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जंजीर-चांपा जिले के तनौद गांव में मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में इंजीनियरों के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। बताया गया है कि 14 हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन इंजीनियरों ने गांव का तालाब शायद कभी देखा ही नहीं है। आरोप है कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों के पैसे काटे जा रहे हैं और इंजीनियर अपनी मनमानी कर रहे हैं।

4 hrs ago
user_Sanju sahu
Sanju sahu
Artist पामगढ़, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़•
4 hrs ago

जंजीर-चांपा जिले के तनौद गांव में मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में इंजीनियरों के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। बताया गया है कि 14 हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन इंजीनियरों ने गांव का तालाब शायद कभी देखा ही नहीं है। आरोप है कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों के पैसे काटे जा रहे हैं और इंजीनियर अपनी मनमानी कर रहे हैं।

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  • रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।
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    रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • Post by RAKESH THAKUR
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    Post by RAKESH THAKUR
    user_RAKESH THAKUR
    RAKESH THAKUR
    बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पुलिस ने एक नाबालिग को ब्लैकमेल कर उससे संबंध बनाने का दबाव डालने के आरोप में कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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    कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पुलिस ने एक नाबालिग को ब्लैकमेल कर उससे संबंध बनाने का दबाव डालने के आरोप में कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • ज़िले के डबरा में आयोजित की गई जिला स्तरीय जैविक खेती कार्यशाला अब सवालों के घेरे में आ गई है।
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    ज़िले के डबरा में आयोजित की गई जिला स्तरीय जैविक खेती कार्यशाला अब सवालों के घेरे में आ गई है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के हिर्री माईनस इंद्रपुरी से 14 वर्षीय बालक लक्ष्य उर्फ कान्हा दुबे अपने नीले रंग के रेजर साइकिल पर खेलने निकला, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा और लापता हो गया। परिजनों ने चकरभाठा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। लापता बालक लक्ष्य, जो कि विक्की दुबे का बेटा और मोहन दुबे का पोता है, हिर्री माईनस इंद्रपुरी वार्ड नंबर 19 का निवासी है। वह 19 जून 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अपने छोटे भाई पीयूष को यह बताकर घर से निकला था कि वह खेलने जा रहा है। परिजनों ने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों के साथ-साथ लक्ष्य के साथ खेलने वाले बच्चों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। लक्ष्य का हुलिया बताया गया है कि उसकी लंबाई करीब 4 फीट है, रंग गोरा, चेहरा गोल और बाल काले हैं। वह हाफ टी-शर्ट और फुल पैंट पहने हुए था। लक्ष्य 7वीं कक्षा में पढ़ता है और छत्तीसगढ़ी तथा हिंदी भाषा बोलता है। शनिवार को करीब 12 बजे बालक के पिता विक्की दुबे ने चकरभाठा थाने में मौखिक रूप से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चकरभाठा पुलिस को शनिवार रात 9 बजे यह जानकारी मिली। सूचक की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है। साथ ही, गुम इंसान की कायमी की सूचना RM के माध्यम से सभी थाना-चौकी प्रभारियों और DCRB को भेज दी गई है।
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    बिलासपुर जिले के हिर्री माईनस इंद्रपुरी से 14 वर्षीय बालक लक्ष्य उर्फ कान्हा दुबे अपने नीले रंग के रेजर साइकिल पर खेलने निकला, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा और लापता हो गया। परिजनों ने चकरभाठा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

लापता बालक लक्ष्य, जो कि विक्की दुबे का बेटा और मोहन दुबे का पोता है, हिर्री माईनस इंद्रपुरी वार्ड नंबर 19 का निवासी है। वह 19 जून 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अपने छोटे भाई पीयूष को यह बताकर घर से निकला था कि वह खेलने जा रहा है।

परिजनों ने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों के साथ-साथ लक्ष्य के साथ खेलने वाले बच्चों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। लक्ष्य का हुलिया बताया गया है कि उसकी लंबाई करीब 4 फीट है, रंग गोरा, चेहरा गोल और बाल काले हैं। वह हाफ टी-शर्ट और फुल पैंट पहने हुए था। लक्ष्य 7वीं कक्षा में पढ़ता है और छत्तीसगढ़ी तथा हिंदी भाषा बोलता है।

