवं विधायक राधेश्याम बेरवा ने बुके भेट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया इसके बाद में मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पहुंचे जहां वे जिला विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे3
- तलैया में नहाते-नहाते डूबने से 8 बर्षीय बालक की मौत,पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की बैराड़- खबर बैराड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने बाले ग्राम सड़ की है। जहा नहाते समय तलैया में डूबने से एक 8 बर्षीय बालक की मौत हो गयी जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने मामले में रविवार शाम 6 बजे मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सूचनाकर्ता कप्तान आदिवासी ने थाना पहुँचकर बताया कि मैं अपने लड़के राज आदिवासी उम्र 8 साल को स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए कल दिनांक 15 अगस्त की शाम अपने घर से लाकर अपने भाई शिवराज आदिवासी के यहां शासकीय आश्रम शाला ग्राम सड़ में छोड़ दिया था। आज दिनांक 16 अगस्त की दोपहर करीब 3:30 बजे मेरा लड़का राज आदिवासी खेलते खेलते शासकीय आश्रम शाला सड़ के पीछे बनी तलैया में नहाने के लिए चला गया। तलैया में नहाते नहाते गहरे पानी में चला गया तब मेरा भाई शिवराज दौड़कर पहुंचा तथा उसने राज को बाहर निकाला तो पानी में डूबने से बेहोश हो गया उसे तब उसे लेकर बैराड़ अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया पुलिस ने मामले में कायम कर जांच शुरू कर दी है।2
- बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा? बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा?1