अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की हरदा इकाई ने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन किया, जहाँ कुलपति का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। परिषद ने विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को तत्काल दूर करने की मांग उठाई है। परिषद अध्यक्ष के अनुसार, विश्वविद्यालय वार्षिक कैलेंडर के अनुसार समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं करता। एम.ए. प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं छह महीने पहले आयोजित की गई थीं, लेकिन अभी तक उनके परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। वहीं, जनवरी-फरवरी में होने वाली प्रथम वर्ष की परीक्षाएं भी अब तक नहीं ली गई हैं। परीक्षा परिणामों में देरी और समय पर परीक्षा न होने के कारण विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र डिग्री न मिलने के कारण उनमें भाग नहीं ले पा रहे हैं। ABVP ने आरोप लगाया है कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति विश्वविद्यालय को चलाने में असमर्थ दिख रहे हैं और समस्याओं का समाधान करने में विफल हैं। हरदा के नगर मंत्री शुभम ढोके ने नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ABVP सरकार से यह मांग करती है कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और विश्वविद्यालय में धारा 52 लागू की जाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेजों में एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी। इस अवसर पर दानिश निकुंज, जतिन प्रद्युमन, फाल्गुनी, डॉली, रुद्र, रंजीत, विकास, सौम्या सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की हरदा इकाई ने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन किया, जहाँ कुलपति का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। परिषद ने विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को तत्काल दूर करने की मांग उठाई है। परिषद अध्यक्ष के अनुसार, विश्वविद्यालय वार्षिक कैलेंडर के अनुसार समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं करता। एम.ए. प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं छह
महीने पहले आयोजित की गई थीं, लेकिन अभी तक उनके परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। वहीं, जनवरी-फरवरी में होने वाली प्रथम वर्ष की परीक्षाएं भी अब तक नहीं ली गई हैं। परीक्षा परिणामों में देरी और समय पर परीक्षा न होने के कारण विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र डिग्री न मिलने
के कारण उनमें भाग नहीं ले पा रहे हैं। ABVP ने आरोप लगाया है कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति विश्वविद्यालय को चलाने में असमर्थ दिख रहे हैं और समस्याओं का समाधान करने में विफल हैं। हरदा के नगर मंत्री शुभम ढोके ने नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ABVP सरकार से यह मांग करती है कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति
को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और विश्वविद्यालय में धारा 52 लागू की जाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेजों में एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी। इस अवसर पर दानिश निकुंज, जतिन प्रद्युमन, फाल्गुनी, डॉली, रुद्र, रंजीत, विकास, सौम्या सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की हरदा इकाई ने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन किया, जहाँ कुलपति का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। परिषद ने विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को तत्काल दूर करने की मांग उठाई है। परिषद अध्यक्ष के अनुसार, विश्वविद्यालय वार्षिक कैलेंडर के अनुसार समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं करता। एम.ए. प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं छह महीने पहले आयोजित की गई थीं, लेकिन अभी तक उनके परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। वहीं, जनवरी-फरवरी में होने वाली प्रथम वर्ष की परीक्षाएं भी अब तक नहीं ली गई हैं। परीक्षा परिणामों में देरी और समय पर परीक्षा न होने के कारण विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र डिग्री न मिलने के कारण उनमें भाग नहीं ले पा रहे हैं। ABVP ने आरोप लगाया है कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति विश्वविद्यालय को चलाने में असमर्थ दिख रहे हैं और समस्याओं का समाधान करने में विफल हैं। हरदा के नगर मंत्री शुभम ढोके ने नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ABVP सरकार से यह मांग करती है कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और विश्वविद्यालय में धारा 52 लागू की जाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेजों में एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी। इस अवसर पर दानिश निकुंज, जतिन प्रद्युमन, फाल्गुनी, डॉली, रुद्र, रंजीत, विकास, सौम्या सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।4
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में, 14 जून रविवार को प्रातः 6:15 बजे से 7:35 बजे तक एक ऑनलाइन योग सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष योग सत्र का लक्ष्य गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होना है। नर्मदापुरम कलेक्टर ने जिलेवासियों से आग्रह किया है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में भारी संख्या में भाग लेकर जिले का गौरव बढ़ाएं। यह ऑनलाइन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास भारत और विश्वभर के नागरिकों की सहभागिता से आयोजित किया जा रहा है। इस पहल के आयोजक एमडीएनआईवाई (MDNIY), आयुष मंत्रालय और Habuild हैं। इस ऐतिहासिक योग उत्सव के साथ जुड़कर प्रतिभागी #Yoga365 के संकल्प का भी हिस्सा बनेंगे। ऑनलाइन योग सत्र में शामिल होने के लिए, इच्छुक प्रतिभागी भारत के टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर WhatsApp मिस्ड कॉल देकर प्राप्त लिंक के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागी दिए गए लिंक के माध्यम से भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इस माध्यम से, सहभागियों को ऑनलाइन योग सत्रों में जुड़ने और डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।1
