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बनीपारा स्थित बाणेश्वर मंदिर में दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ सुरक्षा में पुलिस बल तैनात आज सावन का दूसरा सोमवार है इसी के चलते रूरा थाना क्षेत्र के बनीपारा स्थित बाणेश्वर मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा और ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है।
Arvind sharma kanpur dehat
बनीपारा स्थित बाणेश्वर मंदिर में दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ सुरक्षा में पुलिस बल तैनात आज सावन का दूसरा सोमवार है इसी के चलते रूरा थाना क्षेत्र के बनीपारा स्थित बाणेश्वर मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा और ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है।
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- सरवन खेड़ा ब्लॉक क्षेत्र में ग्रामीणों में लहराया हर घर तिरंगा। सरवन खेड़ा ब्लॉक क्षेत्र में हर घर तिरंगे को लेकर दिखाई ग्रामीणों ने सशक्त देश प्रेम। शासन के निर्देश क्रम में आयोजित हर घर तिरंगा अभियान, खंड विकास अधिकारी सरवन खेड़ा के निर्देश अनुसार सहायक विकास अधिकारी( ग्राम विकास अधिकारी) विमल सचान के नेतृत्व में हर घर तिरंगे को लेकर आयोजित कार्यक्रम अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर में वंदे मातरम का गायन किया गया।इसके पश्चात ग्राम पंचायत लोदीपुर की गलियों में तिरंगे की रैली निकाली गई।आयोजित कार्यक्रम में शामिल रहे।अधिकारी गण ग्राम विकास अधिकारी अनिल यादव, संतोष पाल, प्रधान प्रतिनिधि दीपक, रोजगार सेवक संदीप बाबू, पंचायत सहायक दीपमाला, प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका,आरती खरे, एवं केयरटेकर बेबी, सूबेदार, अजय, सतीश कुमार, रानी देवी (आशा बहू) नरपत कुमार आदि प्राथमिक विद्यालय के बच्चे सहित सैकड़ो ग्रामीण रहे।सम्मिलित।4
- बच्चों की सुरक्षा एवं विद्यालय परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रबंधकों एवं प्रधानाचायो की बैठक संपन्न हुई आज दिनांक 10 अगस्त 2026 को "मिशन सेफ़ फ़्यूचर 2.0" के अंतर्गत तहसील अकबरपुर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में विकास खंड अकबरपुर एवं सरवनखेड़ा के प्राइवेट विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा एवं विद्यालय परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यो की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, भवन की स्थिति तथा विद्यालयीय वाहनों के सुरक्षित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपजिलाधिकारी महोदय राज कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विद्यालय में जर्जर भवन में शिक्षण कार्य न कराया जाए तथा कक्षाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। आरटीओ महोदय ने विद्यालयीय वाहनों की सुरक्षा के संबंध में कहा कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों का नियमानुसार पंजीकरण/पुनः पंजीकरण कराया जाए तथा एम-परिवहन (m-Parivahan) एप का प्रयोग स्कूली वाहन की फिटनेस एवं वैद्यता स्थिति की जाँच के लिए किया जाए। उन्होंने वाहन चालकों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण को भी अनिवार्य रूप से कराए जाने पर बल दिया, ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। क्षेत्राधिकारी (CO) अकबरपुर महोदय ने निर्देशित किया कि विद्यालयीय वाहन चालकों का चरित्र प्रमाण-पत्र अवश्य बनवाया जाए तथा चालक की पृष्ठभूमि का समुचित सत्यापन किया जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी विद्यालयीय वाहनों की ट्रैकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रत्येक बार वाहन के संचालन से पूर्व उसकी नियमित जाँच करने तथा ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने एवं नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने तथा उनके अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालयीय वाहनों में एक अटेंडेंट की अनिवार्यता पर भी ज़ोर दिया। साथ ही बच्चों को गुड टच एवं बैड टच के संबंध