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शहडोल जिले के ग्राम अमरहा में 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत नुक्कड़ जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अमरहा गांव में आयोजित इस नुक्कड़ कार्यक्रम के माध्यम से नशा मुक्ति को लेकर जनजागरूकता फैलाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
शहडोल जिले के ग्राम अमरहा में 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत नुक्कड़ जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अमरहा गांव में आयोजित इस नुक्कड़ कार्यक्रम के माध्यम से नशा मुक्ति को लेकर जनजागरूकता फैलाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
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- उमरिया1
- डिंडौरी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस जनसुनवाई में कुल 77 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन और डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए, जिनमें ग्राम अमगवां निवासी श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (पूर्व पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ और जीआईएस राशि के भुगतान की मांग की, जिस पर अपर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा को जांच और शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम पंचायत पड़रिया-2 के ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक शाला भवन के अत्यधिक जर्जर होने के कारण नए भवन निर्माण की मांग रखी, जिसके लिए जिला परियोजना समन्वयक को स्थल निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाने और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए आवेदन दिए, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी किए गए। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध निराकरण करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।2
- डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 77 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, शिक्षा, पंचायत, जनजातीय कार्य, अतिक्रमण और भुगतान से जुड़े मामले शामिल थे। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा में त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई में ग्राम अमगवां की श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (दिवंगत पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ एवं जीआईएस भुगतान का मामला उठाया, जिस पर जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तत्काल जांच कर भुगतान के निर्देश दिए गए। ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए नए भवन के निर्माण की मांग की, जिस पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को स्थल निरीक्षण के निर्देश मिले। वहीं, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाकर रास्ता सुगम बनाने की मांग की और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान की समस्या रखी, जिस पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। जनसुनवाई के समापन पर अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक की समस्या का पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए और लंबित मामलों का नियमित रूप से अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाए।3
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत डिण्डौरी जिले के विभिन्न विद्यालयों, ग्रामों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके तहत जिला मुख्यालय डिण्डौरी में उत्कृष्ट विद्यालय ग्राउंड एवं अवंती बाई चौक से कलेक्ट्रेट तिराहा तक छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर "नशामुक्त भारत" का संदेश दिया गया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाने के साथ ही नशामुक्ति की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई, वहीं वाहन रैली, जागरूकता पोस्टर और पम्पलेट वितरण के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिलेभर में आयोजित कुल 19 जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 15,000 नागरिकों तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाया गया। इन कार्यक्रमों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, थाना प्रभारियों समेत पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षा विभाग, माई भारत (NGO), नशा मुक्ति केंद्र, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। अंत में, जिला पुलिस डिण्डौरी ने सभी नागरिकों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।3
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने लोगों की समस्याएं सुनीं। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित इस जनदर्शन में विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों को लेकर कुल 12 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने जनदर्शन में पहुंचे लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को इनका परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस जनदर्शन में बाज़ार मोहल्ला पेन्ड्रा की निवासी गायत्री ने सीएससी व आधार केंद्र संचालक गोविंदा चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। गायत्री के अनुसार, वह महतारी वंदन योजना के केवाईसी कराने के लिए पतगवां निवासी गोविंदा चौधरी के पास गई थीं, जहां संचालक ने उनके अंगुलियों के निशान चार-पांच बार लिए और धोखाधड़ी करते हुए उनके बैंक खाते से ₹5,000 निकाल लिए। इस राशि के निकाले जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित बैंक शाखा और पेण्ड्रा थाने में भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं मिला। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने ई-जिला प्रबंधक को तत्काल जांच-पड़ताल कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, जनदर्शन में कई अन्य मुद्दों से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। इनमें भू-अर्जन का मुआवजा दिलाने, शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश दिलाने, पीएम आवास, पंचायत सचिव द्वारा राशि का गबन करने और रसोईया के कार्य से निकाल दिए जाने जैसे मामले शामिल रहे, जिन पर कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।3
- नेतृत्व केवल मंच से भाषण देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि असल जिंदगी में उतरने और व्यावहारिक धरातल पर काम करने से ही कोई व्यक्ति सच्चा नेता बनता है। कोरी भाषणबाजी के बजाय वास्तविक जीवन की परिस्थितियों और संघर्षों के बीच सक्रिय भागीदारी ही वास्तविक नेता की पहचान है।1
- डिंडौरी के राई में स्थित सांदीपनी विद्यालय को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक आधुनिक, हरित और सुरक्षित आवासीय शिक्षा परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा संतुलित वातावरण प्रदान करना है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, अनुशासन, संस्कार, खेलकूद, तकनीकी संसाधन और पर्यावरण संरक्षण का समावेश हो। इस विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्मार्ट कक्षाएँ, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, समृद्ध पुस्तकालय, सुरक्षित छात्रावास, खेल मैदान और स्वच्छ-हरित परिसर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ तैयार की जा रही हैं। यह संस्थान जिले के विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने वाला उत्कृष्टता का केंद्र बनेगा, जहाँ से भविष्य के वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, खिलाड़ी और राष्ट्रनिर्माता तैयार होंगे।1
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और जनसमस्याओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय कार्यालयों और सामाजिक संस्थाओं को भूमि आवंटन के मामलों में संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने, इश्तहार जारी कर दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने और समयबद्ध ढंग से भूमि आवंटन करने को कहा। इसके साथ ही भू-अर्जन के मामलों में मुआवजा वितरण के तुरंत बाद भूमि का नामांतरण कर राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए ताकि कोई भी छात्र शैक्षणिक प्रवेश या शासकीय सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने पात्र किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन कराने, स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेख बांटने, प्रधानमंत्री जनमन आवासों में बिजली पहुंचाने, सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटर लगाने, लंबित बिजली बिलों का समय पर भुगतान करने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का शत-प्रतिशत भुगतान डीबीटी के माध्यम से करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद के कार्यों का उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर देने, जिले में बीएसएनएल नेटवर्क को सुदृढ़ करने और पीएमओ पोर्टल, मुख्यमंत्री जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन व सीएम हेल्पलाइन जैसी प्रणालियों से मिले आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निपटारा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही से काम करें। इस बैठक में वनमंडलाधिकारी श्रीमती गृष्मी चांद, जिला पंचायत के सीईओ श्री मुकेश रावटे, अपर कलेक्टर श्री दिलेराम डाहिरे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विनाश मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।3
- इंदौर जैसे शहरों में छात्रों का प्रोटेस्ट और उनका विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। छात्र अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।1