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कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत मादागांव में 360 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। यह परियोजना ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर रही है, जिसे केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम की पहल पर साकार किया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सरपंच संतोष राणा, देवेंद्र सेटिया, कमलेश नाग, रोहित राणा, युवराज प्रधान और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
बस्तर लाइव
कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत मादागांव में 360 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। यह परियोजना ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर रही है, जिसे केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम की पहल पर साकार किया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सरपंच संतोष राणा, देवेंद्र सेटिया, कमलेश नाग, रोहित राणा, युवराज प्रधान और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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- किरंदुल के वार्ड क्रमांक 01 स्थित रुद्र मंदिर इन दिनों श्रद्धा, आस्था और भक्ति के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान रुद्रदेव महाकाल के दर्शन, जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और आरती के लिए मंदिर परिसर में पहुँच रहे हैं। मंदिर में गूंजते "हर-हर महादेव, जय बाबा भोलेनाथ और जय रुद्रदेव महाकाल" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय और शिवमय हो उठता है। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के गाँवों और दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दरबार में अपनी मनोकामनाएँ लेकर पहुँच रहे हैं; कोई परिवार की सुख-समृद्धि, कोई स्वास्थ्य, रोज़गार और जीवन में सफलता, तो कोई केवल आत्मिक शांति के लिए दर्शन करने आ रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के चरणों में पहुँचकर उन्हें आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और नई आशा का अनुभव होता है। उनकी मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य सुनते हैं तथा भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करते हैं। इसी अटूट विश्वास के कारण प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु रुद्र मंदिर की ओर खिंचे चले आते हैं। मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, दीप प्रज्वलन और भक्तों द्वारा किए जाने वाले भजन-कीर्तन से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालु अनुशासित ढंग से भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जहाँ उनके चेहरों पर भक्ति, विश्वास और संतोष की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। यह रुद्र मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनता जा रहा है, जहाँ आने वाले श्रद्धालु मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। इसी कारण दिन-प्रतिदिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, और यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास लगातार मज़बूत हो रहा है।1
- अवॉर्ड मिलने के बावजूद, 30 जून 2025 तक किए गए एक वादे को अब तक पूरा न किए जाने पर सवाल उठाया जा रहा है। यह प्रश्न किया गया है कि आखिर इस वादे को क्यों नहीं निभाया गया है।1
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम गुंडरदेही में शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे एक ट्रक ने 12 वर्षीय बालिका को कुचल दिया। इस हादसे के बाद, नशे में धुत ट्रक चालक मौके से ट्रक लेकर फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 55 किलोमीटर तक ट्रक का पीछा किया, जिसके बाद चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- हमारे गांव में एक प्रसिद्ध मौसमी फल, जिसे 'राय जान' कहा जाता है, उसकी इन दिनों विशेष मांग है। बच्चे और यहां तक कि पढ़ने-लिखने वाले छात्र भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं और खा रहे हैं। इस मौसमी फल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसी बात सामने आई है कि इसे हमारे देश का राष्ट्रीय फल कहा जाना चाहिए।1
- राज्य में जारी खाद संकट पर मार्कफेड अध्यक्ष ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने डीएपी खाद की कमी को स्वीकार किया है। हालांकि, इस सबके बावजूद किसानों को किए जाने वाले भुगतान से जुड़े सवाल अभी भी बरकरार हैं।1
- किरंदुल के वार्ड क्रमांक 01 स्थित रुद्र मंदिर इन दिनों श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रतिदिन सुबह से ही भगवान रुद्रदेव महाकाल के दर्शन, जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और आरती के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण "हर-हर महादेव, जय बाबा भोलेनाथ और जय रुद्रदेव महाकाल" के जयघोष से भक्तिमय और शिवमय हो उठता है। स्थानीय भक्तों के साथ-साथ आसपास के गाँवों और दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दरबार में अपनी मनोकामनाएँ लेकर आ रहे हैं। इनमें से कुछ अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, कुछ स्वास्थ्य, रोजगार और जीवन में सफलता के लिए प्रार्थना करते हैं, तो कई केवल भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आत्मिक शांति का अनुभव करने आते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के चरणों में उन्हें आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और नई आशा का अनुभव होता है, और सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य सुनते हैं, जिससे भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। यही अटूट विश्वास रोज़ाना हज़ारों लोगों को इस मंदिर की ओर आकर्षित कर रहा है। मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, दीप प्रज्वलन और भक्तों द्वारा किए जाने वाले भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। सुबह से शाम तक, श्रद्धालु अनुशासित ढंग से भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जिनके चेहरों पर भक्ति, विश्वास और संतोष की झलक साफ दिखाई देती है। यह रुद्र मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनता जा रहा है। यहाँ आने वाले भक्तों को भगवान भोलेनाथ की कृपा से मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसी कारण दिन-प्रतिदिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, और यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भगवान रुद्रदेव महाकाल के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है, जहाँ हर दिन भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है।1
- बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हत्या बताया है। अभ्यानंद ने चेतावनी दी है कि यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाई गई थी, तो इसमें शामिल पुलिस टीम को अपनी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ सकती है। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में अब पूर्व डीजीपी अभ्यानंद का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर चल रहे वीडियो फुटेज को घटना का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में मृतक भरत तिवारी द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव और मीडिया क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि उस अकेले व्यक्ति ने अपना हथियार नीचे फेंक दिया था, वह निहत्था था और उसकी तरफ से कोई फायरिंग नहीं हो रही थी। पूर्व डीजीपी ने जोर देकर कहा कि जब कोई अपराधी आत्मसमर्पण कर दे या हथियार डाल दे, तो उसे घेरकर गोली मार देना एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है। अभ्यानंद ने गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ट्रायल के दौरान यह बात अदालत में साबित हो गई, तो गोली मारने वाले पुलिसकर्मी को लोअर कोर्ट से मृत्युदंड मिलेगा और टीम के अन्य पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास भुगतनी पड़ेगी, क्योंकि इस धारा में तीसरी कोई सजा होती ही नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था, यह सरेंडर करने के बाद निहत्थे भरत तिवारी की हत्या की गई है, जिसे संविधान में हत्या कहा जाता है।1
- टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुँचीं। वे नवकार ज्वेलर्स के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेलिब्रेशन कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में महिला फैंस पहुँचीं, और श्वेता तिवारी के पहुँचते ही फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा गया। उनके रायपुर आगमन का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों के बीच सिस्टम को शर्मसार करती है। क्षेत्र के एक सुदूर गाँव में सड़क, पुल और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक गर्भवती महिला की जान आफत में पड़ गई। महिला की हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकी, जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन उसे खटिया पर लिटाकर जान जोखिम में डालते हुए एक नदी पार करानी पड़ी। इसके बाद, महिला को पथरीले रास्तों से मोटरसाइकिल पर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया गया। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की दयनीय स्थिति की पोल खोलकर रख दी है।1