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बलीपुर के मैदान पर भव्य आयोजन, जहाजी क्रिकेट कप उद्घाटन बना चर्चा का केंद्र

2 hrs ago
user_RAMA SHANKAR SHUKLA
RAMA SHANKAR SHUKLA
News Anchor Lalganj, Rae Bareli•
2 hrs ago

बलीपुर के मैदान पर भव्य आयोजन, जहाजी क्रिकेट कप उद्घाटन बना चर्चा का केंद्र

More news from Rae Bareli and nearby areas
  • बलीपुर के मैदान पर भव्य आयोजन, जहाजी क्रिकेट कप उद्घाटन बना चर्चा का केंद्र
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    बलीपुर के मैदान पर भव्य आयोजन, जहाजी क्रिकेट कप उद्घाटन बना चर्चा का केंद्र
    user_RAMA SHANKAR SHUKLA
    RAMA SHANKAR SHUKLA
    News Anchor Lalganj, Rae Bareli•
    2 hrs ago
  • जर्मनी की मेट्रो में भारतीय युवक के बगल में बैठी थीं ‘आर्या स्टार्क’—वायरल फोटो ने पलट दी किस्मत! जर्मनी की मेट्रो में बैठा एक उदास भारतीय युवक नहीं जानता था कि उसके ठीक बगल में बैठी लड़की कोई आम यात्री नहीं, बल्कि Game of Thrones की मशहूर अभिनेत्री Maisie Williams (आर्या स्टार्क) थीं। दोनों की साथ बैठी तस्वीर अचानक वायरल हुई और पूरा जर्मनी यह पूछने लगा कि “यह भारतीय युवक कौन है?” जर्मनी की प्रमुख मैगज़ीन Der Spiegel ने युवक की तलाश शुरू की, और म्यूनिख में पता चला कि वह भारत से आया युवक बिना परमिट और बिना टिकट जर्मनी में रह रहा था। कहानी यहीं नहीं रुकी—मैगज़ीन ने उसकी संघर्षपूर्ण हालत देखते हुए उसे 800 यूरो माहाना की नौकरी ऑफर कर दी। जॉब कॉन्ट्रैक्ट मिलते ही उसे रेगुलर रेजिडेंसी परमिट भी मिल गया, और उसकी किस्मत पूरी तरह बदल गई। यह घटना साबित करती है कि ज़िंदगी के सबसे बड़े बदलाव कभी-कभी एक अनजानी तस्वीर से भी शुरू हो सकते हैं। क्या यह किस्मत का खेल था या जीवन का अप्रत्याशित चमत्कार? #jaroorikhabar #viralvideos #latestnews
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    जर्मनी की मेट्रो में भारतीय युवक के बगल में बैठी थीं ‘आर्या स्टार्क’—वायरल फोटो ने पलट दी किस्मत! जर्मनी की मेट्रो में बैठा एक उदास भारतीय युवक नहीं जानता था कि उसके ठीक बगल में बैठी लड़की कोई आम यात्री नहीं, बल्कि Game of Thrones की मशहूर अभिनेत्री Maisie Williams (आर्या स्टार्क) थीं। दोनों की साथ बैठी तस्वीर अचानक वायरल हुई और पूरा जर्मनी यह पूछने लगा कि “यह भारतीय युवक कौन है?” जर्मनी की प्रमुख मैगज़ीन Der Spiegel ने युवक की तलाश शुरू की, और म्यूनिख में पता चला कि वह भारत से आया युवक बिना परमिट और बिना टिकट जर्मनी में रह रहा था। कहानी यहीं नहीं रुकी—मैगज़ीन ने उसकी संघर्षपूर्ण हालत देखते हुए उसे 800 यूरो माहाना की नौकरी ऑफर कर दी। जॉब कॉन्ट्रैक्ट मिलते ही उसे रेगुलर रेजिडेंसी परमिट भी मिल गया, और उसकी किस्मत पूरी तरह बदल गई। यह घटना साबित करती है कि ज़िंदगी के सबसे बड़े बदलाव कभी-कभी एक अनजानी तस्वीर से भी शुरू हो सकते हैं। क्या यह किस्मत का खेल था या जीवन का अप्रत्याशित चमत्कार? #jaroorikhabar #viralvideos #latestnews
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    31 min ago
  • कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार केवल तमाशा नहीं देख सकती और नरेंद्र मोदी को उच्च स्तर पर राजनयिक वार्ता करके स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा और निर्मम हत्याओं के मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और भारत को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।
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    कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार केवल तमाशा नहीं देख सकती और नरेंद्र मोदी को उच्च स्तर पर राजनयिक वार्ता करके स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा और निर्मम हत्याओं के मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और भारत को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।
    user_श्री प्रताप सिंह
    श्री प्रताप सिंह
    अल्पसंख्यक अध्यक्ष Kunda•
    7 hrs ago
  • नौकर का ज़ुल्म, बाप-बेटी को बना डाला कंकाल!
