डूंगरपुर जिले के कुंआ थाना क्षेत्र के धनगांव गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपने ही साले पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में साला गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं बीच-बचाव करने आए दूसरे साढू को भी मामूली चोटें आई हैं। मामले के अनुसार, लिखतिया गांव निवासी अल्पेश डेंडोर अपनी बहन कोकिला को लेने के लिए धनगांव गांव स्थित उसके ससुराल गया था। अल्पेश के साथ उसकी मदद के लिए उसका दूसरा जीजा शांतिलाल भी मौजूद था। जब दोनों धनगांव पहुंचे और कोकिला को अपने साथ घर ले जाने लगे, तभी कोकिला का पति दिनेश पारगी आवेश में आ गया। पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी दिनेश ने पीछे से अचानक अपने साले अल्पेश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे अल्पेश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। अल्पेश को बचाने के लिए जब दूसरा जीजा और दिनेश का साढू शांतिलाल आगे आया, तो आरोपी दिनेश ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे शांतिलाल भी मामूली रूप से चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत कुंआ अस्पताल ले जाया गया। चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद अल्पेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहाँ उसका उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी है।
डूंगरपुर जिले के कुंआ थाना क्षेत्र के धनगांव गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपने ही साले पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में साला गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं बीच-बचाव करने आए दूसरे साढू को भी मामूली चोटें आई हैं। मामले के अनुसार, लिखतिया गांव निवासी अल्पेश डेंडोर अपनी बहन कोकिला को लेने के लिए धनगांव गांव स्थित उसके ससुराल गया था। अल्पेश के साथ उसकी मदद के लिए उसका दूसरा जीजा शांतिलाल भी मौजूद था। जब दोनों धनगांव पहुंचे और कोकिला को अपने साथ घर ले जाने लगे, तभी कोकिला का पति दिनेश पारगी आवेश में आ गया। पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी दिनेश ने पीछे से अचानक अपने साले अल्पेश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे अल्पेश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। अल्पेश को बचाने के लिए जब दूसरा जीजा और दिनेश का साढू शांतिलाल आगे आया, तो आरोपी दिनेश ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे शांतिलाल भी मामूली रूप से चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत कुंआ अस्पताल ले जाया गया। चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद अल्पेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहाँ उसका उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी है।
- डूंगरपुर जिले के कुंआ थाना क्षेत्र के धनगांव गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपने ही साले पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में साला गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं बीच-बचाव करने आए दूसरे साढू को भी मामूली चोटें आई हैं। मामले के अनुसार, लिखतिया गांव निवासी अल्पेश डेंडोर अपनी बहन कोकिला को लेने के लिए धनगांव गांव स्थित उसके ससुराल गया था। अल्पेश के साथ उसकी मदद के लिए उसका दूसरा जीजा शांतिलाल भी मौजूद था। जब दोनों धनगांव पहुंचे और कोकिला को अपने साथ घर ले जाने लगे, तभी कोकिला का पति दिनेश पारगी आवेश में आ गया। पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी दिनेश ने पीछे से अचानक अपने साले अल्पेश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे अल्पेश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। अल्पेश को बचाने के लिए जब दूसरा जीजा और दिनेश का साढू शांतिलाल आगे आया, तो आरोपी दिनेश ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे शांतिलाल भी मामूली रूप से चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत कुंआ अस्पताल ले जाया गया। चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद अल्पेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहाँ उसका उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी है।1
- डूंगरपुर जिला मुख्यालय के विजया राजे सिंधिया सभागार में 'एक दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा कार्यशाला' का आयोजन किया गया। यह डूंगरपुर पुलिस की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटने के बजाय, जिले में बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाकर कीमती जानें बचाना है। कार्यशाला के दौरान डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार ने गंभीर आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में हत्या जैसी घटनाओं से दस गुना अधिक मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। इस कार्यशाला में, हादसों की रोकथाम के लिए कई विभागों और संगठनों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने पुलिस की इस मुहिम को अनूठा बताते हुए लिकर शॉप मालिकों, मैकेनिकों और डीलरों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से शराब विक्रेताओं से 'ड्रिंक एंड ड्राइव' करने वाले युवाओं पर नज़र रखने का आग्रह किया ताकि किसी बेकसूर की जान खतरे में न पड़े। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा से संबंधित विशेष जागरूकता पोस्टरों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, वाहन विक्रेताओं और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और डूंगरपुर पुलिस के इस जनहित अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।2
- डूंगरपुर जिले में जैन समाज में मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुखद घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। इस घटना के विरोध में जैन नवयुवक मंडल डूंगरपुर के नेतृत्व में समाजजनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए समाज के सदस्यों ने केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की गई है।1
- डूंगरपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेते हुए अपनी अभिनव पहल "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, उदयपुर रेंज पुलिस के "पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन" कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार, 26 मई को विजया राजे सभागार, डूंगरपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक महोदय ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है और हेलमेट व यातायात नियमों का पालन जीवन रक्षा का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को प्रेरित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की अपील की। उन्होंने "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" अभियान को जनसहभागिता से सफल बनाने का आह्वान करते हुए इसे युवाओं की जीवन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री खीम सिंह ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं हेलमेट और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, और डूंगरपुर पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि आमजन में जागरूकता पैदा कर सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना है। राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने इस कार्यक्रम का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और विशेषकर युवाओं व बच्चों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करना बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को व्यक्तिगत क्षति के साथ-साथ सामाजिक एवं पारिवारिक त्रासदी बताते हुए बच्चों व युवाओं को सड़क सुरक्षा का दूत बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर डूंगरपुर पुलिस द्वारा तैयार सड़क सुरक्षा जागरूकता वीडियो का लोकार्पण और "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" विषयक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स, मैकेनिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, लिकर शॉप संचालकों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वागड़ के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार कमलेश बामनिया और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक "यमराज ऑन रोड" रहा, जिसने सड़क दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली हानियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाकर जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। वागड़ी भाषा में तैयार किए गए गीत के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, वाहन विक्रेताओं और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और डूंगरपुर पुलिस के इस जनहित अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।4
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने मंगलवार को विजया राजे सभागार में उदयपुर रेंज पुलिस के “पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन” कार्यक्रम के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस दौरान, डूंगरपुर पुलिस की अभिनव पहल “नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट” अभियान का भी शुभारंभ किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने को जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका बताया, साथ ही सभी नागरिकों से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और विशेष रूप से युवाओं व बच्चों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाएं सिर्फ व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक त्रासदी भी हैं, इसलिए बच्चों और युवाओं को सड़क सुरक्षा का दूत बनाना आवश्यक है। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स, मैकेनिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, लिकर शॉप संचालकों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।4
- यह मामला मगध क्षेत्र की पीपला गुंज ग्राम पंचायत से संबंधित है।1
- जिला प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय क्षेत्रीय विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने डूंगरपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत समिति डूंगरपुर की ग्राम पंचायत वागदरी तालाब पर आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में शिरकत की। यह कार्यक्रम "वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026" के अंतर्गत आयोजित किया गया था, जिसमें श्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान, उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनू कुमार गुर्जर, समाज सेवी बंसीलाल कटारा, हंसमुख पंड्या, अशोक जैन, तहसीलदार डूंगरपुर कमलेश मीणा, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मूलाराम सोलंकी और ब्लॉक विकास अधिकारी प्रवीण सिंह राव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण एवं कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।1
- डूंगरपुर में प्रभारी मंत्री और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने मंगलवार, 26 मई को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अभियान के मुख्य उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी, जिसमें जल संरक्षण को बढ़ावा देना, पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और पुनरुद्धार करना, व्यर्थ बहते बरसात के पानी को रोककर उसका उपयोग करना, जल संचयन के लिए निर्माण कार्य करना और आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाकर इसे एक जन अभियान बनाना शामिल है। मंत्री श्री खराड़ी ने इस अवसर पर किसी भी अभियान की सफलता में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, क्योंकि इसके माध्यम से आमजन तक अभियान का महत्व और जागरूकता पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान समाजसेवी बंशीलाल कटारा, जिला कलक्टर देशलदान, कार्यवाहक अतिथि कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ और अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मूलाराम सोलंकी भी मौजूद रहे।1