- नर्मदापुरम के कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को जनपद पंचायत नर्मदापुरम अंतर्गत ग्राम पंचायत रंढाल पहुंचकर नवांकुर अभियान में सहभागिता की। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस से हुई थी और कलेक्टर श्री मिश्रा के निर्देशानुसार इसे पूरे जिले में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें आगामी वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्थानों पर फैलाया जाएगा। ग्राम पंचायत रंढाल में आयोजित गतिविधि के दौरान कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन और ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रगति ग्राम संगठन की महिलाओं के साथ मिलकर सीड बॉल बनाए। इस अवसर पर आम, नीम, करंज, जामुन और महुआ जैसे विभिन्न प्रजातियों के बीजों को मिट्टी एवं जैविक खाद के साथ मिलाकर सीड बॉल तैयार किए गए। इन सीड बॉल का उपयोग वर्षा ऋतु में अधिकाधिक वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने ग्राम पंचायत परिसर में संचालित गौशाला का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें बताया गया कि गौशाला से निकलने वाले गोबर से जैविक खाद तैयार की जा रही है और पशुओं के लिए पर्याप्त भूसे का संग्रहण भी किया गया है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने गौशाला परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और पक्की नाली निर्माण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, साथ ही गोबर का उपयोग जैविक खाद निर्माण में करने को एक सराहनीय और पर्यावरण हितैषी पहल बताया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने जोर दिया कि नवांकुर अभियान के माध्यम से जिले में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जा रही है और अधिकाधिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसमें जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, सरपंच और शायद अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे।1
- विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच राष्ट्रपति भवन मार्च के दौरान नोकझोंक हुई। पुलिस ने मार्च कर रहे नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। इस कार्रवाई में कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार सहित कई अन्य कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।1
- नर्मदापुरम जिले के इटारसी शहर से एक 'जरा हटके' खबर सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि शहर का खेल मैदान अब दिन के समय शराब पीने वालों के लिए एक 'उत्तम स्थान' बन गया है।1
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया ब्लॉक में शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि के ₹9.48 लाख के गबन के मामले में करीब डेढ़ साल बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। ऑपरेटर कमलेश अहिरवार द्वारा किए गए इस कथित गबन का आरोप सिद्ध होने और राशि वापस जमा करने के बावजूद, आज दिनांक 12.2026 शाम 5:30 बजे तक उसके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी है। इस मामले में अफसरान पर मेहरबानी का आरोप लग रहा है, जिससे शिक्षा और पुलिस विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जाँच में पाया गया कि ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने छात्रवृत्ति और एरियर्स की यह राशि अपने तीन स्वयं के खातों में, साथ ही अपनी पत्नी रिवा अहिरवार और भाई अनिल अहिरवार के खातों में स्थानांतरित की थी। लगभग डेढ़ साल पहले जब यह मामला उजागर हुआ था, तब अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेटर को नौकरी से हटा दिया था और गबन की राशि भी वापस जमा करवाई थी। बीईओ रघुवंशी के मुताबिक, जाँच के दौरान ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने ब्याज सहित राशि वापस करके अपनी गलती स्वीकार भी कर ली थी। इस पूरे मामले से संबंधित 5700 पन्नों की एक विस्तृत जाँच फाइल पिपरिया के बीईओ कार्यालय और मंगलवारा थाने के बीच घूम रही है, जो अब बीईओ कार्यालय की एक अलमारी में बंद बताई जा रही है। एफ़आईआर दर्ज करने को लेकर बीईओ और थाना प्रभारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। पिपरिया के बीईओ श्री लाल रघुवंशी का कहना है कि उन्होंने थाना प्रभारी द्वारा माँगी गई सभी वांछित जानकारी तैयार कर ली थी और समस्त अभिलेख सहित कार्यालय के प्रभारी लेखपाल एवं स्टाफ 6 मार्च 2026 को पिपरिया पुलिस थाना में उपस्थित भी हुए थे। हालाँकि, समय के अभाव के कारण संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इसके बाद, उन्होंने स्वयं 10 मार्च 2026 को मंगलवारा थाना पहुँचकर विवेचक उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह कुशवाहा से संपर्क किया, लेकिन 'व्यवस्था के कारण' आवश्यक कार्रवाई नहीं हो पाई। बीईओ ने थाना प्रभारी से कार्रवाई के लिए तिथि और समय निर्धारित कर सूचित करने का अनुरोध भी किया, लेकिन एफआईआर अब तक नहीं हुई है। इस गबन मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. मनीष वर्मा ने भी नाराजगी व्यक्त की थी। जाँच के बाद, कलेक्टर कार्यालय और जेडी ने 7 मार्च 2025 को ही ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों को 24 अक्टूबर 2025 और तीसरी बार 9 दिसंबर 2025 को भी दोहराया गया, लेकिन सभी निर्देशों के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है।1
- आज शाम करीब आठ बजे भीमपुर ब्लॉक के रिंगढाना गाँव में आंधी-तूफान के कारण लगी भीषण आग में दर्जनों मकान जलकर पूरी तरह खाक हो गए। इस भयावह घटना के चलते गाँव की लगभग आधी आबादी को अपने घरों से बेघर होना पड़ा है।3