स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार की आशंका: भीनमाल में पुलिस की दबिश, 2 युवक व 4 बाहरी युवतियां हिरासत में भीनमाल (विक्रम राठी) शहर के रानीवाड़ा रोड स्थित एक स्पा सेंटर पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में स्पा सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार रानीवाड़ा रोड स्थित गिलोरी स्पा सेंटर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। यह कार्रवाई डिप्टी शंकरलाल मंसूरिया के नेतृत्व में की गई, जिसमें एएसआई रघुनाथ बिश्नोई की टीम ने मौके पर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्पा सेंटर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से दो युवकों और चार बाहरी युवतियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान महेंद्र अनुराग और कुंवर, निवासी गांधीनगर, महोबा (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस सभी से गहन पूछताछ कर रही है और उनके भीनमाल आने के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि स्पा सेंटर की आड़ में अवैध देह व्यापार जैसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस स्पा सेंटर के संचालन के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गिरोह तो सक्रिय नहीं है। इसके लिए स्पा सेंटर से जुड़े दस्तावेजों, कर्मचारियों और वहां आने-जाने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग भी प्रशासन से ऐसे संदिग्ध स्पा सेंटरों पर नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे
स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार की आशंका: भीनमाल में पुलिस की दबिश, 2 युवक व 4 बाहरी युवतियां हिरासत में भीनमाल (विक्रम राठी) शहर के रानीवाड़ा रोड स्थित एक स्पा सेंटर पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में स्पा सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार रानीवाड़ा रोड स्थित गिलोरी स्पा सेंटर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। यह कार्रवाई डिप्टी शंकरलाल मंसूरिया के नेतृत्व में की गई, जिसमें एएसआई रघुनाथ बिश्नोई की टीम ने मौके पर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्पा सेंटर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से दो युवकों और चार बाहरी युवतियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान महेंद्र अनुराग और कुंवर, निवासी गांधीनगर, महोबा (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस सभी से गहन पूछताछ कर रही है और उनके भीनमाल आने के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि स्पा सेंटर की आड़ में अवैध देह व्यापार जैसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस स्पा सेंटर के संचालन के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गिरोह तो सक्रिय नहीं है। इसके लिए स्पा सेंटर से जुड़े दस्तावेजों, कर्मचारियों और वहां आने-जाने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग भी प्रशासन से ऐसे संदिग्ध स्पा सेंटरों पर नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे
- जालौर गुरुवार को सवेरे 11:00 के करीब राजस्थान के राज्यपाल माननीय हरिभाऊ बागडे जालौर शहर में राजेंद्र नगर रोड स्थित जालौर नागरिक सहकारी बैंक के प्रधान कार्यालय के लोकार्पण समारोह में शिरकत करेंगे यह जानकारी जालौर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष मोहन पाराशर व मुख्य अधिकारी परमानंद भट्ट जानकारी दी2
- Post by सांवला राम/सगथाराम गांव भवातड़ा ग्राम पंचायत जोरादर3
- आबूरोड रेलवे स्टेशन पर बिना अनुमति के लगाया टेंट, जिम्मेदारों पर उठे सवाल। आबू रोड- रेलवे स्टेशन परिसर में बिना स्टेशन अधीक्षक और उच्च अधिकारियों की अनुमति के टेंट लगाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार किसी सत्ताधारी पार्टी के नेता के संभावित आगमन को लेकर यह टेंट लगाया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक स्वीकृति नहीं ली गई। स्टेशन अधीक्षक ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई अनुमति दी है। रेलवे परिसर में इस तरह का अतिक्रमण सुरक्षा और नियमों पर सवाल खड़े करता है। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसकी सहमति से यह टेंट लगाया गया।2
