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सहरसा के सदर अस्पताल परिसर से भ्रष्टाचार की गंभीर आशंका जताने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। कैंची लाइन से लेकर सहरसा बस्ती तक एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी चर्चा हर जुबान पर बनी हुई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह अस्पताल परिसर अब भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है। इस वायरल वीडियो में मोहम्मद सज्जाद और अस्पताल के एक कथित स्वास्थ्य कर्मी के बीच पैसों के लेनदेन का दावा किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है ताकि सच और झूठ का फैसला हो सके।
SAHARSA LIVE NEWS
सहरसा के सदर अस्पताल परिसर से भ्रष्टाचार की गंभीर आशंका जताने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। कैंची लाइन से लेकर सहरसा बस्ती तक एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी चर्चा हर जुबान पर बनी हुई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह अस्पताल परिसर अब भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है। इस वायरल वीडियो में मोहम्मद सज्जाद और अस्पताल के एक कथित स्वास्थ्य कर्मी के बीच पैसों के लेनदेन का दावा किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है ताकि सच और झूठ का फैसला हो सके।
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- सहरसा सहित पूरे देश में युवाओं के बीच कफ सिरप का जानलेवा नशा तेज़ी से पैर पसार रहा है। बीमारी ठीक करने के काम आने वाली कफ सिरप (Dextromethorphan + Chlorpheniramine Maleate) की बोतलें अब बिना किसी बीमारी के ही घरों में आ रही हैं, जो नई पीढ़ी के लिए 'मौत का घूंट' साबित हो रही हैं। चंद रुपयों के मुनाफे के लिए बिना पर्चे के बिकने वाली ये दवाइयाँ हँसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रही हैं। कफ सिरप का यह नशा शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा रहा है, जिससे युवाओं के लिवर और किडनी फेल हो रहे हैं और वे मानसिक पागलपन (Toxic Psychosis) का शिकार बन रहे हैं। इस भयानक स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल उठाया गया है कि प्रशासन आखिर कब जागेगा और माता-पिता कब सावधान होंगे? 'सहरसा लाइव न्यूज़' की इस विशेष आंखें खोल देने वाली रिपोर्ट के माध्यम से माता-पिता से अपने बच्चों को बचाने और उनके बदलते बर्ताव पर पैनी नज़र रखने की अपील की गई है। इस गंभीर खतरे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए इसे ज़्यादा से ज़्यादा साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- सहरसा जिले के नौहट्टा अंतर्गत चंद्रयान पंचायत के एकाढ़ वार्ड नंबर 4 में बरसात के मौसम में ग्रामीणों को आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ के ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी नेता यहाँ उनकी सुध लेने, उनकी जरूरतों को समझने और समस्याओं को सुलझाने के लिए नहीं आता है। नेताओं की इसी उपेक्षा के बीच ग्रामीणों ने माँग की है कि एकाढ़ वार्ड नंबर 4 में एक अच्छी और मजबूत सड़क के निर्माण का कार्य किया जाए।1
- सहरसा जिले के सत्तर कटेया प्रखंड में डिग्री कॉलेज के मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया है।1
- सहरसा जिले में बैजनाथपुर के मनोहर हाई स्कूल से सौर बाजार जाने वाला बाईपास सड़क मार्ग वर्षों से बेहद जर्जर बना हुआ है। इस बदहाल रास्ते के कारण अब तक कई वाहन चालक गंभीर दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, जिन्हें अस्पताल तक की शरण लेनी पड़ी है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि बैजनाथपुर चौक की बदतर स्थिति को देखते हुए अब यह बाईपास सड़क मार्ग ही मुख्य मार्ग बनता जा रहा है। सौर बाजार, सोनवर्षा राज, पतरघट समेत अन्य जगहों पर जाने के लिए सभी वाहन चालक इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि कई अधिकारियों के वाहन भी इसी जर्जर सड़क से गुजरते हैं, फिर भी इसका निर्माण कार्य न कराया जाना घोर चिंता को दर्शाता है। यदि समय रहते इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में न जाने और कितने वाहन चालक हादसों का शिकार हो सकते हैं।1
- सहरसा जिला जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त तथा गतिशील बनाने के उद्देश्य से नई जिला कमेटी का गठन कर दिया गया है। पार्टी नेतृत्व के इस बड़े फैसले के बाद पूरे जिले के जदयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। संगठन को इस नई मजबूती देने के लिए जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश कुशवाहा, बिहार सरकार के माननीय मंत्री श्री रत्नेश सदा एवं पूर्व विधायक सह सहरसा जदयू जिला अध्यक्ष श्री गुंजेश्वर साह का विशेष आभार व्यक्त किया गया है। पार्टी के इस सराहनीय प्रयास पर खुशी जाहिर करते हुए सहरसा जदयू के जिला उपाध्यक्ष, नौहट्टा के पूर्व अध्यक्ष, विधायक प्रतिनिधि एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य अबु तलहा जावेद ने शीर्ष नेतृत्व को बधाई और शुक्रिया दिया है। अबु तलहा जावेद का कहना है कि इस नई कमेटी के गठन से जिले में जदयू परिवार को एक नई ऊर्जा मिलेगी। यह कमेटी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को भी अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।1
- बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान में दारू माफियाओं के खिलाफ ग्रामीण लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने दारू माफियाओं के खिलाफ खड़े रहने की शपथ खाई और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।1
- मधेपुरा में टीबी के खिलाफ 'मिशन 100 डेज' के तहत एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य टीबी मुक्त बिहार के लक्ष्य को हासिल करना है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग और जांच कर रही हैं। अब तक जिले में 1 लाख 15 हजार से अधिक लोगों की जांच पूरी की जा चुकी है, जबकि विभाग ने कुल 1 लाख 84 हजार 629 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य तय किया है। स्क्रीनिंग के दौरान अब तक कुल 2,693 टीबी मरीजों की पहचान की गई है, जिनका सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह से नि:शुल्क इलाज चल रहा है। इन मरीजों को बेहतर पोषण के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ₹1,000 की सहायता राशि भेजी जा रही है। इसके साथ ही, 570 मरीजों को फूड बास्केट भी उपलब्ध कराया गया है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के साथ गांवों में पहुंच रहे हैं। अब तक जिले में 14,330 लोगों का एक्स-रे किया जा चुका है और 10,700 स्पुटम सैंपल जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रिंस कुमार के अनुसार, मधेपुरा में कुल 109 हाई-रिस्क गांवों को चिन्हित किया गया था, जिनमें से 94 गांवों में स्क्रीनिंग का काम पूरा हो चुका है और बचे हुए गांवों में टीमें लगातार काम कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी, बुखार, तेजी से वजन घटना, कमजोरी या रात में पसीना आने जैसी शिकायत हो, तो वे इसे नजरअंदाज न करें और नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं क्योंकि समय पर इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।2
- सहरसा के सदर अस्पताल परिसर से भ्रष्टाचार की गंभीर आशंका जताने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। कैंची लाइन से लेकर सहरसा बस्ती तक एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी चर्चा हर जुबान पर बनी हुई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह अस्पताल परिसर अब भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है। इस वायरल वीडियो में मोहम्मद सज्जाद और अस्पताल के एक कथित स्वास्थ्य कर्मी के बीच पैसों के लेनदेन का दावा किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है ताकि सच और झूठ का फैसला हो सके।1