शनिवार को करीब 12 बजे बालक के पिता विक्की दुबे ने चकरभाठा थाने में मौखिक रूप से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चकरभाठा पुलिस को शनिवार रात 9 बजे यह जानकारी मिली। सूचक की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है। साथ ही, गुम इंसान की कायमी की सूचना RM के माध्यम से सभी थाना-चौकी प्रभारियों और DCRB को भेज दी गई है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    9 hrs ago
  • यह कथा रामदूत हनुमान और सुरसा के बीच एक रोमांचक प्रसंग को दर्शाती है, जहाँ हनुमान जी ने अपनी अद्भुत बुद्धिमानी से सुरसा को भी चकित कर दिया। जब सुरसा ने उनका रास्ता रोका, तब हनुमान जी ने केवल शक्ति का प्रयोग करने के बजाय अपनी चतुराई और विवेक का परिचय दिया। उन्होंने इस परीक्षा को अपनी बुद्धि से जीता, जिसने एक असाधारण चमत्कार के रूप में सुरसा को हैरान कर दिया। यह कहानी हनुमान जी की वीरता और चतुराई की एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत करती है।
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    यह कथा रामदूत हनुमान और सुरसा के बीच एक रोमांचक प्रसंग को दर्शाती है, जहाँ हनुमान जी ने अपनी अद्भुत बुद्धिमानी से सुरसा को भी चकित कर दिया। जब सुरसा ने उनका रास्ता रोका, तब हनुमान जी ने केवल शक्ति का प्रयोग करने के बजाय अपनी चतुराई और विवेक का परिचय दिया। उन्होंने इस परीक्षा को अपनी बुद्धि से जीता, जिसने एक असाधारण चमत्कार के रूप में सुरसा को हैरान कर दिया। यह कहानी हनुमान जी की वीरता और चतुराई की एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत करती है।
    user_@kesu_ji77250
    @kesu_ji77250
    सोनाखान, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • पूरे क्षेत्र में पीने के पानी को लेकर भारी त्राहिमाम मचा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, नगरवासी गंभीर जल संकट से लगातार जूझ रहे हैं और अत्यधिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
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    पूरे क्षेत्र में पीने के पानी को लेकर भारी त्राहिमाम मचा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, नगरवासी गंभीर जल संकट से लगातार जूझ रहे हैं और अत्यधिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अप्रैल माह में 52 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़े गए अंतरराज्यीय तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने ओडिशा के कंधमाल जिले में दबिश देकर इस पूरे नेटवर्क की मुख्य महिला सप्लायर सुभद्रा उर्फ मामी मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपिया को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में नशे के कारोबारियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत, 22 अप्रैल 2026 को खरसिया रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवकों, दिनेश कुमार बेहरा (22), शिवा बेहरा (21) और देवी प्रसाद कंहर (19) को पकड़ा गया था, जो सभी कंधमाल, ओडिशा के निवासी थे। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 52 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था, जिसकी कीमत करीब 25 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई थी। जब्त गांजे में क्रमशः 16.1 किलो, 20.4 किलो और 15.5 किलो की मात्राएँ शामिल थीं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वे ट्रेन के जरिए गांजा लेकर मध्यप्रदेश के बीना जा रहे थे, लेकिन रेलवे पुलिस की जांच की सूचना मिलने पर खरसिया स्टेशन में उतरकर बचने का प्रयास कर रहे थे। गिरफ्तार तस्करों से अलग-अलग पूछताछ और मेमोरेंडम कथन के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। आरोपियों ने बताया कि यह गांजा उन्हें संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली महिला मामी मलिक ने उपलब्ध कराया था, जिसे मध्यप्रदेश पहुंचाना था। बताए गए मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच में पता चला कि यह सुभद्रा दिगल उर्फ मामी मलिक के नाम पर पंजीकृत था। सुराग मिलने के बाद चौकी खरसिया पुलिस की टीम ने ओडिशा के कंधमाल जिले के थाना गोच्छापाड़ा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश दी। पुलिस ने सुभद्रा उर्फ मामी मलिक (41 वर्ष), निवासी ग्राम लादापतर, थाना फिरंगिया, जिला कंधमाल (ओडिशा), वर्तमान निवासी नेडीपोड़ा, थाना गोच्छापाड़ा, जिला कंधमाल (ओडिशा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहाँ उसने गांजा सप्लाई करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक विवो वी-60 टच स्क्रीन मोबाइल फोन भी जब्त किया है। रायगढ़ पुलिस अब केवल वाहक तस्करों तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच कर रही है, जिसमें सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, रिसीवर और आर्थिक लाभ लेने वाले सभी लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि "ऑपरेशन आघात के तहत मादक पदार्थ तस्करी के हर मामले में पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है। नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और रायगढ़ जिले को तस्करों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा।"
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    मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अप्रैल माह में 52 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़े गए अंतरराज्यीय तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने ओडिशा के कंधमाल जिले में दबिश देकर इस पूरे नेटवर्क की मुख्य महिला सप्लायर सुभद्रा उर्फ मामी मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपिया को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में नशे के कारोबारियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

इस अभियान के तहत, 22 अप्रैल 2026 को खरसिया रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवकों, दिनेश कुमार बेहरा (22), शिवा बेहरा (21) और देवी प्रसाद कंहर (19) को पकड़ा गया था, जो सभी कंधमाल, ओडिशा के निवासी थे। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 52 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था, जिसकी कीमत करीब 25 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई थी। जब्त गांजे में क्रमशः 16.1 किलो, 20.4 किलो और 15.5 किलो की मात्राएँ शामिल थीं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वे ट्रेन के जरिए गांजा लेकर मध्यप्रदेश के बीना जा रहे थे, लेकिन रेलवे पुलिस की जांच की सूचना मिलने पर खरसिया स्टेशन में उतरकर बचने का प्रयास कर रहे थे।

गिरफ्तार तस्करों से अलग-अलग पूछताछ और मेमोरेंडम कथन के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। आरोपियों ने बताया कि यह गांजा उन्हें संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली महिला मामी मलिक ने उपलब्ध कराया था, जिसे मध्यप्रदेश पहुंचाना था। बताए गए मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच में पता चला कि यह सुभद्रा दिगल उर्फ मामी मलिक के नाम पर पंजीकृत था। सुराग मिलने के बाद चौकी खरसिया पुलिस की टीम ने ओडिशा के कंधमाल जिले के थाना गोच्छापाड़ा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश दी। पुलिस ने सुभद्रा उर्फ मामी मलिक (41 वर्ष), निवासी ग्राम लादापतर, थाना फिरंगिया, जिला कंधमाल (ओडिशा), वर्तमान निवासी नेडीपोड़ा, थाना गोच्छापाड़ा, जिला कंधमाल (ओडिशा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहाँ उसने गांजा सप्लाई करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक विवो वी-60 टच स्क्रीन मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

रायगढ़ पुलिस अब केवल वाहक तस्करों तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच कर रही है, जिसमें सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, रिसीवर और आर्थिक लाभ लेने वाले सभी लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि "ऑपरेशन आघात के तहत मादक पदार्थ तस्करी के हर मामले में पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है। नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और रायगढ़ जिले को तस्करों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा।"
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
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