- आबू रोड- रेलवे स्टेशन परिसर में बिना स्टेशन अधीक्षक और उच्च अधिकारियों की अनुमति के टेंट लगाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार किसी सत्ताधारी पार्टी के नेता के संभावित आगमन को लेकर यह टेंट लगाया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक स्वीकृति नहीं ली गई। स्टेशन अधीक्षक ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई अनुमति दी है। रेलवे परिसर में इस तरह का अतिक्रमण सुरक्षा और नियमों पर सवाल खड़े करता है। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसकी सहमति से यह टेंट लगाया गया। रिपोर्टर - रितिक सरगरा,आबूरोड1
- बाड़मेर, डिस्काॅम के निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा शुरू किए गए आंदोलन के क्रम में बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन हुआ। इस दौरान रैली के रूप में पहले मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर मुख्य अभियंता एन.के.जोशी को निगम प्रबंधन के नाम एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया। अधिकारियों व कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार व निगम प्रबंधन की नीतियों की आलोचना करते हुए विरोध जताया। बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने न्यू पाॅवर हाउस परिसर में धरना दिया जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक व बेजोड़ के अध्यक्ष सहायक अभियंता उम्मेदाराम चौधरी ने कहा कि डिस्काॅम का निजीकरण किसी भी सुरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर सरकार समय रहते निजीकरण को नहीं रोकेगी तो आने वाले दिनों में आंदोलन को ओर बड़े स्तर पर किया जाएगा जिसमें जनता तक को शामिल किया जाएगा। बीएमएस के जितेन्द्र छंगाणी व खीमकरण खींची ने कहा कि निजीकरण के क्या नुकसान आम जनता भुगत रही हैं यह भली भांति विदित हैं। निजीकरण से आम जनता के हितों पर कुठाराघात होने के साथ ही कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडराता हैं एवं भविष्य के रोजगार के रास्ते बंद हो जाते हैं। राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश पंवार ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा आंदोलन की शुरूआत 25 मार्च से काली पट्टी के रूप में की गई और सहायक अभियंता मुख्यालयों से भी ज्ञापन सौपे गए। इसी क्रम में आज जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा हैं। निगम प्रबंधन को कर्मचारियों के आक्रोश को समय रहते समझना होगा और निजीकरण की जो नीति चलाई जा रही हैं एवं तुरंत बंद करना होगा। ऐसा नहीं होने की स्थिति में आने वाले दिनों में आंदोलन उग्र किया जाएगा जिसके कारण आमजन को होने वाली परेशानियों के लिए निगम व सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार रहेंगी। उन्होने कर्मचारियों को 30 अप्रैल को जोधपुर में होने वाले विशाल प्रदर्शन में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का आव्हान किया। लेखा शाखा के अमित कुमार ने कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन की जो मुहिम शुरू की गई हैं उसमें हम पूरी तरह से साथ है और आने वाले दिनों में भी शत-प्रतिशत भागीदारी निभाएंगे। एटक के जिलाध्यक्ष रूगसिंह कहा कि निजीकरण को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। एक तरफ निगम प्रबंधन कर्मचारियों व अधिकारियों पर शत-प्रतिशत राजस्व वसूली व लाॅसेज कम करने के निर्देश जारी करती हैं और जब अधिकारी -कर्मचारी अथक प्रयास कर उस काम को करते है तो उस क्षेत्र को सीधे निजी हाथों में सौप दिया जाता है जो न्यायोचित नहीं हैं। बाड़मेर मुख्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन में अधिशाषी अभियंता लक्ष्मणदास, सहायक अभियंता राणमल खत्री, सवाईसिंह, राजेश मीना, प्रवीण सोनी, दुर्गेश चंद, छगनलाल मीना, अशोक कुमार मीना, एसीओएस केशाराम, कनिष्ठ अभियंता ललित बाकोलिया, धीरज खत्री, हिमांशु वर्मा, गौरव मीना, प्रधान मीना, ईमरान शेख, किशोरसिंह, मंत्रालयिक व लेखा शाखा से बंशीधर पंवार, मोतीलाल पाटोदिया, बजरंग रोज, प्रवीण सोनी, राणाराम, मुकेश मीना, मांगीलाल, नारायण दास, गौतम परमार, अनिल पंवार, नवीन मीना, भुपेन्द्र, अशोक नामा, राजेन्द्र बाना, लिखमाराम, चुन्नीलाल, चौधरी, महेन्द्र कुमार, नारायण पंवार, दिलीप बेनिवाल, अशोक कुमार, मदन मीना, मूलाराम, जेठूसिंह, कृष्ण कुमार काकोड़िया, ठाकराराम प्रजापत, कंवराराम, पोपिंस कुमार, रवि कुमार, मुकेश कुमार, बगताराम, ओमसिंह, सतीश पूनड़, धनसिंह, अमजद खान, अकरम, हरिसिंह, दलपत, राजेश हुड्डा, सुनील लखारा, हसन खान, जोगाराम, देवेन्द्र, कन्हैयालाल, दलाराम, चैनाराम, शोभराज नामा, राणूसिंह, नवीन कुमार, धर्माराम, रामाराम, घनश्याम प्रजापत, देवेन्द्र, विश्वेन्द्र मीना, गजेन्द्र सहित कई अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।1
