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सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ पटना से लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान मोदी सेना को तीखी गालियाँ दी जा रही हैं और गुस्साए लोग सीधे मोदी तथा एजेंसियों पर टूट पड़े हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि जनता के इस भारी आक्रोश के सामने मोदी भागते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के बीच अब मोदी को पद से हटाकर दीपक को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है।
Mumtaz vlog editor Youtuber
सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ पटना से लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान मोदी सेना को तीखी गालियाँ दी जा रही हैं और गुस्साए लोग सीधे मोदी तथा एजेंसियों पर टूट पड़े हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि जनता के इस भारी आक्रोश के सामने मोदी भागते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के बीच अब मोदी को पद से हटाकर दीपक को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है।
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- अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर कुमारखंड सीएचसी सहित पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सामान्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी, प्रसव, ट्रॉमा और भर्ती मरीजों की चिकित्सा सेवाएं पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार लगातार संचालित होती रहीं। सीएचसी कुमारखंड में डॉ. वरुण कुमार, डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. डीपी रमण, डॉ. नवीन प्रसाद भारती, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. सोनम तथा डॉ. वकार आलम ने इमरजेंसी सेवाओं का संचालन संभाला। इस दौरान सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और एएनएम मौके पर मौजूद रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उल्लेखनीय है कि अरवल सदर अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद आक्रोशित लोगों द्वारा सिविल सर्जन के साथ कथित मारपीट की गई थी। इसके विरोध में चिकित्सकों ने सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई है। भासा ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और डॉक्टरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में बढ़ती हिंसा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।1
- मध्य विद्यालय मिरजावा में खाना खाने के बाद लगभग 150 से अधिक बच्चे अचानक बेहोश हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा आनन-फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल त्रिवेणीगंज में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी बच्चे ठीक हैं। विद्यालय में इस तरह की घटनाएं लगातार घटती रहती हैं। इस प्रकार की घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन और सरकार द्वारा सभी विद्यालय प्रभारियों को सख्त निर्देश देने की तत्काल आवश्यकता है, या फिर सरकार को विद्यालयों में चलाए जा रहे भोजन को पूर्ण रूप से बंद कर देना चाहिए।2
- Javed 66 Patna aandolan Bihar cjb cockroach party1
- अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे "जांच एवं उपचार - चिकित्सा आपके द्वार" अभियान से जिले के लोगों को घर बैठे समय पर इलाज मिल रहा है। इस पहल के तहत जिले की सभी पंचायतों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों की रक्तचाप (बीपी), मधुमेह (शुगर), कैंसर और एनीमिया की जांच कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान कर मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाना है। अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि केवल स्क्रीनिंग ही नहीं की जा रही, बल्कि चिन्हित मरीजों को एमबीबीएस डॉक्टरों के माध्यम से आवश्यक चिकित्सीय परामर्श और उपचार भी घर पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 5,190 हाइपरटेंशन, 4,203 मधुमेह, 616 एनीमिया, 369 मोतियाबिंद, 10 मुंह के कैंसर, 10 स्तन कैंसर और 6 गर्भाशय कैंसर के मरीजों की पहचान की जा चुकी है। इन सभी मरीजों का इलाज स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार शुरू कर दिया गया है। इस नवाचारी पहल की सफलता के बाद जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सा टीमों को निर्देश दिया है कि अभियान को पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ संचालित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जांच और इलाज से वंचित न रहे। इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करें और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।1
- Post by Lalu Singh1
- जनता और राहुल गांधी के डर से मोदी संसद छोड़कर पीछे के दरवाजे से भाग खड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस और पूरी फौज तैनात किए जाने के बावजूद सरकार जनता के खौफ में दिख रही है। राहुल गांधी और जनता के भारी दबाव के आगे टिक न पाने के कारण वे संसद छोड़कर पिछले रास्ते से भाग निकले। सरकार पूरी तरह से डरी हुई और डरपोक हो चुकी है, जिसके चलते जनता के सामने आते ही पीछे के रास्ते से भागना पड़ा।1
- सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ पटना से लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान मोदी सेना को तीखी गालियाँ दी जा रही हैं और गुस्साए लोग सीधे मोदी तथा एजेंसियों पर टूट पड़े हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि जनता के इस भारी आक्रोश के सामने मोदी भागते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के बीच अब मोदी को पद से हटाकर दीपक को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है।1