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    नौकर का ज़ुल्म, बाप-बेटी को बना डाला कंकाल!
    user_Prem Sankar yadav
    Prem Sankar yadav
    Kunda, Pratapgarh•
    11 hrs ago
  • तेरा निज़ाम है सिल दे ज़बान-ए-शायर को ये एहतियात ज़रूरी है इस बहार के लिए वीडियो में पत्रकार साथी राजवीर जी हैं, बेहद सुलझे हुए समझदार व्यक्ति हैं। इनको लंबे अरसे से मैं जानता हूँ, इसलिए यक़ीन के साथ कह सकता हूँ—ये ख़बर दिखाने या किसी भी मसले में भागमभाग से ख़ुद को दूर रखते हैं। ये उन लोगों में से हैं जो कई बार सब सच जानते हुए भी अगर दस्तावेज़ या तथ्य न हों तो न ख़बर दिखाते हैं, न लिखते हैं। अगर सब सबूत हों, तो सच कहने से बचते भी नहीं हैं। मगर आज के दौर में सच को सच कहने की बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ रही है। मेरा मानना है—बिना क़ानूनी पचड़े में पड़े ख़ुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो “चोर को साव और साहब” कहने की आदत डालनी होगी। अब चोर को चोर तभी कह सकते हैं जब कोई सरकारी संस्था किसी की चोरी पकड़े या साबित करे (विजिलेंस जैसे विभाग)। हालाँकि सनद रहे कि चोरी पकड़ने वाले भी सरकारी कर्मचारी ही होते हैं। राजवीर बाबू ने चोर को चोर कहने का अपराध तो कर दिया है, फिर तो इनके ख़िलाफ़ बिल्कुल सही FIR हुई है। राजवीर कोई सरकारी संस्था या कर्मचारी तो हैं नहीं जो चोर को चोर कहें। होंगे इनके पास सही और पर्याप्त दस्तावेज़, होगी उसमें कुछ सच्चाई, मगर इन्होंने सही बात किस हैसियत से कह दी—जो कुछ ईमानदार टाइप के बेईमानों के गले नहीं उतरी। करोड़ों के विज्ञापन पाने वाले संस्थानों के मालिक (पत्रकार नहीं) चरण-चाटन के चलते सच के आसपास भी चले जाएँ तो बदहज़मी हो जाती है। बहरहाल, अगर आपको बतौर पत्रकार सच कहने और दिखाने का भूत सवार है, तो वह भूत किसी ओझा से उतरवा लीजिए। सीधे-सीधे नौकरी करिए, जैसे अन्य सेक्टर की नौकरियाँ होती हैं। बाकी चापलूसी, चमचागिरी, दलाली, ब्लैकमेलिंग, मक्कारी करना हो तो पत्रकारिता बहुत बढ़िया पेशा बन चुका है। वैसे भी आज के दौर में सरकारी तंत्र की चरणवंदना करना ही सच्ची पत्रकारिता मानी जा रही है। बल्कि मैं तो कहता हूँ कि सभी सरकारी विभाग अपने यहाँ एक डेस्क बना दें, जहाँ पत्रकार अपना डे-प्लान भेजें। जब संबंधित विभाग स्टोरी अप्रूवल दे, तब कोई अपनी स्टोरी करे। बिना सरकारी अप्रूवल के की गई स्टोरी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानी जाए और पूरी तरह असत्य घोषित हो। विभागीय असाइनमेंट डेस्क का अफ़सर जिस स्टोरी को अप्रूवल देगा, वही सत्य मानी जाएगी। मसलन— असाइनमेंट डेस्क — PWD असाइनमेंट डेस्क — आवास विकास असाइनमेंट डेस्क — बिजली विभाग इससे सरकार को यह लाभ होगा कि राजवीर जैसे लोग “चोर को चोर” नहीं कह पाएँगे। बेईमान आराम से ईमानदार के साथ चोरी का काम कर पाएगा। जिसेस सच के लिखने के लिये अपनी कलम चलाने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ मुकदमा भी नहीं लिखा जायेगा।
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    तेरा निज़ाम है सिल दे ज़बान-ए-शायर को
ये एहतियात ज़रूरी है इस बहार के लिए
