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बेतिया में केंद्र सरकार से विभिन्न मांगों को लेकर आम हड़ताल

3 hrs ago
user_BN Chitranjan
BN Chitranjan
बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
3 hrs ago

बेतिया में केंद्र सरकार से विभिन्न मांगों को लेकर आम हड़ताल

More news from बिहार and nearby areas
  • नौतन में बाइक से गिरकर युवक गंभीर, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल फोटो नौतन: नौतन–मंगलपुर मुख्य सड़क पर पांडेय टोला के समीप मंगलवार की दोपहर बाद एक बाइक सवार युवक सड़क पर बने गड्ढे को बचाने के क्रम में अपना संतुलन खो बैठा। संतुलन बिगड़ते ही उसकी बाइक सड़क पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद युवक सड़क के बीचोबीच बेहोश अवस्था में लहुलुहान होकर पड़ा रहा। घायल की पहचान मडुआहां सिमुलिया निवासी मोजम्मील आलम के रूप में की गई है। वह बेतिया से अपने घर लौट रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई। घटना की जानकारी मिलते ही राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची नौतन थाना पुलिस ने घायल युवक को तुरंत नौतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बेतिया रेफर कर दिया।
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    नौतन में बाइक से गिरकर युवक गंभीर, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
फोटो
नौतन: नौतन–मंगलपुर मुख्य सड़क पर पांडेय टोला के समीप मंगलवार की दोपहर बाद एक बाइक सवार युवक सड़क पर बने गड्ढे को बचाने के क्रम में अपना संतुलन खो बैठा। संतुलन बिगड़ते ही उसकी बाइक सड़क पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद युवक सड़क के बीचोबीच बेहोश अवस्था में लहुलुहान होकर पड़ा रहा। घायल की पहचान मडुआहां सिमुलिया निवासी मोजम्मील आलम के रूप में की गई है। वह बेतिया से अपने घर लौट रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची नौतन थाना पुलिस ने घायल युवक को तुरंत नौतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बेतिया रेफर कर दिया।
    user_Niraj Raj
    Niraj Raj
    बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    10 hrs ago
  • क्या जी मोटरसाइकिल का टायर लेना है?
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    क्या जी मोटरसाइकिल का टायर लेना है?
    user_M.A.P NETWORK
    M.A.P NETWORK
    Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • *फाइलेरिया उन्मूलन हेतु मेगा कैंप का शुभारंभ – 8 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य* बेतिया।आज फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय जी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यव्यापी फाइलेरिया मेगा कैंप का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पश्चिमी चंपारण जिले में प्रखंड बेतिया एवं चनपटिया के आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा बेतिया नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या–32, मंशा टोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या–45 पर स्वयं उपस्थित होकर फाइलेरिया रोधी दवा डी.ई.सी. (Diethylcarbamazine) एवं अल्बेंडाज़ोल का सेवन कर तथा अन्य लाभुकों को दवा खिलाकर मेगा कैंप का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस पहल के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि फाइलेरिया से बचाव हेतु निर्धारित दवा का सेवन पूर्णतः सुरक्षित एवं आवश्यक है। जिले में आयोजित इस मेगा अभियान के अंतर्गत कुल 4100 आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए गए हैं। अभियान को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने हेतु 2200 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिले की लगभग 8 लाख आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यापक जनभागीदारी आधारित प्रयास गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें पश्चिमी चंपारण जिले की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जिला पदाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर परंतु रोके जा सकने वाला रोग है। सभी पात्र नागरिक निर्धारित तिथि पर दवा का सेवन अवश्य करें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी दवा लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा स्वास्थ्यकर्मियों/ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स की निगरानी में ही सेवन की जानी है। मेगा कैंप के अवसर पर सिविल सर्जन श्री विजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी श्री रमेश चंद्रा, एनसीडीओ श्री मुर्तजा अंसारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) श्रीमती कविता रानी, जीविका डीपीएम श्री निखिल कुमार, डीवीबीडीसीओ श्री हरेंद्र कुमार, पिरामल फाउंडेशन से डीएम राजू सिंह, एसपीएल दिव्यांक श्रीवास्तव, एलएस दीपमाला तथा गांधी फेलो दुर्गा एवं नंदनी सहित स्वास्थ्य, आईसीडीएस एवं सहयोगी संस्थाओं के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित यह अभियान जनस्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य फाइलेरिया उन्मूलन कर जिले को रोगमुक्त बनाना है।
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    *फाइलेरिया उन्मूलन हेतु मेगा कैंप का शुभारंभ – 8 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य*
