धम्बोला कस्बे में अधिक मास के पावन अवसर पर श्री गोवर्धननाथजी हवेली मंदिर में मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ माखन चोरी लीला एवं भजन-कीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभु की बाल लीलाओं का स्मरण कर पूरा हवेली परिसर भक्तिरस में डूब गया, वहीं अष्टछाप कवियों के पदों की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने बताया कि विशेष मनोरथ के अंतर्गत ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी को माखन चोरी लीला स्वरूप में मनोहारी श्रृंगार धारण कराया गया था। प्रभु के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में वैष्णवजन और श्रद्धालु हवेली मंदिर पहुंचे, जिनके मुख से जयघोष गूंज उठे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से भर गया। महोत्सव में अष्टछाप कवियों द्वारा रचित माखन चोरी लीला से जुड़े पदों का भावपूर्ण गायन किया गया, जिसमें नीलकंठ पंड्या और प्रत्यक्ष पंड्या ने अपनी सुमधुर वाणी से उपस्थित श्रद्धालुओं को कृष्ण की बाल लीलाओं के दिव्य भावों में डुबो दिया। पदों के गायन के साथ ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं नंदलाल गोकुल की गलियों में माखन चुराते हुए अपनी मनमोहक छवि का दर्शन करा रहे हों। इसी क्रम में अरुण कुमार पंड्या ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बनाया, जिसके दौरान श्रद्धालु प्रभु के गुणगान में भावविभोर होकर झूम उठे। हवेली में उपस्थित वैष्णवजन ताली, मृदंग और झांझ की मधुर ध्वनि के साथ भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए। अधिक मास में आयोजित इस विशेष मनोरथ में पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप सेवा, श्रृंगार, संगीत और उत्सव का सुंदर समन्वय देखने को मिला। ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी ने विशेष स्वरूप में समस्त वैष्णव सृष्टि को दर्शन प्रदान कर भक्तों को आनंदित किया, जिन्होंने प्रभु के दर्शन कर सुख, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। महोत्सव के समापन तक हवेली मंदिर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष, अष्टछाप पदों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद एवं ब्रजभाव की दिव्य अनुभूति कराई।
धम्बोला कस्बे में अधिक मास के पावन अवसर पर श्री गोवर्धननाथजी हवेली मंदिर में मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ माखन चोरी लीला एवं भजन-कीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभु की बाल लीलाओं का स्मरण कर पूरा हवेली परिसर भक्तिरस में डूब गया, वहीं अष्टछाप कवियों के पदों की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने बताया कि विशेष मनोरथ के अंतर्गत ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी को माखन चोरी लीला स्वरूप में मनोहारी श्रृंगार धारण कराया गया था। प्रभु के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में वैष्णवजन और श्रद्धालु हवेली मंदिर पहुंचे, जिनके मुख से जयघोष गूंज उठे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से भर गया। महोत्सव में अष्टछाप कवियों द्वारा रचित माखन चोरी लीला से जुड़े पदों का भावपूर्ण गायन किया गया, जिसमें नीलकंठ पंड्या और प्रत्यक्ष पंड्या ने अपनी सुमधुर वाणी से उपस्थित श्रद्धालुओं को कृष्ण की बाल लीलाओं के दिव्य भावों में डुबो दिया। पदों के गायन के साथ ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं नंदलाल गोकुल की गलियों में माखन चुराते हुए अपनी मनमोहक छवि का दर्शन करा रहे हों। इसी क्रम में अरुण कुमार पंड्या ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बनाया, जिसके दौरान श्रद्धालु प्रभु के गुणगान में भावविभोर होकर झूम उठे। हवेली में उपस्थित वैष्णवजन ताली, मृदंग और झांझ की मधुर ध्वनि के साथ भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए। अधिक मास में आयोजित इस विशेष मनोरथ में पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप सेवा, श्रृंगार, संगीत और उत्सव का सुंदर समन्वय देखने को मिला। ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी ने विशेष स्वरूप में समस्त वैष्णव सृष्टि को दर्शन प्रदान कर भक्तों को आनंदित किया, जिन्होंने प्रभु के दर्शन कर सुख, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। महोत्सव के समापन तक हवेली मंदिर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष, अष्टछाप पदों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद एवं ब्रजभाव की दिव्य अनुभूति कराई।
- धम्बोला कस्बे में अधिक मास के पावन अवसर पर श्री गोवर्धननाथजी हवेली मंदिर में मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ माखन चोरी लीला एवं भजन-कीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभु की बाल लीलाओं का स्मरण कर पूरा हवेली परिसर भक्तिरस में डूब गया, वहीं अष्टछाप कवियों के पदों की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने बताया कि विशेष मनोरथ के अंतर्गत ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी को माखन चोरी लीला स्वरूप में मनोहारी श्रृंगार धारण कराया गया था। प्रभु के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में वैष्णवजन और श्रद्धालु हवेली मंदिर पहुंचे, जिनके मुख से जयघोष गूंज उठे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से भर गया। महोत्सव में अष्टछाप कवियों द्वारा रचित माखन चोरी लीला से जुड़े पदों का भावपूर्ण गायन किया गया, जिसमें नीलकंठ पंड्या और प्रत्यक्ष पंड्या ने अपनी सुमधुर वाणी से उपस्थित श्रद्धालुओं को कृष्ण की बाल लीलाओं के दिव्य भावों में डुबो दिया। पदों के गायन के साथ ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं नंदलाल गोकुल की गलियों में माखन चुराते हुए अपनी मनमोहक छवि का दर्शन करा रहे हों। इसी क्रम में अरुण कुमार पंड्या ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बनाया, जिसके दौरान श्रद्धालु प्रभु के गुणगान में भावविभोर होकर झूम उठे। हवेली में उपस्थित वैष्णवजन ताली, मृदंग और झांझ की मधुर ध्वनि के साथ भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए। अधिक मास में आयोजित इस विशेष मनोरथ में पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप सेवा, श्रृंगार, संगीत और उत्सव का सुंदर समन्वय देखने को मिला। ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी ने विशेष स्वरूप में समस्त वैष्णव सृष्टि को दर्शन प्रदान कर भक्तों को आनंदित किया, जिन्होंने प्रभु के दर्शन कर सुख, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। महोत्सव के समापन तक हवेली मंदिर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष, अष्टछाप पदों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद एवं ब्रजभाव की दिव्य अनुभूति कराई।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा का जिला स्तरीय किसान सम्मेलन नवीन भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान, पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एवं भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी रहे, जबकि भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल रणोली ने अध्यक्षता की। कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक शंकर लाल डेचा, पूर्व सांसद कनकमल कटारा और पूर्व मंत्री सुशील कटारा जैसे विशिष्ट अतिथि भी मौजूद थे। सम्मेलन में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं, कृषि नवाचारों, प्राकृतिक खेती, सिंचाई विकास, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कैलाश चौधरी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हुए ऐतिहासिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने पूर्व की कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय किसान अपनी उपज का उचित मूल्य, समय पर मुआवजा और कृषि संसाधनों की सुविधा से वंचित थे, उन्हें बिचौलियों और भ्रष्ट व्यवस्था का सामना करना पड़ता था। चौधरी ने बताया कि अब केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे जमा कर रही है, जिससे उन्हें बीज, खाद और अन्य आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद मिल रही है। उन्होंने किसानों से आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए उन्नत बीज, संतुलित खाद, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रयोग पर जोर दिया, साथ ही ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर तकनीक, सौर ऊर्जा आधारित कृषि उपकरण और कृषि यंत्रीकरण योजनाओं से खेती को कम लागत और अधिक उत्पादन वाली बनाने की बात कही। उन्होंने फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार भी सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, विद्युत आपूर्ति सुधार, पशुपालकों के लिए सहायता, कृषि उपकरणों पर अनुदान तथा ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। कैलाश चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सरकार किसानों को केवल सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान देने का कार्य कर रही है। कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता से कार्य कर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी व सिंचाई जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इस दौरान पूर्व सांसद कनकमल कटारा, सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, पूर्व प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल सहित अनेक नेताओं ने भी किसानों को संबोधित किया। किसान संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा, जिस पर प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने उन्हें आश्वस्त किया।3
- नरेश खाटं को हैंडपंप और सड़क की तत्काल आवश्यकता है। उनका कहना है कि कोई भी सीधे तौर पर यह नहीं कह रहा है कि वे ये सुविधाएँ नहीं देंगे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ये चीज़ें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में केवल झूठे वादे ही किए जा रहे हैं।2
- डूंगरपुर जिले के कुंआ थाना क्षेत्र के धनगांव गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपने ही साले पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में साला गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं बीच-बचाव करने आए दूसरे साढू को भी मामूली चोटें आई हैं। मामले के अनुसार, लिखतिया गांव निवासी अल्पेश डेंडोर अपनी बहन कोकिला को लेने के लिए धनगांव गांव स्थित उसके ससुराल गया था। अल्पेश के साथ उसकी मदद के लिए उसका दूसरा जीजा शांतिलाल भी मौजूद था। जब दोनों धनगांव पहुंचे और कोकिला को अपने साथ घर ले जाने लगे, तभी कोकिला का पति दिनेश पारगी आवेश में आ गया। पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी दिनेश ने पीछे से अचानक अपने साले अल्पेश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे अल्पेश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। अल्पेश को बचाने के लिए जब दूसरा जीजा और दिनेश का साढू शांतिलाल आगे आया, तो आरोपी दिनेश ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे शांतिलाल भी मामूली रूप से चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत कुंआ अस्पताल ले जाया गया। चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद अल्पेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहाँ उसका उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी है।1
