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पाँच सालों से लंबित एक भूमि विवाद आखिरकार सुलझ गया है, जिससे संबंधित पक्षों को राहत मिली है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई, जिसके परिणामस्वरूप पाँच साल बाद इस विवाद का समाधान हो सका है।
धरम सिंह
पाँच सालों से लंबित एक भूमि विवाद आखिरकार सुलझ गया है, जिससे संबंधित पक्षों को राहत मिली है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई, जिसके परिणामस्वरूप पाँच साल बाद इस विवाद का समाधान हो सका है।
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- पाँच सालों से लंबित एक भूमि विवाद आखिरकार सुलझ गया है, जिससे संबंधित पक्षों को राहत मिली है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई, जिसके परिणामस्वरूप पाँच साल बाद इस विवाद का समाधान हो सका है।1
- झालावाड़ के डग क्षेत्र में लंबे समय से लंबित और गंभीर जनसमस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) का तीव्र आक्रोश सामने आया है। संगठन के पदाधिकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से डग तहसीलदार को सौंपकर 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। संगठन का कहना है कि डग क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और बेहद परेशान है। यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें रामगोपाल व्यास भी शामिल हैं, ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार और प्रशासन ने इन गंभीर समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो संगठन उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी। ज्ञापन में कुल 12 प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। इनमें डग नगर में पिछले आठ साल से जलभराव की समस्या का समाधान, उखड़ी हुई सड़कों का तत्काल सुदृढीकरण, हरनावदा चौपाटी और सिल्लेगढ़ चौपाटी पर यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालयों और प्रतीक्षालयों का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, हरनावदा चौपाटी से धतुरिया मार्ग का निर्माण और बलेडिया लड़ाका के उप-स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह से चालू करने की मांग की गई है। अवैध कब्जों को हटाने के लिए बलेडिया लड़ाका के खेल मैदान, स्थानीय स्कूल की भूमि, गोचर, चारागाह, वन भूमि और PWD की जमीनों का तुरंत सीमांकन कर 'पीला पंजा' चलाने की भी मांग है। किसानों से संबंधित मांगों में कुढ़िया और धतुरिया में रिलायंस कंपनी द्वारा की जा रही तारबंदी को व्यवस्थित करना तथा सोयाबीन की फसल के मुआवजे से वंचित रह गए किसानों को तत्काल मुआवजा राशि प्रदान करना शामिल है। ज्ञापन में देश भर में गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की भी पुरजोर मांग की गई है। डग क्षेत्र की बदहाली पर भड़के किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।3
- बड़ोद में मुस्लिम समाज ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर नाजिया इलाही द्वारा कथित रूप से की गई टिप्पणी के विरोध में कड़ा ऐतराज जताया है। इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए, समाजजनों ने शुक्रवार, 3 जुलाई को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। यह शांतिपूर्ण रैली अंजुमन मदरसा एवं मुस्लिम समाज के बैनर तले आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची, जहाँ तहसीलदार आर. के. अहिरवार को यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन जावेद मुल्तानी ने किया, जिसमें कथित टिप्पणी के प्रति समाज का विरोध दर्ज कराया गया। ज्ञापन के माध्यम से मुस्लिम समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि समाज में सौहार्द एवं शांति बनी रहे। कार्यक्रम के अंत में, मुस्लिम समाज के सदर रशीद खान ने सभी उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त किया।4
- नगर परिषद हरिओम के सीएमओ शर्मा ने एक विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर वसूली की कार्रवाई को अंजाम दिया।1
- Post by Sharukh Shah1
- सुसनेर में आकली के सरपंच प्रतिनिधि के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह विवाद प्लाट के बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था। इस घटना के बाद, पुलिस ने थाने में तीन भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।1
- शामगढ़ रेलवे जीआरपी पुलिस के आरक्षक जितेंद्र सिंह यादव की बंजारी नदी में नहाने के दौरान मौत हो गई। जितेंद्र सिंह अपने चार दोस्तों के साथ शामगढ़ से बंजारी नदी में नहाने गए थे, जहाँ यह हादसा हुआ। ग्राम के चौकीदार विनोद ने बताया कि ग्रामीणों ने इन लोगों को उस जगह नहाने जाने से मना किया था, क्योंकि वहां गहराई ज़्यादा थी। हालांकि, चारों दोस्त आईडी कार्ड दिखाकर नदी में नहाने चले गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने शव को नदी से निकालने में मदद की।1
- गरोठ में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ शामगढ़ जीआरपी स्टाफ के एक सदस्य की बंजारी नदी में नहाते समय मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, वह अपने चार दोस्तों के साथ बंजारी नदी में नहाने गया था। घटना के बाद उसे बचाने के लिए सीपीआर देने का प्रयास भी किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह एक अत्यंत दुखद घटना है।1