बेतिया।आज फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय जी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यव्यापी फाइलेरिया मेगा कैंप का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पश्चिमी चंपारण जिले में प्रखंड बेतिया एवं चनपटिया के आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा बेतिया नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या–32, मंशा टोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या–45 पर स्वयं उपस्थित होकर फाइलेरिया रोधी दवा डी.ई.सी. (Diethylcarbamazine) एवं अल्बेंडाज़ोल का सेवन कर तथा अन्य लाभुकों को दवा खिलाकर मेगा कैंप का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस पहल के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि फाइलेरिया से बचाव हेतु निर्धारित दवा का सेवन पूर्णतः सुरक्षित एवं आवश्यक है।
जिले में आयोजित इस मेगा अभियान के अंतर्गत कुल 4100 आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए गए हैं। अभियान को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने हेतु 2200 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिले की लगभग 8 लाख आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यापक जनभागीदारी आधारित प्रयास गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें पश्चिमी चंपारण जिले की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
जिला पदाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर परंतु रोके जा सकने वाला रोग है। सभी पात्र नागरिक निर्धारित तिथि पर दवा का सेवन अवश्य करें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी दवा लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा स्वास्थ्यकर्मियों/ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स की निगरानी में ही सेवन की जानी है।
मेगा कैंप के अवसर पर सिविल सर्जन श्री विजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी श्री रमेश चंद्रा, एनसीडीओ श्री मुर्तजा अंसारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) श्रीमती कविता रानी, जीविका डीपीएम श्री निखिल कुमार, डीवीबीडीसीओ श्री हरेंद्र कुमार, पिरामल फाउंडेशन से डीएम राजू सिंह, एसपीएल दिव्यांक श्रीवास्तव, एलएस दीपमाला तथा गांधी फेलो दुर्गा एवं नंदनी सहित स्वास्थ्य, आईसीडीएस एवं सहयोगी संस्थाओं के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित यह अभियान जनस्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य फाइलेरिया उन्मूलन कर जिले को रोगमुक्त बनाना है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • डुमरिया के विधालय में निकासी के बाद भी विकास राशि खर्च नहीं, एक भवन में तीन स्कूल संचालित एक ही कमरे में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई, किचन शेड का अभाव बैरिया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय नया टोला डुमरिया की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। छह कमरों वाले इस भवन में तीन विद्यालयों और एक आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। तीनों स्कूलों को मर्ज कर एक साथ चलाया जा रहा है, जबकि दो विद्यालयों का कार्यालय भी इसी परिसर में संचालित है। कुल 153 छात्र नामांकित हैं और 15 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में एक ही कमरे में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई कराई जा रही है। किचन शेड नहीं होने से मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी प्रभावित है। बुधवार के दोपहर करीब तीन बजे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपेंद्र कुमार सिंह बताया की प्रधानाध्यापक द्वारा विकास मद की राशि की निकासी तो कर ली गई, पर खर्च नहीं की गई। उन्होंने प्रधानाध्यापक अरुण कुमार को 10 दिनों में आय-व्यय विवरण देने का निर्देश दिया है, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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    डुमरिया के विधालय में निकासी के बाद भी विकास राशि खर्च नहीं, एक भवन में तीन स्कूल संचालित
एक ही कमरे में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई, किचन शेड का अभाव
बैरिया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय नया टोला डुमरिया की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। छह कमरों वाले इस भवन में तीन विद्यालयों और एक आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। तीनों स्कूलों को मर्ज कर एक साथ चलाया जा रहा है, जबकि दो विद्यालयों का कार्यालय भी इसी परिसर में संचालित है। कुल 153 छात्र नामांकित हैं और 15 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में एक ही कमरे में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई कराई जा रही है। किचन शेड नहीं होने से मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी प्रभावित है। बुधवार के दोपहर करीब तीन बजे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपेंद्र कुमार सिंह बताया की प्रधानाध्यापक द्वारा विकास मद की राशि की निकासी तो कर ली गई, पर खर्च नहीं की गई। उन्होंने प्रधानाध्यापक अरुण कुमार को 10 दिनों में आय-व्यय विवरण देने का निर्देश दिया है, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी है।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    पत्रकार Bettiah, Pashchim Champaran•
    11 hrs ago
  • वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 (9 फरवरी से 13 फरवरी) के अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक, पश्चिम चम्पारण के नेतृत्व में जिले के विभिन्न स्थानों पर वित्तीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 11.02.2026.
