मुज़फ्फरनगर | दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला मुज़फ्फरनगर जनपद में दहेज उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग, मारपीट, जान से मारने की धमकी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 23 नवंबर 2024 को हिंदू रीति-रिवाज से राहुल पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर के साथ हुई थी। शादी में पीड़िता के पिता द्वारा लगभग 10 लाख रुपये खर्च कर घरेलू सामान व सोने-चांदी के आभूषण दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष पति राहुल, सास मूर्ति, ससुर रामकुमार, देवर मोहित, देवर आशु सहित अन्य रिश्तेदार दहेज से संतुष्ट नहीं थे और लगातार एक बुलेट मोटरसाइकिल व 1 लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। आरोप है कि 16 मार्च 2025 को पति राहुल ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पीड़िता को मायके में ही छोड़ देने की धमकी दी। बाद में ससुराल पहुंचने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई और दुपट्टे से गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आने से पीड़िता की जान बच सकी। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पीड़िता ने बताया कि महिला थाना मुज़फ्फरनगर में शिकायत देने के बाद ससुराल पक्ष ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ समय बाद फिर से दहेज की मांग शुरू कर दी गई। 24 अक्टूबर 2025 को पुनः मारपीट की गई, जिसके बाद पीड़िता अपने भाई के साथ मायके लौट आई। आरोप यह भी है कि 23 नवंबर 2025 को पति व उसके साथी पीड़िता के मायके पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए बुलेट बाइक व एक लाख रुपये न देने पर हत्या कर लाश गायब करने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ लगातार शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता ने बताया कि मामले में महिला परामर्श केंद्र, मुज़फ्फरनगर में कई बार काउंसलिंग भी हुई, लेकिन ससुराल पक्ष साथ रखने को तैयार नहीं हुआ। अंततः पीड़िता ने 2 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुज़फ्फरनगर को प्रार्थनापत्र देकर ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है, और पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।
मुज़फ्फरनगर | दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला मुज़फ्फरनगर जनपद में दहेज उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग, मारपीट, जान से मारने की धमकी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 23 नवंबर 2024 को हिंदू रीति-रिवाज से राहुल पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर के साथ हुई थी। शादी में पीड़िता के पिता द्वारा लगभग 10 लाख रुपये खर्च कर घरेलू सामान व सोने-चांदी के आभूषण दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष पति राहुल, सास मूर्ति, ससुर रामकुमार, देवर मोहित, देवर आशु सहित अन्य रिश्तेदार दहेज से संतुष्ट नहीं थे और लगातार एक बुलेट मोटरसाइकिल व 1 लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। आरोप है कि 16 मार्च 2025 को पति राहुल ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पीड़िता को मायके में ही छोड़ देने की धमकी दी। बाद में ससुराल पहुंचने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई और दुपट्टे से गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आने से पीड़िता की जान बच सकी। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पीड़िता ने बताया कि महिला थाना मुज़फ्फरनगर में शिकायत देने के बाद ससुराल पक्ष ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ समय बाद फिर से दहेज की मांग शुरू कर दी गई। 24 अक्टूबर 2025 को पुनः मारपीट की गई, जिसके बाद पीड़िता अपने भाई के साथ मायके लौट आई। आरोप यह भी है कि 23 नवंबर 2025 को पति व उसके साथी पीड़िता के मायके पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए बुलेट बाइक व एक लाख रुपये न देने पर हत्या कर लाश गायब करने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ लगातार शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता ने बताया कि मामले में महिला परामर्श केंद्र, मुज़फ्फरनगर में कई बार काउंसलिंग भी हुई, लेकिन ससुराल पक्ष साथ रखने को तैयार नहीं हुआ। अंततः पीड़िता ने 2 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुज़फ्फरनगर को प्रार्थनापत्र देकर ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है, और पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।