वीडियो में पत्रकार साथी राजवीर जी हैं, बेहद सुलझे हुए समझदार व्यक्ति हैं। इनको लंबे अरसे से मैं जानता हूँ, इसलिए यक़ीन के साथ कह सकता हूँ—ये ख़बर दिखाने या किसी भी मसले में भागमभाग से ख़ुद को दूर रखते हैं। ये उन लोगों में से हैं जो कई बार सब सच जानते हुए भी अगर दस्तावेज़ या तथ्य न हों तो न ख़बर दिखाते हैं, न लिखते हैं। अगर सब सबूत हों, तो सच कहने से बचते भी नहीं हैं।
मगर आज के दौर में सच को सच कहने की बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ रही है।
मेरा मानना है—बिना क़ानूनी पचड़े में पड़े ख़ुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो “चोर को साव और साहब” कहने की आदत डालनी होगी। अब चोर को चोर तभी कह सकते हैं जब कोई सरकारी संस्था किसी की चोरी पकड़े या साबित करे (विजिलेंस जैसे विभाग)। हालाँकि सनद रहे कि चोरी पकड़ने वाले भी सरकारी कर्मचारी ही होते हैं।
राजवीर बाबू ने चोर को चोर कहने का अपराध तो कर दिया है, फिर तो इनके ख़िलाफ़ बिल्कुल सही FIR हुई है।
राजवीर कोई सरकारी संस्था या कर्मचारी तो हैं नहीं जो चोर को चोर कहें। होंगे इनके पास सही और पर्याप्त दस्तावेज़, होगी उसमें कुछ सच्चाई, मगर इन्होंने सही बात किस हैसियत से कह दी—जो कुछ ईमानदार टाइप के बेईमानों के गले नहीं उतरी।
करोड़ों के विज्ञापन पाने वाले संस्थानों के मालिक (पत्रकार नहीं) चरण-चाटन के चलते सच के आसपास भी चले जाएँ तो बदहज़मी हो जाती है।
बहरहाल, अगर आपको बतौर पत्रकार सच कहने और दिखाने का भूत सवार है, तो वह भूत किसी ओझा से उतरवा लीजिए। सीधे-सीधे नौकरी करिए, जैसे अन्य सेक्टर की नौकरियाँ होती हैं।
बाकी चापलूसी, चमचागिरी, दलाली, ब्लैकमेलिंग, मक्कारी करना हो तो पत्रकारिता बहुत बढ़िया पेशा बन चुका है। वैसे भी आज के दौर में सरकारी तंत्र की चरणवंदना करना ही सच्ची पत्रकारिता मानी जा रही है।
बल्कि मैं तो कहता हूँ कि सभी सरकारी विभाग अपने यहाँ एक डेस्क बना दें, जहाँ पत्रकार अपना डे-प्लान भेजें। जब संबंधित विभाग स्टोरी अप्रूवल दे, तब कोई अपनी स्टोरी करे। बिना सरकारी अप्रूवल के की गई स्टोरी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानी जाए और पूरी तरह असत्य घोषित हो। विभागीय असाइनमेंट डेस्क का अफ़सर जिस स्टोरी को अप्रूवल देगा, वही सत्य मानी जाएगी।
मसलन—
असाइनमेंट डेस्क — PWD
असाइनमेंट डेस्क — आवास विकास
असाइनमेंट डेस्क — बिजली विभाग
इससे सरकार को यह लाभ होगा कि राजवीर जैसे लोग “चोर को चोर” नहीं कह पाएँगे। बेईमान आराम से ईमानदार के साथ चोरी का काम कर पाएगा।
जिसेस सच के लिखने के लिये अपनी कलम चलाने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ मुकदमा भी नहीं लिखा जायेगा।
    user_AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    Journalist Prayagraj, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • नई पहल...एसपी ने फरियादियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु किया ऑनलाइन संवाद ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू/ वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS बलराम साहू कौशांबी...जनपद कौशाम्बी में फरियादियों की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा एक अभिनव एवं सराहनीय पहल की जा रही है।इसी क्रम में जनपद के विभिन्न थानों पर उपस्थित फरियादियों की शिकायतों एवं समस्याओं के संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों से ऑनलाइन माध्यम से संवाद स्थापित किया जा रहा है।