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सरकारी स्कूल की छात्रा ने किया कमाल, जिले में पाई पहली रैंक रायसेन जिले के नरवर गांव की छात्रा पूर्णिमा बघेल ने जिले में टॉप कर इतिहास रच दिया। शासकीय हाई स्कूल नरवर की इस छात्रा की मेहनत और लगन आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गई है। #Raisen #DistrictTopper #MPNews #ProudMoment #GovernmentSchool #GirlSuccess #EducationNews #RaisenNews #MadhyaPradesh #Inspiration

4 hrs ago
user_Aman Shrivastava
Aman Shrivastava
रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

सरकारी स्कूल की छात्रा ने किया कमाल, जिले में पाई पहली रैंक रायसेन जिले के नरवर गांव की छात्रा पूर्णिमा बघेल ने जिले में टॉप कर इतिहास रच दिया। शासकीय हाई स्कूल नरवर की इस छात्रा की मेहनत और लगन आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गई है। #Raisen #DistrictTopper #MPNews #ProudMoment #GovernmentSchool #GirlSuccess #EducationNews #RaisenNews #MadhyaPradesh #Inspiration

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  • रायसेन जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश ,भीषण गर्मी के चलते सुबह 7,30 से 12 बजे तक खुलेगी निजी एवं सरकारी संस्थाएं
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    रायसेन जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश ,भीषण गर्मी के चलते सुबह 7,30 से 12 बजे तक खुलेगी निजी एवं सरकारी संस्थाएं
    user_Khabar24Today
    Khabar24Today
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • रायसेन जिले के नरवर गांव की छात्रा पूर्णिमा बघेल ने जिले में टॉप कर इतिहास रच दिया। शासकीय हाई स्कूल नरवर की इस छात्रा की मेहनत और लगन आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गई है। #Raisen #DistrictTopper #MPNews #ProudMoment #GovernmentSchool #GirlSuccess #EducationNews #RaisenNews #MadhyaPradesh #Inspiration
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    रायसेन जिले के नरवर गांव की छात्रा पूर्णिमा बघेल ने जिले में टॉप कर इतिहास रच दिया। शासकीय हाई स्कूल नरवर की इस छात्रा की मेहनत और लगन आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गई है।
#Raisen #DistrictTopper #MPNews #ProudMoment #GovernmentSchool #GirlSuccess #EducationNews #RaisenNews #MadhyaPradesh #Inspiration
    user_Aman Shrivastava
    Aman Shrivastava
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • * **रायसेन।** शहर में रसोई गैस की भारी किल्लत के चलते गुरुवार को उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। सागर मार्ग स्थित **एमआर गैस एजेंसी** और सांची मार्ग स्थित **अमन गैस एजेंसी** पर घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। हंगामे के कारण दोनों मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 'आत्मनिर्भर भारत' के दावों के बीच उन्हें बुनियादी ईंधन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हमेशा की तरह जल्द आपूर्ति का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। फिलहाल, शहर में गैस की किल्लत बरकरार है।
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**रायसेन।** शहर में रसोई गैस की भारी किल्लत के चलते गुरुवार को उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। सागर मार्ग स्थित **एमआर गैस एजेंसी** और सांची मार्ग स्थित **अमन गैस एजेंसी** पर घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।
हंगामे के कारण दोनों मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 'आत्मनिर्भर भारत' के दावों के बीच उन्हें बुनियादी ईंधन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हमेशा की तरह जल्द आपूर्ति का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। फिलहाल, शहर में गैस की किल्लत बरकरार है।
    user_Vineet maheshwari
    Vineet maheshwari
    पत्रकारिता Raisen, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • Post by Suneel lodhi
    1
    Post by Suneel lodhi
    user_Suneel lodhi
    Suneel lodhi
    Video Creator बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by AM NEWS
    1
    Post by AM   NEWS
    user_AM   NEWS
    AM NEWS
