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अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर कुमारखंड सीएचसी सहित पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सामान्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी, प्रसव, ट्रॉमा और भर्ती मरीजों की चिकित्सा सेवाएं पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार लगातार संचालित होती रहीं। सीएचसी कुमारखंड में डॉ. वरुण कुमार, डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. डीपी रमण, डॉ. नवीन प्रसाद भारती, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. सोनम तथा डॉ. वकार आलम ने इमरजेंसी सेवाओं का संचालन संभाला। इस दौरान सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और एएनएम मौके पर मौजूद रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उल्लेखनीय है कि अरवल सदर अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा सिविल सर्जन के साथ कथित मारपीट की गई थी। इसके विरोध में चिकित्सकों ने सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई है। भासा ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और डॉक्टरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में बढ़ती हिंसा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

4 hrs ago
user_Ashish Thakur
Ashish Thakur
कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
4 hrs ago

अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर कुमारखंड सीएचसी सहित पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सामान्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी, प्रसव, ट्रॉमा और भर्ती मरीजों की चिकित्सा सेवाएं पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार लगातार संचालित होती रहीं। सीएचसी कुमारखंड में डॉ. वरुण कुमार, डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. डीपी रमण, डॉ. नवीन प्रसाद भारती, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. सोनम तथा डॉ. वकार आलम ने इमरजेंसी सेवाओं का संचालन संभाला। इस दौरान सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और एएनएम मौके पर मौजूद रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उल्लेखनीय है कि अरवल सदर अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा सिविल सर्जन के साथ कथित मारपीट की गई थी। इसके विरोध में चिकित्सकों ने सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई है। भासा ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और डॉक्टरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में बढ़ती हिंसा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

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  • अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर कुमारखंड सीएचसी सहित पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सामान्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी, प्रसव, ट्रॉमा और भर्ती मरीजों की चिकित्सा सेवाएं पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार लगातार संचालित होती रहीं। सीएचसी कुमारखंड में डॉ. वरुण कुमार, डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. डीपी रमण, डॉ. नवीन प्रसाद भारती, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. सोनम तथा डॉ. वकार आलम ने इमरजेंसी सेवाओं का संचालन संभाला। इस दौरान सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और एएनएम मौके पर मौजूद रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उल्लेखनीय है कि अरवल सदर अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा सिविल सर्जन के साथ कथित मारपीट की गई थी। इसके विरोध में चिकित्सकों ने सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई है। भासा ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और डॉक्टरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में बढ़ती हिंसा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
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    अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर कुमारखंड सीएचसी सहित पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सामान्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी, प्रसव, ट्रॉमा और भर्ती मरीजों की चिकित्सा सेवाएं पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार लगातार संचालित होती रहीं।

सीएचसी कुमारखंड में डॉ. वरुण कुमार, डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. डीपी रमण, डॉ. नवीन प्रसाद भारती, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. सोनम तथा डॉ. वकार आलम ने इमरजेंसी सेवाओं का संचालन संभाला। इस दौरान सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और एएनएम मौके पर मौजूद रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई।

उल्लेखनीय है कि अरवल सदर अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा सिविल सर्जन के साथ कथित मारपीट की गई थी। इसके विरोध में चिकित्सकों ने सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई है। भासा ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और डॉक्टरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में बढ़ती हिंसा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
    user_Ashish Thakur
    Ashish Thakur
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    4 hrs ago
  • मध्य विद्यालय मिरजावा में खाना खाने के बाद लगभग 150 से अधिक बच्चे अचानक बेहोश हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा आनन-फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल त्रिवेणीगंज में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी बच्चे ठीक हैं। विद्यालय में इस तरह की घटनाएं लगातार घटती रहती हैं। इस प्रकार की घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन और सरकार द्वारा सभी विद्यालय प्रभारियों को सख्त निर्देश देने की तत्काल आवश्यकता है, या फिर सरकार को विद्यालयों में चलाए जा रहे भोजन को पूर्ण रूप से बंद कर देना चाहिए।
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    मध्य विद्यालय मिरजावा में खाना खाने के बाद लगभग 150 से अधिक बच्चे अचानक बेहोश हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा आनन-फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल त्रिवेणीगंज में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी बच्चे ठीक हैं।

विद्यालय में इस तरह की घटनाएं लगातार घटती रहती हैं। इस प्रकार की घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन और सरकार द्वारा सभी विद्यालय प्रभारियों को सख्त निर्देश देने की तत्काल आवश्यकता है, या फिर सरकार को विद्यालयों में चलाए जा रहे भोजन को पूर्ण रूप से बंद कर देना चाहिए।
    user_Soyal alam DAT/MDE news
    Soyal alam DAT/MDE news
    छातापुर, सुपौल, बिहार•
    4 hrs ago
  • सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अजगेबा पंचायत के वार्ड नंबर 5 में मुख्य सड़क मार्ग पर जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर भरा पानी अब लोगों के घरों में भी घुसने लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण परिवार के छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है। इस मुख्य मार्ग से दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है और स्कूली बच्चों को भी विद्यालय जाने में काफी दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने सचेत किया है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में तेज बारिश होने पर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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    सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अजगेबा पंचायत के वार्ड नंबर 5 में मुख्य सड़क मार्ग पर जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर भरा पानी अब लोगों के घरों में भी घुसने लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण परिवार के छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है।

