logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सुकमा जिला अब नक्सल मुक्त होकर नवविकास की राह पर अग्रसर है। इसी क्रम में, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बन गई हैं, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। कभी नक्सल प्रभाव का गढ़ रहे सुदूर अंचलों में अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई इबारत लिखी जा रही है, जहाँ ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूवर्ती और सिलगेर का दौरा किया। ये वे इलाके थे जहाँ कभी नक्सलियों का राज चलता था और उनकी मर्जी के बिना कोई नहीं जा सकता था। श्रीमती राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनकर उभरीं, जिसने वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में विकास और शासन की संवेदनशील उपस्थिति को दर्शाया। अपने दौरे के दौरान, मंत्री ने पूवर्ती और सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताने के अलावा, उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इसी प्रवास के तहत, मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जगरगुंडा में कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उनकी आजीविका और आर्थिक गतिविधियों पर चर्चा की, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए, और 'सेवा एक्सप्रेस' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रीमती राजवाड़े ने इस बात पर बल दिया कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण जाने जाते थे, वे आज महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के केंद्र बन रहे हैं, जहाँ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्रामीण महिलाओं ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे उनके गांव आकर उनकी समस्याएँ सुनने और संवाद करने आई हैं, जिससे शासन के प्रति उनका विश्वास और गहरा हुआ है। मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसमर्थन और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के प्रयासों से सुकमा में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया वातावरण बना है, जिसकी सशक्त पहचान बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएँ हैं।

3 hrs ago
user_Dharmendra singh
Dharmendra singh
सुकमा, सुकमा, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago
6dd156b7-96ec-42d7-9ca6-949afce77743

सुकमा जिला अब नक्सल मुक्त होकर नवविकास की राह पर अग्रसर है। इसी क्रम में, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बन गई हैं, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। कभी नक्सल प्रभाव का गढ़ रहे सुदूर अंचलों में अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई इबारत लिखी जा रही है, जहाँ ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूवर्ती और सिलगेर का दौरा किया। ये वे इलाके थे जहाँ कभी नक्सलियों का राज चलता था और उनकी मर्जी के बिना कोई नहीं जा सकता था। श्रीमती राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनकर उभरीं, जिसने वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में विकास और शासन की संवेदनशील उपस्थिति को दर्शाया। अपने दौरे के दौरान, मंत्री ने पूवर्ती और सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताने के अलावा, उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इसी प्रवास के तहत, मंत्री ने राष्ट्रीय

ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जगरगुंडा में कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उनकी आजीविका और आर्थिक गतिविधियों पर चर्चा की, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए, और 'सेवा एक्सप्रेस' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रीमती राजवाड़े ने इस बात पर बल दिया कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण जाने जाते थे, वे आज महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के केंद्र बन रहे हैं, जहाँ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्रामीण महिलाओं ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे उनके गांव आकर उनकी समस्याएँ सुनने और संवाद करने आई हैं, जिससे शासन के प्रति उनका विश्वास और गहरा हुआ है। मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसमर्थन और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के प्रयासों से सुकमा में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया वातावरण बना है, जिसकी सशक्त पहचान बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएँ हैं।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत मादागांव में 360 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। यह परियोजना ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर रही है, जिसे केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम की पहल पर साकार किया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सरपंच संतोष राणा, देवेंद्र सेटिया, कमलेश नाग, रोहित राणा, युवराज प्रधान और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    1
    कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत मादागांव में 360 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। यह परियोजना ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर रही है, जिसे केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम की पहल पर साकार किया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सरपंच संतोष राणा, देवेंद्र सेटिया, कमलेश नाग, रोहित राणा, युवराज प्रधान और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_बस्तर लाइव
    बस्तर लाइव
    Media company फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • हमारे गांव में एक प्रसिद्ध मौसमी फल, जिसे 'राय जान' कहा जाता है, उसकी इन दिनों विशेष मांग है। बच्चे और यहां तक कि पढ़ने-लिखने वाले छात्र भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं और खा रहे हैं। इस मौसमी फल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसी बात सामने आई है कि इसे हमारे देश का राष्ट्रीय फल कहा जाना चाहिए।
    1
    हमारे गांव में एक प्रसिद्ध मौसमी फल, जिसे 'राय जान' कहा जाता है, उसकी इन दिनों विशेष मांग है। बच्चे और यहां तक कि पढ़ने-लिखने वाले छात्र भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं और खा रहे हैं। इस मौसमी फल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसी बात सामने आई है कि इसे हमारे देश का राष्ट्रीय फल कहा जाना चाहिए।
    user_Yadram Sahu
    Yadram Sahu
    Plumber राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • राज्य में जारी खाद संकट पर मार्कफेड अध्यक्ष ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने डीएपी खाद की कमी को स्वीकार किया है। हालांकि, इस सबके बावजूद किसानों को किए जाने वाले भुगतान से जुड़े सवाल अभी भी बरकरार हैं।
    1
    राज्य में जारी खाद संकट पर मार्कफेड अध्यक्ष ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने डीएपी खाद की कमी को स्वीकार किया है। हालांकि, इस सबके बावजूद किसानों को किए जाने वाले भुगतान से जुड़े सवाल अभी भी बरकरार हैं।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हत्या बताया है। अभ्यानंद ने चेतावनी दी है कि यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाई गई थी, तो इसमें शामिल पुलिस टीम को अपनी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ सकती है। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में अब पूर्व डीजीपी अभ्यानंद का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर चल रहे वीडियो फुटेज को घटना का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में मृतक भरत तिवारी द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव और मीडिया क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि उस अकेले व्यक्ति ने अपना हथियार नीचे फेंक दिया था, वह निहत्था था और उसकी तरफ से कोई फायरिंग नहीं हो रही थी। पूर्व डीजीपी ने जोर देकर कहा कि जब कोई अपराधी आत्मसमर्पण कर दे या हथियार डाल दे, तो उसे घेरकर गोली मार देना एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है। अभ्यानंद ने गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ट्रायल के दौरान यह बात अदालत में साबित हो गई, तो गोली मारने वाले पुलिसकर्मी को लोअर कोर्ट से मृत्युदंड मिलेगा और टीम के अन्य पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास भुगतनी पड़ेगी, क्योंकि इस धारा में तीसरी कोई सजा होती ही नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था, यह सरेंडर करने के बाद निहत्थे भरत तिवारी की हत्या की गई है, जिसे संविधान में हत्या कहा जाता है।
    1
    बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हत्या बताया है। अभ्यानंद ने चेतावनी दी है कि यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाई गई थी, तो इसमें शामिल पुलिस टीम को अपनी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ सकती है।

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में अब पूर्व डीजीपी अभ्यानंद का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर चल रहे वीडियो फुटेज को घटना का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में मृतक भरत तिवारी द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव और मीडिया क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि उस अकेले व्यक्ति ने अपना हथियार नीचे फेंक दिया था, वह निहत्था था और उसकी तरफ से कोई फायरिंग नहीं हो रही थी। पूर्व डीजीपी ने जोर देकर कहा कि जब कोई अपराधी आत्मसमर्पण कर दे या हथियार डाल दे, तो उसे घेरकर गोली मार देना एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है।

अभ्यानंद ने गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ट्रायल के दौरान यह बात अदालत में साबित हो गई, तो गोली मारने वाले पुलिसकर्मी को लोअर कोर्ट से मृत्युदंड मिलेगा और टीम के अन्य पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास भुगतनी पड़ेगी, क्योंकि इस धारा में तीसरी कोई सजा होती ही नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था, यह सरेंडर करने के बाद निहत्थे भरत तिवारी की हत्या की गई है, जिसे संविधान में हत्या कहा जाता है।
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • किरंदुल के वार्ड क्रमांक 01 स्थित रुद्र मंदिर इन दिनों श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रतिदिन सुबह से ही भगवान रुद्रदेव महाकाल के दर्शन, जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और आरती के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण "हर-हर महादेव, जय बाबा भोलेनाथ और जय रुद्रदेव महाकाल" के जयघोष से भक्तिमय और शिवमय हो उठता है। स्थानीय भक्तों के साथ-साथ आसपास के गाँवों और दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दरबार में अपनी मनोकामनाएँ लेकर आ रहे हैं। इनमें से कुछ अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, कुछ स्वास्थ्य, रोजगार और जीवन में सफलता के लिए प्रार्थना करते हैं, तो कई केवल भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आत्मिक शांति का अनुभव करने आते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के चरणों में उन्हें आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और नई आशा का अनुभव होता है, और सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य सुनते हैं, जिससे भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। यही अटूट विश्वास रोज़ाना हज़ारों लोगों को इस मंदिर की ओर आकर्षित कर रहा है। मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, दीप प्रज्वलन और भक्तों द्वारा किए जाने वाले भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। सुबह से शाम तक, श्रद्धालु अनुशासित ढंग से भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जिनके चेहरों पर भक्ति, विश्वास और संतोष की झलक साफ दिखाई देती है। यह रुद्र मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनता जा रहा है। यहाँ आने वाले भक्तों को भगवान भोलेनाथ की कृपा से मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसी कारण दिन-प्रतिदिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, और यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है, जहाँ हर दिन भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
    1
    किरंदुल के वार्ड क्रमांक 01 स्थित रुद्र मंदिर इन दिनों श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रतिदिन सुबह से ही भगवान रुद्रदेव महाकाल के दर्शन, जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और आरती के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण "हर-हर महादेव, जय बाबा भोलेनाथ और जय रुद्रदेव महाकाल" के जयघोष से भक्तिमय और शिवमय हो उठता है।

