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'कॉकरोच जनता पार्टी' को प्रोटेक्ट करने वाले सबसे मुख्य व्यक्ति पिछले 25 दिनों से पार्टी के समर्थन में लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस लंबी भूख हड़ताल के चलते उनका 11 किलो वजन कम हो चुका है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा है कि "साहब, अभी जिंदा हैं, हमारा 11 किलो वजन कम हुआ है।" 25 दिनों से अनशन पर बैठे इस शख्स ने अपनी गिरती सेहत और 11 किलो वजन घटने की बात कहकर सरकार के सामने अपनी बात रखी है।
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'कॉकरोच जनता पार्टी' को प्रोटेक्ट करने वाले सबसे मुख्य व्यक्ति पिछले 25 दिनों से पार्टी के समर्थन में लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस लंबी भूख हड़ताल के चलते उनका 11 किलो वजन कम हो चुका है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा है कि "साहब, अभी जिंदा हैं, हमारा 11 किलो वजन कम हुआ है।" 25 दिनों से अनशन पर बैठे इस शख्स ने अपनी गिरती सेहत और 11 किलो वजन घटने की बात कहकर सरकार के सामने अपनी बात रखी है।
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- बांका के एम.के पब्लिक स्कूल में बुधवार को जूनियर क्लास के बच्चों के लिए 'वर्षा ऋतु' उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान बरसात के मौसम से जुड़ी कई खेल-कूद और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों के लिए फोटोग्राफी, फल, फूल, सब्जियों और कीड़ों से संबंधित एक विशेष खेल प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें उन्होंने खेल-खेल में नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्सव को और खास बनाते हुए बच्चों से केक भी कटवाया गया, जिससे बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मानसून के प्रवेश करते ही वर्षा आरंभ हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऋतुओं के बारे में जानकारी देना है। खेल-खेल के माध्यम से बच्चे न केवल ऋतुओं के महत्व को आसानी से समझ सकते हैं, बल्कि उनसे होने वाले लाभ और हानियों के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी हासिल कर पाते हैं।1
- गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत जटामा और मोहानी के बीच तीन मासूम बच्चे लावारिस हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लावारिस मिले बच्चों में एक मासूम की उम्र करीब डेढ़ माह, दूसरे की लगभग डेढ़ साल और तीसरे बच्चे की उम्र करीब ढाई से तीन साल बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन बच्चों के साथ एक बुजुर्ग महिला को देखा गया था, जो सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तीनों बच्चों को वहीं छोड़कर चली गई। बच्चों के पास से एक फोटो भी बरामद हुई है, जिसे असोता का बताया जा रहा है। हालांकि, इस फोटो और पूरे मामले की असली हकीकत क्या है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।1
- भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र अंतिचक का भवन अत्यंत जर्जर हालत में पहुंच चुका है, जिससे आसपास के इलाकों के ग्रामीणों में हर वक्त हादसे का भय बना हुआ है। बिक्रमशिला विश्वविद्यालय के पास स्थित इस स्वास्थ्य उपकेंद्र में रोजाना लगभग आधा दर्जन महिला प्रसव रोगियों का इलाज किया जाता है, लेकिन भवन की बदहाली के कारण यहां आने वाले मरीज और तैनात कर्मी लगातार खतरे की आशंका के बीच रहने को मजबूर हैं। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों एएनएम सुनीता कुमारी, तनूजा कुमारी, उर्मिला सिन्हा, किरण कुमारी और महिला सुरक्षाकर्मी झूना कुमारी ने बताया कि वे डर-डरकर भगवान भरोसे काम कर रही हैं और यहां कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में अनुमंडल चिकित्सा पदाधिकारी सह प्रभारी डॉ. पवन कुमार गुप्ता जी ने मीडिया को बताया कि स्थिति की पूरी जानकारी जिला स्वास्थ्य समिति भागलपुर को दे दी गई है।1
- सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को अस्पताल में रोक दिया गया है। इस कदम के विरोध में विपक्षी सांसद अस्पताल के गेट पर ही धरने पर बैठ गए हैं।1
- साल 2010 में कांग्रेस सरकार की महंगाई को 'डायन' बताने वाले और 'पंचायत' के जरिये बीजेपी का प्रचार करने वाले रघुबीर यादव की बातें सुनकर पत्थर दिल इंसान भी रो पड़ेगा। इस संदर्भ में तंज कसते हुए कहा गया है कि धीरे-धीरे सभी के भ्रम टूटेंगे। इसके साथ ही यह तीखा सवाल भी उठाया गया है कि क्या अब ED और सीबीआई इनके यहाँ भी जाएगी।1
- 22 जुलाई की रात 4 बजे जंतर मंतर का नजारा सामने आया है, जहाँ लड़ाई को जरूरी बताते हुए 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे बुलंद किए गए हैं। मगही शेर अभिषेक रंजन ने 'सच को आवाज जनता के साथ' का संदेश देते हुए लोगों से पेज को फॉलो करने की अपील की है।1
- देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन अब बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गया है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर हजारों छात्र उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबर है। जंतर-मंतर के बाद अब पटना इस आंदोलन का नया केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार से NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की है।1