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    वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 (9 फरवरी से 13 फरवरी) के अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक, पश्चिम चम्पारण के नेतृत्व में जिले के विभिन्न स्थानों पर वित्तीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  11.02.2026.
    user_Vivek Shrivastava.
    Vivek Shrivastava.
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • Post by Sadhana national News
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    Post by Sadhana national News
    user_Sadhana national News
    Sadhana national News
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    23 hrs ago
  • यूरिया के साथ जबरदस्ती अन्य खाद्य बेचने वाले दुकानदार हों जाए सावधान, किसान का शोषण बंद..!
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    यूरिया के साथ जबरदस्ती अन्य खाद्य बेचने वाले दुकानदार हों जाए सावधान, किसान का शोषण बंद..!
    user_M.A.P NETWORK
    M.A.P NETWORK
    Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • चंपारण में होमियोपैथ का जलवा बिखेर रहे डॉ. घनश्याम चंपारण में होमियोपैथ का जलवा बिखेर रहे डॉ. घनश्याम बेतिया।इस समय शरीर के विभिन्न अंगों में जोड़ों, घुटनों, एड़ियों के दर्द, गैस, थकान, अनिद्रा, चर्म रोग से हर तीसरा आदमी जूझ रहा है। स्थिति ये है कि रोगी चिकित्सक पर चिकित्सक बदल रहे और रोग है कि ठीक होने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में होमियोपैथिक दवा किसी वरदान से कम नहीं है। ये बातें बेतिया के नया बाजार चौक स्थित सविता होमियो क्लीनिक एंड रिसर्च सेंटर के संचालक चर्चित होमियोपैथिक डॉक्टर घनश्याम ने कही। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में रोगी भूंजा की तरह अंग्रेजी दवाएं फांकते हुए असमय लिवर, किडनी, हृदय खराब कर लेते हैं। विशेषकर दर्द निवारक, इम्यून सप्रेस्ड व एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध सेवन के दुष्प्रभाव बहुत खतरनाक हैं। लेकिन विकल्प के रूप में होमियोपैथ की शरण में जाकर इन दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। दुर्घटना, सर्जरी या संक्रमण जैसी आपातकालीन स्थिति को छोड़ दें तो होमियोपैथ पद्धति हानिरहित इलाज का श्रेष्ठ विकल्प है। इसमें केस टेकिंग कर सही दवा का चुनाव, फॉलो अप और रोगी का फीडबैक बहुत मायने रखता है। उन्होंने कहा कि साइटिका, गठिया, फैटी लिवर, एंजाइटी, डिप्रेशन, अनिद्रा, एक्जिमा, सफेद दाग, सोरियासिस, पाइल्स, मुंहासे, हेयर फॉल, सिफलिस, चकत्ते, दाद, एलर्जी, अस्थमा, कई प्रकार के घावों व चर्म रोग आदि अनगिनत रोगों के इलाज में सफलता मिली है। यदि अनुभवी और डिग्रीधारी चिकित्सकों से इलाज कराने पर यह पैथ बहुत सुरक्षित है। रोगी चिकित्सक पर विश्वास कर सम्पर्क नियमित सम्पर्क में रहे तो लाइलाज रोगों में भी जादुई असर मिलते देखा गया है। रोग के हिसाब से 15 दिनों से लेकर एक वर्ष तक इलाज चलता है। उन्होंने बताया कि बीएचएमएस करने के बाद मैं बड़े शहरों में जा सकता था। वहां शिक्षित समाज होने के कारण इसकी खूब मांग है। लेकिन मैंने बेतिया को कर्म भूमि बनाना पसंद किया। भौगोलिक दृष्टिकोण से सबसे बड़ा क्षेत्रफल वाला जिला बेतिया नेपाल, उत्तर प्रदेश, रक्सौल और मोतिहारी से सटा हुआ है। एक करोड़ से ज्यादा संख्या में ग्रामीण आबादी यहां निवास करती है। मैंने चंपारण को रोगमुक्त बनाने की मुहिम छेड़ रखी है। आम ग्रामीणों