- पाली,मनीष राठौड़ । खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुमेरपुर के संजय नगर इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। करीब 8 घंटे चली इस रेड में भारी मात्रा में मिलावटी घी और नामी कंपनियों के नकली रैपर बरामद किए गए सीएमएचओ विकास मारवाल ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई कल रात 8 बजे शुरू होकर आज सुबह 4:30 बजे तक चली। फैक्ट्री में सरस, अमूल, कृष्णा और नोवा जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स की हूबहू पैकिंग की जा रही थी। टीम ने 15-15 किलो के 150 टिन घी जब्त किया है। इसके अलावा 106 टिन पाम ऑयल भी मिला है, जिसे घी में मिलाकर मिलावट की जा रही थी। मौके से टिन सील करने की मशीनें, घी गरम करने के उपकरण और पारस, सागर, बनास जैसी कई कंपनियों के नकली रैपर व डिब्बे बरामद हुए हैं। कार्रवाई के दौरान कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बरामद घी की जांच कर पुष्टि की कि यह उनकी कंपनी का असली उत्पाद नहीं है, बल्कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर नकली घी बेचा जा रहा था। इसके बाद सरस कंपनी की ओर से सुमेरपुर थानाधिकारी को कॉपीराइट उल्लंघन की एफआईआर दी गई है। खाद्य विभाग ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए सैम्पल लिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट में परिवाद पेश किया जाएगा। मुख्य आरोपियों में पर्बत सिंह, खुशाल सुथार सहित अन्य के नाम सामने आए हैं। पूरी कार्रवाई में खाद्य विभाग से सुरेश चंद्र शर्मा, ओमप्रकाश प्रजापत और प्रभुदयाल शामिल थे। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से सुमेरपुर डीवाईएसपी जितेंद्र सिंह गिलाकोर, एसआई भंवर सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- यह खबर एक बहुत ही गंभीर और दिल दहला देने वाली घटना के बारे में है। मैं आपको इसे आसान भाषा में समझा देता हूँ: 🔴 क्या हुआ? पाली जिले के कराड़ी गांव में 1 अप्रैल को 70 वर्षीय महिला (प्यारी देवी) की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने चांदी के गहनों के लिए महिला के पैर तक काट दिए। 👮 पुलिस ने क्या किया? पुलिस ने जांच के बाद दो सगे भाइयों (भरत भाई और राजू भाई) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी पास के बिठोड़ा गांव के रहने वाले हैं। 🔍 जांच कैसे हुई? पुलिस की स्पेशल टीम, साइबर टीम और मारवाड़ जंक्शन पुलिस ने मिलकर काम किया। करीब 4000 किलोमीटर तक पीछा किया (अहमदाबाद और बेंगलुरु तक)। 12 टीमों ने 500+ CCTV कैमरे चेक किए और कई लोगों से पूछताछ की। 🧾 वारदात कैसे की गई? सुनसान जगह (तालाब के पास) पर: महिला की गर्दन और पैर काटे करीब 1 किलो चांदी के गहने सोने के जेवर और मोबाइल लूट लिया ⚠️ आरोपी क्या करते थे? पेशे से लकड़ी काटने और कोयला बनाने का काम करते थे 👉 निष्कर्ष: पुलिस ने काफी मेहनत और टेक्नोलॉजी की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया। यह मामला लालच और क्रूरता का बहुत बड़ा उदाहरण है। अगर आप चाहो तो मैं इसे पोस्टर, न्यूज़ स्टाइल वीडियो स्क्रिप्ट या सोशल मीडिया पोस्ट में भी बदलकर दे सकता हूँ 👍आगे क्या खुलासा हुआ? पुलिस ने तकनीकी आधार (लोकेशन/मोबाइल ट्रैकिंग) से आरोपियों का लगातार पीछा किया। जैसे ही आरोपी वापस मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में आया, उसे भगवानपुरा चौराहे से पकड़ लिया गया। 💰 लूट का सामान कहाँ गया? चोरी किए गए चांदी के गहने (कड़े) 👉 आउवा गांव के एक व्यक्ति के पास गिरवी रख दिए गए थे हैरानी की बात: वह व्यक्ति मृतका (वृद्ध महिला) की ही जाति का था उसे अगले दिन ही घटना का पता चल गया था फिर भी वह चुप रहा और प्रदर्शन (धरना) में भी शामिल हुआ 😳 ⚠️ इसका मतलब क्या है? यह केस सिर्फ हत्या ही नहीं, बल्कि 👉 लूट और छुपाने (गिरवी रखने) का भी मामला बन गया पुलिस अब उस व्यक्ति पर भी कार्रवाई कर सकती है जिसने सामान छुपाया 👉 सीधी बात: पुलिस ने टेक्नोलॉजी और मेहनत से आरोपियों को पकड़ लिया, और अब लूट का पूरा नेटवर्क भी सामने आ रहा है। न्यूज़ रिपोर्टर मदन लाल परमार1