डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 77 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, शिक्षा, पंचायत, जनजातीय कार्य, अतिक्रमण और भुगतान से जुड़े मामले शामिल थे। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा में त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई में ग्राम अमगवां की श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (दिवंगत पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ एवं जीआईएस भुगतान का मामला उठाया, जिस पर जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तत्काल जांच कर भुगतान के निर्देश दिए गए। ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए नए भवन के निर्माण की मांग की, जिस पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को स्थल निरीक्षण के निर्देश मिले। वहीं, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाकर रास्ता सुगम बनाने की मांग की और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान की समस्या रखी, जिस पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। जनसुनवाई के समापन पर अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक की समस्या का पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए और लंबित मामलों का नियमित रूप से अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाए।
डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 77 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, शिक्षा, पंचायत, जनजातीय कार्य, अतिक्रमण और भुगतान से जुड़े मामले शामिल थे। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा में त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई में
ग्राम अमगवां की श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (दिवंगत पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ एवं जीआईएस भुगतान का मामला उठाया, जिस पर जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तत्काल जांच कर भुगतान के निर्देश दिए गए। ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए नए भवन के निर्माण की मांग की, जिस पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को स्थल निरीक्षण के निर्देश मिले। वहीं, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाकर रास्ता सुगम बनाने की मांग की
और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान की समस्या रखी, जिस पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। जनसुनवाई के समापन पर अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक की समस्या का पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए और लंबित मामलों का नियमित रूप से अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाए।
- डिंडौरी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस जनसुनवाई में कुल 77 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन और डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए, जिनमें ग्राम अमगवां निवासी श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (पूर्व पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ और जीआईएस राशि के भुगतान की मांग की, जिस पर अपर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा को जांच और शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम पंचायत पड़रिया-2 के ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक शाला भवन के अत्यधिक जर्जर होने के कारण नए भवन निर्माण की मांग रखी, जिसके लिए जिला परियोजना समन्वयक को स्थल निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाने और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए आवेदन दिए, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी किए गए। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध निराकरण करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।2
- डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 77 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, शिक्षा, पंचायत, जनजातीय कार्य, अतिक्रमण और भुगतान से जुड़े मामले शामिल थे। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा में त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई में ग्राम अमगवां की श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (दिवंगत पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ एवं जीआईएस भुगतान का मामला उठाया, जिस पर जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तत्काल जांच कर भुगतान के निर्देश दिए गए। ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए नए भवन के निर्माण की मांग की, जिस पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को स्थल निरीक्षण के निर्देश मिले। वहीं, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाकर रास्ता सुगम बनाने की मांग की और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान की समस्या रखी, जिस पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। जनसुनवाई के समापन पर अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक की समस्या का पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए और लंबित मामलों का नियमित रूप से अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाए।3
- उमरिया के पाली क्षेत्र में कोयला परियोजनाओं के विरोध में भारतीय किसान संघ ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। सोमवार को बड़ी संख्या में किसान हाथों में डंडी पर बंधी कोयले की पोटली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां किसानों ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को अपनी मांगों का 24 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और सरकार को 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में खेती और किसानों की जगह कोयला कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने पाली क्षेत्र की प्रस्तावित कोयला परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, पर्यावरण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने मांग की है कि अधिग्रहित होने वाली जमीन को पहले औद्योगिक भूमि घोषित किया जाए और किसानों को ₹30 लाख प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा मकान, बोरवेल और पेड़ों का अलग से मुआवजा देने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, किसानों की पुश्तैनी जमीनों की जांच करने तथा पर्यावरण व वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभाव की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में किसानों ने पाली एसडीएम और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। साथ ही कोयला कंपनियों द्वारा किसानों से कराए गए दस्तावेजों और जनसुनवाई की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी गई है। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो "घेरा डालो-डेरा डालो" आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान शहडोल-धुनधुटी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर जिले के प्रमुख मार्ग भी बंद किए जाएंगे।4
- उमरिया कलेक्टर सभागार कक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभय सिंह ने जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस जनसुनवाई में लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत डिण्डौरी जिले के विभिन्न विद्यालयों, ग्रामों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके तहत जिला मुख्यालय डिण्डौरी में उत्कृष्ट विद्यालय ग्राउंड एवं अवंती बाई चौक से कलेक्ट्रेट तिराहा तक छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर "नशामुक्त भारत" का संदेश दिया गया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाने के साथ ही नशामुक्ति की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई, वहीं वाहन रैली, जागरूकता पोस्टर और पम्पलेट वितरण के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिलेभर में आयोजित कुल 19 जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 15,000 नागरिकों तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाया गया। इन कार्यक्रमों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, थाना प्रभारियों समेत पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षा विभाग, माई भारत (NGO), नशा मुक्ति केंद्र, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। अंत में, जिला पुलिस डिण्डौरी ने सभी नागरिकों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।3
- शहडोल जिले के जैतपुर में पुलिस और खनिज विभाग ने मिलकर एक संयुक्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत इलाके में अवैध रूप से भंडारित कर रखी गई रेत को जब्त कर लिया गया है।1
- डिंडौरी के राई में स्थित सांदीपनी विद्यालय को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक आधुनिक, हरित और सुरक्षित आवासीय शिक्षा परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा संतुलित वातावरण प्रदान करना है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, अनुशासन, संस्कार, खेलकूद, तकनीकी संसाधन और पर्यावरण संरक्षण का समावेश हो। इस विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्मार्ट कक्षाएँ, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, समृद्ध पुस्तकालय, सुरक्षित छात्रावास, खेल मैदान और स्वच्छ-हरित परिसर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ तैयार की जा रही हैं। यह संस्थान जिले के विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने वाला उत्कृष्टता का केंद्र बनेगा, जहाँ से भविष्य के वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, खिलाड़ी और राष्ट्रनिर्माता तैयार होंगे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों की गिरफ्तारी और उन्हें जेल में डाले जाने की कार्रवाई पर तीखा रुख अपनाते हुए कहा गया है कि छात्रों को गिरफ्तार करने या जेल में डालने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मोदी सरकार की सत्ता की ताकत से कहीं ज्यादा बड़ी हमारे सत्याग्रह की शक्ति है। छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए चेतावनी दी गई है कि उनके साथ हुए जुल्म और उनके खून के एक-एक कतरे का हिसाब तो देना ही पड़ेगा।1