की इस पैथ के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। वे दवा का महत्व समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा देखा जाता है कि सब तरफ से हार-थककर अंतिम अवस्था में रोगी होमियोपैथ उपचार अपनाते हैं। इसीलिए परिणाम धीमा मिलता है। यदि रोग की शुरूआत में इस पद्धति से इलाज कराए तो बहुत जल्द परिणाम मिलते हैं। कोई भी रोगी यदि किसी जटिल रोग से परेशान है तो निराश होने की जरूरत नहीं। वे एक बार मेरे क्लीनिक पर आकर मिले, दवा की कुछ दिनों की खुराक में ही फर्क साफ-साफ नजर आएगा। बता दें कि डॉ. घनश्याम को पिछले वर्ष सिंगापुर में एक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय होमियो रत्न के अवार्ड से सम्मानित किया गया था। सौजन्य से - डॉ. घनश्याम, B.H.M.S (B.U), P.G.H.M (Tamilnadu) सविता होमियो क्लीनिक एन्ड रिसर्च सेंटर ब्रांच 1-नया बाजार चौक, बेतिया ब्रांच 2-बानूछापर(56 भोग स्वीट्स के सामने),बेतिया (सोमवार से शनिवार) Mob-9097668301
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    चंपारण में होमियोपैथ का जलवा बिखेर रहे डॉ. घनश्याम
चंपारण में होमियोपैथ का जलवा बिखेर रहे डॉ. घनश्याम
बेतिया।इस समय शरीर के विभिन्न अंगों में जोड़ों, घुटनों, एड़ियों के दर्द, गैस, थकान, अनिद्रा, चर्म रोग से हर तीसरा आदमी जूझ रहा है। स्थिति ये है कि रोगी चिकित्सक पर चिकित्सक बदल रहे और रोग है कि ठीक होने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में होमियोपैथिक दवा किसी वरदान से कम नहीं है। ये बातें बेतिया के नया बाजार चौक स्थित सविता होमियो क्लीनिक एंड रिसर्च सेंटर के संचालक चर्चित होमियोपैथिक डॉक्टर घनश्याम ने कही। 
उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में रोगी भूंजा की तरह अंग्रेजी दवाएं फांकते हुए असमय लिवर, किडनी, हृदय खराब कर लेते हैं। विशेषकर दर्द निवारक, इम्यून सप्रेस्ड व एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध सेवन के दुष्प्रभाव बहुत खतरनाक हैं। लेकिन विकल्प के रूप में होमियोपैथ की शरण में जाकर इन दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। दुर्घटना, सर्जरी या संक्रमण जैसी आपातकालीन स्थिति को छोड़ दें तो होमियोपैथ पद्धति हानिरहित इलाज का श्रेष्ठ विकल्प है। इसमें केस टेकिंग कर सही दवा का चुनाव, फॉलो अप और रोगी का फीडबैक बहुत मायने रखता है।
उन्होंने कहा कि साइटिका, गठिया, फैटी लिवर, एंजाइटी, डिप्रेशन, अनिद्रा, एक्जिमा, सफेद दाग, सोरियासिस, पाइल्स, मुंहासे, हेयर फॉल, सिफलिस, चकत्ते, दाद, एलर्जी, अस्थमा, कई प्रकार के घावों व चर्म रोग आदि अनगिनत रोगों के इलाज में सफलता मिली है। यदि अनुभवी और डिग्रीधारी चिकित्सकों से इलाज कराने पर यह पैथ बहुत सुरक्षित है। रोगी चिकित्सक पर विश्वास कर सम्पर्क नियमित सम्पर्क में रहे तो लाइलाज रोगों में भी जादुई असर मिलते देखा गया है। रोग के हिसाब से 15 दिनों से लेकर एक वर्ष तक इलाज चलता है।
उन्होंने बताया कि बीएचएमएस करने के बाद मैं बड़े शहरों में जा सकता था। वहां शिक्षित समाज होने के कारण इसकी खूब मांग है। लेकिन मैंने बेतिया को कर्म भूमि बनाना पसंद किया। भौगोलिक दृष्टिकोण से सबसे बड़ा क्षेत्रफल वाला जिला बेतिया नेपाल, उत्तर प्रदेश, रक्सौल और मोतिहारी से सटा हुआ है। एक करोड़ से ज्यादा संख्या में ग्रामीण आबादी यहां निवास करती है। मैंने चंपारण को रोगमुक्त बनाने की मुहिम छेड़ रखी है। आम ग्रामीणों की इस पैथ के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। वे दवा का महत्व समझने लगे हैं। 
