सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र की जांच पर हाईकोर्ट सख्त, 90 दिनों में जांच के निर्देश सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता श्री बिहारीलाल तिर्की द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति, रायगढ़ को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक श्री टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र के जारी होने की प्रक्रिया प्रारंभ से ही संदेह के घेरे में रही है। उक्त प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी, लैलूंगा कार्यालय द्वारा दिनांक 19 सितंबर 2023 को जारी किया गया था। इसके विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को जिला स्तरीय छानबीन समिति, रायगढ़ के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में त्वरित कार्यवाही न होने पर शिकायतकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका क्रमांक 4587/2023 प्रस्तुत की गई थी, जिस पर न्यायालय ने जिला स्तरीय समिति को विधि अनुसार जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लगभग दो वर्षों तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने पर पुनः रिट याचिका क्रमांक 1466/2026 दायर की गई। उक्त प्रकरण में अधिवक्ता श्री अनुराग सिंह द्वारा पक्ष रखा गया, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 02 अप्रैल 2026 को आदेश पारित करते हुए समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य ऐसे हैं जिन्हें वर्तमान में सार्वजनिक करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे जांच की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। स्थानीय युवा अधिवक्ता ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग इस पूरे प्रकरण में दस्तावेजों के संकलन एवं अन्य गतिविधियों में सीतापुर के युवा अधिवक्ता श्री ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग रहा है। उन्होंने एक जागरूक नागरिक के रूप में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए निरंतर सहयोग प्रदान किया है। न्यायपालिका पर बढ़ा विश्वास माननीय उच्च न्यायालय के इस आदेश से आम जनता का न्यायपालिका के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है। यह आदेश दर्शाता है कि न्यायपालिका संविधान की रक्षक के रूप में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। आज संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर यह जानकारी जनहित में आम नागरिकों तक प्रेषित की जा रही है।
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र की जांच पर हाईकोर्ट सख्त, 90 दिनों में जांच के निर्देश सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता श्री बिहारीलाल तिर्की द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति, रायगढ़ को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक श्री टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र के जारी होने की प्रक्रिया प्रारंभ से ही संदेह के घेरे में रही है। उक्त प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी, लैलूंगा कार्यालय द्वारा दिनांक 19 सितंबर 2023 को जारी किया गया था। इसके विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को जिला स्तरीय छानबीन समिति, रायगढ़ के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में त्वरित कार्यवाही न होने पर शिकायतकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका क्रमांक 4587/2023 प्रस्तुत की गई थी, जिस पर न्यायालय ने जिला स्तरीय समिति को विधि अनुसार जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लगभग दो वर्षों तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने पर पुनः रिट याचिका क्रमांक 1466/2026 दायर की गई। उक्त प्रकरण में अधिवक्ता श्री अनुराग सिंह द्वारा पक्ष रखा गया, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 02 अप्रैल 2026 को आदेश पारित करते हुए समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य ऐसे हैं जिन्हें वर्तमान में सार्वजनिक करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे जांच की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। स्थानीय युवा अधिवक्ता ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग इस पूरे प्रकरण में दस्तावेजों के संकलन एवं अन्य गतिविधियों में सीतापुर के युवा अधिवक्ता श्री ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग रहा है। उन्होंने एक जागरूक नागरिक के रूप में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए निरंतर सहयोग प्रदान किया है। न्यायपालिका पर बढ़ा विश्वास माननीय उच्च न्यायालय के इस आदेश से आम जनता का न्यायपालिका के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है। यह आदेश दर्शाता है कि न्यायपालिका संविधान की रक्षक के रूप में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। आज संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर यह जानकारी जनहित में आम नागरिकों तक प्रेषित की जा रही है।
- सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र की जांच पर हाईकोर्ट सख्त, 90 दिनों में जांच के निर्देश सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता श्री बिहारीलाल तिर्की द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति, रायगढ़ को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक श्री टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र के जारी होने की प्रक्रिया प्रारंभ से ही संदेह के घेरे में रही है। उक्त प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी, लैलूंगा कार्यालय द्वारा दिनांक 19 सितंबर 2023 को जारी किया गया था। इसके विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को जिला स्तरीय छानबीन समिति, रायगढ़ के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में त्वरित कार्यवाही न होने पर शिकायतकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका क्रमांक 4587/2023 प्रस्तुत की गई थी, जिस पर न्यायालय ने जिला स्तरीय समिति को विधि अनुसार जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लगभग दो वर्षों तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने पर पुनः रिट याचिका क्रमांक 1466/2026 दायर की गई। उक्त प्रकरण में अधिवक्ता श्री अनुराग सिंह द्वारा पक्ष रखा गया, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 02 अप्रैल 2026 को आदेश पारित करते हुए समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य ऐसे हैं जिन्हें वर्तमान में सार्वजनिक करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे जांच की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। स्थानीय युवा अधिवक्ता ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग इस पूरे प्रकरण में दस्तावेजों के संकलन एवं अन्य गतिविधियों में सीतापुर के युवा अधिवक्ता श्री ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग रहा है। उन्होंने एक जागरूक नागरिक के रूप में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए निरंतर सहयोग प्रदान किया है। न्यायपालिका पर बढ़ा विश्वास माननीय उच्च न्यायालय के इस आदेश से आम जनता का न्यायपालिका के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है। यह आदेश दर्शाता है कि न्यायपालिका संविधान की रक्षक के रूप में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। आज संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर यह जानकारी जनहित में आम नागरिकों तक प्रेषित की जा रही है।1
- Post by हमर जशपुर1
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- सरगुजा, 14 अप्रैल 2026। जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया द्वारा थाना लखनपुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया कि 12 अप्रैल 2026 को गोरता निवासी अभिषेक दास ने उसके घर में घुसकर उसकी नाबालिग पुत्री को प्रेम का झांसा देकर जबरन दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 99/26 के तहत धारा 65(1), 332 बी.एन.एस. एवं पोक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा प्रार्थिया एवं पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। तत्पश्चात आरोपी की तलाश कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी अभिषेक दास (19 वर्ष), पिता संजू दास, निवासी गोरता ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।2
- Post by Arvind tirkey1
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- *हिंडाल्को कंपनी द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइट सिस्टम बंद, हिंडाल्को के अधिकारी जिम्मेदारी से बचते नजर आए1
- सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र की जांच पर हाईकोर्ट सख्त, 90 दिनों में जांच के निर्देश सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता श्री बिहारीलाल तिर्की द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति, रायगढ़ को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक श्री टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र के जारी होने की प्रक्रिया प्रारंभ से ही संदेह के घेरे में रही है। उक्त प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी, लैलूंगा कार्यालय द्वारा दिनांक 19 सितंबर 2023 को जारी किया गया था। इसके विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को जिला स्तरीय छानबीन समिति, रायगढ़ के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में त्वरित कार्यवाही न होने पर शिकायतकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका क्रमांक 4587/2023 प्रस्तुत की गई थी, जिस पर न्यायालय ने जिला स्तरीय समिति को विधि अनुसार जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लगभग दो वर्षों तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने पर पुनः रिट याचिका क्रमांक 1466/2026 दायर की गई। उक्त प्रकरण में अधिवक्ता श्री अनुराग सिंह द्वारा पक्ष रखा गया, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 02 अप्रैल 2026 को आदेश पारित करते हुए समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य ऐसे हैं जिन्हें वर्तमान में सार्वजनिक करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे जांच की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। स्थानीय युवा अधिवक्ता ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग इस पूरे प्रकरण में दस्तावेजों के संकलन एवं अन्य गतिविधियों में सीतापुर के युवा अधिवक्ता श्री ऋषिराज सिंह का विशेष सहयोग रहा है। उन्होंने एक जागरूक नागरिक के रूप में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए निरंतर सहयोग प्रदान किया है। न्यायपालिका पर बढ़ा विश्वास माननीय उच्च न्यायालय के इस आदेश से आम जनता का न्यायपालिका के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है। यह आदेश दर्शाता है कि न्यायपालिका संविधान की रक्षक के रूप में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। आज संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर यह जानकारी जनहित में आम नागरिकों तक प्रेषित की जा रही है।1