गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने शनिवार को सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष 'अंचल दिवस' कार्यक्रम में भाग लिया, जिसके उपरांत उन्होंने सिसई स्थित रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण भी किया। अंचल दिवस के प्रारंभ में उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाओं पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आमजनों को संबोधित करते हुए 'अंचल दिवस' के उद्देश्य और राजस्व प्रशासन की जनोन्मुखी पहलों की जानकारी दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और शिकायतों के साथ उपस्थित हुए, जिनमें अधिकांश मामले भूमि एवं राजस्व से संबंधित थे। उपायुक्त ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, लगान रसीद निर्गमन, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई की, जिनमें से कई का मौके पर ही निष्पादन सुनिश्चित किया गया। जटिल एवं प्रक्रियाधीन मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आम का एक विशेष स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहा। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि आम जनता की शिकायतों और प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों को बिना किसी उचित कारण के लंबित न रखा जाए। उन्होंने राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, संवेदनशील एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि अंचल दिवस का उद्देश्य प्रशासन की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है, क्योंकि भूमि से संबंधित विषय नागरिकों के जीवन एवं आजीविका से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनका समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और उनका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया। विशेष अंचल दिवस कार्यक्रम के बाद, उपायुक्त ने सिसई रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों व उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी ने उपायुक्त को अवगत कराया कि अस्पताल का वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है, जिसकी छत के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है। इसके मद्देनज़र, चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए अस्पताल को समीपवर्ती भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान भवन को तत्काल कंडम घोषित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करते हुए उक्त स्थल पर एक नए एवं आधुनिक अस्पताल भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव अग्रसारित करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी सिसई सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने शनिवार को सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष 'अंचल दिवस' कार्यक्रम में भाग लिया, जिसके उपरांत उन्होंने सिसई स्थित रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण भी किया। अंचल दिवस के प्रारंभ में उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाओं पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आमजनों को संबोधित करते हुए 'अंचल दिवस' के उद्देश्य और राजस्व प्रशासन की जनोन्मुखी पहलों की जानकारी दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और शिकायतों के साथ उपस्थित हुए, जिनमें अधिकांश मामले भूमि एवं राजस्व से संबंधित थे। उपायुक्त ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, लगान रसीद निर्गमन, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई की, जिनमें से कई का मौके पर ही निष्पादन सुनिश्चित किया गया। जटिल एवं प्रक्रियाधीन मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आम का एक विशेष स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहा। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि आम जनता की शिकायतों और प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों को बिना किसी उचित कारण के लंबित न रखा जाए। उन्होंने राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, संवेदनशील एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का
चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि अंचल दिवस का उद्देश्य प्रशासन की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है, क्योंकि भूमि से संबंधित विषय नागरिकों के जीवन एवं आजीविका से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनका समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और उनका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया। विशेष अंचल दिवस कार्यक्रम के बाद, उपायुक्त ने सिसई रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों व उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी ने उपायुक्त को अवगत कराया कि अस्पताल का वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है, जिसकी छत के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है। इसके मद्देनज़र, चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए अस्पताल को समीपवर्ती भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान भवन को तत्काल कंडम घोषित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करते हुए उक्त स्थल पर एक नए एवं आधुनिक अस्पताल भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव अग्रसारित करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी सिसई सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
- रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय में देर रात पेट्रोल बम फेंका गया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है, जिसमें दो संदिग्ध अपराधी नजर आ रहे हैं। घटना के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इन दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक टीमें गठित की हैं। पुलिस मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है और आम जनता से अपील की गई है कि यदि कोई इन संदिग्ध अपराधियों को देखता है तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दे।2
- चैनपुर प्रखंड में आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों और विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। प्रखंड अध्यक्ष सुशांति देवी की अध्यक्षता में लूथरन बगीचा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में, संघ ने अपने पूर्व निर्धारित धरना-प्रदर्शन की तिथि में बदलाव करते हुए अब चौबीस जून दो हजार छब्बीस को जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। संघ ने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा बाईस एवं तेईस जून दो हजार छब्बीस को सभी प्रखंडों में एसआईआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के कारण, चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए आंदोलन की तिथि को आगे बढ़ाया गया है। प्रखंड अध्यक्ष सुशांति देवी ने इस बदलाव को देशहित और अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देने वाला कदम बताया। बैठक में उपस्थित आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा और उनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया और आगामी चौबीस जून को शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर चैनपुर प्रखंड क्षेत्र की बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं मौजूद थीं, जिन्होंने अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता जताई।1
- चैनपुर प्रखंड के रामपुर मोड़ के समीप वन विभाग ने अवैध रूप से खनन किए गए बॉक्साइट के परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। रविवार शाम करीब 6 बजे प्रभारी वनपाल राजकुमार साहू के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान एक 12 चक्का ट्रक को जब्त किया गया।1
