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Looking for Rent Requirement : ट्रैक्टर Start Date : 21/06/2026 End Date : 22/06/2026 City / Locality : Tanood Farming Sector : Farm Supplies tanood
Sanju sahu
Looking for Rent Requirement : ट्रैक्टर Start Date : 21/06/2026 End Date : 22/06/2026 City / Locality : Tanood Farming Sector : Farm Supplies tanood
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- जंजीर-चांपा जिले के तनौद गांव में मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में इंजीनियरों के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। बताया गया है कि 14 हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन इंजीनियरों ने गांव का तालाब शायद कभी देखा ही नहीं है। आरोप है कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों के पैसे काटे जा रहे हैं और इंजीनियर अपनी मनमानी कर रहे हैं।1
- जांजगीर-चांपा में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद रोजगार सहायक रिया यादव को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है।1
- बिलासपुर पुलिस ने सोने की चेन स्नेचिंग करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इन आरोपियों ने सकरी और सिरगिट्टी थाना क्षेत्रों सहित कई अन्य स्थानों पर वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस की जांच के दौरान, तोरवा निवासी नवीन साहू की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। जानकारी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य उड़ीसा और बिलासपुर से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जांच में जुटी हुई है।1
- बिलासपुर शहर के ओल्ड बस स्टैंड स्थित टेलीफोन एक्सचेंज रोड पर संचालित होटल हेवन पार्क का LIT (Life In Trance) क्लब एक बार फिर नियमों और प्रशासनिक निर्देशों को खुलेआम चुनौती देने के आरोपों के चलते सुर्खियों में है। यह क्लब शहर के व्यस्त व्यावसायिक और घनी आबादी वाले क्षेत्र में कथित तौर पर निर्धारित समय सीमा के बाद भी देर रात तक चलता रहता है। शनिवार रात भी क्लब के भीतर देर रात करीब 1 बजे तक पार्टी, संगीत और जाम का दौर जारी रहने की बात सामने आई है, जिससे क्षेत्रवासियों में अत्यधिक नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्लब प्रबंधन को न तो नियमों की परवाह है और न ही आसपास रहने वाले परिवारों की परेशानियों की चिंता। नागरिकों के अनुसार, क्लब अक्सर देर रात 2 बजे तक संचालित होता है, जिससे तेज संगीत, वाहनों की आवाजाही और नशे में धुत लोगों की मौजूदगी से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित होता है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है और उनकी नींद हराम हो जाती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं, और प्रशासन की नाक के नीचे नियमों की यह अनदेखी कैसे हो रही है। जानकारों का कहना है कि होटल हेवन पार्क और उसके क्लब को लेकर यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले भी देर रात तक संचालन, नियमों के उल्लंघन और प्रबंधन की कथित मनमानी को लेकर कई शिकायतें प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि आबकारी विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में यह धारणा बन रही है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को कार्रवाई के बजाय संरक्षण मिल रहा है। बढ़ते जनआक्रोश के बीच सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने क्लब परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की अपील की है ताकि संचालन का वास्तविक समय और गतिविधियां स्पष्ट हो सकें। लोगों का कहना है कि यदि जांच में निर्धारित समय सीमा के बाद क्लब संचालन की पुष्टि होती है, तो LIT क्लब का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। अब पूरा शहर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है, यह सवाल उठ रहा है कि क्या नियमों को चुनौती देने के आरोपों से घिरे इस क्लब पर कानून का शिकंजा कस पाएगा।1
- बिलासपुर पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले उड़ीसा के एक शातिर अंतर्राज्यीय चैन स्नैचिंग और लूट गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से थाना तोरवा और सिरगिट्टी क्षेत्र की तीन गंभीर वारदातों का खुलासा हुआ है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध और आपराधिक षड्यंत्र की सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस के अनुसार, 15 मई 2026 को तोरवा की शिवधाम कॉलोनी में सुबह सफाई कर रही एक महिला से स्कूटी सवार बदमाशों ने सोने की चैन लूट ली थी। सिरगिट्टी क्षेत्र में भी इसी तरह की एक वारदात सामने आई थी। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों और तकनीकी विश्लेषण की मदद से जांच शुरू की, जिसमें बिना नंबर की नीली स्कूटी पर संदिग्धों को देखा गया। इसी दौरान पुलिस ने गणेश नगर (सिरगिट्टी) में दबिश देकर स्थानीय सहयोगी नवीन साहू को हिरासत में लिया। नवीन साहू ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने उड़ीसा के अपराधियों को बिलासपुर बुलाकर अपने घर ठहराया था। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में जाकर स्थानीय मददगारों की सहायता से अकेले घूमने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उड़ीसा निवासी शिव सिंह, शक्ति प्रसाद, प्रमोद सिंह, अतुल मुंडा और बसंता खड़िया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी भी जब्त की गई है। गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोहल्ले या आसपास बाहर से आकर रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दें, ताकि समय रहते अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।1