इस ऑनलाइन संवाद के दौरान फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है तथा प्रत्येक प्रकरण का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण नियमानुसार हो तथा फरियादियों को अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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    नई पहल...एसपी ने फरियादियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु किया ऑनलाइन संवाद
ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू/ वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS बलराम साहू 
कौशांबी...जनपद कौशाम्बी में फरियादियों की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा एक अभिनव एवं सराहनीय पहल की जा रही है।इसी क्रम में जनपद के विभिन्न थानों पर उपस्थित फरियादियों की शिकायतों एवं समस्याओं के संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों से ऑनलाइन माध्यम से संवाद स्थापित किया जा रहा है।इस ऑनलाइन संवाद के दौरान फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है तथा प्रत्येक प्रकरण का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण नियमानुसार हो तथा फरियादियों को अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
    user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    Reporter Manjhanpur, Kaushambi•
    5 hrs ago
  • 48 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल अब राजू कलाकार को कर रहा है कॉपी ▶️
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    48 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल अब राजू कलाकार को कर रहा है कॉपी ▶️
    user_Sindhu Devi
    Sindhu Devi
    Journalist Allahabad, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • मऊ जिले में एक साड़ी फर्म में बड़े पैमाने पर चोरी का मामला सामने आया है। फर्म में 8 हजार रुपये वेतन पर काम करने वाला सेल्समैन नसीम कोठा विदेश जाकर अय्याशी करता था। आरोप है कि उसने फर्म से चोरी कर करोड़ों की जमीन, मकान और बैंक बैलेंस खड़ा किया। फर्म मालिक की शिकायत पर जब जांच हुई तो चोरी की रकम कई करोड़ रुपये तक पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नसीम कोठा और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच जारी है। #Mau #CrimeNews #UPPolice #FinancialFraud #breakingnews
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    मऊ जिले में एक साड़ी फर्म में बड़े पैमाने पर चोरी का मामला सामने आया है। फर्म में 8 हजार रुपये वेतन पर काम करने वाला सेल्समैन नसीम कोठा विदेश जाकर अय्याशी करता था। आरोप है कि उसने फर्म से चोरी कर करोड़ों की जमीन, मकान और बैंक बैलेंस खड़ा किया। फर्म मालिक की शिकायत पर जब जांच हुई तो चोरी की रकम कई करोड़ रुपये तक पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नसीम कोठा और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच जारी है।
#Mau #CrimeNews #UPPolice #FinancialFraud #breakingnews
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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