में जागरूक किए जाने की आवश्यकता बताई। ज़िला सड़क सुरक्षा नोडल सन्त कुमार दीक्षित ने विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति एवं रोड सेफ्टी क्लब के गठन की व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा संबंधी गतिविधियों, वाहन सुरक्षा एवं विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता को प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि विद्यालयीय बच्चों की सुरक्षित यात्रा एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों एवं विद्यालय प्रबंधन की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। सभी विद्यालयों को शासन एवं विभागीय निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि एस एन कटियार, ब्लॉक सड़क सुरक्षा नोडल अकबरपुर एवं सरवनखेड़ा महाराज सिंह तथा अंकित मिश्रा भी उपस्थित रहे।1
- savan ke doosre somwar ko devkli mandir auraiya me umdi bheed1
- बनीपारा स्थित बाणेश्वर मंदिर में दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ सुरक्षा में पुलिस बल तैनात आज सावन का दूसरा सोमवार है इसी के चलते रूरा थाना क्षेत्र के बनीपारा स्थित बाणेश्वर मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा और ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है।1
- छिरिया सलेमपुर में सरकारी निर्माण पर बड़ा सवाल—पहले 19.43 लाख खर्च, अब उसी मरघट की फोटो लगाकर फिर लाखों की धनराशि का प्रस्ताव; रकम फिलहाल पेंडिंग 19 लाख का मरघट, साल भर भी नहीं टिका और उसी की फोटो लगाकर फिर 24.50 लाख का खेल? जनपद जालौन के जालौन ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत छिरिया सलेमपुर में सरकारी धन से बनाए गए अंत्येष्टि स्थल की हालत और सरकारी रिकॉर्ड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मरघट के निर्माण पर करीब 19.43 लाख रुपये खर्च होना दर्ज है, उसमें निर्माण के कुछ ही समय बाद दरारें दिखाई दे रही हैं। सवाल यह है कि जब निर्माण अभी नया है और उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, तो उसी मरघट की तस्वीर लगाकर दोबारा लगभग 20 से 24.50 लाख रुपये की धनराशि के लिए रिकॉर्ड क्यों तैयार किया गया? पहले 19.43 लाख खर्च, अब उसी जगह फिर लाखों का प्रस्ताव! मेरी पंचायत पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार छिरिया सलेमपुर ग्राम पंचायत में अंत्येष्टि स्थल से जुड़े निर्माण कार्य में 19,43,879 रुपये का व्यय दर्ज है, जबकि अनुमानित लागत 20 लाख रुपये दिखाई गई है। कार्य को पूर्ण भी दर्शाया गया है। लेकिन मौके पर निर्माण की स्थिति देखकर गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लैंटर के नीचे की पट्टियों और निर्माण के कुछ हिस्सों में दरारें दिखाई दे रही हैं। यानी निर्माण पुराना होने की बात नहीं, बल्कि सवाल यह है कि साल भर भी पूरा नहीं हुआ और निर्माण में दरारें कैसे आ गईं? सबसे बड़ा सवाल—उसी मरघट की फोटो फिर क्यों? मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस मरघट का निर्माण पहले ही हो चुका है, उसी स्थान की फोटो लगाकर ग्राम पंचायत के ऑनलाइन रिकॉर्ड में फिर एक नए कार्य के लिए लगभग 20 से 24.50 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि दिखाई गई है। उपलब्ध स्क्रीनशॉट में दूसरे कार्य की अनुमानित लागत 24,50,000 रुपये, पंजीकरण की तारीख 28 जुलाई 2026 और व्यय ₹0 दर्ज है। कार्य वर्तमान में चल रहा/प्रस्तावित स्थिति में दिखाई दे रहा है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल इस नए कार्य की धनराशि खर्च होना रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा और रकम पेंडिंग स्थिति में है। यहीं से बड़ा सवाल पैदा होता है— जब उसी जगह पहले से करीब 19 लाख रुपये खर्च करके मरघट बनाया जा चुका है, तो फिर उसी मरघट की फोटो लगाकर दोबारा 20-24 लाख रुपये के नए कार्य का रिकॉर्ड क्यों तैयार किया गया? अगर समय रहते सवाल नहीं उठता तो...? आज अगर इस मामले पर सवाल नहीं उठाया जाता और रिकॉर्ड की पड़ताल नहीं की जाती, तो आशंका थी कि आने वाले दिनों में उसी स्थान पर