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पतीसा नगर में नाली का पानी निकालने की कोई सुविधा नहीं है मतलब अपनी रोड़ों पर भरा रहता है बच्चे स्कूल जाने से गिरते हैं कीचड़ में और बहुत ही ज्यादा मतलब परेशानी दिक्कत हो रही है इसकी कोई सुनवाई नहीं
Sunil kumar
पतीसा नगर में नाली का पानी निकालने की कोई सुविधा नहीं है मतलब अपनी रोड़ों पर भरा रहता है बच्चे स्कूल जाने से गिरते हैं कीचड़ में और बहुत ही ज्यादा मतलब परेशानी दिक्कत हो रही है इसकी कोई सुनवाई नहीं
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- पतीसा नगर में नाली का पानी निकालने की कोई सुविधा नहीं है मतलब अपनी रोड़ों पर भरा रहता है बच्चे स्कूल जाने से गिरते हैं कीचड़ में और बहुत ही ज्यादा मतलब परेशानी दिक्कत हो रही है इसकी कोई सुनवाई नहीं4
- सिंगाही के अंतर्गत ग्राम पंचायत भेड़ौरा में बाइक में अचानक लगी आग, चालक की सूझबूझ से बची जान सिंगाही क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत भेड़ौरा में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बच्चे को दवा दिलाने ले जा रहे दो बाइक सवारों की बाइक में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि बाइक चालक ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत बाइक से कूदकर साथ बैठे लोगों को भी धक्का देकर दूर किया, जिससे सभी की जान बच गई। हालांकि इस दौरान बाइक चालक को हल्की चोटें आईं, जबकि बाइक पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घायल बाइक चालक की सराहना करते हुए उसकी बहादुरी की प्रशंसा की रिपोर्टर मुखत्यार सिंह एम डी न्यूज। वाइस क्राइम रिपोर्टर इंचार्ज2
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- निष्पक्ष जांच हो तो सचिव के.के. गुप्ता समेत कई जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज पलियाकलां-खीरी। विकास खंड पलिया की ग्राम पंचायत सिंगाही खुर्द में करीब एक माह पूर्व उजागर हुए लगभग 30 लाख रुपये के बहुचर्चित घोटाले का मामला अब ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। आरोप है कि प्रशासन ने तेज-तर्रार कार्रवाई का दिखावा करते हुए मुख्य आरोपी बताकर केवल सचिव पर कार्रवाई दर्शा दी, जबकि इस पूरे खेल के कथित मुख्य सूत्रधारों और ग्राम प्रधान को अभयदान दे दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई आधी-अधूरी है और यदि निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच हो जाए तो कई जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी कटघरे में आ सकती है। सूत्रों के अनुसार, 4 दिसंबर को आनन-फानन में इस कथित घोटाले की पटकथा लिखी गई। आरोप है कि ठेकेदार एवं सामग्री आपूर्तिकर्ता फर्म कुंज बिहारी ट्रेडर्स तथा कंसल्टिंग इंजीनियर कपिल कुमार की भूमिका संदिग्ध रही। बताया जाता है कि फर्म स्वामी ने जेई से लेकर ग्राम प्रधान तक को साधने की कवायद शुरू की, वहीं कंसल्टिंग इंजीनियर ने बेहद कम समयावधि में माप पुस्तिकाओं (एमबी) में भारी-भरकम माप चढ़ाकर भुगतान का रास्ता साफ कर दिया। ग्रामीणों व जानकारों का दावा है कि माप पुस्तिकाओं में दर्ज तिथियां और एक ही कार्य पर एक ही दिन में टुकड़ों में की गई एंट्रियां संदेह पैदा करती हैं। आरोप है कि कुछ ही घंटों में लाखों रुपये के कार्यों का मापन दिखाकर भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। यदि इन माप पुस्तिकाओं की तकनीकी जांच हो, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। मामले में ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर बिना प्रधान की जानकारी के इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता संभव नहीं है। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर सचिव के.के. गुप्ता को मुख्य आरोपी दर्शाकर कार्रवाई की गई, लेकिन अन्य संबंधित अधिकारियों, जेई और कंसल्टिंग इंजीनियर की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। इससे यह चर्चा तेज है कि कहीं पूरे प्रकरण में सचिव को मोहरा बनाकर असली जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश तो नहीं की गई। सिंगाही खुर्द के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पूरे प्रकरण की बिंदुवार जांच कराई जाए, बैंक खातों, माप पुस्तिकाओं और भुगतान प्रक्रिया का मिलान किया जाए तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बहुचर्चित 30 लाख के घोटाले को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित रखता है या फिर वास्तव में दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
- पुलिस ने चालक को गिरफ्तार किया भीड़ ने पीटने की कोशिश की3
- शिव मंदिर परिसर में होर्डिंग को लेकर बड़ा विवाद, चेयरमैन और विधायक के परिजन आमने-सामने गोला गोकर्णनाथ स्थित शिव मंदिर परिसर में होर्डिंग लगाने को लेकर शनिवार रात जमकर हंगामा हुआ। विवाद चेयरमैन और स्थानीय विधायक के चाचा व चचेरे भाई के बीच बताया जा रहा है। आरोप है कि मंदिर परिसर के पास लगाए गए चेयरमैन के होर्डिंग को फाड़ दिया गया, जिस पर माहौल गर्मा गया। बताया जा रहा है कि मंदिर के पास राजनीतिक प्रचार को लेकर आपत्ति जताई गई। इसी दौरान मौके पर मौजूद जेई (जूनियर इंजीनियर) के साथ भी हाथापाई हुई और मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। हंगामा देर रात तक चलता रहा। सूत्रों के अनुसार, यह विवाद एसडीएम साहिबा के सामने ही शुरू हो गया था, लेकिन बाद में स्थिति और बिगड़ गई। शिवरात्रि की तैयारियों के बीच हुए इस घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामला विधायक के परिवार से जुड़ा होने के कारण प्रशासन मौके पर प्रभावी रूप से सक्रिय नहीं दिखा। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।1
- लखीमपुर खीरी मिश्राना चौकी चौराहे पर लगा बिजली का पोल पूरी तरह जर्जर हो चुका है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। पोल का निचला हिस्सा पूरी तरह गल चुका है, जिससे उसके गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। यह चौराहा इलाके के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक है, जहां दिनभर सैकड़ों राहगीर, वाहन और आसपास की दुकानों में ग्राहक आते-जाते रहते हैं। ऐसे में अगर यह पोल गिरता है, तो जान-माल की भारी क्षति से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार विभाग को इस जर्जर पोल के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? 📹 पोल की जर्जर हालत का वीडियो भी सामने आया है, जो खतरे की गंभीरता को साफ दिखाता है। 👉 अब देखना यह है कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी अनहोनी के बाद ही नींद खुलती है।1
- मिश्राना चौकी चौराहे पर जर्जर पोल हादसे को दे रहा न्योता, प्रशासन बेपरवाह लखीमपुर खीरी मिश्राना चौकी चौराहे पर लगा एक बिजली का पोल पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। पोल का निचला हिस्सा पूरी तरह गल चुका है और वह किसी भी समय गिर सकता है। यह पोल राहगीरों और आसपास की दुकानों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। यह चौराहा क्षेत्र का व्यस्त इलाका है, जहां दिनभर सैकड़ों लोग और वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि पोल गिरता है तो जान-माल की भारी हानि हो सकती है। साथ में पोल का वीडियो संलग्न1