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Nathuram Ahirwar
- User4726Himachal Pradesh🙏4 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Nathuram Ahirwar1
- Post by Seema Devi1
- दर्दनाक सड़क हादसा टीकमगढ़ जिले में बुलेरो व बाइक की भीषण टक्कर में बाइक सवार युवक की मौत, बुलेरो व बाइक में लगी भयंकर आग।1
- टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव धसान थाना अंतर्गत ककरवाहा भेसवारी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार युवक की घटनास्थल पर हुई मौत।1
- टीकमगढ़ - बड़े ही धूमधाम और उत्साह से मनाया गया गहोई दिवस गाजे-बाजे के साथ निकाली गई नगर में भव्य शोभा यात्रा1
- लोकेशन , नौगांव निर्माणाधीन स्वागत द्वार हादसा मजदूर की मौत के 10 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन । सीएमओ–उपयंत्री पर एफआईआर, परिवार को मुआवजा और पत्नी को नौकरी की मांग को लेकर सोपा ज्ञापन । दैनिक दी बेस्ट न्यूज़ नौगांव1
- नौगांव में नगरपालिका की लापरवाही ने ली मजदूर की जान तोरण द्वार बना मौत का जाल, सीएमओ–उपयंत्री के खिलाफ उबाल नगरपालिका की घोर लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी ने एक मजदूर की जान ले ली। निर्माणाधीन तोरण द्वार हादसे के बाद नगर में गुस्सा फूट पड़ा। मृतक मजदूर के परिजन और सैकड़ों स्थानीय लोग सोमवार को सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और मानकों के तोरण द्वार का निर्माण कराया जा रहा था। हादसे के लिए नगरपालिका के सीएमओ और संबंधित उपयंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल FIR और आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई। आक्रोशित परिजन कोठी चौराहे से पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय की ओर बढ़े। हाथों में तख्तियां, जुबान पर आक्रोश और आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि यह हादसा किसी अधिकारी के परिवार के साथ हुआ होता, तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। परिजनों ने मृतक परिवार को तत्काल मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर एफआईआर, और पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। मार्च के दौरान कोठी चौराहे से एसडीएम कार्यालय तक माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति किसी तरह काबू में रही। ज्ञापन सौंपते हुए परिजनों ने दो टूक कहा कि मजदूर की मौत को “हादसा” बताकर फाइल बंद करने नहीं दिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—क्या सरकारी निर्माणों में मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं?1
- Post by Seema Devi1