आज बाराबंकी के टिकैतनगर नगर पंचायत में भगवान भोलेनाथ के मंदिर में नंदी बाबा की मूर्ति को वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। इस भव्य स्थापना कार्यक्रम को लेकर पूरे नगर में भक्तिमय माहौल छाया रहा, जहाँ हर तरफ उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। नंदी बाबा की स्थापना से पहले, गाजे-बाजे और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ नगर के चारों फाटक पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा टिकैतनगर शिवमय हो उठा। इसके बाद, मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नंदी बाबा को विधिवत स्थापित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में मंदिर संयोजक गया प्रसाद, रमाकांत बाबू भैया, मंगल, रजत समेत लखनऊ से आए कसौधन समाज के अध्यक्ष जवाहरलाल गुप्ता, दिवाकर गुप्ता, सज्जू गुप्ता, पिंटू, गोलू, बच्चा, नाना, शुभम, सत्यम, राजा और कसौधन परिवार के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए ब्राह्मणों को भोजन कराया गया और दान-दक्षिणा भी दी गई। कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरे नगर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
आज बाराबंकी के टिकैतनगर नगर पंचायत में भगवान भोलेनाथ के मंदिर में नंदी बाबा की मूर्ति को वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। इस भव्य स्थापना कार्यक्रम को लेकर पूरे नगर में भक्तिमय माहौल छाया रहा, जहाँ हर तरफ उत्साह और श्रद्धा का वातावरण
देखने को मिला। नंदी बाबा की स्थापना से पहले, गाजे-बाजे और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ नगर के चारों फाटक पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा टिकैतनगर शिवमय हो उठा। इसके बाद, मंदिर परिसर में
विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नंदी बाबा को विधिवत स्थापित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में मंदिर संयोजक गया प्रसाद, रमाकांत बाबू भैया, मंगल, रजत समेत लखनऊ से आए कसौधन समाज के अध्यक्ष जवाहरलाल गुप्ता, दिवाकर गुप्ता, सज्जू गुप्ता, पिंटू, गोलू, बच्चा, नाना, शुभम, सत्यम, राजा
और कसौधन परिवार के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए ब्राह्मणों को भोजन कराया गया और दान-दक्षिणा भी दी गई। कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरे नगर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
- एक व्यक्ति ने यह भाव व्यक्त किया है कि जब तक जीवन मिला है, वे उसे जी रहे हैं और अपना काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य को लेकर आशा जताई है कि कम से कम 2 लाख रुपये का लक्ष्य पूरा होना चाहिए।1
- बाराबंकी शहर के व्यस्त धनोखर चौराहे पर मंगलवार को ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल के अवसर पर अखिल भारतीय मंगला मुखी किन्नर समाज पीरबटावन किन्नर समाज द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसने एक अनोखा और भावुक दृश्य प्रस्तुत किया। समाज में प्रायः अलग नजरिए से देखे जाने वाले किन्नर समुदाय ने इस आयोजन के माध्यम से सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। इस भंडारे की अगुवाई गुरु हीरा किन्नर ने की, जिनके साथ प्रियंका चेला, प्रीत चेला और सानिया पोती चेला जैसे अन्य किन्नर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करते दिखे। भंडारा शुरू होने से पहले, सभी किन्नरों ने विधि-विधान से भगवान बजरंगबली की पूजा-अर्चना की और समाज में सुख-शांति व भाईचारे की कामना की। पूजा के उपरांत शुरू हुए भंडारे में राहगीरों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें उमड़ पड़ीं। लोगों ने बड़े उत्साह और सम्मान के साथ प्रसाद ग्रहण किया। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किन्नर समाज द्वारा इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन का महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। आमतौर पर ताली बजाकर आशीर्वाद देने वाले किन्नर समुदाय का यह सेवा भाव लोगों के बीच गहरी चर्चा का विषय बन गया। धनोखर चौराहे पर देर तक भक्ति, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन केवल एक भंडारा मात्र नहीं था, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी था कि आस्था और इंसानियत में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होता। इस कार्यक्रम के माध्यम से किन्नर समाज ने सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिखी।1
- सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर थाना से मात्र 100 मीटर की दूरी पर गोला हाईवे के फरर्कपुर चौराहे पर एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क पर पड़ी हुई है। उसे हटाने की कोशिशें भी नाकाम रहीं और वह अपनी जगह से नहीं हटी। इस दौरान गाड़ियों का आवागमन लगातार जारी है, जिससे किसी बड़ी घटना के घटने की आशंका बढ़ गई है।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित बटपुरवा मोज़ा परशा गोंडारी गाँव, जिसका पोस्ट बी.बी. सिंह है और पिनकोड 271126 है, वहाँ एक ट्रांसफार्मर का उल्लेख किया गया है।1