- डूंगरपुर जिला मुख्यालय के विजया राजे सिंधिया सभागार में 'एक दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा कार्यशाला' का आयोजन किया गया। यह डूंगरपुर पुलिस की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटने के बजाय, जिले में बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाकर कीमती जानें बचाना है। कार्यशाला के दौरान डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार ने गंभीर आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में हत्या जैसी घटनाओं से दस गुना अधिक मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। इस कार्यशाला में, हादसों की रोकथाम के लिए कई विभागों और संगठनों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने पुलिस की इस मुहिम को अनूठा बताते हुए लिकर शॉप मालिकों, मैकेनिकों और डीलरों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से शराब विक्रेताओं से 'ड्रिंक एंड ड्राइव' करने वाले युवाओं पर नज़र रखने का आग्रह किया ताकि किसी बेकसूर की जान खतरे में न पड़े। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा से संबंधित विशेष जागरूकता पोस्टरों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, वाहन विक्रेताओं और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और डूंगरपुर पुलिस के इस जनहित अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।2
- डूंगरपुर जिले में जैन समाज में मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुखद घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। इस घटना के विरोध में जैन नवयुवक मंडल डूंगरपुर के नेतृत्व में समाजजनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए समाज के सदस्यों ने केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की गई है।1
- डूंगरपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेते हुए अपनी अभिनव पहल "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, उदयपुर रेंज पुलिस के "पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन" कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार, 26 मई को विजया राजे सभागार, डूंगरपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक महोदय ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है और हेलमेट व यातायात नियमों का पालन जीवन रक्षा का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को प्रेरित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की अपील की। उन्होंने "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" अभियान को जनसहभागिता से सफल बनाने का आह्वान करते हुए इसे युवाओं की जीवन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री खीम सिंह ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं हेलमेट और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, और डूंगरपुर पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि आमजन में जागरूकता पैदा कर सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना है। राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने इस कार्यक्रम का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और विशेषकर युवाओं व बच्चों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करना बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को व्यक्तिगत क्षति के साथ-साथ सामाजिक एवं पारिवारिक त्रासदी बताते हुए बच्चों व युवाओं को सड़क सुरक्षा का दूत बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर डूंगरपुर पुलिस द्वारा तैयार सड़क सुरक्षा जागरूकता वीडियो का लोकार्पण और "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" विषयक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स, मैकेनिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, लिकर शॉप संचालकों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वागड़ के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार कमलेश बामनिया और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक "यमराज ऑन रोड" रहा, जिसने सड़क दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली हानियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाकर जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। वागड़ी भाषा में तैयार किए गए गीत के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, वाहन विक्रेताओं और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और डूंगरपुर पुलिस के इस जनहित अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।4
- धम्बोला कस्बे में स्थित श्री गोवर्धननाथजी हवेली मंदिर में अधिक मास के पावन अवसर पर सोमवार को नौका विहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें ठाकुरजी को मनोहर नौका विहार स्वरूप में विराजित कर विशेष मनोरथ अर्पित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में वैष्णवजन ठाकुरजी के दर्शन के लिए उपस्थित रहे। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने बताया कि महोत्सव के दौरान पूरी हवेली परिसर भक्ति रस से सराबोर हो उठा। नीलकंठ पंड्या एवं प्रत्यक्ष पंड्या ने अष्टछाप कवियों द्वारा रचित नौका विहार से संबंधित पदों का सुमधुर गायन प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु वृंदावन की निकुंज लीलाओं और यमुना तट के दिव्य नौका विहार का भावपूर्ण अनुभव करते रहे। वहीं, अरुण कुमार पंड्या ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया, और भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु प्रभु के गुणगान में भावविभोर होकर झूम उठे। पूरे आयोजन में पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप सेवा, श्रृंगार और उत्सव का एक सुंदर समन्वय देखने को मिला। इस विशेष महोत्सव के अंतर्गत ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी ने अपने विशेष स्वरूप में समस्त वैष्णव सृष्टि को दर्शन प्रदान किए। श्रद्धालुओं ने प्रभु के दर्शन कर सुख, शांति एवं मंगल की कामना की। अधिक मास में आयोजित इस नौका विहार मनोरथ ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई, और हवेली मंदिर का वातावरण देर तक जयघोष और कीर्तन से गुंजायमान रहा।1