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बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा? बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा?

2 hrs ago
user_Ram Manohar Mishra
Ram Manohar Mishra
करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा? बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा?

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • महिला एवं बाल विकास कार्यालय में साहब की कुर्सी खाली, दोपहर 1 बजे तक अधिकारी नदारद कर्मचारियों के भरोसे चल रहा कार्यालय, ग्रामीण अंचल से आने वाली जनता को मिल रहे गोल-मोल जवाब करेरा। महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे तक कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण विभागीय कामकाज कर्मचारियों के भरोसे चलता दिखाई दिया। ग्रामीण क्षेत्रों से अपने काम के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे लोगों को अधिकारी के संबंध में जानकारी लेने पर कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बाबुओं की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोल-मोल जवाब मिलने की बात सामने आई। इससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपने काम के लिए इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा जब कार्यालय में मौजूद बाबू से पूछा गया कि “साहब कब आते हैं?” तो जवाब मिला कि “जब काम होता है, तभी आते हैं, अन्यथा नहीं।” बाबू द्वारा यह भी बताया गया कि अधिकारी के पास तीन स्थानों का अतिरिक्त कार्यभार है, जिसके चलते समय मिलने पर ही वे कार्यालय में आ पाते हैं। अधिकारी के पास अतिरिक्त प्रभार होना अपनी जगह प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है, लेकिन सवाल यह है कि जिस कार्यालय में प्रतिदिन ग्रामीण एवं आमजन अपने आवश्यक कार्यों को लेकर पहुंचते हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारी की नियमित उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी? ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति किराया, समय और मेहनत खर्च कर कार्यालय पहुंचता है, ऐसे में अधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर उसे निराश होकर लौटना पड़ सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे तौर पर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित है। ऐसे में कार्यालय में अधिकारी की समय पर उपलब्धता और आमजन के कार्यों का सुचारु संचालन आवश्यक माना जाता है। अब देखना यह है कि अतिरिक्त प्रभार के दबाव में चल रही व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाती है या फिर आम जनता इसी तरह कर्मचारियों के जवाबों और खाली कुर्सी के बीच अपने काम का इंतजार करती रहेगी। महिला एवं बाल विकास कार्यालय में साहब की कुर्सी खाली, दोपहर 1 बजे तक अधिकारी नदारद कर्मचारियों के भरोसे चल रहा कार्यालय, ग्रामीण अंचल से आने वाली जनता को मिल रहे गोल-मोल जवाब करेरा। महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे तक कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण विभागीय कामकाज कर्मचारियों के भरोसे चलता दिखाई दिया। ग्रामीण क्षेत्रों से अपने काम के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे लोगों को अधिकारी के संबंध में जानकारी लेने पर कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बाबुओं की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोल-मोल जवाब मिलने की बात सामने आई। इससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपने काम के लिए इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा जब कार्यालय में मौजूद बाबू से पूछा गया कि “साहब कब आते हैं?” तो जवाब मिला कि “जब काम होता है, तभी आते हैं, अन्यथा नहीं।” बाबू द्वारा यह भी बताया गया कि अधिकारी के पास तीन स्थानों का अतिरिक्त कार्यभार है, जिसके चलते समय मिलने पर ही वे कार्यालय में आ पाते हैं। अधिकारी के पास अतिरिक्त प्रभार होना अपनी जगह प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है, लेकिन सवाल यह है कि जिस कार्यालय में प्रतिदिन ग्रामीण एवं आमजन अपने आवश्यक कार्यों को लेकर पहुंचते हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारी की नियमित उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी? ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति किराया, समय और मेहनत खर्च कर कार्यालय पहुंचता है, ऐसे में अधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर उसे निराश होकर लौटना पड़ सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे तौर पर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित है। ऐसे में कार्यालय में अधिकारी की समय पर उपलब्धता और आमजन के कार्यों का सुचारु संचालन आवश्यक माना जाता है। अब देखना यह है कि अतिरिक्त प्रभार के दबाव में चल रही व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाती है या फिर आम जनता इसी तरह कर्मचारियों के जवाबों और खाली कुर्सी के बीच अपने काम का इंतजार करती रहेगी।
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    महिला एवं बाल विकास कार्यालय में साहब की कुर्सी खाली, दोपहर 1 बजे तक अधिकारी नदारद
कर्मचारियों के भरोसे चल रहा कार्यालय, ग्रामीण अंचल से आने वाली जनता को मिल रहे गोल-मोल जवाब
