रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन, 60 छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण झालावाड़। पीजी कॉलेज, झालावाड़ में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर के चार सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान 60 छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के विभिन्न तरीके सिखाए गए।समापन कार्यक्रम प्राचार्य आर.के. मीना की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। पुलिस विभाग से आई मास्टर ट्रेनर रचना चौधरी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न दांव-पेंचों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए।महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अलका बागला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं से कहा कि वे अपना लक्ष्य निर्धारित करें और किसी भी परिस्थिति में हिम्मत न हारें। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां आगे बढ़ रही हैं, जो महिला शक्ति के लिए सकारात्मक संदेश है।मुख्य वक्ता राहुल चौधरी ने आत्मरक्षा के साथ सतर्कता, साहस और आत्मविश्वास के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को वास्तविक जीवन में आने वाली परिस्थितियों के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की रक्षा के लिए तैयार रहने की जानकारी दी। वक्ताओं ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की सराहना करते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संचालन सोनू खंडेलवाल ने किया, जबकि डॉ. प्रमिला शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. सुमन खींची, रेणु मीणा, प्रियंका गर्ग, प्रियंका शर्मा, मनीषा मीणा, अर्चना मीणा सहित महाविद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। मुसीबत में घबराएं नहीं, सतर्कता से करें बचाव मास्टर ट्रेनर रचना चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को कई महत्वपूर्ण आत्मरक्षा तकनीकें प्रैक्टिकल के माध्यम से सिखाई गईं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पीछा कर परेशान करता है तो छात्राओं को घबराने के बजाय हिम्मत और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल कर स्वयं को बचाने के साथ जोर से आवाज लगाकर आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगनी चाहिए।प्रशिक्षण के दौरान पंच, किक सहित विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास कराया गया। छात्राओं को यह भी समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले सुरक्षित स्थान की ओर जाने और आसपास के लोगों से सहायता लेने का प्रयास करें।
रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन, 60 छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण झालावाड़। पीजी कॉलेज, झालावाड़ में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर के चार सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान 60 छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के विभिन्न तरीके सिखाए गए।समापन कार्यक्रम प्राचार्य आर.के. मीना की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। पुलिस विभाग से आई मास्टर ट्रेनर रचना चौधरी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न दांव-पेंचों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए।महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अलका बागला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं से कहा कि वे अपना लक्ष्य निर्धारित करें और किसी भी परिस्थिति में हिम्मत न हारें। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां आगे बढ़ रही हैं, जो महिला शक्ति के लिए सकारात्मक संदेश है।मुख्य वक्ता राहुल चौधरी ने आत्मरक्षा के साथ सतर्कता, साहस और आत्मविश्वास के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को वास्तविक जीवन में आने वाली परिस्थितियों के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की रक्षा के लिए तैयार रहने की जानकारी दी। वक्ताओं ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की सराहना करते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संचालन सोनू खंडेलवाल ने किया, जबकि डॉ. प्रमिला शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. सुमन खींची, रेणु मीणा, प्रियंका गर्ग, प्रियंका शर्मा, मनीषा मीणा, अर्चना मीणा सहित महाविद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। मुसीबत में घबराएं नहीं, सतर्कता से करें बचाव मास्टर ट्रेनर रचना चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को कई महत्वपूर्ण आत्मरक्षा तकनीकें प्रैक्टिकल के माध्यम से सिखाई गईं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पीछा कर परेशान करता है तो छात्राओं को घबराने के बजाय हिम्मत और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल कर स्वयं को बचाने के साथ जोर से आवाज लगाकर आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगनी चाहिए।प्रशिक्षण के दौरान पंच, किक सहित विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास कराया गया। छात्राओं को यह भी समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले सुरक्षित स्थान की ओर जाने और आसपास के लोगों से सहायता लेने का प्रयास करें।
- रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन, 60 छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण झालावाड़। पीजी कॉलेज, झालावाड़ में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर के चार सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान 60 छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के विभिन्न तरीके सिखाए गए।समापन कार्यक्रम प्राचार्य आर.के. मीना की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। पुलिस विभाग से आई मास्टर ट्रेनर रचना चौधरी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न दांव-पेंचों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए।महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अलका बागला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं से कहा कि वे अपना लक्ष्य निर्धारित करें और किसी भी परिस्थिति में हिम्मत न हारें। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां आगे बढ़ रही हैं, जो महिला शक्ति के लिए सकारात्मक संदेश है।मुख्य वक्ता राहुल चौधरी ने आत्मरक्षा के साथ सतर्कता, साहस और आत्मविश्वास के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को वास्तविक जीवन में आने वाली परिस्थितियों के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की रक्षा के लिए तैयार रहने की जानकारी दी। वक्ताओं ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की सराहना करते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संचालन सोनू खंडेलवाल ने किया, जबकि डॉ. प्रमिला शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. सुमन खींची, रेणु मीणा, प्रियंका गर्ग, प्रियंका शर्मा, मनीषा मीणा, अर्चना मीणा सहित महाविद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।2
- रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन, 60 छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण झालावाड़। पीजी कॉलेज, झालावाड़ में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर के चार सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान 60 छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के विभिन्न तरीके सिखाए गए।समापन कार्यक्रम प्राचार्य आर.के. मीना की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। पुलिस विभाग से आई मास्टर ट्रेनर रचना चौधरी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न दांव-पेंचों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए।महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अलका बागला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं से कहा कि वे अपना लक्ष्य निर्धारित करें और किसी भी परिस्थिति में हिम्मत न हारें। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां आगे बढ़ रही हैं, जो महिला शक्ति के लिए सकारात्मक संदेश है।मुख्य वक्ता राहुल चौधरी ने आत्मरक्षा के साथ सतर्कता, साहस और आत्मविश्वास के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को वास्तविक जीवन में आने वाली परिस्थितियों के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की रक्षा के लिए तैयार रहने की जानकारी दी। वक्ताओं ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की सराहना करते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संचालन सोनू खंडेलवाल ने किया, जबकि डॉ. प्रमिला शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. सुमन खींची, रेणु मीणा, प्रियंका गर्ग, प्रियंका शर्मा, मनीषा मीणा, अर्चना मीणा सहित महाविद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। मुसीबत में घबराएं नहीं, सतर्कता से करें बचाव मास्टर ट्रेनर रचना चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को कई महत्वपूर्ण आत्मरक्षा तकनीकें प्रैक्टिकल के माध्यम से सिखाई गईं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पीछा कर परेशान करता है तो छात्राओं को घबराने के बजाय हिम्मत और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल कर स्वयं को बचाने के साथ जोर से आवाज लगाकर आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगनी चाहिए।प्रशिक्षण के दौरान पंच, किक सहित विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास कराया गया। छात्राओं को यह भी समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले सुरक्षित स्थान की ओर जाने और आसपास के लोगों से सहायता लेने का प्रयास करें।1
- *तीन अलग-अलग स्थानों पर सांपों का रेस्क्यू, सर्पमित्र पवन वैष्णव ने बचाई लोगों की जान* *6 फीट कोबरा से लेकर 8-9 फीट लंबे रेड स्नेक तक का किया सुरक्षित रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा* रामगंजमंडी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर घरों में सांप निकलने की तीन घटनाओं में सर्पमित्र पवन वैष्णव ने मौके पर पहुंचकर सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। तीनों मामलों में सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। गोवर्धनपुरा में 6 फीट के कोबरा का रेस्क्यू रामगंजमंडी से करीब एक किलोमीटर दूर गोवर्धनपुरा गांव में एक घर में करीब 6 फीट लंबा कोबरा सांप दिखाई दिया। पूर्व पार्षद कालूराम धाकड़ की सूचना पर सर्पमित्र पवन वैष्णव मौके पर पहुंचे। करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया। इंदरगढ़ मोहल्ले में बर्तन मांज रही बच्चियों के पीछे निकला सांप वार्ड नंबर 20, इंदरगढ़ मोहल्ला स्थित बृजमोहन के मकान में बच्चियां बर्तन मांज रही थीं। इसी दौरान उनके पीछे से करीब 5 फीट लंबा रेड स्नेक (दमन सांप) निकलकर बर्तनों के बीच चला गया। बच्चियों ने घबराकर अपने पिता को सूचना दी। इसके बाद बृजमोहन ने पवन वैष्णव को फोन किया। मौके पर पहुंचे पवन वैष्णव ने करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। सातलखेड़ी में बच्ची के पीछे से निकला 8-9 फीट लंबा सांप वहीं सातलखेड़ी के वार्ड नंबर 30 में बीरम मेघवाल के घर पर बच्ची कपड़े धो रही थी। उसके माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। इसी दौरान बच्ची के पीछे से करीब 8-9 फीट लंबा सांप निकल आया। डर के कारण बच्ची घर से बाहर भागी और इंस्टाग्राम के माध्यम से पवन वैष्णव की जानकारी लेकर उन्हें फोन किया। सूचना मिलते ही पवन वैष्णव मौके पर पहुंचे और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सांप का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे जंगल के प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित छोड़ दिया गया। पवन वैष्णव की अपील सर्पमित्र पवन वैष्णव ने लोगों से अपील की कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे मारने का प्रयास न करें। सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, उस पर नजर रखें और तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचना दें। सर्पमित्र पवन वैष्णव संपर्क नंबर: 96605174444
- सरकार हॉस्पिटल की हालत 2बजे से पहले ही स्टाफ गायब होना शुरू सरकार हॉस्पिटल की हालत 2बजे से पहले ही स्टाफ गायब होना शुरू पर्ची काटने वालो के तो तेवर ही अलग है ज्यादा दादागिरी करने पर उतारू हो जाते है सोनोग्राफी के लिए लोग तारीख लेकर इंतज़ार करने को मजबूर1
- खानपुर मंडी में हम्माल मजदूरों ने सौंपा ज्ञापन, हम्माली दर बढ़ाने और मूलभूत सुविधाओं की मांग खानपुर मंडी में हम्माल मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंडी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मजदूरों ने हम्माली की दर बढ़ाने के साथ मंडी परिसर में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उन्हें मिलने वाली हम्माली दर पर्याप्त नहीं है, जिससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। मजदूरों ने मंडी में पेयजल, छाया, स्वच्छता सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो हम्माल मजदूर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- संत रामपाल जी महाराज गरीबों की बहुत सेवा कर रहे अन्नपूर्णा मुहिम चला रखी है1
- अनंत चतुर्दशी पर मंगलसूत्र लूट का पुलिस ने किया खुलासा, 48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार अनंत चतुर्दशी पर मंगलसूत्र लूट का पुलिस ने किया खुलासा, 48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार छीपाबडौद - छीपाबड़ौद पुलिस ने की कार्यवाही अनंत चतुर्दशी के दिन हुई मंगलसूत्र लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मात्र 48 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी से घटनास्थल की तस्दीक कराई और मुख्य बाजार में उसका जुलूस निकाला। थाना अधिकारी *गंभीर सिंह* ने कहा कि आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय के तहत कार्रवाई की गई है। अपराधियों को किसी भी हाल में बक्सा नहीं जाएगा। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। Jitendra Kushwah Mob. 89699996274
- झालावाड़ पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कार्यकर्ताओं को बताया सबसे बड़ी ताकत झालावाड़। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवाद कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्हें मोतियों से भी ज्यादा अनमोल बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता समाज सेवा का भाव लेकर पार्टी से जुड़ते हैं और संगठन के लिए अपने निजी कार्यों तक को पीछे छोड़ देते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आगामी पंचायत चुनावों की तैयारी में पूरी शिद्दत से जुटने का आह्वान करते हुए पंचायत समिति और जिला प्रमुख के पदों पर पार्टी के प्रतिनिधियों को जिताने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी राजनीति की शुरुआत युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में हुई थी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने संगठन में काम किया है और वे कार्यकर्ताओं की मेहनत, संघर्ष तथा उनकी भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में आने वाला प्रत्येक कार्यकर्ता समाज सेवा का उद्देश्य लेकर आता है, कोई शर्त रखकर संगठन से नहीं जुड़ता। ### कार्यकर्ताओं के सम्मान और उनके काम पर दिया जोर मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा बताए जाने वाले विकास कार्यों को पूरा करने में सरकार की ओर से कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के काम हर हाल में होने चाहिए। यदि कोई कार्यकर्ता निराश होकर लौटता है तो यह ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करता है। कई बार वह संगठन की जिम्मेदारी निभाने के लिए अपने घर-परिवार के काम भी छोड़ देता है। ऐसे में कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक विधायक ने उनसे जो मांग की, उसे पूरा करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र में विधायक कोष के तहत पांच करोड़ रुपये के स्थान पर 28 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यों के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। ### पंचायत चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को दिया लक्ष्य मुख्यमंत्री ने आगामी पंचायत चुनावों को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में जीत हासिल करना जरूरी है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठन ही आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के लिए आधार तैयार करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचकर संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने तथा जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से पंचायत समिति और जिला प्रमुख बनाने का वादा लेते हुए चुनावों में पूरी ताकत के साथ जुटने का संदेश दिया।2