- सर्दी में ग्रामीण पीड़ितों के लिए मुख़ालफ़त: प्रीति देवी ने बांटे कंबल, की आर्थिक मदद मुजफ्फरनगर सदर तहसील की नायब तहसीलदार प्रीति देवी,ने ठंड से राहत के लिए चलाया अभियान कोसर चौधरी संवाददाता मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर, [तारीख]: बढ़ती सर्दी और शीतलहर के बीच मुजफ्फरनगर जनपद की सदर तहसील की नायब तहसीलदार प्रीति देवी ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए पीड़ितों और जरूरतमंद परिवारों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए, साथ ही कई लोगों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। इस पहल के पीछे उनका उद्देश्य ठंड के मौसम में गरीब और असहाय लोगों को राहत पहुँचाना था। प्रीति देवी ने तहसील क्षेत्र का दौरा कर सीधे लोगों से संवाद किया और उनकी परेशानियाँ सुनी। उन्होंने बताया कि सर्दी का प्रकोप विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुँचाए। इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों कंबल वितरित किए जा चुके हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नकद सहायता भी दी गई है। इस कदम से स्थानीय निवासियों ने खुशी जताई है और प्रशासन के इस राहत कार्य की सराहना की है। प्रीति देवी ने कहा कि यह पहल जारी रखी जाएगी और ठंड के मौसम में अन्य जरूरतमंदों तक भी सहायता पहुँचाई जाएगी। उन्होंने सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मुश्किल मौसम में सहारा मिल सके। इस तरह के प्रयास न केवल शीतलहर से निपटने में मददगार हैं, बल्कि समाज में संवेदना और साझेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।1
- *बाइट-* *थाना बुढाना पुलिस द्वारा 01 शातिर वांछित अवैध मादक पदार्ध तस्कर अभियुक्त की गिरफ्तारी व कब्जे से 20.800 कि0ग्रा0 गांजा व तस्करी में प्रयुक्त 01 कैन्टर की बरामदगी के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री आदित्य बंसल की बाइट-*1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुज़फ्फरनगर | दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला मुज़फ्फरनगर जनपद में दहेज उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग, मारपीट, जान से मारने की धमकी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 23 नवंबर 2024 को हिंदू रीति-रिवाज से राहुल पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर के साथ हुई थी। शादी में पीड़िता के पिता द्वारा लगभग 10 लाख रुपये खर्च कर घरेलू सामान व सोने-चांदी के आभूषण दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष पति राहुल, सास मूर्ति, ससुर रामकुमार, देवर मोहित, देवर आशु सहित अन्य रिश्तेदार दहेज से संतुष्ट नहीं थे और लगातार एक बुलेट मोटरसाइकिल व 1 लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। आरोप है कि 16 मार्च 2025 को पति राहुल ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पीड़िता को मायके में ही छोड़ देने की धमकी दी। बाद में ससुराल पहुंचने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई और दुपट्टे से गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आने से पीड़िता की जान बच सकी। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पीड़िता ने बताया कि महिला थाना मुज़फ्फरनगर में शिकायत देने के बाद ससुराल पक्ष ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ समय बाद फिर से दहेज की मांग शुरू कर दी गई। 24 अक्टूबर 2025 को पुनः मारपीट की गई, जिसके बाद पीड़िता अपने भाई के साथ मायके लौट आई। आरोप यह भी है कि 23 नवंबर 2025 को पति व उसके साथी पीड़िता के मायके पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए बुलेट बाइक व एक लाख रुपये न देने पर हत्या कर लाश गायब करने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ लगातार शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता ने बताया कि मामले में महिला परामर्श केंद्र, मुज़फ्फरनगर में कई बार काउंसलिंग भी हुई, लेकिन ससुराल पक्ष साथ रखने को तैयार नहीं हुआ। अंततः पीड़िता ने 2 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुज़फ्फरनगर को प्रार्थनापत्र देकर ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है, और पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।1
- जनहित में विशेष समाचार – ग्रामीण बहुजन सेवा समिति, झबिरण ने नव वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित किया भव्य यज्ञ ।। झबिरण (ब्लॉक नारसन), 01 जनवरी 2026 ग्रामीण बहुजन सेवा समिति, ग्राम झबिरण, ब्लॉक नारसन के तत्वावधान में नव वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में एक अत्यंत भव्य एवं ऐतिहासिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ सामाजिक एकता और सद्भावना का संदेश दिया। समिति की ओर से सभी देशवासियों, विशेषकर झबिरण व आसपास के ग्रामवासियों को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नव वर्ष के आगमन पर समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना, शांति और सौहार्द का वातावरण बनाना तथा सभी