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *इनके पाप विधायक है इस लिए ये किसी को भी गाड़ी से उड़ा देते है ?* मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर सत्ता के नशे और कानून के डर के बीच की खाई खुलकर सामने आ गई है। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से जुड़ा हालिया मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो सत्ता के करीब आते ही खुद को कानून से ऊपर समझने लगती है। आरोप है कि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र ने अपनी गाड़ी से कई लोगों को कुचल दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जितनी भयावह है, उससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाला उसका बाद का व्यवहार है। आम तौर पर ऐसे मामलों में आरोपी भयभीत होता है, छिपने की कोशिश करता है या कानून की प्रक्रिया का सामना करता है। लेकिन यहां तस्वीर उलट दिखाई देती है आरोपी का बेखौफ होकर सामान्य जीवन में लौट जाना यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर उसे यह भरोसा कहां से मिल रहा है? क्या यह विश्वास सिर्फ इसलिए है क्योंकि उसके पिता सत्ता में हैं? यह घटना किसी एक परिवार या एक नेता की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पोल खोलती है जहां “पहचान” और “पद” न्याय से बड़ा बन जाता है। जब आम आदमी सड़क पर चलता है, तो उसे ट्रैफिक नियमों से लेकर कानून की हर धारा का डर होता है। लेकिन वहीं, अगर कोई रसूखदार परिवार से आता है, तो वही सड़क उसके लिए ताकत का प्रदर्शन करने का मंच बन जाती है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या इस मामले में कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगा? या फिर यह भी उन फाइलों में दब जाएगा, जहां बड़े नामों के सामने जांच धीमी पड़ जाती है? जनता के मन में यह संदेह यूं ही पैदा नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई मामलों में देखा गया है कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई या तो देर से होती है या फिर कमजोर पड़ जाती है। इस पूरे प्रकरण में पीड़ितों की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। जिन लोगों को कुचला गया, वे किसी के परिवार के सदस्य हैं, किसी के पिता, किसी के बेटे। उनके लिए यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जिंदगी भर का दर्द बन सकती है। सवाल यह है कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा? क्या उनके जख्मों की भरपाई सिर्फ मुआवजे से हो सकती है? राजनीति में अक्सर “जनसेवा” की बात होती है, लेकिन जब जनता ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह शब्द खोखला लगने लगता है। सत्ता का मतलब जिम्मेदारी होना चाहिए, न कि दबंगई का लाइसेंस। यदि जनप्रतिनिधियों के परिवार ही कानून तोड़ने लगें और उन पर कार्रवाई न हो, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा आघात है। यह भी गौर करने वाली बात है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने क्यों आती हैं। क्या राजनीतिक दल अपने नेताओं और उनके परिवारों के आचरण को लेकर कोई आंतरिक अनुशासन लागू करते हैं? या फिर जीत के बाद सब कुछ “मैनेज” हो जाने की मानसिकता हावी हो जाती है? समाज में कानून का सम्मान तभी बना रह सकता है जब हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके दायरे में आए। अगर कुछ लोगों को छूट मिलती रही, तो यह संदेश जाएगा कि कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है। और यह स्थिति किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक होती है। आज जरूरत है एक निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की। सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। पुलिस और प्रशासन को यह साबित करना होगा कि वे किसी दबाव में नहीं हैं। अगर आरोपी दोषी है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वह किसी भी परिवार से क्यों न आता हो। यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अगर अब भी व्यवस्था नहीं चेती, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट सकता है। और जब जनता का विश्वास डगमगाता है, तो लोकतंत्र की नींव भी कमजोर पड़ जाती है। अब देखना यह है कि यह मामला भी बाकी मामलों की तरह समय के साथ ठंडा पड़ जाता है, या फिर सच में न्याय की मिसाल बनता है।
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    *इनके पाप विधायक है इस लिए ये किसी को भी गाड़ी से उड़ा देते है ?*
मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर सत्ता के नशे और कानून के डर के बीच की खाई खुलकर सामने आ गई है। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से जुड़ा हालिया मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो सत्ता के करीब आते ही खुद को कानून से ऊपर समझने लगती है। आरोप है कि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र ने अपनी गाड़ी से कई लोगों को कुचल दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जितनी भयावह है, उससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाला उसका बाद का व्यवहार है।
आम तौर पर ऐसे मामलों में आरोपी भयभीत होता है, छिपने की कोशिश करता है या कानून की प्रक्रिया का सामना करता है। लेकिन यहां तस्वीर उलट दिखाई देती है आरोपी का बेखौफ होकर सामान्य जीवन में लौट जाना यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर उसे यह भरोसा कहां से मिल रहा है? क्या यह विश्वास सिर्फ इसलिए है क्योंकि उसके पिता सत्ता में हैं?
