अनूपपुर कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु गारंटी योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका को सशक्त बनाना और जल संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। कलेक्टर ने योजना के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेक, गेबियन संरचनाएं, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, कूप पुनर्जलभरण, सोक पिट, "एक बगिया माँ के नाम" पौधरोपण, गंगोत्री हरित परियोजना, माँ नर्मदा परिक्रमा पथ में पौधरोपण और सुगम संपर्कता मार्ग जैसे कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी इंजीनियरों को आगामी 10 से 15 दिनों तक अभियान मोड में फील्ड भ्रमण कर उपयुक्त स्थलों का चयन करने को कहा। विशेष रूप से ऐसी पहाड़ियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए जहां से जलधाराएं नदियों में मिलती हैं। इसके अलावा, जनवरी से फरवरी माह के बीच सूखने वाले सार्वजनिक व हितग्राही मूलक पुराने कुओं का सर्वे कराकर कूप पुनर्जीवन के कार्य प्राथमिकता से कराने तथा नर्मदा, सोन व उनकी सहायक नदियों के संरक्षण हेतु स्थायी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पौधरोपण समीक्षा के दौरान गैप फिलिंग प्लांटेशन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पौधरोपण की फोटो वायुदूत ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। आवास प्लस सर्वे के तहत अपात्र हितग्राहियों से प्राप्त दावा-आपत्तियों की जनपद स्तर पर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए ताकि कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे, और पात्र सूची को सार्वजनिक रूप से चस्पा करने को कहा गया। साथ ही, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) बेसलाइन सर्वे को भी निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए।
अनूपपुर कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु गारंटी योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका को सशक्त बनाना और जल संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। कलेक्टर ने योजना के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेक, गेबियन संरचनाएं, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, कूप पुनर्जलभरण, सोक पिट, "एक बगिया माँ के नाम" पौधरोपण, गंगोत्री हरित परियोजना, माँ नर्मदा परिक्रमा पथ में पौधरोपण और सुगम संपर्कता मार्ग जैसे कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी इंजीनियरों को आगामी 10 से 15 दिनों तक अभियान मोड में फील्ड भ्रमण कर उपयुक्त स्थलों का चयन करने को कहा। विशेष रूप से ऐसी पहाड़ियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए जहां से जलधाराएं नदियों में मिलती हैं। इसके अलावा, जनवरी से फरवरी माह के बीच सूखने वाले सार्वजनिक व हितग्राही मूलक पुराने कुओं का सर्वे कराकर कूप पुनर्जीवन के कार्य प्राथमिकता से कराने तथा नर्मदा, सोन व उनकी सहायक नदियों के संरक्षण हेतु स्थायी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पौधरोपण समीक्षा के दौरान गैप फिलिंग प्लांटेशन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पौधरोपण की फोटो वायुदूत ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। आवास प्लस सर्वे के तहत अपात्र हितग्राहियों से प्राप्त दावा-आपत्तियों की जनपद स्तर पर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए ताकि कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे, और पात्र सूची को सार्वजनिक रूप से चस्पा करने को कहा गया। साथ ही, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) बेसलाइन सर्वे को भी निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए।
- छत्तीसगढ़ सीमा पार कर अनूपपुर जिले में दाखिल हुए तीन हाथियों का समूह जैतहरी से अनूपपुर क्षेत्र में विचरण करते हुए पिछले 17 दिनों से जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर बरबसपुर के भोलगढ़ वन बीट, वनी तालाब और कुरियारी जंगल में डेरा डाले हुए था। मंगलवार की देर रात हाथियों ने भोलगढ़ के सोन टोला से सोन नदी पार की और बुधवार सुबह भगतबांध के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। इस दौरान हाथियों ने भोलगढ़ के जंगल और कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगे रामबांस, कटंग बांस, तेंदू, जामुन, गुंजा, पीपल और बर के पेड़ों को तोड़कर अपना आहार बनाया। राजमार्ग के किनारे दिन-रात हाथियों की मौजूदगी से राहगीरों की भीड़ जुटती रही, जिससे वन विभाग, यातायात और कोतवाली पुलिस को आवागमन सुचारू रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पोड़ी के सांधा तिराहा से पिंजरहा धार के बीच हाथियों के अचानक मुख्य मार्ग पर आने से वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रही। इसके अलावा, हाथियों ने पोंड़ी, मानपुर, बरबसपुर, खांड़ा और भोलगढ़ के टोलों में पहुंचकर ग्रामीणों के मकानों में तोड़फोड़ की, बाड़ियों में लगे फसलों और घर में रखे अनाज को खा लिया। हाथियों ने भोलगढ़ बस स्टैंड के हैंडपंप का हैंडल टेढ़ा कर दिया और भोलगढ़ वन चौकी की बाउंड्री तोड़कर खिड़की उखाड़ने का प्रयास किया। हाथियों के डर से ग्रामीण रात-रात भर जागकर बिता रहे हैं। वर्षा काल के दौरान कच्चे मकान टूटने से जहरीले जीव-जंतुओं के घरों में घुसने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों और वन विभाग के गश्ती दल द्वारा भगाने की कोशिश करने पर हाथियों ने कई बार उन्हें ही दौड़ा लिया। हाथियों के उत्पाद और नुकसान से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई है तथा मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन तक की चेतावनी दी है।1