- राज्य सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार, जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आगामी 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इस वर्ष यह आयोजन "योगमय झारखंड" की थीम पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। विभागीय सचिव के पत्रांक 2361 दिनांक 09 जून 2026 के आलोक में, जिले के सभी विद्यालय 21 जून (रविवार) को एक सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे ताकि योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। योग गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों और प्रखंड स्तर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षकों तथा योग विद्या में निपुण शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों एवं अन्य शिक्षकों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का नियमित अभ्यास शामिल है, ताकि विद्यार्थी मुख्य कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में 17 जून 2026 को योग क्लबों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन क्लबों का लक्ष्य वर्ष भर योग गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और मानसिक संतुलन के प्रति जागरूकता विकसित करना है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने हेतु विद्यालयों में कविता लेखन, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी योग के महत्व, स्वास्थ्य लाभ और भारतीय सांस्कृतिक विरासत में योग की भूमिका को अभिव्यक्त करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने सभी विद्यालय प्रधानों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों एवं अभिभावकों से योग दिवस कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सफल बनाने की अपील की है। गुमला के उपायुक्त श्री दिलेश्वर महतो ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि "योगमय झारखंड" अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में सामूहिक योगाभ्यास के साथ-साथ योग के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यालयों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय भी योग आंदोलन से जुड़ सके।2
- गुमला सदर प्रखंड के बिंदेश होटल परिसर में मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष सागर उरांव के नेतृत्व में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल के कार्यकाल को बेमिसाल बताया। उन्होंने किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 6000 किसानों को वर्ष में आर्थिक सहयोग मिलने और मोदी सरकार द्वारा समाज के सभी तबकों के लिए विशेष कल्याणकारी योजनाएं चलाने का जिक्र किया। इस मौके पर विनय लाल, मुनेश्वर साहू, सविंदर कुमार सहित कई भाजपा के वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। चंपई सोरेन ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा से लेकर देश के विकास तक और किसानों, मजदूरों व देशवासियों को सर्वोपरि मानते हुए मोदी सरकार ने अनेक योजनाएं बनाई और उन्हें धरातल पर उतारा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश के कई राज्यों में भाजपा की डबल इंजन सरकारें निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह बंगाल में अराजकता और डर का माहौल था, उससे निजात पाने के लिए वहां की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास जताते हुए भाजपा सरकार को भारी बहुमत से जिताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल में ममता सरकार को मोदी के नेतृत्व में उखाड़ फेंका गया है और अब झारखंड की बारी है। उन्होंने हेमंत सरकार पर केवल भ्रष्टाचार और लूट-खसोट से भरे होने का आरोप लगाया और जेएमएम व कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हड़बड़ाइए नहीं, आगे बहुत कुछ होगा और बदलाव होना तय है।2
- मंगलवार को गुमला के सदर प्रखंड स्थित बिंदेश होटल परिसर में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सागर उरांव के नेतृत्व में आयोजित प्रेसवार्ता में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Champai Soren ने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों को सेवा, सुशासन और विकास के बेमिसाल उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान विनय लाल, मुनेश्वर साहू, सविंदर कुमार समेत भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। चंपई सोरेन ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया गया है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ आधारभूत संरचना, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख किया। सोरेन ने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास को नई गति दे रही है। प्रेसवार्ता में चंपई सोरेन ने झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचार और लूट-खसोट का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल रही है। इसके साथ ही, उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की। सोरेन ने देश की जनता के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर लगातार विश्वास जताने की बात कही, जिसका प्रमाण हाल के चुनावी परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि जनता विकास, सुशासन और सुरक्षा के मुद्दों पर भाजपा के साथ खड़ी है और आने वाले समय में कई राज्यों में महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। अंत में, उन्होंने भाजपा के लक्ष्य को देश और राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुँचाना बताया, जिसके लिए पार्टी संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ रही है।3
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड क्षेत्र स्थित पोटरो बुढ़ा महादेव परिसर में आयोजित योग सत्र का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जहाँ विभिन्न आसनों का योगाभ्यास कराया गया। योग गुरु जी ने ऊजई प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और शितली प्राणायाम का अभ्यास करवाया, साथ ही इन आसनों से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी भी प्रतिभागियों को दी। इसके उपरांत पूर्ण वज्रासन, पद्मासन और मंडुकासन का भी अभ्यास कराया गया, वहीं हृदय चक्र में ध्यान केंद्रित कर श्वासों की गति की गणना करने की विधि भी सिखाई गई। आज के योग शिविर में वृंदावन से आए राधा-कृष्ण भक्तों की मंडली ने सामूहिक योग का अभ्यास किया। सत्र का समापन योग भजन और शांति पाठ के साथ किया गया। इसके बाद, राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय, सिसई प्रखंड मुख्यालय परिसर में भी छात्र-छात्राओं और शिक्षकगणों को आयुष विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आसनों का योगाभ्यास कराया गया। यह सभी गतिविधियां 21 जून 2026 को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को पूरे प्रखंड में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ एक यादगार लम्हा बनाने की चल रही तैयारियों का हिस्सा हैं।4
- डुमरी प्रखंड क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सोलह वर्षीय नाबालिग किशोरी अपनी पसंद के युवक से शादी करने की जिद में एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। परिवार की असहमति से नाराज किशोरी के इस कदम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थिति गंभीर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी जिस युवक से विवाह करना चाहती थी, उसके लिए परिजनों ने सहमति नहीं दी थी। इसी बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया और टावर पर ही फांसी का फंदा तैयार कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने लगे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। सूचना पर डुमरी थाना पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। किशोरी करीब तीन से चार घंटे तक टावर पर डटी रही। इस दौरान डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने लगातार उससे बातचीत की। उन्होंने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए किशोरी को समझाया, उसके भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला दिया तथा कोई गलत कदम नहीं उठाने की अपील की। लंबे प्रयासों के बाद किशोरी पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गई और सुरक्षित नीचे उतर आई। टावर से नीचे आने के बाद, पुलिस और परिजनों ने उसे समझाया कि वह अभी नाबालिग है और कानून के अनुसार विवाह के लिए निर्धारित आयु पूरी नहीं हुई है। साथ ही उसे यह भरोसा दिलाया गया कि बालिग होने के बाद वह अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने राहत व्यक्त की कि समय रहते पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने विशेष रूप से एसआई मनोज कुमार की सूझबूझ, धैर्य और मानवीय पहल की सराहना की, जिसके कारण किशोरी की जान बच सकी।1