करेरा। महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे तक कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण विभागीय कामकाज कर्मचारियों के भरोसे चलता दिखाई दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों से अपने काम के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे लोगों को अधिकारी के संबंध में जानकारी लेने पर कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बाबुओं की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोल-मोल जवाब मिलने की बात सामने आई। इससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपने काम के लिए इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा जब कार्यालय में मौजूद बाबू से पूछा गया कि “साहब कब आते हैं?” तो जवाब मिला कि “जब काम होता है, तभी आते हैं, अन्यथा नहीं।” बाबू द्वारा यह भी बताया गया कि अधिकारी के पास तीन स्थानों का अतिरिक्त कार्यभार है, जिसके चलते समय मिलने पर ही वे कार्यालय में आ पाते हैं।
अधिकारी के पास अतिरिक्त प्रभार होना अपनी जगह प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है, लेकिन सवाल यह है कि जिस कार्यालय में प्रतिदिन ग्रामीण एवं आमजन अपने आवश्यक कार्यों को लेकर पहुंचते हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारी की नियमित उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी? ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति किराया, समय और मेहनत खर्च कर कार्यालय पहुंचता है, ऐसे में अधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर उसे निराश होकर लौटना पड़ सकता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे तौर पर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित है। ऐसे में कार्यालय में अधिकारी की समय पर उपलब्धता और आमजन के कार्यों का सुचारु संचालन आवश्यक माना जाता है।
अब देखना यह है कि अतिरिक्त प्रभार के दबाव में चल रही व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाती है या फिर आम जनता इसी तरह कर्मचारियों के जवाबों और खाली कुर्सी के बीच अपने काम का इंतजार करती रहेगी।
महिला एवं बाल विकास कार्यालय में साहब की कुर्सी खाली, दोपहर 1 बजे तक अधिकारी नदारद
कर्मचारियों के भरोसे चल रहा कार्यालय, ग्रामीण अंचल से आने वाली जनता को मिल रहे गोल-मोल जवाब
करेरा। महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे तक कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण विभागीय कामकाज कर्मचारियों के भरोसे चलता दिखाई दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों से अपने काम के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे लोगों को अधिकारी के संबंध में जानकारी लेने पर कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बाबुओं की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोल-मोल जवाब मिलने की बात सामने आई। इससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपने काम के लिए इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा जब कार्यालय में मौजूद बाबू से पूछा गया कि “साहब कब आते हैं?” तो जवाब मिला कि “जब काम होता है, तभी आते हैं, अन्यथा नहीं।” बाबू द्वारा यह भी बताया गया कि अधिकारी के पास तीन स्थानों का अतिरिक्त कार्यभार है, जिसके चलते समय मिलने पर ही वे कार्यालय में आ पाते हैं।
अधिकारी के पास अतिरिक्त प्रभार होना अपनी जगह प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है, लेकिन सवाल यह है कि जिस कार्यालय में प्रतिदिन ग्रामीण एवं आमजन अपने आवश्यक कार्यों को लेकर पहुंचते हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारी की नियमित उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी? ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति किराया, समय और मेहनत खर्च कर कार्यालय पहुंचता है, ऐसे में अधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर उसे निराश होकर लौटना पड़ सकता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे तौर पर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित है। ऐसे में कार्यालय में अधिकारी की समय पर उपलब्धता और आमजन के कार्यों का सुचारु संचालन आवश्यक माना जाता है।
अब देखना यह है कि अतिरिक्त प्रभार के दबाव में चल रही व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाती है या फिर आम जनता इसी तरह कर्मचारियों के जवाबों और खाली कुर्सी के बीच अपने काम का इंतजार करती रहेगी।
    user_जितेंद्र परिहार पत्रकार नरवर
    जितेंद्र परिहार पत्रकार नरवर
    Farmer नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • bhim army ka sher h bhai chandarshekhar ahad jay bhim b
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    bhim army ka sher h bhai chandarshekhar ahad jay bhim b
    user_Ravi jatav
    Ravi jatav
    भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • शिवपुरी। बैराड़ में कुत्ते का आतंक, 8 से 10 स्कूली बच्चों समेत कई लोगों को काटा, तीन गंभीर घायलों को किया रेफर। शिवपुरी। बैराड़ में कुत्ते का आतंक, 8 से 10 स्कूली बच्चों समेत कई लोगों को काटा, तीन गंभीर घायलों को किया रेफर।
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    शिवपुरी। बैराड़ में कुत्ते का आतंक, 8 से 10 स्कूली बच्चों समेत कई लोगों को काटा, तीन गंभीर घायलों को किया रेफर।
शिवपुरी। बैराड़ में कुत्ते का आतंक, 8 से 10 स्कूली बच्चों समेत कई लोगों को काटा, तीन गंभीर घायलों को किया रेफर।
    user_Patarkar Shailendra dhakad
    Patarkar Shailendra dhakad
    शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
  • झांसी की जा जनता बोली अब चाहने बदलाव- रवि शर्मा विधायक वोट लेवे आत फिर भूल जात* *MBKS न्यूज़ नेटवर्क* * लोकेश मिश्रा बुंदेली* * *झांसी की जा जनता बोली अब चाहने बदलाव- रवि शर्मा विधायक वोट लेवे आत फिर भूल जात* *MBKS न्यूज़ नेटवर्क* * लोकेश मिश्रा बुंदेली*
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    झांसी की जा जनता बोली अब चाहने बदलाव- रवि शर्मा विधायक वोट लेवे आत फिर भूल जात*