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस मेले में चार प्रतिष्ठित निजी संस्थानों के 210 रिक्त पदों के विरुद्ध 105 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार के बाद प्रारंभिक रूप से 60 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें से अंतिम रूप से 22 अभ्यर्थी चयनित किए गए। इनमें से 8 चयनित अभ्यर्थियों को मेले के दौरान ही मौके पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। रोजगार मेले के समापन अवसर पर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अंतिम रूप से चयनित 8 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवाओं से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, अपर कलेक्टर श्री दिलेराम डाहिरे एवं डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा पांडेय भी उपस्थित थे।3
- देश में कोर्ट के जजों की मौजूदा स्थिति और हाल को लेकर भारी निराशा व्यक्त की गई है। इस तरह के हालातों को देखकर देश की पूरी कोर्ट व्यवस्था पर से लोगों का विश्वास पूरी तरह उठता जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कोतमा क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरौध से विकास के तमाम दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। यहाँ बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें गाँव के लोग पंचायत प्रशासन के खिलाफ अपना भारी आक्रोश जाहिर करते नजर आ रहे हैं। ग्राम खमरौध में बुनियादी सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खोखले वादे और अनदेखी मिलने से लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया है। इस बदहाली से आक्रोशित जनता ने गाँव की दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर पंचायत की कमान संभाल रहे सरपंच पिंकी सिंह और सचिव मोहन को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पद पर बैठने के बाद भी पंचायत प्रशासन गाँव की समस्याओं की तरफ से आँखें मूँदकर बैठा है और पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।1
- शाहडोल के ब्यौहारी में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्यौहारी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 21 जुलाई 2026 को त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्यौहारी निवासी सुजीत उर्फ गोलू सोनी (पिता गोरेलाल सोनी) को प्रतिबंधित नशीली गोलियों का परिवहन करते रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से ट्रामाडोल टेबलेट्स के कुल 792 नग बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए आरोपी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में अपराध क्रमांक 544/26, धारा 8/22 NDPS एक्ट एवं 5/13 मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना में लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी यह नशीली गोलियाँ कहाँ से लाया था और किसे सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी ब्यौहारी जिया उल हक ने किया। कार्रवाई में सहायक उप-निरीक्षक गया प्रसाद, प्रधान आरक्षक नरेंद्र उपाध्याय, अमर सिंह, और आरक्षक पंकज मेहरा, अनुज यादव व सुरभि उरमालिया की सराहनीय भूमिका रही।1
- शहडोल जिले के ग्राम अमरहा में 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत नुक्कड़ जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अमरहा गांव में आयोजित इस नुक्कड़ कार्यक्रम के माध्यम से नशा मुक्ति को लेकर जनजागरूकता फैलाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।1
- अनूपपुर कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु गारंटी योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका को सशक्त बनाना और जल संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। कलेक्टर ने योजना के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेक, गेबियन संरचनाएं, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, कूप पुनर्जलभरण, सोक पिट, "एक बगिया माँ के नाम" पौधरोपण, गंगोत्री हरित परियोजना, माँ नर्मदा परिक्रमा पथ में पौधरोपण और सुगम संपर्कता मार्ग जैसे कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी इंजीनियरों को आगामी 10 से 15 दिनों तक अभियान मोड में फील्ड भ्रमण कर उपयुक्त स्थलों का चयन करने को कहा। विशेष रूप से ऐसी पहाड़ियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए जहां से जलधाराएं नदियों में मिलती हैं। इसके अलावा, जनवरी से फरवरी माह के बीच सूखने वाले सार्वजनिक व हितग्राही मूलक पुराने कुओं का सर्वे कराकर कूप पुनर्जीवन के कार्य प्राथमिकता से कराने तथा नर्मदा, सोन व उनकी सहायक नदियों के संरक्षण हेतु स्थायी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पौधरोपण समीक्षा के दौरान गैप फिलिंग प्लांटेशन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पौधरोपण की फोटो वायुदूत ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। आवास प्लस सर्वे के तहत अपात्र हितग्राहियों से प्राप्त दावा-आपत्तियों की जनपद स्तर पर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए ताकि कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे, और पात्र सूची को सार्वजनिक रूप से चस्पा करने को कहा गया। साथ ही, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) बेसलाइन सर्वे को भी निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए।1
- पुलिस अधिकारियों के कारनामे को लेकर भारी विरोध जताया गया है। अधिकारियों की इस तरह की हरकत के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा है।1