स्थानीय भक्तों के साथ-साथ आसपास के गाँवों और दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दरबार में अपनी मनोकामनाएँ लेकर आ रहे हैं। इनमें से कुछ अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, कुछ स्वास्थ्य, रोजगार और जीवन में सफलता के लिए प्रार्थना करते हैं, तो कई केवल भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आत्मिक शांति का अनुभव करने आते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के चरणों में उन्हें आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और नई आशा का अनुभव होता है, और सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य सुनते हैं, जिससे भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। यही अटूट विश्वास रोज़ाना हज़ारों लोगों को इस मंदिर की ओर आकर्षित कर रहा है।

मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, दीप प्रज्वलन और भक्तों द्वारा किए जाने वाले भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। सुबह से शाम तक, श्रद्धालु अनुशासित ढंग से भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जिनके चेहरों पर भक्ति, विश्वास और संतोष की झलक साफ दिखाई देती है। यह रुद्र मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनता जा रहा है। यहाँ आने वाले भक्तों को भगवान भोलेनाथ की कृपा से मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

इसी कारण दिन-प्रतिदिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, और यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है, जहाँ हर दिन भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
    user_Ravi sarkar
    Ravi sarkar
    बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के केशकाल में विधायक नीलकंठ टेकाम ने बाईपास निर्माण की मांग को लेकर 11.38 किलोमीटर लंबी 'जल-जंगल यात्रा 2.0' निकाली। जंगल और पहाड़ों के बीच निकली इस पदयात्रा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, जिसमें ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्कूली बच्चों की भी सहभागिता रही। विधायक ने कहा कि अगले डेढ़ साल में केशकाल बाईपास बनने से क्षेत्र की जाम की समस्या दूर होगी और व्यापार व विकास को नई गति मिलेगी।
    1
    छत्तीसगढ़ के केशकाल में विधायक नीलकंठ टेकाम ने बाईपास निर्माण की मांग को लेकर 11.38 किलोमीटर लंबी 'जल-जंगल यात्रा 2.0' निकाली। जंगल और पहाड़ों के बीच निकली इस पदयात्रा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, जिसमें ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्कूली बच्चों की भी सहभागिता रही।

विधायक ने कहा कि अगले डेढ़ साल में केशकाल बाईपास बनने से क्षेत्र की जाम की समस्या दूर होगी और व्यापार व विकास को नई गति मिलेगी।
    user_बस्तर लाइव
    बस्तर लाइव
    Media company फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुँचीं। वे नवकार ज्वेलर्स के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेलिब्रेशन कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में महिला फैंस पहुँचीं, और श्वेता तिवारी के पहुँचते ही फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा गया। उनके रायपुर आगमन का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
    1
    टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुँचीं। वे नवकार ज्वेलर्स के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेलिब्रेशन कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में महिला फैंस पहुँचीं, और श्वेता तिवारी के पहुँचते ही फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

उनके रायपुर आगमन का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
    user_News4u36
    News4u36
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    18 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर और आसपास के कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। प्रमुख मार्गों पर हुए जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की परेशानियां बढ़ गई हैं, जहाँ कई जगह सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं। लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ सड़कें भी प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते गांवों का मुख्य मार्गों से आंशिक संपर्क टूट गया है। प्रशासन इस स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और संबंधित विभागों को जल निकासी के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी है।
    1
    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर और आसपास के कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

प्रमुख मार्गों पर हुए जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की परेशानियां बढ़ गई हैं, जहाँ कई जगह सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं। लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ सड़कें भी प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते गांवों का मुख्य मार्गों से आंशिक संपर्क टूट गया है।

प्रशासन इस स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और संबंधित विभागों को जल निकासी के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी है।
    user_Atul Netam
    Atul Netam
    Local News Reporter नारायणपुर, नारायणपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.