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शासकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में जल गंगा संवर्धन अभियान–2026 के जिला स्तरीय समापन का आयोजन किया गया।

3 hrs ago
user_ARUN SHENDE
ARUN SHENDE
रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

शासकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में जल गंगा संवर्धन अभियान–2026 के जिला स्तरीय समापन का आयोजन किया गया।

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  • Mohabbat ek se karna hajaron se nahin jindagi lakhon ke sath mein Mohabbat ek se karna hajaron se nahin jindagi lakhon ke sath mein
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    Mohabbat ek se karna hajaron se nahin jindagi lakhon ke sath mein
Mohabbat ek se karna hajaron se nahin jindagi lakhon ke sath mein
    user_Ajay Lodhi
    Ajay Lodhi
    Photographer विदिशा नगर, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका नाम “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच के परिणामस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी समझाइश दी गई। इसी क्रम में, विद्यालयों में उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जानकारी दी गई, और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों अथवा जिनके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न हों। उन्होंने सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी बताया। इसके अतिरिक्त, स्कूल वाहन चालकों को वर्षा ऋतु को देखते हुए वाहनों में मजबूत जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्हें वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई, और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं, जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्रदान करने वाली राह-वीर योजना, दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कैशलेस उपचार योजना, और अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली हिट एंड रन प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना एवं सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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    सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका नाम “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया।

इस सघन जांच के परिणामस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी समझाइश दी गई। इसी क्रम में, विद्यालयों में उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जानकारी दी गई, और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों अथवा जिनके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न हों। उन्होंने सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी बताया। इसके अतिरिक्त, स्कूल वाहन चालकों को वर्षा ऋतु को देखते हुए वाहनों में मजबूत जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्हें वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई, और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं, जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्रदान करने वाली राह-वीर योजना, दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कैशलेस उपचार योजना, और अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली हिट एंड रन प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना एवं सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    user_Jagmohan tiwari
    Jagmohan tiwari
    Singer Vidisha, Madhya Pradesh•
    23 hrs ago
  • एक महिला की किस्मत रातोंरात बदल गई है, जब उसे धरती चीर कर एक हीरा मिला। इस अद्भुत खोज ने उस गरीब महिला को पल भर में लखपति बना दिया। यह घटना एक महिला को रातोंरात गरीब से लखपति बना जाने की कहानी बयां करती है।
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    एक महिला की किस्मत रातोंरात बदल गई है, जब उसे धरती चीर कर एक हीरा मिला। इस अद्भुत खोज ने उस गरीब महिला को पल भर में लखपति बना दिया। यह घटना एक महिला को रातोंरात गरीब से लखपति बना जाने की कहानी बयां करती है।
    user_Manisha kushwah
    Manisha kushwah
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • भोपाल आबकारी विभाग ने कलेक्टर भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशन और सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नियंत्रण कक्ष प्रभारी श्री आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने 30 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर बैरसिया के ग्राम मनीखेड़ी और रतुआ पठार के जंगल में छापा मारा। इस दौरान कुल 2000 किलोग्राम महुआ लहान और 25 लीटर अवैध हाथभट्टी मदिरा बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2,05,000 है। इस मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34 (1) 'क' और 'च' के तहत कुल 5 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मौके पर कोई भी व्यक्ति नहीं मिला, जिसके चलते अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है और उनकी तलाश जारी है। इस कार्रवाई में सहायक आबकारी अधिकारी अर्चना जैन, सीमा कसीसिया, मनोज दुबे, संतोष बागड़े, महेश विश्वकर्मा, उप निरीक्षक स्वाति बघेल, चंदर सिंह और अन्य आबकारी अमला मौजूद रहा। सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि उनके स्टाफ द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई लगातार की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
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    भोपाल आबकारी विभाग ने कलेक्टर भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशन और सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नियंत्रण कक्ष प्रभारी श्री आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने 30 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर बैरसिया के ग्राम मनीखेड़ी और रतुआ पठार के जंगल में छापा मारा। इस दौरान कुल 2000 किलोग्राम महुआ लहान और 25 लीटर अवैध हाथभट्टी मदिरा बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2,05,000 है।

इस मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34 (1) 'क' और 'च' के तहत कुल 5 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मौके पर कोई भी व्यक्ति नहीं मिला, जिसके चलते अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है और उनकी तलाश जारी है। इस कार्रवाई में सहायक आबकारी अधिकारी अर्चना जैन, सीमा कसीसिया, मनोज दुबे, संतोष बागड़े, महेश विश्वकर्मा, उप निरीक्षक स्वाति बघेल, चंदर सिंह और अन्य आबकारी अमला मौजूद रहा।

सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि उनके स्टाफ द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई लगातार की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
    user_मो। शादाब पत्रकार
    मो। शादाब पत्रकार
    पत्रकार बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अयोध्या राम मंदिर परिसर में पुलिस बैरिकेडिंग के भीतर मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर किस बात का डर है। यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो स्वतंत्र मीडिया को रिपोर्टिंग करने से क्यों रोका जा रहा है? लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता से सवाल पूछने की होती है, न कि केवल सरकारी प्रचार प्रसारित करने की। यदि परिसर में केवल कुछ चुनिंदा कैमरों को ही पहुँच मिलती है और अन्य पत्रकारों पर पाबंदी लगाई जाती है, तो यह पारदर्शिता नहीं बल्कि सूचना को नियंत्रित करने का एक स्पष्ट प्रयास प्रतीत होता है। भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि सवाल पूछने वाले पत्रकार लोकतंत्र के दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी सबसे मजबूत नींव हैं। मीडिया पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि जनता में संदेह और गहरा होगा। राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और इसलिए वहाँ होने वाली हर व्यवस्था, प्रत्येक निर्णय और हर गतिविधि जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। लोकतंत्र में जवाब सवालों के माध्यम से दिए जाते हैं, पाबंदियों से नहीं।
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    अयोध्या राम मंदिर परिसर में पुलिस बैरिकेडिंग के भीतर मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर किस बात का डर है। यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो स्वतंत्र मीडिया को रिपोर्टिंग करने से क्यों रोका जा रहा है?

लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता से सवाल पूछने की होती है, न कि केवल सरकारी प्रचार प्रसारित करने की। यदि परिसर में केवल कुछ चुनिंदा कैमरों को ही पहुँच मिलती है और अन्य पत्रकारों पर पाबंदी लगाई जाती है, तो यह पारदर्शिता नहीं बल्कि सूचना को नियंत्रित करने का एक स्पष्ट प्रयास प्रतीत होता है।

भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि सवाल पूछने वाले पत्रकार लोकतंत्र के दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी सबसे मजबूत नींव हैं। मीडिया पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि जनता में संदेह और गहरा होगा। राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और इसलिए वहाँ होने वाली हर व्यवस्था, प्रत्येक निर्णय और हर गतिविधि जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। लोकतंत्र में जवाब सवालों के माध्यम से दिए जाते हैं, पाबंदियों से नहीं।
    user_महेश कुमार
    महेश कुमार
    Local News Reporter बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • शासकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में जल गंगा संवर्धन अभियान–2026 के जिला स्तरीय समापन का आयोजन किया गया।
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    शासकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में जल गंगा संवर्धन अभियान–2026 के जिला स्तरीय समापन का आयोजन किया गया।
    user_ARUN SHENDE
    ARUN SHENDE
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए घोषणा की कि जल संरक्षण के कार्यों में मध्य प्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी बन गया है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक 100 दिन चले इस अभियान के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 62 हजार से अधिक जल स्रोतों, जिसमें कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियां, अमृत सरोवर और प्राचीन जल स्त्रोत शामिल हैं, का पुनरोद्धार किया गया है। मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले की सराहना करते हुए कहा कि कपिल मुनि की तपोस्थली राजगढ़ जल संचय कार्यों में अग्रणी रहा है और यह अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले 6 जिलों में शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजगढ़ को 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती और यह पृथ्वी पर प्रकृति व जीवन का आधार है। उन्होंने सनातन संस्कृति में जल के विशेष महत्व और शरीर में 70 प्रतिशत से अधिक जल की मात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे जाकर पवित्र गंगा नदी में मिलती हैं, इसी उद्देश्य से इस संचयन अभियान को 'जल गंगा' नाम दिया गया है, क्योंकि यह गंगा बेसिन का क्षेत्र है। राजगढ़ जिले में इस अभियान के तहत 341 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 30 से अधिक विकास कार्य किए गए हैं, जिसमें आज 247 करोड़ 40 लाख रुपये के 14 भूमि-पूजन और 100 करोड़ रुपये से 17 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है, जिसमें जीरापुर का सांदीपनि विद्यालय और 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक पुल भी है। समारोह में दिव्यांगों को ट्राय साइकिल और महिलाओं को स्कूटी की चाबी दी गई, साथ ही राजगढ़ जिले के पर्यटन विकास पर केंद्रित कॉफी टेबल बुक का अनावरण हुआ और 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की सहायता राशि सहित अन्य हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षा में अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा के अनुमान को देखते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी की बूंद-बूंद को बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और बताया कि अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसे जल स्त्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरे वर्ष इस अभियान की सफलता का जिक्र किया। डॉ. यादव ने सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जैसे गेहूं उत्पादक किसानों को 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपार्जन पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान, सिंचित भूमि का रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचना, और राजगढ़ में सिंचाई का रकबा 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर ढाई लाख हेक्टेयर होना, जिससे पलायन रुका और स्थानीय रोजगार मिला। उन्होंने लाड़ली बहनों को 1500 रुपये, किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और स्कूली बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस, कॉपी, किताबें व साइकिलें देने जैसी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की भव्य तैयारियों के बारे में बताया, जहां लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है और भोपाल से राजगढ़, उज्जैन, मंदसौर तक नई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने द्वारिका योजना के अंतर्गत सारंगपुर, पचोर सहित राजगढ़ की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों और भैंसवामाता के भव्य-दिव्य लोक निर्माण के लिए प्रस्ताव मंजूर करने, जिसके प्रथम चरण के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों को सरकार द्वारा प्रमाणित बताया और कहा कि राजगढ़ जैसा पानी की कमी वाला जिला बाहर के पानी का संचय कर अपनी जरूरतें पूरी करता है। उन्होंने कम वर्षा के अनुमान और नदियों के सूखे उद्गम स्थलों को देखते हुए जनभागीदारी से पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए घोषणा की कि जल संरक्षण के कार्यों में मध्य प्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी बन गया है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक 100 दिन चले इस अभियान के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 62 हजार से अधिक जल स्रोतों, जिसमें कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियां, अमृत सरोवर और प्राचीन जल स्त्रोत शामिल हैं, का पुनरोद्धार किया गया है। मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले की सराहना करते हुए कहा कि कपिल मुनि की तपोस्थली राजगढ़ जल संचय कार्यों में अग्रणी रहा है और यह अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले 6 जिलों में शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजगढ़ को 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती और यह पृथ्वी पर प्रकृति व जीवन का आधार है। उन्होंने सनातन संस्कृति में जल के विशेष महत्व और शरीर में 70 प्रतिशत से अधिक जल की मात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे जाकर पवित्र गंगा नदी में मिलती हैं, इसी उद्देश्य से इस संचयन अभियान को 'जल गंगा' नाम दिया गया है, क्योंकि यह गंगा बेसिन का क्षेत्र है। राजगढ़ जिले में इस अभियान के तहत 341 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 30 से अधिक विकास कार्य किए गए हैं, जिसमें आज 247 करोड़ 40 लाख रुपये के 14 भूमि-पूजन और 100 करोड़ रुपये से 17 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है, जिसमें जीरापुर का सांदीपनि विद्यालय और 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक पुल भी है। समारोह में दिव्यांगों को ट्राय साइकिल और महिलाओं को स्कूटी की चाबी दी गई, साथ ही राजगढ़ जिले के पर्यटन विकास पर केंद्रित कॉफी टेबल बुक का अनावरण हुआ और 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की सहायता राशि सहित अन्य हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षा में अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा के अनुमान को देखते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी की बूंद-बूंद को बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और बताया कि अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसे जल स्त्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरे वर्ष इस अभियान की सफलता का जिक्र किया। डॉ. यादव ने सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जैसे गेहूं उत्पादक किसानों को 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपार्जन पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान, सिंचित भूमि का रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचना, और राजगढ़ में सिंचाई का रकबा 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर ढाई लाख हेक्टेयर होना, जिससे पलायन रुका और स्थानीय रोजगार मिला। उन्होंने लाड़ली बहनों को 1500 रुपये, किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और स्कूली बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस, कॉपी, किताबें व साइकिलें देने जैसी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की भव्य तैयारियों के बारे में बताया, जहां लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है और भोपाल से राजगढ़, उज्जैन, मंदसौर तक नई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने द्वारिका योजना के अंतर्गत सारंगपुर, पचोर सहित राजगढ़ की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों और भैंसवामाता के भव्य-दिव्य लोक निर्माण के लिए प्रस्ताव मंजूर करने, जिसके प्रथम चरण के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों को सरकार द्वारा प्रमाणित बताया और कहा कि राजगढ़ जैसा पानी की कमी वाला जिला बाहर के पानी का संचय कर अपनी जरूरतें पूरी करता है। उन्होंने कम वर्षा के अनुमान और नदियों के सूखे उद्गम स्थलों को देखते हुए जनभागीदारी से पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
    user_भोपाल टुडे न्यूज़
    भोपाल टुडे न्यूज़
    Police Officer हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचे एक 19 महीने के मासूम ने भाजपा सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण अपनी आँखों की रोशनी खो दी। इस हृदयविदारक घटना ने ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहाँ एक ओर स्वास्थ्य सेवाएँ दम तोड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के दावों और विज्ञापनों की चमक अभी भी बरकरार है।
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    इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचे एक 19 महीने के मासूम ने भाजपा सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण अपनी आँखों की रोशनी खो दी। इस हृदयविदारक घटना ने ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहाँ एक ओर स्वास्थ्य सेवाएँ दम तोड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के दावों और विज्ञापनों की चमक अभी भी बरकरार है।
    user_Rahul Goswami journalist
    Rahul Goswami journalist
    Local News Reporter Berasia, Bhopal•
    15 hrs ago
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