इस मुख्य मार्ग से दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है और स्कूली बच्चों को भी विद्यालय जाने में काफी दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने सचेत किया है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में तेज बारिश होने पर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    5 hrs ago
  • सुपौल जिले में पिपरा प्रखंड अंतर्गत रामनगर पंचायत के कोशलिपट्टी वार्ड नंबर 11 में मृत्यु भोज के बदले एंबुलेंस दान करने की एक अनूठी पहल सामने आई है। पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मिथिलेश कुमार यादव के पिता स्व. त्रिवेणी यादव का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया था। अपने पिता के नखबाल भोज पर मिथिलेश कुमार ने एक सामाजिक बैठक बुलाई और ग्रामीणों के सामने पूरे रामनगर पंचायत वासियों के लिए एंबुलेंस दान करने का प्रस्ताव रखा, जिसे ग्रामीणों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। मिथिलेश कुमार यादव के अनुसार, उन्होंने अपने पिता की स्मृति में एंबुलेंस देने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आज भी प्रसव पीड़ा झेलने को मजबूर हैं और सड़क दुर्घटनाओं में समय से अस्पताल न पहुंच पाने के कारण लोग अपनी जान गंवा देते हैं। सम्पिंडन कार्यक्रम के दिन एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर पंचायत के लोगों को सौंप दिया गया। इस कार्यक्रम के दौरान जन अधिकार पार्टी सुपौल के पूर्व जिला अध्यक्ष नंद कुमार चौधरी और रामनगर पंचायत के बड़े-बुजुर्ग मौजूद रहे। मृत्यु भोज की परंपरा को बंद कर पंचायत वासियों की सुविधा के लिए एंबुलेंस दान करने का यह सराहनीय कदम इस समय पूरे जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    सुपौल जिले में पिपरा प्रखंड अंतर्गत रामनगर पंचायत के कोशलिपट्टी वार्ड नंबर 11 में मृत्यु भोज के बदले एंबुलेंस दान करने की एक अनूठी पहल सामने आई है। पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मिथिलेश कुमार यादव के पिता स्व. त्रिवेणी यादव का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया था। अपने पिता के नखबाल भोज पर मिथिलेश कुमार ने एक सामाजिक बैठक बुलाई और ग्रामीणों के सामने पूरे रामनगर पंचायत वासियों के लिए एंबुलेंस दान करने का प्रस्ताव रखा, जिसे ग्रामीणों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

मिथिलेश कुमार यादव के अनुसार, उन्होंने अपने पिता की स्मृति में एंबुलेंस देने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आज भी प्रसव पीड़ा झेलने को मजबूर हैं और सड़क दुर्घटनाओं में समय से अस्पताल न पहुंच पाने के कारण लोग अपनी जान गंवा देते हैं। सम्पिंडन कार्यक्रम के दिन एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर पंचायत के लोगों को सौंप दिया गया। इस कार्यक्रम के दौरान जन अधिकार पार्टी सुपौल के पूर्व जिला अध्यक्ष नंद कुमार चौधरी और रामनगर पंचायत के बड़े-बुजुर्ग मौजूद रहे।

मृत्यु भोज की परंपरा को बंद कर पंचायत वासियों की सुविधा के लिए एंबुलेंस दान करने का यह सराहनीय कदम इस समय पूरे जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_Santosh Yadav Reportar
    Santosh Yadav Reportar
    Local News Reporter सरायगढ़ भपतियाही, सुपौल, बिहार•
    6 hrs ago
  • जनता और राहुल गांधी के डर से मोदी संसद छोड़कर पीछे के दरवाजे से भाग खड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस और पूरी फौज तैनात किए जाने के बावजूद सरकार जनता के खौफ में दिख रही है। राहुल गांधी और जनता के भारी दबाव के आगे टिक न पाने के कारण वे संसद छोड़कर पिछले रास्ते से भाग निकले। सरकार पूरी तरह से डरी हुई और डरपोक हो चुकी है, जिसके चलते जनता के सामने आते ही पीछे के रास्ते से भागना पड़ा।
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    जनता और राहुल गांधी के डर से मोदी संसद छोड़कर पीछे के दरवाजे से भाग खड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस और पूरी फौज तैनात किए जाने के बावजूद सरकार जनता के खौफ में दिख रही है। राहुल गांधी और जनता के भारी दबाव के आगे टिक न पाने के कारण वे संसद छोड़कर पिछले रास्ते से भाग निकले। सरकार पूरी तरह से डरी हुई और डरपोक हो चुकी है, जिसके चलते जनता के सामने आते ही पीछे के रास्ते से भागना पड़ा।
    user_Mumtaz vlog editor Youtuber
    Mumtaz vlog editor Youtuber
    Artist भरगामा, अररिया, बिहार•
    18 hrs ago
  • सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ पटना से लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान मोदी सेना को तीखी गालियाँ दी जा रही हैं और गुस्साए लोग सीधे मोदी तथा एजेंसियों पर टूट पड़े हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि जनता के इस भारी आक्रोश के सामने मोदी भागते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के बीच अब मोदी को पद से हटाकर दीपक को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है।
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    सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ पटना से लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान मोदी सेना को तीखी गालियाँ दी जा रही हैं और गुस्साए लोग सीधे मोदी तथा एजेंसियों पर टूट पड़े हैं।

आरोप लगाया जा रहा है कि जनता के इस भारी आक्रोश के सामने मोदी भागते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के बीच अब मोदी को पद से हटाकर दीपक को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है।
    user_Mumtaz vlog editor Youtuber
    Mumtaz vlog editor Youtuber
    Artist भरगामा, अररिया, बिहार•
    1 hr ago
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