- रायपुर जिला की ग्राम पंचायत बुंडेरा के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत बुंडेरा निवासी तोरण कुमार साहू, पिता शत्रुघ्न साहू ने खरोरा थाना, तहसील खरोरा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ में आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करते हुए उनके घर और एक ब्रिक्स कंपनी पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसके लिए उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है। तोरण कुमार साहू के अनुसार, पैसा न दिए जाने पर 14.06.2026 को सरपंच ने अपने भाई, पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके घर के चारों तरफ बनी सुरक्षा बाउंड्री को तोड़ दिया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक क्षति पहुंची है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उनकी ही जमीन पर श्रम दिवस मनाने और 'प्रधानमंत्री जी के 12 वर्ष पूर्ण होने का दिवस' मनाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के लगभग 200 लोगों को बुलाया। इस दौरान, सरपंच और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेरा छोड़ दिया, जबकि उन्हें सरपंच या तहसील कार्यालय से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। तोरण कुमार साहू का आरोप है कि सरपंच द्वारा उन्हें बार-बार गाली-गलौज और मानसिक-आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुद सरपंच कई जगहों पर बेजा कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब परिवारों का भी बहुत शोषण किया जा रहा है। इस मामले में तोरण कुमार साहू ने एसडीम कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।4
- बिलासपुर में तोरवा पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती का दैहिक शोषण करने वाले आरोपी सूरज यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 19 जून 2026 को तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि जून 2025 में उसकी पहचान अशोक नगर निवासी सूरज यादव (34 वर्ष) से हुई थी। बातचीत और मेल-मिलाप बढ़ने के दौरान आरोपी ने पीड़िता से शादी करने का वादा किया। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने लंबे समय तक युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में उसने विवाह करने से साफ इंकार कर दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर तोरवा थाने में अपराध क्रमांक 340/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया और विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी तोरवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश की और उसे 20 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। बिलासपुर पुलिस ने इस संबंध में कहा है कि महिला संबंधी अपराधों के प्रति पुलिस संवेदनशील और प्रतिबद्ध है, तथा ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ में शनिवार को दिनदहाड़े दो अज्ञात बदमाश कथित पुलिसकर्मी बनकर एक व्यवसायी गिरीश यादव का पिस्तौल की नोक पर अपहरण कर फरार हो गए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, किराना, छड़-सीमेंट तथा आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले गिरीश यादव अपने घर के गलियारे में विश्राम कर रहे थे, जबकि उनका पुत्र पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार दो व्यक्ति दुकान पर पहुंचे, जिन्होंने पहले सिगरेट और पानी खरीदा और गिरीश यादव के बारे में पूछताछ की। जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने भीतर गया, दोनों आरोपी जबरन घर में घुस गए। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने गिरीश यादव को स्टील रंग की पिस्तौल दिखाते हुए स्वयं को पुलिसकर्मी बताया और साथ चलने को कहा। विरोध करने पर उन्हें पैर में गोली मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद बदमाश उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाकर बरौर बस्ती की दिशा में ले गए। परिवार के सदस्यों के शोर मचाने के बावजूद आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भाग निकले। पंकज यादव ने पुलिस को वाहन के नंबर का आंशिक हिस्सा "OD 8552" देखा होने की जानकारी दी है। इस घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्तियों को व्यापारी को जबरन वाहन तक ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन आरोपी वाहन लेकर मरवाही की ओर भाग निकले। व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव की शिकायत पर मरवाही थाने में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ले जाने वाले व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे, पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि लगभग 25 दिन पहले ही जिले में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। लगातार हो रही इन गंभीर वारदातों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अपराधियों द्वारा पुलिस का भेष धारण कर दिनदहाड़े अपहरण जैसी घटना को अंजाम दिए जाने से व्यापारियों और आम नागरिकों में गहरी चिंता व्याप्त है। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस कार्रवाई और अपहृत व्यापारी की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।1