राजस्थान के सूरौठ में ईसरदा से बंध बारेठा तक प्रस्तावित नहर परियोजना को लेकर शुक्रवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान परियोजना से प्रभावित किसानों ने उप जिला कलेक्टर हेमराज गुर्जर की उपस्थिति में तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने हितों की रक्षा करने की मांग की। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रिंकू खेड़ी हैवत ने बताया कि क्षेत्र के किसान विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण होने से उनकी आजीविका और कृषि उत्पादन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन के जरिए किसानों ने मांग की है कि नहर का सर्वे व निर्माण पहाड़ों की तलहटी, सरकारी चारागाह, सिवायचक अथवा अन्य उपलब्ध सरकारी भूमि से कराया जाए ताकि उपजाऊ भूमि सुरक्षित रह सके। यदि निजी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक हो, तो प्रभावित प्रत्येक किसान परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। सरकार द्वारा यह मांग स्वीकार न करने की स्थिति में अधिग्रहित भूमि का कम से कम 10 गुना मुआवजा देने, वैकल्पिक खेती योग्य सरकारी भूमि उपलब्ध कराने तथा पुनर्वास, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की लिखित गारंटी देने की भी मांग रखी गई है।
राजस्थान के सूरौठ में ईसरदा से बंध बारेठा तक प्रस्तावित नहर परियोजना को लेकर शुक्रवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान परियोजना से प्रभावित किसानों ने उप जिला कलेक्टर हेमराज गुर्जर की उपस्थिति में तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने हितों की रक्षा करने की मांग की। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रिंकू खेड़ी हैवत ने बताया कि क्षेत्र के किसान विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण होने से उनकी आजीविका और कृषि उत्पादन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन के जरिए किसानों ने मांग की है कि नहर का सर्वे व निर्माण पहाड़ों की तलहटी, सरकारी चारागाह, सिवायचक अथवा अन्य उपलब्ध सरकारी भूमि से कराया जाए ताकि उपजाऊ भूमि सुरक्षित रह सके। यदि निजी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक हो, तो प्रभावित प्रत्येक किसान परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। सरकार द्वारा यह मांग स्वीकार न करने की स्थिति में अधिग्रहित भूमि का कम से कम 10 गुना मुआवजा देने, वैकल्पिक खेती योग्य सरकारी भूमि उपलब्ध कराने तथा पुनर्वास, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की लिखित गारंटी देने की भी मांग रखी गई है।
- करौली के हिंडौन सिटी में मंडावरा रोड़ पर जलभराव, टूटी सड़कों और पेयजल समस्या के समाधान की माँग को लेकर समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने शुक्रवार को नगर परिषद आयुक्त कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी। भूख हड़ताल की सूचना पर नगर परिषद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मंडावरा रोड़ पर पानी निकासी का काम तेज कर दिया गया। शाम को समाजसेवी प्रजापति ने बताया कि प्रशासन ने समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए दो दिन और जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए सात दिन का समय देने का आश्वासन दिया है। प्रशासन द्वारा दिए गए इस आश्वासन के बाद उन्होंने फिलहाल भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।2
- करौली के हिंडौन स्थित मंडावर रोड की गंभीर जनसमस्याओं, जलभराव, टूटी सड़कों, पेयजल संकट और अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने नगर परिषद आयुक्त कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दिया। धरने पर बैठते ही नगर परिषद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मंडावरा रोड पर मशीनों के जरिए जलभराव की निकासी के प्रयास तेज कर दिए। शुक्रवार शाम समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने बताया कि प्रशासन द्वारा 2 दिन का समय दिया गया है और जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए 7 दिन का आश्वासन मिला है, जिसके बाद धरना और भूख हड़ताल समाप्त कर दी गई।4