को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करना था। इस भव्य यज्ञ में सर्व समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन की सफलता में आयोजक मंडल के सदस्यों – श्री देवेंद्र कुमार तोमर , डॉ. संसार सिंह नौटियाल , श्री सुनील तोमर , श्री भूपेंद्र शर्मा , श्री जगदीश धीमान , श्री सतीश प्रजापति ,श्री बृजेश तोमर , श्री कालूराम कश्यप , श्री ओमप्रकाश सैनी , श्री अजीत कुमार सांसी , श्री प्रशांत कुमार (उद्योग व्यापारी) , श्री सतवीर वाल्मीकि , श्री राज सिंह , श्री आरके आजाद (पत्रकार) , श्री आर्यन , ने तन-मन-धन से सहयोग प्रदान किया। यज्ञ स्थल पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने एकता, सद्भावना और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। यज्ञ में वेद मंत्रों के उच्चारण, आभामंडल में धूप-दीप की सुगंध और शंख-घंटों की ध्वनि ने वातावरण को पवित्र और शांतिपूर्ण बना दिया। समिति के अध्यक्ष श्री देवेंद्र कुमार तोमर* ने कहा, “यह आयोजन हमारा नव वर्ष का पहला कदम है। हमारा उद्देश्य है कि हर वर्ष ऐसी ही भव्य और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज को एकजुट करना। इस यज्ञ के माध्यम से हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे हमें सद्बुद्धि, सदाचार और सद्भावना प्रदान करें।” डॉ. संसार सिंह नौटियाल , ने कहा, “यह यज्ञ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और एकता का प्रतीक है। हमारा प्रयास है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहें और समाज के हर वर्ग को इससे लाभ मिले।” समिति ने सभी सहयोगियों, ग्रामवासियों, पत्रकारों और समाज के प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि भविष्य में भी सभी का सहयोग और समर्थन इसी प्रकार मिलता रहेगा। — ।। ॐ शांति, ॐ शांति।। ग्रामीण बहुजन सेवा समिति, झबिरण ब्लॉक – नारसन, जिला – हरिद्वार (उत्तराखंड) — _जनहित में जारी_ _सभी को नव वर्ष 2026 की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं!_1
- नव वर्ष गुरुवार की सुबह खतौली के मैन बाजार मै स्थित नगर कार्यालय पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन बिलाल अख्तर खतौली के तत्वावधान में संगठन के संस्थापक स्व. बालेश्वर लाल जी की 95वी जयंती के अवसर पर उनके संघर्ष को याद करते हुए नमन किया गया। यहां कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. बाबू बालेश्वर लाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया तो वही प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रोहिताश्व कुमार वर्मा ने कहा कि पत्रकारिता का काम कठिन हो गया है। आज के दौर में यह आसान काम नहीं रह गया है। पत्रकारिता जोखिम का काम है। मजबूत राष्ट्र के निर्माण में पत्रकारों का बहुत सहयोग होता है। जिलाध्यक्ष संजय राठी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के निर्माण में पत्रकारों का अहम किरदार होता है। तहसील अध्यक्ष शेखर चौहान ने कहा कि सामाजिक सरोकार से लेकर चाहे पर्यावरण संरक्षण का मसला हो या फिर जनसमस्याएं, राजनीति हो या किसी का दुख दर्द, इन सबको समझने व लिखने में पत्रकारों की भूमिका अग्रणी होती है। सभा मै मौजूद तहसील महामंत्री वसीम अहमद ने कहा कि एक पत्रकार को जीवन भर पढ़ना ही होता है। किसी भी मामले में पत्रकार को तह तक जाना पडता है। इस दौरान खतौली के सीनियर पत्रकारों मै बसंत गौतम व शाहिद अंसारी व डॉक्टर के एस भोगयान व शेखर चौहाँन ने संगठन से जुड़े साथियो के साथ अपने अनुभव साझा करें।और सभी ने बाबू बालेश्वर लाल जी के द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में पत्रकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया। कार्यक्रम में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही पत्रकारों के लिए टोल फ्री करने के लिए जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर को ज्ञापन दिया जाएगा। कार्यक्रम में ज़िला महामंत्री गय्यूर मलिक, ज़िला उपाध्यक्ष राहुल प्रजापति, बसन्त गौतम, नूर मोहम्मद, ज़फ़र इक़बाल, राजकुमार विश्वकर्मा, बी.के. नहरिया, डॉ. के.इस. भौज्ञान, शमशाद, बिलाल अख्तर,योगेश त्यागी, नफीस, अरमान आदि मौजूद रहे।6
