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विजयादशमी यानी असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। देशभर में दशहरे पर रावण दहन किया जाता है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी स्थित कोरिया कॉलरी में रावण दहन का अंदाज बेहद अनोखा है। यहां मैदान में नहीं, बल्कि गहरे तालाब के बीचों-बीच बने टापू पर रावण का दहन किया जाता है। पानी के बीच रावण दहन का यह नजारा देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं।
Manoj shrivastav
विजयादशमी यानी असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। देशभर में दशहरे पर रावण दहन किया जाता है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी स्थित कोरिया कॉलरी में रावण दहन का अंदाज बेहद अनोखा है। यहां मैदान में नहीं, बल्कि गहरे तालाब के बीचों-बीच बने टापू पर रावण का दहन किया जाता है। पानी के बीच रावण दहन का यह नजारा देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं।
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- विजयादशमी यानी असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। देशभर में दशहरे पर रावण दहन किया जाता है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी स्थित कोरिया कॉलरी में रावण दहन का अंदाज बेहद अनोखा है। यहां मैदान में नहीं, बल्कि गहरे तालाब के बीचों-बीच बने टापू पर रावण का दहन किया जाता है। पानी के बीच रावण दहन का यह नजारा देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं।1
- UCC समान नागरिक संहिता कानून आदिवासी अधिकारों को छीनने का कार्य करता है। UCC समान नागरिक संहिता कानून अनुसूचित क्षेत्र में लागू नहीं होना चाहिए।1
- संजय नगर में धूमधाम से हुआ रावण दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश अनूपपुर, मध्य प्रदेश। जिले के संजय नगर में दशहरा पर्व के अवसर पर रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में दशहरा पर्व को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। रावण दहन के साथ ही लोगों ने बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दशहरा पर्व की खुशियां साझा कीं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। दशहरा पर्व हमें यह प्रेरणा देता है कि जीवन में सदैव सत्य, धर्म और अच्छाई के मार्ग पर चलना चाहिए।1
- नर्मदा उद्गम मंदिर में कन्या भोज, कलश और जवारा विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि का समापन नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के बाद मां भगवती को दी गई विदाई, भैरव पूजन एवं आरती के साथ मंदिर में संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित पतित पावनी मां नर्मदा के उद्गम मंदिर में शारदीय नवरात्रि का पर्व कन्या पूजन, कन्या भोज, घृत ज्योति एवं कलश विसर्जन तथा जवारा विसर्जन के साथ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। नौ दिवसीय नवरात्रि के दौरान मंदिर में मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना, पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। नवरात्रि के समापन अवसर पर मां शक्ति के स्वरूप में कन्याओं का पूजन किया गया तथा उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मंदिर में स्थापित घृत ज्योति एवं कलश के साथ जवारे का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां भगवती के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। नर्मदा उद्गम मंदिर में पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न पूजन-अनुष्ठान संपन्न हुए। नवरात्रि के अंतिम चरण में कन्या पूजन और जवारा विसर्जन के साथ नौ दिनों तक चली देवी आराधना का विधिवत समापन हुआ। संध्याकाल में नर्मदा मंदिर की ड्योढ़ी के पूर्व स्थित भगवान भैरव की विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा आरती संपन्न हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप भगवान भैरव के पूजन के साथ मंदिर में नवरात्रि के समापन संबंधी अनुष्ठान पूरे किए गए। प्रतिमा विसर्जन का क्रम भी शुरू शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ ही अमरकंटक के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम भी प्रारंभ हुआ। श्रद्धालु गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ मां भगवती को विदाई देने की तैयारी में जुटे रहे। प्रतिमाओं का विसर्जन नर्मदा पुष्कर बांध के समीप बनाए गए विसर्जन कुंड में पूजा-अर्चना और आरती के साथ किया जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना में लीन रहे श्रद्धालुओं ने नम आंखों और भक्तिभाव के साथ मां भगवती से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की। इस प्रकार पवित्र नगरी अमरकंटक में धार्मिक आस्था, परंपरा और भक्ति के बीच शारदीय नवरात्रि पर्व का समापन हुआ।1
- रक्षित केंद्र शहडोल में परंपरागत विधि-विधान से संपन्न हुआ शस्त्र पूजन, सुख-शांति और कानून व्यवस्था की कामना की शहडोल। विजयादशमी के पावन पर्व के अवसर पर रक्षित केंद्र (पुलिस लाईन) शहडोल में पुलिस विभाग की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए शस्त्र पूजन का भव्य आयोजन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अस्त्र-शस्त्रों, उपकरणों एवं शासकीय वाहनों का विधिवत पूजन किया गया। इस अवसर पर जिले में सुख, शांति, समृद्धि और कानून-व्यवस्था के सुचारू एवं सुदृढ़ संचालन की कामना की गई। वैदिक मंत्रों के बीच शस्त्रों पर पुष्प अर्पित कर तिलक लगाया गया। इस गरिमामय आयोजन में पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जयसिंहनगर विधायक माननीया श्रीमती मनीषा सिंह, पुलिस महानिरीक्षक शहडोल जोन सुश्री एन. चेत्रा, पुलिस उप महानिरीक्षक शहडोल श्री विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय अग्रवाल, कलेक्टर शहडोल श्री पार्थ जायसवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल श्री शिवम प्रजापति एवं डी.एफ.ओ. उत्तर वन मंडल शहडोल श्रीमती तरूणा वर्मा उपस्थित रहीं। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मंत्रोच्चारण के बीच शस्त्र पूजन संपन्न किया। इस दौरान पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पुलिस विभाग में विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है।4
- मादर की थाप के साथ हुआ सिद्ध बाबा चौक बोईदा आवासपारा का माता रानी का विसर्जन1
- 📢 NEWS 24 PUBLIC TV | शहडोल न्यूज़ शहडोल पुलिस लाइन में विजयदशमी पर शस्त्र पूजन 🔱 विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना, पूजा के बाद की गई फायरिंग। 🎤 पत्रकार: पंडित कृष्णा मिश्रा, शहडोल संभाग 📺 NEWS 24 PUBLIC TV — सच की आवाज़1
- सोनहत में 12 दिनों से हाथियों का आतंक, धान की फसलें तबाह लोलकी और जोगिया क्षेत्र में किसानों को भारी नुकसान, दहशत में ग्रामीण; वन विभाग कर रहा निगरानी1