यह घटना किसी एक परिवार या एक नेता की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पोल खोलती है जहां “पहचान” और “पद” न्याय से बड़ा बन जाता है। जब आम आदमी सड़क पर चलता है, तो उसे ट्रैफिक नियमों से लेकर कानून की हर धारा का डर होता है। लेकिन वहीं, अगर कोई रसूखदार परिवार से आता है, तो वही सड़क उसके लिए ताकत का प्रदर्शन करने का मंच बन जाती है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या इस मामले में कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगा? या फिर यह भी उन फाइलों में दब जाएगा, जहां बड़े नामों के सामने जांच धीमी पड़ जाती है? जनता के मन में यह संदेह यूं ही पैदा नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई मामलों में देखा गया है कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई या तो देर से होती है या फिर कमजोर पड़ जाती है।
इस पूरे प्रकरण में पीड़ितों की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। जिन लोगों को कुचला गया, वे किसी के परिवार के सदस्य हैं, किसी के पिता, किसी के बेटे। उनके लिए यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जिंदगी भर का दर्द बन सकती है। सवाल यह है कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा? क्या उनके जख्मों की भरपाई सिर्फ मुआवजे से हो सकती है?
राजनीति में अक्सर “जनसेवा” की बात होती है, लेकिन जब जनता ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह शब्द खोखला लगने लगता है। सत्ता का मतलब जिम्मेदारी होना चाहिए, न कि दबंगई का लाइसेंस। यदि जनप्रतिनिधियों के परिवार ही कानून तोड़ने लगें और उन पर कार्रवाई न हो, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा आघात है।
यह भी गौर करने वाली बात है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने क्यों आती हैं। क्या राजनीतिक दल अपने नेताओं और उनके परिवारों के आचरण को लेकर कोई आंतरिक अनुशासन लागू करते हैं? या फिर जीत के बाद सब कुछ “मैनेज” हो जाने की मानसिकता हावी हो जाती है?
समाज में कानून का सम्मान तभी बना रह सकता है जब हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके दायरे में आए। अगर कुछ लोगों को छूट मिलती रही, तो यह संदेश जाएगा कि कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है। और यह स्थिति किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक होती है।
आज जरूरत है एक निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की। सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। पुलिस और प्रशासन को यह साबित करना होगा कि वे किसी दबाव में नहीं हैं। अगर आरोपी दोषी है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वह किसी भी परिवार से क्यों न आता हो।
यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अगर अब भी व्यवस्था नहीं चेती, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट सकता है। और जब जनता का विश्वास डगमगाता है, तो लोकतंत्र की नींव भी कमजोर पड़ जाती है।
अब देखना यह है कि यह मामला भी बाकी मामलों की तरह समय के साथ ठंडा पड़ जाता है, या फिर सच में न्याय की मिसाल बनता है।
    user_Badsha Khan
    Badsha Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    48 min ago
  • शाजापुर शुजालपुर में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल नगर पालिका परिषद में सर्व सहमति से स्वीकार किया गया |
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    शाजापुर शुजालपुर में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल नगर पालिका परिषद में सर्व सहमति से स्वीकार किया गया |
    user_HIGH NEWS LIVE
    HIGH NEWS LIVE
    पत्रकार हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव कार्यक्रम में  vip व्यवस्था में लगी एंबुलेंस के अभाव में मरीज की  मौत के मामले में आज मरीज के परिजनों के साथ हिन्दू संगठनों के आक्रोशित लोगों ने जिला अस्पताल का घेराव किया। अधिकारियों ने कार्यवाही का दिलाया भरोषा।
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    रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव कार्यक्रम में  vip व्यवस्था में लगी एंबुलेंस के अभाव में मरीज की  मौत के मामले में आज मरीज के परिजनों के साथ हिन्दू संगठनों के आक्रोशित लोगों ने जिला अस्पताल का घेराव किया। अधिकारियों ने कार्यवाही का दिलाया भरोषा।
    user_Khabar24Today
    Khabar24Today
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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