- बाराबंकी जिले के मसौली क्षेत्र में स्थित गोंडा-बहराइच हाईवे पर शाहवपुर टोल प्लाजा पर कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (राजनीतिक) ने टोल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने जिलाधिकारी और टोल प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 3 जून तक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 4 जून से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष रामू वर्मा (रामनगर) और ब्लॉक महामंत्री अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से आरोप लगाया गया है कि टोल प्लाजा परिसर में गाटा संख्या 2206वा ख वा रकबा 0.1010 हेक्टेयर की श्रेणी-6 जलमग्न भूमि (तालाब) पर अवैध कब्जा कर टोल कार्यालय का निर्माण किया गया है। संगठन ने इसे प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए इसकी जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने टोल प्लाजा पर शौचालयों के अक्सर बंद रहने से यात्रियों को होने वाली परेशानी, सर्विस रोड को क्षेत्रीय लोगों और एंबुलेंस के लिए खुलवाने की मांग, धर्म कांटे के अक्सर खराब रहने से प्रभावित होने वाली पारदर्शी माप-तौल, और आपातकालीन सेवाओं के तहत उपलब्ध रहने वाली एंबुलेंस तथा क्रेन की कई बार अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया है। संगठन ने टोल कर्मियों द्वारा यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से अभद्र व्यवहार की घटनाओं पर रोक लगाने की भी मांग की है। इस मौके पर प्रदीप दीक्षित (मसौली ब्लॉक महामंत्री), अमित कुमार, शुभम वर्मा (मंडल सचिव अयोध्या), श्रवण कुमार एडवोकेट, पुष्पेंद्र वर्मा एडवोकेट सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और टोल व्यवस्था को पारदर्शी व सुचारू नहीं किया गया, तो होने वाले धरना-प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।2
- जनपद बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर ब्लॉक व तहसील अंतर्गत परसा कल्लीपुरवा गांव में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के अवसर पर एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। यह भंडारा चौहान जनसेवा केंद्र के संचालक राहुल चौहान द्वारा ग्रामीणों के सहयोग से संपन्न कराया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने पूड़ी-सब्जी, हलवा और बूंदी का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान शीतल जल का भी वितरण किया गया। आयोजक राहुल चौहान ने बताया कि उनकी रुचि बचपन से ही धार्मिक कार्यों, सामाजिक कार्यों और समाज सेवा में रही है, और वे हमेशा ऐसे कार्यों में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे पिछले कई वर्षों से ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार को ग्रामीणों के सहयोग से इसी प्रकार विशाल भंडारों का आयोजन करते आ रहे हैं। राहुल चौहान ने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भगवान महावीर की कृपा बनी रही तो वे भविष्य में भी निरंतर समाज सेवा करते रहेंगे और ऐसे भंडारों का आयोजन कराते रहेंगे। इस अवसर पर अमरनाथ चौहान, नीरज चौहान, अरुण चौहान, अभिषेक चौहान, सोनू चौहान, सिकंदर चौहान, विकास चौहान, सुब राज, अमन सोनकर, भागीरथ मिश्री, सोनू यादव, बबलू यादव, नन्हे लाल एल आई सी, डॉक्टर मुकेश चौहान, राम लोटन चौहान सहित समस्त चौहान परिवार और ग्रामवासी गण उपस्थित रहे।2
- एक व्यक्ति ने बताया है कि वह सूरत शहर में रहकर मेहनत करता है। वह अपनी कमाई को अपने भाई के पास भेजता है।1
- बाराबंकी में एक इनोवा कार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हुए पीछे से एक ट्रेलर में जा घुसी।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कस्बा बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर गंभीर लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहाँ इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और मरीज तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। मृतक फकीर मोहम्मद पुत्र अशरफ अली, निवासी बड़ागांव, की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी बड़ागांव लेकर पहुँचे। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुँचने के बाद करीब आधे घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। वे बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल स्टाफ की बेरुखी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण इलाज शुरू ही नहीं हो सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो फकीर मोहम्मद की जान बच सकती थी। इलाज के अभाव में तड़पते हुए मरीज ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ पर लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वजह से मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, सीएचसी बड़ागांव में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाएं अब आम बात हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है, क्योंकि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं सरकारी अस्पतालों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।1