    *MBKS न्यूज़ नेटवर्क*
     * लोकेश मिश्रा बुंदेली*
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*झांसी की जा जनता बोली अब चाहने बदलाव- रवि शर्मा विधायक वोट लेवे आत फिर भूल जात*
*MBKS न्यूज़ नेटवर्क*
* लोकेश मिश्रा बुंदेली*
    user_MBKS डिजिटल न्यूज़
    MBKS डिजिटल न्यूज़
    Newspaper publisher दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    55 min ago
  • बबीना में लाइव प्रसारण के दौरान राशन कोटेदारों को बड़ी सौगात, नए लाभार्थियों को सौंपे राशन कार्ड बबीना। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राशन कोटेदारों के हित में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाइव वीडियो प्रसारण के माध्यम से संबोधन किया। बबीना ब्लॉक सभागार में भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और क्षेत्र के राशन कोटेदारों ने देखा और सुना। कार्यक्रम में सरकार की ओर से प्रदेश के 18 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की जानकारी दी गई। लाभांश में वृद्धि को राशन कोटेदारों के लिए बड़ी राहत और सौगात माना जा रहा है। साथ ही राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने की दिशा में नई प्रणाली की शुरुआत की गई। इस अवसर पर बबीना ब्लॉक सभागार में बबीना विधायक राजीव सिंह ‘परीछा’, मंडल अध्यक्ष डॉ. शिखा साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष पलविंदर सिंह नंदा, महामंत्री मनोज साहू, सादिक मंसूरी सहित जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में राशन कोटेदार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान कुछ नए पात्र कार्डधारकों को राशन कार्ड भी सौंपे गए। नए राशन कार्ड मिलने पर लाभार्थियों में खुशी देखने को मिली। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने लाभार्थियों को सरकार की खाद्यान्न योजना का लाभ लेने की शुभकामनाएं दीं। लाइव प्रसारण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटल प्रणाली और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मौजूद राशन कोटेदारों ने लाभांश बढ़ाए जाने के फैसले का स्वागत किया। बबीना ब्लॉक सभागार में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सरकार की नई राशन वितरण व्यवस्था, कोटेदारों के बढ़े हुए लाभांश और पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की पहल की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई।
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    बबीना में लाइव प्रसारण के दौरान राशन कोटेदारों को बड़ी सौगात, नए लाभार्थियों को सौंपे राशन कार्ड
बबीना। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राशन कोटेदारों के हित में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाइव वीडियो प्रसारण के माध्यम से संबोधन किया। बबीना ब्लॉक सभागार में भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और क्षेत्र के राशन कोटेदारों ने देखा और सुना।
कार्यक्रम में सरकार की ओर से प्रदेश के 18 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की जानकारी दी गई। लाभांश में वृद्धि को राशन कोटेदारों के लिए बड़ी राहत और सौगात माना जा रहा है। साथ ही राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने की दिशा में नई प्रणाली की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर बबीना ब्लॉक सभागार में बबीना विधायक राजीव सिंह ‘परीछा’, मंडल अध्यक्ष डॉ. शिखा साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष पलविंदर सिंह नंदा, महामंत्री मनोज साहू, सादिक मंसूरी सहित जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में राशन कोटेदार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान कुछ नए पात्र कार्डधारकों को राशन कार्ड भी सौंपे गए। नए राशन कार्ड मिलने पर लाभार्थियों में खुशी देखने को मिली। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने लाभार्थियों को सरकार की खाद्यान्न योजना का लाभ लेने की शुभकामनाएं दीं।
लाइव प्रसारण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटल प्रणाली और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मौजूद राशन कोटेदारों ने लाभांश बढ़ाए जाने के फैसले का स्वागत किया।
बबीना ब्लॉक सभागार में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सरकार की नई राशन वितरण व्यवस्था, कोटेदारों के बढ़े हुए लाभांश और पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की पहल की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई।
    user_ARIF mansoori
    ARIF mansoori
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा? बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा! बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई। वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा?
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    बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा!

बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया।

बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई।

वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली।

जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा?


बैराड़ में आवारा कुत्तों का आतंक, 8-10 लोगों को काटा!
बैराड़। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आवारा कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया।
बताया जा रहा है कि एक युवक को चलती बाइक पर ही आवारा कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। कुत्तों के हमले के बाद घायलों की अस्पताल में भीड़ लग गई।
वहीं, उपचार के लिए पहुंचे लोगों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब एक ही दिन में इतने लोगों को कुत्तों ने काट लिया, तो आवारा कुत्तों की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर कार्रवाई करेगा?
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • निकल गयी हैकड़ी... आज सुबह इंदरगढ़ के शीतला गंज में रोल जमाने के चक्कर में फायरिंग करने वाले की इंदरगढ़ पुलिस ने निकाली हैकड़ी... कान पकडकर गलती मनाता आरोपी.... 👆 निकल गयी हैकड़ी... आज सुबह इंदरगढ़ के शीतला गंज में रोल जमाने के चक्कर में फायरिंग करने वाले की इंदरगढ़ पुलिस ने निकाली हैकड़ी... कान पकडकर गलती मनाता आरोपी.... 👆
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    निकल गयी हैकड़ी...
आज सुबह इंदरगढ़ के शीतला गंज में रोल जमाने के चक्कर में फायरिंग करने वाले की इंदरगढ़ पुलिस ने निकाली हैकड़ी... कान पकडकर गलती मनाता आरोपी.... 👆
निकल गयी हैकड़ी...
आज सुबह इंदरगढ़ के शीतला गंज में रोल जमाने के चक्कर में फायरिंग करने वाले की इंदरगढ़ पुलिस ने निकाली हैकड़ी... कान पकडकर गलती मनाता आरोपी.... 👆
    user_पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ
    पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ
    Video Creator दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • शराब के नशे में पिता ने छह साल की बेटी से की मारपीट, इलाज के दौरान मौत पोहरी। छर्च थाना क्षेत्र के ग्राम श्यामपुरा में एक छह वर्षीय बच्ची की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची के पिता पर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त की रात आरोपी पिता रामवरन आदिवासी शराब के नशे में पत्नी और बच्चों से विवाद कर रहा था। आरोप है कि बाद में वह अपनी छह वर्षीय बेटी शिवानी को खेत की ओर ले गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए पहले छर्च और बाद में श्योपुर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद छर्च थाना पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। घटना के बाद श्यामपुरा गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बच्ची की मौत ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया है। शराब के नशे में पिता ने छह साल की बेटी से की मारपीट, इलाज के दौरान मौत पोहरी। छर्च थाना क्षेत्र के ग्राम श्यामपुरा में एक छह वर्षीय बच्ची की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची के पिता पर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त की रात आरोपी पिता रामवरन आदिवासी शराब के नशे में पत्नी और बच्चों से विवाद कर रहा था। आरोप है कि बाद में वह अपनी छह वर्षीय बेटी शिवानी को खेत की ओर ले गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए पहले छर्च और बाद में श्योपुर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद छर्च थाना पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। घटना के बाद श्यामपुरा गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बच्ची की मौत ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया है।
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    शराब के नशे में पिता ने छह साल की बेटी से की मारपीट, इलाज के दौरान मौत

पोहरी। छर्च थाना क्षेत्र के ग्राम श्यामपुरा में एक छह वर्षीय बच्ची की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची के पिता पर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त की रात आरोपी पिता रामवरन आदिवासी शराब के नशे में पत्नी और बच्चों से विवाद कर रहा था। आरोप है कि बाद में वह अपनी छह वर्षीय बेटी शिवानी को खेत की ओर ले गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई।

मारपीट में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए पहले छर्च और बाद में श्योपुर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद छर्च थाना पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।

घटना के बाद श्यामपुरा गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बच्ची की मौत ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया है।
शराब के नशे में पिता ने छह साल की बेटी से की मारपीट, इलाज के दौरान मौत
पोहरी। छर्च थाना क्षेत्र के ग्राम श्यामपुरा में एक छह वर्षीय बच्ची की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची के पिता पर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त की रात आरोपी पिता रामवरन आदिवासी शराब के नशे में पत्नी और बच्चों से विवाद कर रहा था। आरोप है कि बाद में वह अपनी छह वर्षीय बेटी शिवानी को खेत की ओर ले गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई।
मारपीट में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए पहले छर्च और बाद में श्योपुर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद छर्च थाना पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
घटना के बाद श्यामपुरा गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बच्ची की मौत ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया है।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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