Shuru
Apke Nagar Ki App…
दैनिक भास्कर दर्पण के क्राइम रिपोर्टर कमल वर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, आज इंदौर शहर में जोरदार बारिश देखने को मिली।
Kamal Verma
दैनिक भास्कर दर्पण के क्राइम रिपोर्टर कमल वर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, आज इंदौर शहर में जोरदार बारिश देखने को मिली।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- इंदौर के जूना रिसाला की गली नंबर 1 में मोहर्रम के अवसर पर शौकत पहलवान और उनके परिवार ने आपसी सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता की अद्भुत मिसाल पेश की है। उनके दादा-परदादा द्वारा शुरू की गई ऐतिहासिक अखाड़ा परंपरा को परिवार की चौथी पीढ़ी आज लगातार 100वें वर्ष भी पूरी शिद्दत से आगे बढ़ा रही है। यह आयोजन सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बन गया है। इस शताब्दी वर्ष के विशेष आयोजन को भव्य रूप देने के लिए, शौकत पहलवान परिवार के तत्वावधान में कोलकाता के विशेष कलाकारों ने एक बेहद खूबसूरत 'मस्जिद-ए-कूबा' का निर्माण किया है। इसके साथ ही, दुलदुल और विभिन्न पवित्र रोजे इस आयोजन के मुख्य आकर्षण रहेंगे। यह भव्य आयोजन एक दशक से भी अधिक समय से गंगा-जमुनी तहजीब का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इसमें न केवल मुस्लिम समाज, बल्कि हिंदू समुदाय के लोग भी शौकत पहलवान परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर, पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल होते हैं, जो शहर में सांप्रदायिक सद्भाव और अटूट सामाजिक एकता की एक बेमिसाल और खूबसूरत तस्वीर पेश करता है।1
- इंदौर में पहली हल्की बारिश होते ही जलजमाव की समस्या सामने आने लगी है। यह स्थिति खासकर छोटी ग्वाल टोली, इंदौर में स्थित पटेल ब्रिज की सर्विस रोड पर देखने को मिल रही है। यह पटेल ब्रिज शहर की दूसरी लाइफलाइन रोड को सरवटे बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से जोड़ता है, और इसकी सर्विस रोड सरवटे बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को पटेल ब्रिज से जोड़ती है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में ही यहां पानी भर जाता है। आशंका है कि निकासी की व्यवस्था ठीक न होने से पूरे बारिश के मौसम में यही स्थिति बनी रहेगी।1
- इंदौर में एक बार फिर नकाबपोश बदमाशों ने एक ज्वेलर्स की दुकान को निशाना बनाया है। कनाड़िया थाना क्षेत्र में एक मास्कधारी आरोपी ने चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी ने बुजुर्ग दुकानदार की नजर बचाकर दुकान के काउंटर से एक सोने की चेन और दो अंगूठियां चुरा लीं, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामले को दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। कनाड़िया पुलिस इस मामले में आरोपी को पकड़ने में जुटी हुई है।1
- दैनिक भास्कर दर्पण के क्राइम रिपोर्टर कमल वर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, आज इंदौर शहर में जोरदार बारिश देखने को मिली।1
- इंदौर कलेक्ट कार्यालय में राजस्व न्यायालयों में पैरवी करने वाले वकीलों ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। वकीलों ने कलेक्टर को एक आवेदन सौंपकर यह व्यवस्था सुधारने की मांग की है कि जिन मामलों में वे पैरवी करते हैं, उन केसों के आदेशों में उनका नाम भी दर्ज किया जाए। वकीलों का तर्क है कि वर्तमान में आदेश और अन्य दस्तावेजों में उनका नाम दर्ज नहीं होता है, जिस वजह से वे राजस्व न्यायालय में अपने अनुभव को प्रमाणित करने में असमर्थ रहते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन वकीलों की इस अहम मांग पर क्या फैसला लेता है।1
- इंदौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनोज काला जी राजा भैया ने आज कलेक्टर महोदय को अपनी पीड़ा बताते हुए कृषि उपज मंडी शुल्क में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया। व्यापारियों ने एक प्रतिशत से बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत किए गए मंडी शुल्क का विरोध दर्ज कराया और मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस शुल्क को कम किया जाए।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर सरकारी परियोजनाओं के आसपास लगभग 335 एकड़ जमीन खरीदने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है, जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बयानबाजी तेज हो गई है। यह पूरी रिपोर्ट 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने प्रकाशित की थी, जिसके बाद से प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का बचाव करते हुए एक नया मोड़ दिया है। अखिलेश यादव ने इन आरोपों को सीधे तौर पर भाजपा के भीतर की साजिश करार दिया है, जिससे यह विवाद और भी गहरा गया है।1
- इंदौर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे। इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें पारिवारिक विवादों, सामाजिक मतभेदों, संपत्ति विवादों और लेन-देन से जुड़े मामलों से संबंधित रहीं। जनसुनवाई के दौरान कई प्रकरण ऐसे सामने आए, जिनमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन मामलों में कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर मध्यस्थता के माध्यम से समाधान निकालने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निश्चित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने गंभीर प्रकृति के मामलों में एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया। कमिश्नर संतोष सिंह ने यह भी दोहराया कि सभी मामलों में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।1