- --गांव से निकल रहे खनन के डंपरों को रोककर ग्रामीणों ने किया हंगामा। लगभग चार माह से लगातार गांव में से डंपर ले जाए जाने से ग्रामीणों में रोष। रामराज। रामराज थाना क्षेत्र के गांव हाशमपुर में पिछले लगभग चार माह से गांव के अंदर से मिट्टी के खनन के डंपर निकल रहे हैं जिससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं जिसको लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया तथा उन्होंने डंपरों को रोककर गांव में हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इन डंपरों के कारण गांव की सड़क पूरी तरह टूट गई है तथा आए दिन हादसे हो रहे हैं। मेरठ के बहसूमा से बिजनौर तक हो रहे हाईवे निर्माण में मिट्टी के लिए ठेकेदार द्वारा गांव हाशमपुर में डंपर चलवा कर खेतों से मिट्टी उठाई जा रही है तथा यह डंपर गांव के बीचो-बीच बने रास्ते से निकल रहे हैं। गांव के बीचो-बीच से डंपर निकालने के कारण हादसों की आशंका भी अत्यधिक बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं। एक ग्रामीण ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि एक बच्ची कल ही डंपर की चपेट में आने से बची है जिसको उसने बामुश्किल बचाया है वही लगभग एक माह पूर्व इन्हीं डंपरों की चपेट में आकर ग्रामीण इशाक पुत्र बशीर की कटिया की मौत हो गई थी, इन्हीं खनन के डंपर की टक्कर लगने से ही यह हादसा हुआ था। गुरुवार को गांव हाशमपुर के ग्रामीणों ने गांव से निकल रहे खनन के डंपरों को गांव में ही रोक लिया तथा ट्राली से रास्ता बंद कर डंपरों को मौके पर ही खड़ा कर दिया तथा मौके पर दर्जनों ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर हंगामा शुरू कर दिया ग्रामीणों का आरोप है कि इन डंपरों की वजह से गांव की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है तथा गांव में बच्चों व बड़ों के साथ भी हादसों की आशंका अत्यधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वह गांव के अंदर से किसी भी हाल में डंपरों को नहीं निकलने देंगे उनका कहना है कि यदि ठेकेदार को मिट्टी उठानी है तो वह गांव के बाहर किसी अन्य रास्ते का प्रयोग कर मिट्टी उठा सकता है परंतु वह गांव के बीच में से डंपरों को नहीं चलने देंगे इस दौरान सूचना पाकर मौके पर पहुंची रामराज पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा बूझकर शांत किया तथा मौके से डंपरों को रवाना कराया। हंगामा करने वालों में मुख्य रूप से कालू, पूर्ण सिंह, संजय, पप्पू, कल्लू, रवि प्रधान, नितिन महेंद्र आदि रहे। --शराब के नशे में डंपर दौड़ा रहे खनन के डंपरों के चालक। रामराज क्षेत्र के हाशमपुर गांव में गुरुवार को ग्रामीणों ने खनन के डंपरों को रोककर हंगामा किया तथा ग्रामीणों ने डंपरों को रोक कर गांव में ही खड़ा कर लिया। ग्रामीणों ने हादसे की आशंक भी जताई। इस दौरान मौके पर खड़े एक डंपर का चालक शराब के नशे में था जो नशे की हालत में ही खनन के भरी भरकम डंपर को चला कर गांव के बीच से ही जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के नशे में यह ड्राइवर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। बड़ा सवाल यह है कि इन डंपरों के चालकों के हौसले इतने बुलंद है कि इन्हें न तो किसी कानून का डर है और न पुलिस का खौफ। खुले आम शराब पीकर ये डंपर के चालक गांव के बीच से डंपरों को दौड़ा रहे है। ग्रामीणों ने ऐसे शराबी डंपर चालकों पर कार्रवाई की मांग की है।3
- : NH-58 पर बिलासपुर कट के पास जमा हो रहे कूड़े के ढेर से बढ़ रही राहगीरों की मुश्किलें दिल्ली-देहरादून हाईवे के इस व्यस्ततम 'ब्लैक स्पॉट' पर यातायात व स्वास्थ्य दोनों को खतरा मुजफ्फरनगर, 2 जनवरी 2026। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर स्थित मुजफ्फरनगर के बिलासपुर कट इलाके में सड़क किनारे अवैध तरीके से कूड़े का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों को गंभीर परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य और यातायात, दोहरी समस्या यह इलाका पहले से ही व्यस्त यातायात और दुर्घटनाओं के लिए चर्चित 'ब्लैक स्पॉट' या 'डेथ पॉइंट' के नाम से जाना जाता है। अब यहाँ कूड़े के अंबार ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। राहगीरों का कहना है कि इस कूड़े से न सिर्फ बदबू फैल रही है बल्कि यह सड़क के किनारे की जगह घेरकर यातायात को भी प्रभावित कर रहा है। स्थानीय दुकानदार अमित कुमार ने बताया, "कई दिनों से यह कूड़ा यहाँ पड़ा हुआ है। कोई निगम की गाड़ी इसे उठाने नहीं आती। सुबह-शाम जाम के समय तो हालात और खराब हो जाते हैं।" प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार हालांकि, इसी चौराहे पर यातायात सुधार के लिए ओवरब्रिज बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और स्थानीय मंत्री कपिल देव अग्रवाल की पहल पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसका काम शुरू भी कर दिया है। लेकिन, ठोस कचरे के प्रबंधन और सफाई को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट कार्यवाही नजर नहीं आई है। स्थानीय लोगों की मांग क्षेत्र के निवासी और यात्री नगर निगम और NHAI से तत्काल इस कूड़े के ढेर को हटाने और भविष्य में इसे जमा न होने देने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सफाई और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द ही इस ओर ध्यान देगा और इस व्यस्त राजमार्ग को कूड़े के अंबार से मुक्त करवाएगा। क्या आप इस मुद्दे से जुड़ी कोई और जानकारी जानना चाहेंगे, जैसे कि नगर निगम की सफाई व्यवस्था या NHAI की जिम्मेदारी?2