दोबारा लाखों रुपये की धनराशि स्वीकृत या खर्च की दिशा में आगे बढ़ सकती थी। फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड में इस नए कार्य पर ₹0 व्यय दिखाई दे रहा है। इसलिए अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी धनराशि जारी होने से पहले ही पूरे मामले की जांच करें। क्या पहले से बने अंत्येष्टि स्थल की तकनीकी जांच हुई है? क्या पुराने कार्य की एमबी और भुगतान की जांच हुई? क्या नए प्रस्ताव में उसी पुराने निर्माण की फोटो इस्तेमाल की गई? क्या दोनों कार्यों का एस्टीमेट अलग-अलग है? और सबसे महत्वपूर्ण—जब पुराना निर्माण मौजूद है तो उसी स्थान पर फिर 24.50 लाख रुपये का नया काम आखिर किस आधार पर प्रस्तावित किया गया? जांच हुई तो खुल सकती है पूरी तस्वीर इस मामले में सीधे तौर पर किसी को दोषी ठहराने के बजाय जरूरी है कि प्रशासन रिकॉर्ड और मौके की संयुक्त जांच कराए। पुराने कार्य की एमबी, एस्टीमेट, भुगतान वाउचर, पूर्णता प्रमाणपत्र और नए कार्य के प्रस्ताव की तकनीकी फाइल की जांच की जाए। अगर जांच में सामने आता है कि एक ही निर्माण को अलग-अलग नाम या फोटो के जरिए दोबारा धनराशि लेने का प्रयास किया गया, तो यह बेहद गंभीर मामला होगा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के साथ सरकारी धन की सुरक्षा भी जरूरी होगी। जनता से सीधा सवाल 19 लाख रुपये में बना मरघट, साल भर भी नहीं हुआ और दरारें सामने आ गईं। अब उसी मरघट की फोटो लगाकर फिर करीब 20 से 24.50 लाख रुपये का काम रिकॉर्ड में दिखाई दे रहा है, जबकि फिलहाल खर्च ₹0 दर्ज है। आखिर एक ही मरघट पर बार-बार सरकारी धन क्यों? अगर समय रहते यह मामला सामने नहीं आता तो क्या आने वाले दिनों में फिर लाखों रुपये उसी जगह खर्च हो जाते? आपकी क्या राय है? क्या यह सिर्फ रिकॉर्ड की गलती है या इसके पीछे कोई बड़ा खेल हो सकता है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। कागजों में कुछ और, जमीन पर कुछ और—अब जांच बताएगी असली सच। #Jalaun #JalaunNews #ChhiriyaSalempur #GramPanchayat #JalaunBlock #GovernmentFund #PanchayatVibhag #PanchayatiRaj #BDOJalaun #DPROJalaun #CDOJalaun #DMJalaun #JalaunAdministration #GramPanchayatSecretary #GramPradhan #DevelopmentWork #GovernmentConstruction #Corruption #Accountability #JalaunCorruption #BreakingNews #LocalNews1
- कृमि मुक्त रहने से बेहतर होता है बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास: बीईओ मनोज कुमार सिंह कानपुर देहात। पीएमश्री विद्यालय बढ़ापुर अकबरपुर में सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का अत्यंत उत्साहपूर्वक और सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने बच्चों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि पेट के कीड़ों से मुक्त रहने से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होता है। साथ ही इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास तेज होता है और उनकी पढ़ाई-लिखाई (पठन-पाठन) की क्षमता भी बेहतर होती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कंचन यादव के कुशल दिशा-निर्देशन में बच्चों ने विद्यालय मंच पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति से संबंधित विभिन्न विषयों पर बेहद सुंदर और संदेशप्रद प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के इस प्रयास को सभी ने खूब सराहा। विद्यालय के सभी बच्चों ने अपने-अपने कक्षा अध्यापक की देखरेख में एल्बेंडाजोल की गोलियां खाई। बच्चों के साथ-साथ विद्यालय के सभी उपस्थित शिक्षकों और शिक्षणेत्तर स्टाफ ने भी गोलियां खाकर इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका कंचन यादव, सुमन यादव, सुलेखा, दिव्या सक्सेना, दिनेश पाठक एवं शिक्षामित्र उमा सहित समस्त विद्यालय परिवार सक्रिय रूप से मौजूद रहा।1
- जालौन ; छेड़खानी का विरोध करना पडा। पिता को भारी । जालौन ; छेड़खानी का विरोध करना पिता को पड़ा भारी ➡️दबंगों ने व्यक्ति को लाठी और डंडों से पीटा ➡️मारपीट की घटना का वीडियो हुआ वायरल ➡️कालपी के मैनूपुर गांव का पूरा मामला ।1