- हिंडौन सिटी के कोतवाली थाने में सीएलजी सदस्यों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय नागरिक समस्याओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता, नशा, जुआ-सट्टा पर अंकुश, महिलाओं की सुरक्षा तथा सोशल मीडिया पर वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अतिरिक्त अवैध खनन, आवारा पशुओं की समस्या, बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था, शहर में पार्किंग और आगामी चुनावों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल, पुलिस उपाधीक्षक मुनेश मीणा, नगर परिषद आयुक्त दिलीप शर्मा, थाना प्रभारी महेंद्र चौधरी, यातायात प्रभारी रामनिवास गुर्जर और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- राजस्थान में पंचायती राज आम चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं और सरकार ने इस संबंध में चुनावी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार ने जिला कलेक्टरों और एसडीएम (SDM) को चुनाव की आरक्षण लॉटरी निकालने के लिए अधिकृत करते हुए चुनाव तैयारी शुरू करने के अधिकार सौंप दिए हैं।1
- हिंडौन मंडावर रोड की गंभीर जनसमस्याओं, जलभराव, टूटी सड़कों, पेयजल संकट और अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ नगर परिषद आयुक्त कार्यालय में समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दिया। विष्णु प्रजापति के धरने पर बैठते ही नगर परिषद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और मंडावरा रोड पर मशीन भेजकर पानी की निकासी के प्रयास तेज कर दिए। इसके बाद समाजसेवी विष्णु प्रजापति ने शुक्रवार शाम 4:00 बजे जानकारी दी कि प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई के लिए 2 दिन का समय लिया गया है और जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए 7 दिन का आश्वासन मिला है। प्रशासन से मिले इस आश्वासन के बाद धरना और भूख हड़ताल समाप्त कर दी गई।1
- सवाई माधोपुर के वजीरपुर स्थित कुंशाय रायपुर पंचायत में सफाई व्यवस्था की भारी अनदेखी देखने को मिल रही है। पंचायत क्षेत्र में सरपंच द्वारा सफाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में बदहाली के हालात बने हुए हैं। कुंशाय रायपुर पंचायत में सफाई न होने से यह स्थिति बनी हुई है और सरपंच पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।1
- राजस्थान के सूरौठ में ईसरदा से बंध बारेठा तक प्रस्तावित नहर परियोजना को लेकर शुक्रवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान परियोजना से प्रभावित किसानों ने उप जिला कलेक्टर हेमराज गुर्जर की उपस्थिति में तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने हितों की रक्षा करने की मांग की। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रिंकू खेड़ी हैवत ने बताया कि क्षेत्र के किसान विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण होने से उनकी आजीविका और कृषि उत्पादन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन के जरिए किसानों ने मांग की है कि नहर का सर्वे व निर्माण पहाड़ों की तलहटी, सरकारी चारागाह, सिवायचक अथवा अन्य उपलब्ध सरकारी भूमि से कराया जाए ताकि उपजाऊ भूमि सुरक्षित रह सके। यदि निजी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक हो, तो प्रभावित प्रत्येक किसान परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। सरकार द्वारा यह मांग स्वीकार न करने की स्थिति में अधिग्रहित भूमि का कम से कम 10 गुना मुआवजा देने, वैकल्पिक खेती योग्य सरकारी भूमि उपलब्ध कराने तथा पुनर्वास, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की लिखित गारंटी देने की भी मांग रखी गई है।1
- हिंडौन सिटी के खुर्शीद खान ने नरेंद्र मोदी जी से दिल्ली स्थित जंतर-मंतर जाकर वहां के हालात देखने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर मौजूद लड़के-लड़कियों की प्रशासन ने बेहद खराब हालत कर दी है। प्रशासन के इस रवैये पर कड़ा आक्रोश जताते हुए खुर्शीद खान ने चेतावनी दी है कि भाजपा सरकार अब गिरने वाली है। उन्होंने मोदी जी से दोबारा कहा है कि वे खुद दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाएं और देखें कि वहां युवाओं के साथ क्या हो रहा है।1