सारंगपुर शिमला होटल पर दो मुस्लिम पक्षों में जमकर हुआ पथराव महिलाओं से की थी छेड़छाड़ सारंगपुर में धनोरा नेशनल हाईवे के समीप स्थित होटल शिमला पर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच अचानक विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया और मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर हुई बताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर किसी प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जनचर्चाओं में यही कारण सामने आ रहा है। कुछ ही देर में विवाद ने उग्र रूप ले लिया और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। घटना के दौरान होटल और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने खुद को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पथराव के चलते कुछ वाहनों और संपत्ति को नुकसान होने की भी संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिसके चलते पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। बावजूद इसके, सैकड़ों लोगों का एकत्रित होना और खुलेआम पथराव होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सारंगपुर शिमला होटल पर दो मुस्लिम पक्षों में जमकर हुआ पथराव महिलाओं से की थी छेड़छाड़ सारंगपुर में धनोरा नेशनल हाईवे के समीप स्थित होटल शिमला पर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच अचानक विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया और मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर हुई बताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर किसी प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जनचर्चाओं में यही कारण सामने आ रहा है। कुछ ही देर में विवाद ने उग्र रूप ले लिया और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। घटना के दौरान होटल और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने खुद को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पथराव के चलते कुछ वाहनों और संपत्ति को नुकसान होने की भी संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिसके चलते पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। बावजूद इसके, सैकड़ों लोगों का एकत्रित होना और खुलेआम पथराव होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- सारंगपुर हाईवे गुलावता जोड़ पर भीषण शासक हादसा हुआ जिसमें खुजनेर निवासी जगदीश चौबे को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी हादसे में उन्हें सिर में गंभीर चोट आई जिससे उनकी मौत हो गई।पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।1
- पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी (भा.पु.से.) के निर्देशन में उर्स मेला राजगढ़ में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है तथा उपद्रवियों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 22-23.03.2026 को निम्न कार्यवाहियाँ की गईं— चोरी का प्रयास हेमराज पिता भागीरथ मेवाड़े निवासी बाराव्दारी, राजगढ़ द्वारा उर्स मेले में एक दुकान पर खरीदारी कर रही महिला के फर्स (पर्स) को साइड में रखे होने पर चोरी करने का प्रयास किया गया, जिसे मौके पर गिरफ्तार किया गया। फर्जी टिकट बिक्री अनारसिंह पिता अमरलाल तंवर निवासी रुघनाथपुरा द्वारा झूला परिसर में नकली टिकट बेचने की सूचना पर उसे मौके से गिरफ्तार किया गया। झगड़ा कर शांति भंग करना परमेश्वर पिता गोपीलाल लोधी निवासी श्रीपुरा जिला गुना द्वारा मेले में आमजन से विवाद एवं शांति व्यवस्था भंग करने पर गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार— गोरधन पिता देवचंद तंवर उम्र 24 वर्ष एवं विष्णु पिता शिवनारायण तंवर उम्र 22 वर्ष, निवासी गिरधरपुरा थाना मनोहरथाना जिला झालावाड़ (राजस्थान) द्वारा आपस में झगड़ा कर शांति व्यवस्था भंग करने पर दोनों को भी मौके पर गिरफ्तार किया गया। उपरोक्त सभी 05 आरोपियों के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। राजगढ़ पुलिस का संदेश उर्स मेले में शांति, सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस पूरी तरह सतर्क है। आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।2
- अगर हम बात करें राजगढ़ जिले के खुजनेर की तो कहीं जगह पर सरकारी जमीन पर आवास योजना का लाभ दिया गया है और एक तरफ गरीब परिवार को परेशान किया जा रहा है अगर बारीकी से जांच हो तो इसमें बहुत सारे अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है लेकिन क्या करें सब गोलमाल है1
- मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के छापीहेड़ा से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां गो सेवकों द्वारा गौ माता के लिए चारा एकत्रित किया जा रहा है। गो सेवक घर-घर जाकर लोगों से सहयोग मांग रहे हैं और जो भी संभव हो, चारा एवं धनराशि के रूप में सहायता जुटा रहे हैं। उनका कहना है कि गौ माता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और इस कार्य में समाज के हर वर्ग को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है और बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं। गो सेवकों की यह पहल न केवल गौ संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रही है।"1
- दतिया:पीतांबरा पीठ में उमड़ा आस्था का सैलाब, देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु मां बगलामुखी के दरबार मे, दिनभर चला पूजा-अर्चना का दौर नरोत्तम मिश्रा ने किए दर्शन, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना साधना के लिए साधकों की विशेष भीड़, मंदिर परिसर में दिखी गहन आध्यात्मिक साधना धार्मिक आस्था और शक्ति उपासना का केंद्र बना दतिया, भक्तिमय माहौल से गूंजा पूरा क्षेत्र1
- मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा के बड़े पैमाने पर संचालन की शिकायतों के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की हैपुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने सोमवार को थाना प्रभारी भीमसिंह पटेल को तत्काल प्रभाव से हटाकर लाइन अटैच कर दिया,मक्सी थाने में पदस्थ एसआई अरविंद सिंह तोमर को मोहन बड़ोदिया थाने का नया प्रभार सौंपा गया है,जानकारी के अनुसार,मोहन बड़ोदिया थाने में लंबे समय से मनमानी कार्यप्रणाली और अवैध गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं,स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर असंतोष बना हुआ था। जुआ-सट्टा संचालन की सूचनाएं सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इस मामले का संज्ञान लिया। मिल रही थी लगातार शिकायत एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि थाना प्रभारी भीमसिंह पटेल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं,जिसके चलते उन्हें हटाया गया हैउन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है,नए प्रभारी अरविंद सिंह तोमर से क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुधारने की उम्मीद जताई जा रही है ।1
- शाजापुर में सहकारिता कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: गेहूं खरीदी, ऋण वितरण व्यवस्था ठप; 64 उपार्जन केंद्रों के गेहूं उपार्जन पर संकट शाजापुर (उज्जैन) 32 मिनट पहले जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाजापुर 1:05 शेयर शाजापुर जिले में सहकारिता समितियों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरुआत की है। सैकड़ों कर्मचारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण जिले की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी तरह चरमरा गया है।बंद हो गया है, वहीं ऋण वितरण की प्रक्रिया भी पूरी तरह ठप है। आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसानों को अब निजी साहूकारों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 1 अप्रैल से गेहूं उपार्जन पर संकट इस हड़ताल का सबसे गंभीर असर समर्थन मूल्य पर होने वाली गेहूं खरीदी पर पड़ने वाला है। जिले के सभी 64 उपार्जन केंद्रों का संचालन इन्हीं कर्मचारियों के जिम्मे है। यदि 1 अप्रैल से पहले हड़ताल समाप्त नहीं हुई, तो गेहूं खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो सकती है, जिससे हजारों किसानों का भुगतान और अनाज भंडारण प्रभावित होगा।नियुक्ति आदेशों में भेदभाव का आरोप हड़ताल का मुख्य कारण सहायक समिति प्रबंधकों की पदोन्नति और नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी है। संघ के जिलाध्यक्ष लखन कुंभकार ने बताया कि प्रबंधकों की नियुक्ति प्रक्रिया अक्टूबर 2025 तक पूर्ण होनी थी। हैरानी की बात यह है कि इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे पड़ोसी जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन शाजापुर में पात्रता सूची जारी होने के बावजूद नियुक्ति आदेश अटकाए गए हैं। किसानों पर दोहरी मारः न खाद-बीज मिल रहा, न ऋण हड़ताल के कारण जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोसायटियों से होने वाला खाद और बीज का वितरणबंद हो गया है, वहीं ऋण वितरण की प्रक्रिया भी पूरी तरह ठप है। आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसानों को अब निजी साहूकारों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 1 अप्रैल से गेहूं उपार्जन पर संकट इस हड़ताल का सबसे गंभीर असर समर्थन मूल्य पर होने वाली गेहूं खरीदी पर पड़ने वाला है। जिले के सभी 64 उपार्जन केंद्रों का संचालन इन्हीं कर्मचारियों के जिम्मे है। यदि 1 अप्रैल से पहले हड़ताल समाप्त नहीं हुई, तो गेहूं खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो सकती है, जिससे हजारों किसानों का भुगतान और अनाज भंडारण प्रभावित होगा।जिला सहकारी बैंक के सीईओ कोमल डहाके ने कहा है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रयास जारी हैं। हालांकि, कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं होते, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।1
- सारंगपुर में धनोरा नेशनल हाईवे के समीप स्थित होटल शिमला पर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच अचानक विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया और मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर हुई बताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर किसी प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जनचर्चाओं में यही कारण सामने आ रहा है। कुछ ही देर में विवाद ने उग्र रूप ले लिया और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। घटना के दौरान होटल और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने खुद को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पथराव के चलते कुछ वाहनों और संपत्ति को नुकसान होने की भी संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिसके चलते पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। बावजूद इसके, सैकड़ों लोगों का एकत्रित होना और खुलेआम पथराव होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1