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मथुरा जनपद के कोसीकलां के ग्राम शाहपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कोसीकला थाना क्षेत्र की शाहपुर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी एक तटलू और जालसाज के साथ मस्ती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वायरल वीडियो के संबंध में ऐसा बताया जा रहा है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी जालसाज के साथ मिलकर मस्ती कर रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह से सही है या फिर फर्जी है, इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
Lokesh Garg
मथुरा जनपद के कोसीकलां के ग्राम शाहपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कोसीकला थाना क्षेत्र की शाहपुर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी एक तटलू और जालसाज के साथ मस्ती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वायरल वीडियो के संबंध में ऐसा बताया जा रहा है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी जालसाज के साथ मिलकर मस्ती कर रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह से सही है या फिर फर्जी है, इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
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- मथुरा जनपद के कोसीकलां के ग्राम शाहपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कोसीकला थाना क्षेत्र की शाहपुर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी एक तटलू और जालसाज के साथ मस्ती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वायरल वीडियो के संबंध में ऐसा बताया जा रहा है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी जालसाज के साथ मिलकर मस्ती कर रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह से सही है या फिर फर्जी है, इसकी पुष्टि नहीं की गई है।1
- मथुरा जिले के नगला उटावट गांव में मुख्य मार्ग होने के बावजूद नालियों की साफ-सफाई न होने से जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। गांव के रहीस और अन्य ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मुफीद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव और नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। प्रधान द्वारा सफाई कर्मचारियों के माध्यम से नालियों की तत्काल सफाई सुनिश्चित नहीं कराई गई, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान मुफीद पार्टी पॉलिसी की नीति अपना रहे हैं और उन्होंने जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। सुलेखा नामक ग्रामीण ने बताया कि रुके हुए पानी की निकासी के लिए स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायत देकर जल-निकासी का मार्ग प्रशस्त कराया जाना चाहिए। इस गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और बच्चों तथा बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इस लापरवाही के खिलाफ फकिरा, रहीस, समसू नेता, जैकम और नूरुद्दीन आदि ग्रामीणों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। इस पूरे मामले पर जब ग्राम प्रधान मुफीद से बातचीत की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने नालियों की साफ-सफाई के लिए कई बार पत्र लिखा है। जैसे ही संबंधित अधिकारियों से स्वीकृति मिल जाएगी, वैसे ही सफाई और जल निकासी का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।4
- मथुरा में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा साल 2018 में निकाली गई भर्ती में पिछड़ा वर्ग (BC) को आरक्षण का लाभ न मिलने से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया। पीड़ितों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है और अपने हक के लिए न्याय की गुहार लगाई है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण लागू न होने से बेहद खफा हैं। पीड़ित अभ्यर्थी सुरेश चंद ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के तहत साल 2018 में आयोजित की गई इस भर्ती में सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया, जिससे कई योग्य अभ्यर्थी नौकरी पाने से वंचित रह गए। इस आरक्षण विसंगति को लेकर जब मामला माननीय आयोग के पास गया, तो आयोग ने जनवरी 2022 में ही अभ्यर्थियों के हक में फैसला सुनाया था। इसके बाद सरकार को कई बार रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हाल ही में 9 जुलाई 2026 को आयोग ने एक बार फिर अभ्यर्थियों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है। प्रदर्शनकारी इसी नए फैसले के क्रियान्वयन और अपने हक की मांग को लेकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे थे। जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और इस संवेदनशील मामले को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से पुरजोर गुहार लगाई है कि आयोग के आदेश का पालन करते हुए उन्हें जल्द से जल्द उनका हक दिलाया जाए। पीड़ितों के मुताबिक, पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 1500 से 1600 ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्हें इस विसंगति के कारण अब तक नौकरी नहीं मिल सकी है।4
- मथुरा में एक कथित गांजा तस्कर के साथ पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह पूछा जा रहा है कि आखिर इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन क्या जवाब देगा।1
- मथुरा के रिफाइनरी थाना क्षेत्र के बाद गांव में एक ज्वेलर्स पर 50 से अधिक परिवारों से गहने और नकदी लेकर फरार होने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजीव वर्मा नामक इस ज्वेलर्स ने करीब 10 से 12 साल पहले गांव में अपनी दुकान खोली थी। उसने धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का भरोसा जीता और फिर विश्वास का सबसे बड़ा धोखा देते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक की ज्वेलरी और नकदी समेटकर फरार हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी ने दुकान पर अपने गहने गिरवी रखे थे, तो किसी ने नए गहने बनवाने के लिए पैसे जमा किए थे। पिछले 15 दिनों से दुकान बंद रहने के बाद चिंतित ग्रामीण रिफाइनरी थाने की बाद चौकी पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों के आरोपों के आधार पर इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।1
- मथुरा के मथुरा-वृंदावन नगर निगम को नए नगर आयुक्त के रूप में श्री ओजस्वी राज मिले हैं। पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने ठाकुर श्री बांकेबिहारी जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद नगर निगम कार्यालय पहुंचने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने विधिवत अपना कार्यभार संभाला। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने अधिकारियों के साथ बैठक कर नगर निगम की कार्यप्रणाली, चल रही विकास परियोजनाओं, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, सफाई, अतिक्रमण हटाओ अभियान और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने, समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निस्तारण करने तथा शहर की स्वच्छता और व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मथुरा-वृंदावन के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाया जाएगा और इसके लिए पूरी टीम भावना के साथ कार्य किया जाएगा।4
- मथुरा के छाता में लोगों की संवेदनहीनता और चुप्पी पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है। यहाँ लोगों के रवैये पर गहरा रोष जताते हुए कहा गया है कि लोगों की इंसानियत पूरी तरह से मर चुकी है क्योंकि वे केवल वीडियो देख लेते हैं पर कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। यह व्यवहार बेहद गलत है और ऐसी चुप्पी पर कड़ा सवाल उठाया गया है कि क्या यह सही है? लोगों को सचेत करते हुए चेतावनी दी गई है कि आज जो दूसरों के साथ हो रहा है, वह कल किसी के भी साथ हो सकता है।1