उन्होंने कहा कि ऐसा देखा जाता है कि सब तरफ से हार-थककर अंतिम अवस्था में रोगी होमियोपैथ उपचार अपनाते हैं। इसीलिए परिणाम धीमा मिलता है। यदि रोग की शुरूआत में इस पद्धति से इलाज कराए तो बहुत जल्द परिणाम मिलते हैं। कोई भी रोगी यदि किसी जटिल रोग से परेशान है तो निराश होने की जरूरत नहीं। वे एक बार मेरे क्लीनिक पर आकर मिले, दवा की कुछ दिनों की खुराक में ही फर्क साफ-साफ नजर आएगा। बता दें कि  डॉ. घनश्याम को पिछले वर्ष सिंगापुर में एक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय होमियो रत्न के अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
सौजन्य से -
डॉ. घनश्याम, 
B.H.M.S (B.U), P.G.H.M (Tamilnadu)
सविता होमियो क्लीनिक एन्ड रिसर्च सेंटर
ब्रांच 1-नया बाजार चौक, बेतिया 
ब्रांच 2-बानूछापर(56 भोग स्वीट्स के सामने),बेतिया
(सोमवार से शनिवार)
Mob-9097668301
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • मझौलिया प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 308 सहित विभिन्न केंद्रों पर बुधवार को दोपहर करीब 12:00 बजे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत बच्चों को डीईसी और एलबेंडाजोल की खुराक दी गई। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर आशा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने केंद्रों पर नामांकित बच्चों को दवा खिलाई। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा साल में एक बार यह दवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति में फाइलेरिया के परजीवी हो सकते हैं, इसलिए बचाव जरूरी है। डीईसी की गोली पानी के साथ निगलनी है, जबकि एलबेंडाजोल की गोली चबा कर खानी है। आशा फेसिलेटर सजदा खानम की देखरेख में जुबैदा खातून, कनक कुमारी, दुर्गा देवी, कलिमा खातून और ममता कुमारी समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने बच्चों को दवा पिलाई। सजदा खानम ने बताया कि दवा के बाद हल्की मिचली या उल्टी हो सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ने पर सीएचसी या पीएचसी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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    मझौलिया प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 308 सहित विभिन्न केंद्रों पर बुधवार को दोपहर करीब 12:00 बजे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत बच्चों को डीईसी और एलबेंडाजोल की खुराक दी गई। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर आशा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने केंद्रों पर नामांकित बच्चों को दवा खिलाई। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा साल में एक बार यह दवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति में फाइलेरिया के परजीवी हो सकते हैं, इसलिए बचाव जरूरी है। डीईसी की गोली पानी के साथ निगलनी है, जबकि एलबेंडाजोल की गोली चबा कर खानी है। आशा फेसिलेटर सजदा खानम की देखरेख में जुबैदा खातून, कनक कुमारी, दुर्गा देवी, कलिमा खातून और ममता कुमारी समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने बच्चों को दवा पिलाई। सजदा खानम ने बताया कि दवा के बाद हल्की मिचली या उल्टी हो सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ने पर सीएचसी या पीएचसी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    पत्रकार Bettiah, Pashchim Champaran•
    11 hrs ago
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