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निंबाहेड़ा अस्पताल के ठीक पीछे भारी मात्रा में गंदगी का अंबार जमा हो गया है, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा इस संबंध में लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद भी प्रशासन की ओर से इस समस्या को दूर करने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Hello Chittorgarh News
निंबाहेड़ा अस्पताल के ठीक पीछे भारी मात्रा में गंदगी का अंबार जमा हो गया है, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा इस संबंध में लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद भी प्रशासन की ओर से इस समस्या को दूर करने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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- हरमैन शरीफैन से लौटे हाजियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर खान परिवार ने शहर क़ाज़ी, पेश इमामों और विभिन्न धार्मिक तंजीमों के साथ मिलकर मोहब्बत व अकीदत की एक विशेष महफिल सजाई।1
- आज भरत तिवारी के निधन पर लाखों लोग एकजुट होकर 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारे लगा रहे हैं। इस जनसैलाब के बीच यह सवाल उठाया गया है कि यदि यही भीड़, यही समर्थन और यही एकजुटता उनके जीवित रहते उनके साथ खड़ी होती, तो क्या हालात यहाँ तक पहुँचते? यह समाज की सबसे बड़ी विडंबना है कि हम अपने लोगों को उनके संघर्ष के समय अकेला छोड़ देते हैं, और उनके जाने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ते हैं। जो व्यक्ति सामाजिक मुद्दों की बात करे, अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाए, परिवार और समाज के हितों के लिए संघर्ष करे, या भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा की बात करे, उसका साथ उसके जीवित रहते ही देना चाहिए। क्योंकि किसी के जाने के बाद आँसू बहाना आसान है, लेकिन उसके संघर्ष के दिनों में उसके साथ खड़ा होना ही सच्ची मित्रता, सच्चा समाज और सच्चा समर्थन है। कंधा देने वालों की भीड़ से कहीं अधिक ज़रूरी संघर्ष के समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने वाले लोग होते हैं। सिर्फ 'अमर रहे' के नारे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवित रहते हुए भी समर्थन चाहिए। समाज तभी मजबूत होगा जब सच, न्याय और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वालों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी श्रद्धांजलि उसके जाने के बाद फूल चढ़ाना नहीं, बल्कि उसके जीवित रहते उसके संघर्ष में उसका साथ निभाना है।1
- हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक स्टेडियम की खाली सीटें दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो खेल समाचारों से संबंधित है और दर्शकों से इस पर अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है। लोगों को इसी प्रकार की और खेल खबरें जानने तथा प्लेटफॉर्म से जुड़े रहने के लिए सब्सक्राइब करने का निमंत्रण दिया गया है।1
- अफीम किसान संघ राजस्थान–मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 21 जून 2026, रविवार को डूंगला तहसील क्षेत्र के अफीम किसान मुखियाओं की बैठक एलवा माता मंदिर, डूंगला में आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण आदेश, पिछले वर्षों के डोडा चूरा की मांग और पट्टे रोकने की धमकियों का कड़ा विरोध जताया। किसानों ने सरकार से उनके हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की, जबकि कपासन से आए प्रतिनिधिमंडल का किसानों ने उपरणा पहनाकर स्वागत किया। अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने किसानों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि अफीम किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे डूंगला से एक विशाल अफीम किसान जागृति रैली निकाली जाएगी। यह रैली डूंगला से शुरू होकर बड़ी सादड़ी, कानोड़, बिल्डर, वल्लभनगर, मावली, भोपाल सागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निम्बाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा जैसे विभिन्न स्थानों से होते हुए 26 जून की सुबह चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर किसान अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद वहीं पर महापड़ाव शुरू किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। अफीम किसान संघ ने रैली और महापड़ाव में अधिक से अधिक किसानों, जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारियों और आमजन से सहयोग एवं समर्थन की अपील की है। संघ के अनुसार, रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर किसानों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा और महापड़ाव में अलग-अलग तहसीलों के किसान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करेंगे।1
- NEET परीक्षा के दौरान योगी की पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, एक छात्रा गलती से किसी और परीक्षा केंद्र पर पहुँच गई थी। इस स्थिति में, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी कार में बिठाकर सही परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया। इतना ही नहीं, छात्रा को देरी होने के बावजूद परीक्षा में बैठने दिया गया और उसने अपना एग्जाम सफलतापूर्वक दिया।1
- आज, 22 जून 2026 को चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ के लाइव श्रंगार दर्शन उपलब्ध हैं, जिसके लिए 'जय हो!' का उद्घोष किया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं को सूचित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें साझा करके कमाई करने हेतु शुरू ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।1
- आज देवास जिले में बोनी का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही, जिले में अच्छी बारिश भी हुई है, जिससे किसानों के लिए स्थिति अनुकूल बनी है।1
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